चाचा जी ने गलत किया। Desi Kahaniyan Hindi | Mastram Best Kahaniyan

Desi Kahaniyan Hindi : मेरा नाम वंशिका है मेरे साथ जिंदगी में एक ऐसा हादसा हुआ था जिसने मेरे होश उड़ा दिए थे क्योंकि कभी-कभी हमारे अपने ही हमारे दुश्मन बन जाते हैं लेकिन इन अपनों में कुछ ऐसे रिश्ते होते हैं जिनसे हम किसी गलत बात की उम्मीद भी नहीं रखते मगर जब हमें पता चलता है कि हमारे अपने ही हमें धोखा दे रहे हैं तो इंसान शायद अपने रिश्तों पर भरोसा करने काबिल नहीं रहता मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था 

 

मेरे साथ जिंदगी ने बहुत बुरा किया था इसलिए मेरी मम्मी चाहती थी कि मेरी शादी जल्द से जल्द हो जाए मेरी मम्मी चाचा जी से कहती थी कि जल्द से जल्द अपनी भतीजी के लिए रिश्ते तलाश कर लो मैं उसकी जल्दी ही शादी कर देना चाहती हूं चाचा जी मेरा रिश्ता तलाश करने के लिए राजी हो गए थे मगर एक दिन जब वह मेरा रिश्ता लेकर आए तो कहने लगे कि बहुत अच्छा रिश्ता लेकर आया हूं

 

 लड़का बहुत अच्छा है खानदानी है पढ़ा लिखा है और स्मार्ट भी है हमारी वंशिका को किसी चीज की कोई कमी नहीं होने दे इस पर जब मेरी मम्मी उनसे कहती कि हमें लड़के की फोटो दिखाओ या फिर उससे मिलवा दो तो चाचा जी कहते थे कि इतना अच्छा रिश्ता लेकर आया हूं फोटो देखने में क्या रखा है बस जल्द से जल्द शादी की तैयारियां शुरू कर दो मम्मी कहती कि फिर भी हम अपनी बेटी देने जा रहे हैं

 

 इसलिए लड़की को देखना और उससे मिलना हमारे लिए बहुत जरूरी है चाचा जी कहते कि भाभी आपको मुझ पर भरोसा नहीं है क्या वंशिका मेरी भतीजी है मैं उसके लिए कभी गलत नहीं सोच सकता लड़का बहुत अच्छा है सब कुछ बिल्कुल ठीक है मेरी मम्मी भी चाचा जी की बात मानने पर मजबूर हो गई थी क्योंकि वह उन्हें बहुत तसल्ली दे रहे थे

 

 क्योंकि वह चाचा जी की बात नहीं मानती तो और किसकी मानती हम दोनों का चाचा जी के अलावा और कोई नहीं था मगर ठीक शादी वाले दिन हम शादी के लिए सारी तैयारियां करके बैठ गए मैं दुल्हन बन चुकी थी मेरी मम्मी ने मेरे लिए थोड़ा बहुत दहेज इकट्ठा कर लिया था सारे मेहमान भी आ चुके थे उस दिन तो सबको लड़की को देख खना ही था उसने सर पर ऐसा सेहरा बांधा हुआ था कि उसका चेहरा ही नजर नहीं आ रहा था

 

 और जब मुझे मंडप में ले जाया गया तो यह देखकर मैं दंग रह गई थी कि वह लड़का नहीं बल्कि वह तो मेरे परिवार में मेरे चाचा जी मैं और मेरी मां ही रहा करते थे मेरे पिता की मौत जब मैं एक साल की थी तब हो चुकी थी मैं अपनी मम्मी से बहुत प्यार करती थी मेरी मम्मी ने मेरी खातिर दूसरी शादी नहीं की चाचा जी मेरे पिता के इकलौते भाई थे मेरी मम्मी ने उनकी और मेरी जिम्मेदारी संभालने की खातिर अपनी शादी नहीं की

 

 मगर चाचा जी मेरी मम्मी और मेरे ऊपर रोक टोक बहुत करते थे मुझे उनकी रोक टोक बिल्कुल भी पसंद नहीं थी हर इंसान को अपनी जिंदगी जीने का पूरा-पूरा हक है वह फुल फ्रीडम के साथ अपनी जिंदगी जीना चाहता है लेकिन हमारे यहां मेरे चाचा जी तो ना मुझे घर से बाहर निकलने देते थे और ना ही घर में किसी और को आने दिया करते थे मैं अपने चाचा की इन हरकतों से बहुत परेशान थी 

 

मम्मी से अगर मैं चाचा जी के बारे में कहती तो वह मुझे डांट दिया करती थी कहती थी कि वह तुम्हारे चाचा जी हैं घर के बड़े हैं इसीलिए उनका हर कहना माना करो मेरी समझ नहीं आता था कि मम्मी भी तो चाचा जी के लिए बड़ी हैं तो फिर चाचा जी मम्मी का कहना क्यों नहीं मानते वह शराब पीते थे और मम्मी के सारे पैसे शराब पर उड़ा दिया करते थे मगर मम्मी उनको कुछ भी नहीं कहती थी

 

 मेरी उम्र 16 साल थी हम लोग बहुत गरीब थे हमारा छोटा सा घर था मेरी मम्मी मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करती थी वह लोगों के घरों में काम करती थी मैं मैं अपनी मम्मी से उनके साथ काम पर जाने के लिए कहती तो वह मुझे साफ इंकार कर दिया करती थी कहती थी कि तुम्हारी मम्मी काम कर रही है तो तुम्हें करने की जरूरत नहीं है मेरे चाचा जी कोई कामकाज नहीं करते थे कभी-कभी कोई काम कर लिया करते थे

 

 वरना हमेशा खाली ही रहते थे वो कभी रिक्शा चला लिया करते थे उसमें उन्हें काफी पैसे मिल जाते थे क्योंकि वह जवान थे और तेज रफ्तार से रिक्शा चलाया करते थे लेकिन वह कोई काम करना नहीं चाहते थे अगर वह रोज रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करते तो उनके पास काफी पैसे इकट्ठे हो जाते मगर वह अगर एक दिन रिक्शा चला लिया करते थे तो तीन-चार दिन शराब पिया करते थे और फिर जब पैसे खत्म हो जाते थे

 

 तो दोबारा रिक्शा चलाने चले जाते थे और लोग भी मेरे चाचा पर भरोसा नहीं करते थे कहते थे कि तुम कोई कामकाज नहीं करते अगर रोज मेहनत करके पैसा कमाओ तो जिंदगी को अपने लिए आसान बना लोगे मगर उनको तो कोई प्रॉब्लम नहीं थी क्योंकि उनके घर में सब कुछ हो रहा था मेरे साथ बहुत बुरा हुआ था मैं नहीं जानती थी कि मेरे साथ कुछ ऐसा भी हो सकता है 

 

मैं अपनी एक दोस्त की शादी पर चली गई वहां जाने के बाद मैंने वहां डीजे पर खूब डांस किया क्योंकि मेरे दोस्त की शादी वाले दिन मम्मी मुझे छोड़कर घर आ गई थी चाचा जी तो इस बात की परमिशन नहीं दे रहे थे इसलिए मैं खामोशी से मम्मी के साथ घर से बाहर निकली थी और घर जाने के बाद मम्मी ने चाचा जी को बताया ही नहीं था कि मैं शादी में गई हुई हूं वरना वह बहुत गुस्सा करते मम्मी ने इतना ही कहा था कि वंशिका अपने कमरे में सो रही है 

 

जबकि मैं अपनी दोस्त के यहां शादी में खूब मौज मस्ती कर रही थी हमारे घर में तो वैसे भी कोई एंटरटेनमेंट या खुशी नहीं होती थी टीवी या मोबाइल कुछ भी नहीं था ऐसे में जब एंटरटेनमेंट का मौका मिलता तो लोग थोड़े से दीवाने हो जाते हैं तो मैं भी हो गई और मैंने वहां पर डांस करना शुरू कर दिया मगर वहीं पर शादी में आई हुई किसी लड़की ने मेरी वीडियो बना ली 

 

और कुछ दिन बाद मैं यह देखकर हैरान हो गई कि उसने मेरी वीडियो वायरल कर दी थी उस वीडियो पर घटिया और अश्लील तरह के कमेंट्स पड़े हुए थे और एक जगह नहीं कई जगह यह वीडियो वायरल हो गई थी जिसमें मैं ठुमक-ठुमक कर नाच रही थी पहले तो मुझे पता ही नहीं था कि मेरी वीडियो वायरल हो गई है क्योंकि हमारे घर में किसी के पास मोबाइल नहीं था लेकिन हमारे आस पड़ोसी और रिश्तेदारों के पास तो मोबाइल थे

 

 उन्होंने जब मेरी वीडियो देखी तो वह लोग अपना मोबाइल लेकर हमारे घर मेरी शिकायत लेकर आ गए थे हमारा कोई भी रिश्तेदार अच्छा नहीं था जब वह घर आए तो चा चाचा जी समझ चुके थे कि कोई ना कोई गड़बड़ जरूर है कुछ तो जरूर हुआ है उन्होंने घर के अंदर आते ही मेरी मम्मी की तरफ देखकर कहा कि तुमने अपनी बेटी को बदनाम करवा दिया है अब तुम्हारी बेटी से रिश्ता कौन करेगा

 

 सब कुछ खत्म हो गया आपके यहां इतना कुछ हो गया और आप लोग इतनी आराम से बैठे हुए हो मेरे चाचा जी और मम्मी परेशान हो गए कि आखिर ऐसा भी क्या हो गया तभी उन्होंने अपने मोबाइल से हमें वो वीडियो दिखाया जिसमें कि मैं नाच रही थी यह सब देखकर तो हमारे होश उड़ चुके थे क्योंकि कोई भी नहीं जानता था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है मेरे चाचा जी ने सबके सामने मेरे मुंह पर थप्पड़ मार दिया था

 

 और कहा कि यह क्या किया है तूने उन्होंने मेरी मम्मी की तरफ देखकर कहा भाभी मैं तो इसको कहीं जाने भी नहीं देता था तो फिर यह सब कैसे हो गया मैं आपसे कहता था कि अपनी बेटी को घर में ही रखा करो देख लिया आज लापरवाही का नतीजा कितना बड़ा निकला है मेरी मम्मी भी गुस्से में आ गई थी और मैंने रोना शुरू कर दिया फिर मैंने उनको बताया कि मैंने आखिर क्या गलत किया मैं तो शादी में गई थी

 

 और मम्मी से पूछकर ही गई थी बल्कि मम्मी मुझे खुद वहां पर छोड़कर आई थी और शादी में अगर कोई जाता है तो थोड़ा बहुत नाच गाना कर लेता है तो इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई मैंने कहा चाचा जी आप भी तो लोगों की शादी में खूब नाचते हो खूब खुशियां मनाते हो अगर मैंने भी कर लिया तो इसमें कौन सी गलती कर दी मैंने इसमें गलती मेरी नहीं थी गलती उस इंसान की थी

 

 जिसने मेरी वीडियो वायरल कर दी थी मगर औरत कुछ भी करें उसे बदनाम करने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाती चाचा जी बहुत गुस्सा कर रहे थे मेरी मम्मी भी कहने लगी कि तुझे क्या जरूरत थी डांस करने की तू खामोशी से नहीं बैठ सकती थी तुझे नहीं पता कि आजकल हर इंसान के हाथ में मोबाइल है और दिमाग में ना जाने क्या-क्या भरा हुआ है इस तरह की हरकतें तो होती रहती हैं वहां पर और भी तो लड़कियां थी

 

 फिर तेरी ही वीडियो क्यों वायरल हुई वहां पर बाकी लड़कियां भी तो थी तो फिर उन्होंने डांस क्यों नहीं किया कहते हैं कि अगर इंसान पहले ही नरक में रह रहा हो तो उसे नरक बुरा नहीं लगता लेकिन मेरे लिए तो अपना घर ही नरक बना हुआ था और फिर मुझे इस पर क्या सजा मिली थी यही कि अब तुम्हारा आज से घर से निकलना बंद कर देते हैं ऐसा तो मेरे साथ पहले भी हुआ था

 

 मैं पहले थोड़ी ना घर से बाहर कहीं घूमने फिरने जाया करती थी या मुझे हर तरह की आजादी की परमिशन दी गई थी इन लोगों ने तो मुझे पढ़ाया लिखाया भी नहीं था ना ही मेरी किसी ख्वाहिश को पूरा किया था घर में मेरी मम्मी चाचा जी की ही बात मानती थी मेरी सुनने वाला तो कोई भी नहीं था जब किसी लड़की को खिलाया पिलाया ना जा सके तो आपके कंधों पर बोझ बन जाए उसको पढ़ाया लिखाया ना जा सके तो फिर कहते हैं कि उसकी शादी कर दो बेटियों के साथ तो हमेशा यही किया जाता है 

 

रात हुई तो मेरी मम्मी ने चाचा जी से बात की मैं उन दोनों की बातों को सुन रही थी क्योंकि हमारा घर छोटा सा ही तो था मम्मी चाचा जी से कह रही थी कि वंशिका की शादी कर देते हैं उसके लिए कोई अच्छा सा लड़का तलाश करो वैसे भी 16 साल साल की हो गई है जवान है खूबसूरत है रिश्ता आसानी से मिल जाएगा एक ना एक दिन तो हमें उसकी शादी करनी ही है मैं चाहती हूं कि उसकी जल्दी ही अब शादी हो जाए तो अच्छा रहेगा

 

 चाचा जी कहने लगे कि भाभी कह तो ठीक रही हो अब वह बदनाम हो चुकी है वैसे अब उसकी शादी हो जाए तो बेहतर ही है लेकिन वह इतनी बदनाम हो चुकी है कि उससे शादी करेगा कौन भाभी आपने तो मुझे बड़ा मुश्किल काम दे दिया मैं उसके लिए अच्छा रिश्ता तलाश करूंगा मेरी मम्मी ने कहा देखो जो तुम कर सकते हो वह कोई और नहीं कर सकता मैं तो घर से बाहर नहीं निकल सकती और ना ही मुझे पता कि मैं कहां जाऊंगी

 

 किससे बात करूंगी और कैसे बात करूंगी वो होते हैं ना रिश्ते करवाने वाले तुम उन लोगों से बात करो अगर लड़का या लड़की में कोई कमी होती है तो वो लोग उसे छुपा देते हैं बल्कि उनकी तारीफें बड़ा चढ़ाकर बताते हैं इस तरह ही तो आजकल लोगों की शादियां होती हैं चाचा जी कहने लगे कि भाभी उनकी फीस भी तो ज्यादा होती है मम्मी कहने लगी कुछ तो करना पड़ेगा ना ताकि यह मैटर सॉल्व हो जाए 

 

मेरी मम्मी चाचा जी के सामने बैठी हुई थी उनकी आंखों में आंसू थे मेरी शादी करवाने के लिए वो अपने देवर के सामने इस तरह से रिक्वेस्ट कर रही थी जैसे चाचा जी मालिक हो और मेरी मम्मी उनकी नौकरानी चाचा जी ने भी कह दिया कि ठीक है मैं रिश्ता तलाश करता हूं जगह-जगह फिरना पड़ेगा क्या कुछ नहीं करना पड़ेगा और ना जाने आपकी बेटी के ऐप छुपाने के लिए मुझे कितने झूठ बोलने पड़ेंगे

 

 मेरे पास तो इतने पैसे भी नहीं हैं लेकिन फिर फिर भी मैं कोशिश करता हूं मेरी मम्मी ने अपनी नाक में पहनी हुई छोटी सी सोने की लौंग उतार कर चाचा जी को दे दी और कहा कि इसे बेचकर तुम रिश्ता करने वाले की फीस दे देना लेकिन कुछ भी करके मेरी बेटी की शादी करवा दो हां लड़के वालों से यह जरूर कह देना कि हम सिंपल तरीके से शादी करेंगे और जल्द ही शादी कर देंगे हमसे दहेज की उम्मीद भी मत रखना क्योंकि हम गरीब लोग हैं मेरे पास जो थोड़े बहुत पैसे जुड़े हुए हैं 

 

मैं वो भी तुम्हें दे दूंगी बस मेरी बेटी की शादी करवा दो रात के समय जब मम्मी कमरे में सोने के लिए आई तो मैंने उनसे कहा मम्मी आपकी बेटी कहीं भाग तो नहीं गई या आपकी बेटी ने कहीं मुंह काला तो नहीं कर लिया जो आपको मेरी शादी की इतनी फिक्र हो रही है अरे एक मामूली सी वीडियो ही तो वायरल हुई है इसमें मेरा क्या कसूर है मम्मी कहने लगी कि तुझे नहीं पता बेटी औरत का ही तो सारा कसूर होता है 

 

अरे औरत का तो तब भी कसूर होता है जब उसका कोई कसूर नहीं होता और वैसे भी हमें तुम्हारी शादी एक ना एक दिन तो करनी ही थी ना तो फिर तुम इतना क्यों सोच रही हो बस यह सोच लो कि हम तुम्हारी शादी कर रहे हैं तुम्हें इसमें क्या परेशानी है या फिर मैं यह समझ लूं कि तुम किसी को पसंद करती हो मैंने मम्मी से कहा मम्मी मैं किसी को भी पसंद नहीं करती कभी आप लोगों ने मुझे घर से निकलने की तो परमिशन दी नहीं है

 

 तो फिर मुझे इतनी परमिशन कहां से हो गई कि मैं किसी से मोहब्बत कर लूं मैं किसी से मोहब्बत नहीं करती लेकिन आप जो यह मेरी जल्दबाजी में शादी कर रही हो ना इस तरह मेरी जिंदगी में कोई भी उल्टा सीधा इंसान आज जाएगा आज मेरे पिताजी जिंदा होते तो शायद आप लोग मेरे साथ ऐसा ना करते चाचा जी की बात मानकर आपने बहुत गलत किया

 

 चाचा जी जैसे इंसान से आपने मेरा रिश्ता तलाश करने के लिए कहा वह खुद तो घटिया और शराबी इंसान है वह मेरे लिए क्या रिश्ता तलाश करेंगे मम्मी कहने लगी कि तुझे शर्म नहीं आती उनके बारे में ऐसा कहते हुए वह तेरे चाचा जी हैं मैं कुछ कहना तो चाहती थी मगर फिर खामोश हो गई मेरी मम्मी ने कहा अब वह बात मत करना जो जो तुम हमेशा कहती हो वरना तुम्हारी जबान काट दूंगी

 

 खामोशी से शादी करने के लिए तैयार हो जाओ जो मैंने तुम्हारे चाचा जी को तुम्हारे लिए रिश्ता तलाश करने के लिए कहा है वो जल्द ही अच्छा रिश्ता लेकर आ जाएंगे मैंने कहा आखिर चाचा जी को जानता ही कौन है जो जानता है सिर्फ नशा करना और कर्ज लेने की वजह से ही जानता होगा ऐसे लोगों के जानने वाले भी उन जैसे ही होते हैं अब मेरी मम्मी को गुस्सा आ गया

 

 उन्होंने कहा कि अगर तुझे अपने फ्यूचर की या अपनी आने वाली जिंदगी की इतनी ही फिक्र थी तो तुझे किसी दूसरे की शादी में जाकर ऐसे नाचने की क्या जरूरत थी तुझे वहां पर नाचने के पैसे मिल रहे थे क्या अब मम्मी की बात सुनकर मुझे गुस्सा आ गया था वो गरीब औरत थी सारी जिंदगी उन्होंने लोगों के घरों में काम करके गुजारा किया था इस संसार की सताई हुई थी उन्होंने अपनी जिंदगी में बड़े-बड़े दुख देखे थे इतने बड़े दुख क्या किसी ने नहीं देखे होंगे फिर लोगों के घरों में काम करती थी 

 

तो उनकी भी बातें सुनती थी और परेशान हो जाती थी और फिर हमारे रिश्तेदार जो घर आकर उनको मेरे बारे में बता कर गए थे कि तुम्हारी बेटी बदनाम हो गई है उसकी वीडियो वायरल हो गई है मैं तो सोच रही थी कि ना जाने ऐसी कौन सी बड़ी मुसीबत आ गई जमाना किस तरफ जा रहा है यह तो हम सब लोग जानते हैं बस मैंने सोच लिया था कि ये लोग मेरी शादी करवा रहे हैं तो करवा दें

 

 गरीब लोगों की बेटियों की शादी तो इस तरह ही होती है एक नरक से निकलकर वह दूसरे नरक में जाती हैं तो वहां पर उनको घर के काम करने पढ़ते हैं और उनको बातें भी सुननी पड़ती हैं लेकिन चलो इस घर से तो निकल ही जाती पर पत्नी हमेशा अपने पति से उम्मीद लगाती है कि उसका पति अच्छा होगा उसे मारेगा पीटेगा मगर कभी ना कभी उसका ख्याल जरूर रखेगा

 

 मुझे भी यही उम्मीद थी कि मेरा पति जैसा भी हो पर मेरा ख्याल रखने वाला होना चाहिए कम से कम मेरा कोई वहां अपना तो होगा मैं उसके कंधे पर सर रखकर रो तो लिया करूंगी और उसका हाथ पकड़कर सोच लूंगी कि मेरे साथ चलने वाला मेरा पति है चाहे जैसा भी हो तो मैं महसूस कर लूंगी कि मैं अकेली नहीं हूं जो भी है जैसा भी है कोई मेरा अपना तो है और शादी में रखा ही क्या होता है शादी करने के बाद एक हमसफर मिल जाता है जो आपको खुद भी रुलाता है 

 

मगर कभी-कभी आपके आंसू भी साफ कर देता है उसकी वजह से भी जिंदगी में काफी सारी परेशानियां आती हैं मगर वह संभाल भी लेता है बस यही शादी होती है और इसी का नाम शादी है मेरे चाचा जी ने एक दिन घर आकर बताया कि मैं एक बहुत बड़ी खुशखबर खबरें लेकर आया हूं वंशिका के लिए एक ऐसा रिश्ता मिल गया जिसकी मैं तारीफ करते-करते ना थकूर ही मेरी मम्मी के साथ लड़ाई हुई थी 

 

और मैंने उनसे झगड़े में कह दिया था कि मैं चाचा जी के लाए हुए रिश्ते से कभी शादी नहीं करूंगी इससे बेहतर होगा कि मैं मरना पसंद करूंगी मेरी मम्मी ने कहा था कि वह तेरा चाचा है और तुझे अपने चाचा पर भरोसा नहीं है जिसने सारी जिंदगी हमें अपने घर में जगह दी और तू अपने चाचा के बारे में ऐसी बातें कह रही है रात के समय ही चाचा जी घर आए तो घर में शोर मचाने लगे कि जैसे दुनिया का सबसे अच्छा रिश्ता उन्हें ही मिल गया चाचा जी ने कहा कि भाभी मैं इतना अच्छा रिश्ता लेकर आया हूं 

 

देखोगी तो हैरान रह जाओगी यह लड़का बहुत ही अच्छा है स्मार्ट है पढ़ा लिखा है अच्छा कमाता है और घर में सास ससुर का भी झंझट नहीं है क्योंकि लड़के के आगे पीछे कोई भी नहीं है मेरी मम्मी ने कहा कि क्या अनाथ आश्रम से रिश्ता लेकर आए हो तो उन्होंने कहा भाभी हमेशा गलत बात ही करती हो अरे इतने अमीर घर का रिश्ता लेकर आया हूं कि हमारी वंशिका वहां पर राज करेगी लड़का अमीर है

 

 उसके आगे पीछे भी कोई नहीं है और उसे कुछ चाहिए भी नहीं बस खूबसूरत लड़की की तलाश है और हमारी वंशिका तो वैसे भी काफी खूबसूरत है लड़का खुद करोड़ों की जायदाद का मालिक है इस बात पर तो मेरी मम्मी के भी कान खड़े हो गए थे चाचा जी ने अगली बात कही कि लड़की की शर्त है कि लड़की के मायके वाले बार-बार उसके घर पर चक्कर ना लगाएं मेरी मम्मी ने कहा कि क्यों जब हम अपनी बेटी देंगे तो क्या उसके घर भी नहीं जा सकते चाचा जी कहने लगे 

 

यह किसने कहा है कि नहीं जा सकते बस कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपनी बेटी के घर बार-बार चक्कर लगाते हैं बस वो आदमी इस बात से घबराता है अमीर इंसान है और सुकून पसंद करता है इसलिए उसे लोगों का आना जाना ज्यादा पसंद नहीं है मेरी मम्मी ने कहा उम्र कितनी है उसकी तो चाचा जी कहने लगे कि यही कोई 2021 साल होगी हमारी वंशिका से ज्यादा बड़ा नहीं है देखने में बहुत स्मार्ट है

 

 मेरी मम्मी ने कहा कि लड़के का क्या नाम है तो उन्होंने बताया कि लड़के का नाम मनीष है मम्मी सोच में पड़ गई थी चाचा जी ने मम्मी को देखकर कहा कि इसमें सोचने वाली क्या बात है भाभी लड़का बहुत अच्छा कमाता है इतना कि शायद हमने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं देखा होगा यह रिश्ता मुझे बड़ी मुश्किल से मिला है ना जाने कहां-कहां धक्के खाने पड़े आपने मुझे अपनी सोने की लौंग दी थी

 

 ना वह मैंने बेच दी और एक रिश्ते कराने वाली औरत को उसकी फीज दे दी थी उसने ही मुझे यह रिश्ता बताया था मम्मी ने कहा कि अच्छा कोई बात नहीं मुझे कोई परेशानी नहीं है बस जल्दी से तुम लड़के वालों को हां बोल दो और मुझे लड़का दिखा दो चाचा जी कहने लगे कि भाभी पागल तो नहीं हो गई हो आपको लड़का देखने की क्या जरूरत है जब इतना अमीर लड़का है तो फिर तुम उसके अंदर देखकर क्या करोगी 

 

हमें तो वैसे भी वंशिका के लिए अमीर और खूबसूरत लड़का ही चाहिए था और ये सारी क्वालिटीज उसके अंदर हैं तो फिर आप आपको उसको देखकर क्या करना है वह अमीर इंसान है इस तरह से उसकी इंसल्ट हो जाएगी क्या आप फैसला उसे देखकर ही करोगी मम्मी कहने लगी अरे फैसला तो हो गया 

 

हम अपनी वंशिका की शादी उसी के साथ करवा रहे हैं मैं भी यह सब कुछ सुन रही थी मगर मैं कुछ बोलती तो मेरी क्लास लग जानी थी इसीलिए मैं खामोश रही मेरी मम्मी ने कहा लेकिन लड़के को देखना तो पड़ेगा ना एक बार देखकर मैं अपने दिल को सुकून में कर लेना चाहती हूं चाचा जी कहने लगे कि मैं देखकर आया हूं ना तो फिर आपको क्या देखना है आपको मुझ पर भरोसा नहीं है

 

 क्या मैं लड़के को अच्छी तरह से देखकर आया हूं लड़का बिल्कुल ठीक है बस मुझ पर भरोसा करो यह तो आपको मेरा एहसान मानना चाहिए कि मैं आपकी बेटी के लिए इतना अच्छा रिश्ता लेकर आया हूं यह कोई आसान काम तो नहीं है बहुत मुश्किल है ऐसे रिश्ते तलाश करना कहां मिलते हैं ऐसे रिश्ते लोग ऐसे रिश्तों में अपनी बेटियों को 5 मिनट की भी देरी नहीं लगाते

 

 बल्कि लोग तो कहते हैं कि चाहे आप हमारी बेटी ले लो मगर शादी जल्द से जल्द कर दो चाहे लड़के की पहली शादी हो या दूसरी लोग सिर्फ अमीर परिवार देखते हैं और अपनी बेटियों की शादी आंख बंद करके कर देते हैं और मनीष जैसे लड़के को तो कोई भी अपनी कुंवारी लड़की दे देगा वैसे वह तो कुंवारा ही है लड़के के अंदर सारी ही क्वालिटी अच्छी है किसी तरह की कोई कमी नहीं है 

 

बस हमें अपनी वंशिका के लिए ऐसा ही रिश्ता चाहिए था वैसे भी इंसान की शक्ल मायने नहीं रखती उसका बैंक बैलेंस ज्यादा जरूरी होता है और लड़के का बैंक बैलेंस तो इतना है कि सारी जिंदगी वह बिना कुछ करके भी आराम से अपनी जिंदगी गुजार सकता है तुम अपनी बेटी से कह दो कि शादी की तैयारी करें वह लोग बारात लेकर अगले हफ्ते हमारे घर आ जाएंगे बारात में लड़के के साथ उसके तीन-चार दोस्त आएंगे 

 

और इसी तरह शादी मंदिर में सादगी से हो जाएगी उसके बाद वह घर आकर विदाई करके हमारी वंशिका को ले जाएगा मेरी मम्मी ने कहा कि अगले हफ्ते का कौन सा दिन देकर आए हो तो चाचा जी ने कहा कि मैं अगले हफ्ते के शनिवार का दिन देकर आया हूं मेरे चाचा जी ने ना जाने कहां से मेरे लिए रिश्ता तलाश कर लिया था मुझे तो उनके बताए गए लड़के के बारे में सोच सोच कर ही डर लग रहा था क्या मैटर था क्या बात थी 

 

हमें कुछ नहीं पता था लेकिन उन्होंने हमें लड़के का फोटो तक नहीं दिखाया था ना ही हमें लड़की से मिलवाया और ना ही हमें उसका घर दिखाया लेकिन शनिवार में तो सिर्फ पाच दिन ही रह गए थे बस कहने लगे कि शनिवार के दिन शादी है और शादी की तैयारी करने लगे मेरी मम्मी ने अपने पास कुछ पैसे से मेरी शादी के लिए जोड़कर रखे हुए थे वह सारे पैसे मम्मी ने चाचा जी को दे दिए चाचा जी इन पैसों से तैयारियां शुरू करने में बिजी हो गए

 

 और उन्होंने शादी से एक दिन पहले तक सारी तैयारी पूरी कर भी ली थी शनिवार वाले दिन चाचा जी सुबह-सुबह हमें कह कर गए कि लड़की को तैयार कर दो मुझे तो यकीन ही नहीं आ रहा था कि आज मेरी शादी है मैं ना जाने क्यों इस शादी से घबरा रही थी जिस तरह हर लड़की को अपनी शादी से खुशी होती है मुझे अपनी शादी से कोई कोई खुशी नहीं हो रही थी मेरा दिल अजीब घबराहट का शिकार हो रहा था 

 

मुझे मंदिर चलने के लिए कहा गया मैंने अपनी मम्मी से इस शादी के लिए मना कर दिया मैंने मम्मी से कहा मम्मी मेरा दिल अजीब घबराहट का शिकार हो रहा है ऐसा लग रहा है जैसे कुछ गलत होने वाला है मैं यह शादी नहीं करना चाहती क्योंकि मैं इस शादी से खुश नहीं हूं बस इतना ही कहना था कि मम्मी ने एक जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पर लगा दिया और कहने लगी कि पहले ही तुम्हारी वजह से हमार सारे रिश्तेदार हमसे नाराज हैं कि हमने तुम्हें बिगाड़ दिया

 

 और तुम्हारी वीडियो वायरल होने से तुम कितनी बदनाम हो चुकी हो तुम्हारी इस हरकत की वजह से हमें सारे लोगों के सामने कितनी शर्मिंदगी महसूस हुई थी अपनी शर्मिंदगी दूर करने के लिए ही हम तुम्हारी शादी करने जा रहे हैं तो तुम अब सारी तैयारियां होने के बाद शादी से इंकार कर रही हो इसका मतलब है कि तुमने अपनी मां की बेइज्जती करवाने का ठान लिया है खामोशी से चलो और शादी कर लो मंदिर में बारात आ चुकी है और हमारा इंतजार किया जा रहा है गरीब लोग हैं

 

 ना गरीब तो अपनी बेटियों को बातों से भी मारते हैं और हाथों से भी और हमें भी आदत हो जाती है एक दो थप्पड़ तो हम ऐसे ही खा लेते हैं मेरी मम्मी ने भी मुझे ऐसे ही मारा था इसलिए खामोश रहने की अलावा मेरे पास और कोई हल नहीं था मुझे मंदिर ले जाया गया था वहां मैंने जाकर देखा तो मेरे पति ने इतना लंबा सेहरा पहना हुआ था कि उसका चेहरा नजर ही नहीं आ रहा था

 

 धीरे-धीरे शादी के रस्मो रिवाज होने शुरू हो गए मेरे दिल में बार-बार अजीब अजीब से ख्याल आ रहे थे पर मेरी तो कोई सुनने वाला ही नहीं था मेरे लिए यही बेहतर था कि मैं खामोशी से ही शादी कर लेती मेरी मम्मी ने चाचा जी से कहा था कि बारात जब घट जाएगी और हमारी वंशिका घर से विदा होगी तब मुझे पहले ही बता देना मुझे अपने दामाद का स्वागत अच्छे तरीके से करना है

 

 मेरी मम्मी ने मेरे पति के लिए फूलों की पत्तियां मंगाई हुई थी वह मेरे पति का स्वागत फूलों से करना चाहती थी मेरे चाचा जी ने कहा कि छोड़ो भाभी स्वागत को मेरी मम्मी के तो दिल में बहुत सारे अरमान थे क्योंकि मैं उनकी इकलौती बेटी थी आज मुझे रह-रहकर अपने पिता की याद आ रही थी मैंने अपने पिता को सिर्फ फोटो में ही देखा हुआ था 

 

मगर मुझे पक्का यकीन था कि अगर आज वह जिंदा होते तो शायद मेरी मर्जी के बिना यह शादी नहीं हो रही होती मैंने सुना है कि पिता बेटियों से बहुत प्यार करते हैं और बेटियों के नखरे उठाते हैं पिता तो अपनी बेटियों को सर का ताज बनाकर रखते हैं काश मेरे भी पिता जिंदा होते तो मैं भी उनके सर का ताज आंखों की ठंडक और दिल का सुकून होती मेरी आंखों में आंसू थे और मैं रो रही थी 

 

मैं दुल्हन बनकर तैयार हो गई थी मेरी मम्मी ने कहा कि आज तो तुम बहुत ही सुंदर लग रही हो लेकिन सावधान रहना कोई भी ऐसी वैसी हरकत करने की जरूरत नहीं है जिससे तुम्हारी मम्मी का लोगों के सामने सर नीचा हो जाए अपनी मम्मी पर तो मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था आज उनकी इकलौती बेटी विदा होने जा रही थी मगर उनके दिल पर थोड़ा भी एहसास नहीं था बस वो तो जैसे-तैसे अपनी बेटी को घर से निकाल देना चाहती थी मेरे पति को मेरे सामने मंडप में बिठा दिया गया था

 

 मगर अजीब बात यह थी कि मम्मी मुझे बहुत परेशान नजर आ रही थी उस समय मेरे चाचा जी कहीं गायब हो गए थे जब से मैं और मम्मी मंदिर आए थे तब से ही वह हमें कहीं नजर नहीं आ रहे थे मेरी मम्मी चाचा जी को ढूंढ रही थी क्योंकि मेरी मम्मी उन्हें हमेशा अपना भाई मानती थी और उन्होंने अपना छोटा भाई समझकर ही उनकी सारी जिंदगी सेवा की थी यह समय बहुत स्पेशल था इसलिए उनका होना बहुत जरूरी था मम्मी ने कुछ लोगों से भी पूछा था कि क्या आपने मेरे देवर को देखा है

 

 मगर उन लोगों में से किसी ने भी चाचा जी को इस समय नहीं देखा था मम्मी ने कहा था कि अगर आपको वह कहीं भी दिखाई दे तो कह देना कि वंशिका की शादी होने जा रही है जल्दी यहां पर आ जाएं मैं अपने पति के बराबर में बैठी हुई थी मैं किसी भी तरह अपने पति का चेहरा देखना चाहती थी मगर उसका चेहरा इतना लंबा था कि मैं उसका चेहरा नहीं देख पा रही थी

 

 मगर अजीब बात यह थी कि वह एक अमीर इंसान होते हुए भी अपनी मजाक बनवाने के लिए ऐसे कपड़े और सहरा क्यों पहन कर आया था मैंने सुना है कि अमीर लोग तो सूट बूट पहनते हैं उनकी शादी हो कोई फंक्शन हो या कुछ भी या फिर अपनी बारात वाले दिन कोई दूल्हा अपनी नई शरवानी पहन लेता है लेकिन मेरे दूल्हे को देखकर तो ऐसा लग रहा था जैसे वह पुराने टाइप की शेरवानी पहनकर आया हो उसका गेटअप देखकर ही नहीं लग रहा था कि व कोई अमीर इंसान है

 

 उसके साथ चाचा जी के कहने के मुताबिक बारात में तीन-चार दोस्त भी आए थे उनकी कंडीशन भी कुछ ऐसी ही लग रही थी जैसे वह कोई अमीर ना हो लेकिन जो इंसान अमीर होता है उसके रिश्तेदार और उसके दोस्त भी अमीर ही होते हैं चलो फिर एक दो दोस्त अमीर नहीं होता होगा लेकिन यहां तो सारे ही लड़के मुझे गरीब नजर आ रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे किराए के कपड़े पहन करर आए हैं 

 

क्योंकि कपड़ों की कंडीशन बता रही थी कि इनको कई बार पहना जा चुका है मैं घूंघट की आड़ में सब कुछ देख रही थी मुझे अपने पति में कोई भी इंटरेस्ट नहीं था बस मैं तो किसी तरह उसका चेहरा देख लेना चाहती थी पंडित जी इतने में मंत्र पढ़ रहे थे और मेरी कड़ी नजर अपने पति की तरफ थी मगर भगवान की करनी अच्छी हुई थी कि अचानक मेरे पति के मोबाइल पर किसी की कॉल आ गई 

 

और उसने जैसे ही अपना मोबाइल अपनी शेरवानी की जेब से निकाला तो मोबाइल जमीन पर गिर गया उसने जैसे ही मोबाइल उठाने के लिए अपना सर झुकाया तो हवा की झोंके से उसके चेहरे से सेहरा हट गया था उसने फौरन ही अपने चेहरे को मोबाइल उठाते ही ठीक कर लिया लेकिन मैं तो कड़ी नजर उस पर जमा कर बैठी हुई थी मुझे अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था

 

 कि मैंने क्या देख लिया मेरे पैरों तले से जमीन निकल चुकी थी मुझे ऐसा लग रहा था जैसे यहां सब कुछ घूम रहा है जो मैंने देखा वो सच भी था या फिर मेरी आंखों का धोखा था नहीं नहीं आंखों का धोखा कैसे हो सकता था वो इंसान मेरे बिल्कुल करीब बैठा हुआ था तो फिर मेरी आंख के धोखा कैसे खा सकती थी पंडित जी ने मंत्र पढ़ने के बाद मेरे गले में मंगलसूत्र पहनाने के लिए कहा

 

 मगर मैं इस इंसान से शादी नहीं कर सकती थी क्योंकि यह इंसान कोई और नहीं मेरे चाचा जी थे उन्होंने तो कहा था कि वह किसी मनीष नाम के अमीर लड़के से मेरी शादी करवा रहे हैं मगर वह तो खुद दुल्हा बनकर बैठ गए थे वह मंगलसूत्र उठाकर मेरे गले में डालने ही जा रहे थे कि मैं झट से खड़ी हो गई मुझे इस तरह से खड़ा हुआ देखकर मैंने अपनी मम्मी से कहा कि मम्मी मैं इस इंसान से शादी नहीं कर सकती

 

 इस शादी को अभी और इसी वक्त रोक दिया जाए मम्मी ने मुझे घूर कर देखा और आंखों का इशारा करते हुए कहने लगी कि खामोशी से बैठ जाओ मगर मैं कैसे बैठ सकती थी ऐसा करना मेरे लिए नामुमकिन था अगर शादी हो जाती तो बहुत बड़ा पाप हो जाना था मेरी तो सारी जिंदगी ही खराब हो जाती मैंने मम्मी से कहा नहीं मैं अब आपकी एक नहीं सुन सकती मैं नहीं करूंगी यह शादी मम्मी जल्दी से मेरे करीब आई

 

 और मुझे हाथ से नीचे बैठा ने की कोशिश करने लगी धीमे से मेरे कान में कहने लगी कि मंदिर में और भी लोग हैं उन सबके सामने हमारी बेइज्जती मत करवाओ खामोशी से बैठकर शादी कर लो लेकिन मैंने चिल्लाते हुए कहा था मम्मी यह इंसान कोई और नहीं चाचा जी है हमारे साथ धोखा किया जा रहा है मम्मी कहने लगी कि खामोश हो जाओ बदतमीज लड़की कैसी बातें कर रही हो 

 

तुम तो वैसे भी इस शादी को नहीं करना चाहती थी अब सारा इल्जाम अपने चाचा पर लगा रही हो मैंने कहा मम्मी आपको अगर मेरी बात का का यकीन नहीं आता तो आप देख सकती हो कि दूल्हे के रूप में मनीष नहीं बल्कि चाचा जी बैठे हुए हैं आप जरा इनका चेहरा तो देखो मम्मी और वहां पर मौजूद सारे ही लोग हैरान हो गए थे किसी को भी यकीन नहीं आ रहा था लेकिन चाचा जी तो ऐसी खामोशी से बैठे हुए थे 

 

जैसे उनको उम्मीद ही ना हो कि उनका राज खुल भी सकता है मैंने जल्दी से चाचा जी का सेहरा उनके चेहरे से उठाकर दूर फेंक दिया वहां के सारे ही लोग हैरान होकर उनको देख रहे थे किसी को भी अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि जो वह देख रहे हैं वह सच है या फिर झूठ मेरी मम्मी को भी एक जोरदार झटका लगा था क्योंकि उनको उम्मीद नहीं थी कि चाचा जी ऐसा भी कर सकते हैं चाचा जी तो अपना सर झुका कर बैठे हुए थे

 

 सारे ही लोग हमारे बारे में अजीब अजीब तरह की बातें बना रहे थे मम्मी ने कहा कि सब लोग घर जा सकते हो यह शादी नहीं हो सकती मम्मी मेरा हाथ पकड़कर घर लेकर आई थी और हमारे घर आने के आधे घंटे बाद ही चाचा जी भी घर पर आ गए थे मैं अपनी म ममी के गले लगकर रो रही थी मेरी मम्मी ने कहा कि बेटी मुझे माफ कर दो मैंने तुम्हारे चाचा पर भरोसा करके उसकी बात मान ली थी 

 

लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह ऐसी घटिया हरकत भी कर सकता है मैंने कहा मम्मी आखिर मैं चाचा जी की औलाद समान हूं उन्होंने मेरे साथ ऐसा क्यों किया अचानक चाचा जी घर में आए तो मम्मी ने उनका गिरेबान पकड़ लिया और कहा कि बताओ मैं तो समझती थी कि तुमने सच में ही मेरी बेटी को अपनी भतीजी मान लिया है मगर मुझे नहीं पता था कि तुम इतने सालों से मेरी बेटी पर अपनी नजर रखे हुए हो

 

 मैंने तुम्हें कभी अपना देव नहीं बल्कि हमेशा अपना छोटा भाई समझा मगर तुमने अभी तक मेरी बेटी को एक्सेप्ट नहीं किया जबकि मेरा पति उसे अपनी बेटी मान चुका था तभी चाचा जी भी मम्मी से कहने लगे कि सौतेला हमेशा सौतेला ही रहता है कभी सगा नहीं बन सकता मैं नहीं जानता कि भैया ने इसे अपनी बेटी माना या नहीं माना मगर यह मेरी भतीजी कभी नहीं हो सकती

 

 क्योंकि आप इसको अपने पहले पति के घर से लेकर आई थी यह मेरे भैया का खून नहीं है यह हमारे खानदान का खून होती तो मैं इसे अपनी भतीजी समझता मगर यह हमारा अपना खून नहीं है यह तो किसी और का खून है भैया की खातिर मैंने इसको इस घर में बर्दाश्त कर लिया था मगर जैसे-जैसे यह बड़ी होती गई मुझे यह खूबसूरत लगने लगी थी मैं इसको हासिल करना चाहता था 

 

मैं जानता था कि आप कभी भी मेरी शादी इसके साथ नहीं करोगी और इसके जैसी लड़की मुझे कहीं नहीं मिल सकती थी मैं किसी भी हाल में इसको हासिल करना चाहता था तभी तो मैं इस पर रोक टोक करता था ताकि यह घर से बाहर निकलकर किसी और को पसंद ना कर ले और उसके साथ शादी ना कर ले मैं जानता था कि आप चोरी चुपके इसे मेरे रोक टोक करने के बावजूद भी घर से बाहर निकाल ही देती हो

 

 इसका ध्यान किसी और की तरफ ना लगे और इसकी शादी किसी और से ना हो इसलिए मैंने एक प्लान बनाया मैं जानता था कि आप इसे इसकी सहेली के घर शादी में जरूर भेजो गी इसीलिए मैंने वहां पर मौजूद एक लड़की को इसकी वीडियो बनाने के लिए कहा और उससे कहा कि वह वीडियो वायरल कर दे मैंने उसे इस काम के लिए पैसे दिए थे मुझे पता था कि किसी ना किसी तरह से यह खबर हमारे घर तक जरूर आ जाएगी और फिर एक ही सॉल्यूशन निकलेगा कि वंशिका की शादी कर दी जाए

 

 मैं इससे शादी करना चाहता था इसलिए मैंने आपको झूठ मूठ के रिश्ते की तसल्ली दिलाई और खुद दूल्हा बनकर बैठ गया था मेरी शादी वंशिका के साथ ही हो जाती फिर मैं तुम दोनों को बताता कि मैं क्या कर सकता हूं मगर मेरी सच्चाई सबके सामने खुल गई और मेरा सारा प्लान खराब हो गया आपको तो मेरा एहसान मानना चाहिए कि मैंने आपकी बेटी और आपको अपने घर में जगह दी भैया के मरने के बाद आपसे सारे संबंध मेरे साथ खत्म हो गए थे

 

 मैं चाहता तो आपको इस घर से भी निकाल सकता था लेकिन मेरे सारी जिंदगी सिर्फ वंशिका की बचपन से ही खूबसूरती को देखते हुए यह सब कुछ किया था आपको इस घर में रखकर आपको अपने एहसान तले दबा सकूं मेरी मम्मी ने कहा कि तुम कितने घटिया इंसान हो मेरा मन तो कर रहा है कि मैं तुम्हें पुलिस के हवाले कर दूं तुम मेरी बेटे की जिंदगी बर्बाद करने जा रहे थे

 

 मैं भी चाचा जी की बात सुनकर चौक गई थी मुझे तो अपने कानों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था इसका मतलब यह था कि मैं अपनी मम्मी के पहले पति की बेटी थी और मेरी मम्मी ने दूसरी शादी कर ली थी मगर उनके दूसरे पति भी सिर्फ उनके साथ कुछ वक्त तक ही रहे उसके बाद उनकी मौत हो गई मेरी मम्मी का इस दुनिया में कोई नहीं था यह बात तो मैं पहले से ही जानती थी मगर यह बात मुझे अब पता चली थी

 

 कि चाचा जी मेरे सौतेले चाचा थे और उन्होंने मेरी मम्मी और मुझे इस घर में रहने के लिए जगह दी हुई थी तभी तो मेरी मम्मी सारी जिंदगी उनकी बात मानती आ रही थी लेकिन अब मेरी मम्मी ने चाचा जी का घर छोड़ने का फैसला कर लिया था उन्होंने मेरा और अपना सामान पैक कर लिया और हम लोग इस शहर को ही छोड़कर चले गए थे अगर मेरी मम्मी दोबारा से चाचा जी के साथ रहना शुरू कर देती

 

 तो वह मेरे साथ कुछ भी कर सकते थे क्योंकि एक इंसान जब इतनी बड़ी प्लानिंग कर सकता है तो हमें नुकसान पहुंचाने के लिए बहुत कुछ कर सकता है अब हम दोनों मां बेटी एक नए शहर में आकर मिलकर लोगों के घरों में काम करते हैं लेकिन भगवान की कृपा से हमें एक बड़े बंगले में नौकरी मिल गई और यहां की मालकिन ने हम पर बहुत सारे एहसान किए उन्होंने हमें इस बंगले में काम करने पर रहने के लिए क्वार्टर भी दे दिया

 

 हम दोनों मां बेटी की जिंदगी इसी तरह गुजर रही है मगर बहुत सुकून से गुजर रही है चाचा जी तो शायद बीमार रहने लगे हैं और उनका साथ देने वाला अब कोई भी नहीं है सुना है कि वह अपनी बीमारी के स में हमें याद करते हैं मगर हम लोगों ने कभी दोबारा उनकी तरफ पलट कर नहीं देखा दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी 

 

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