गरीबी | Emotional Hindi Story | Long Hindi Story | Best Story In Hindi | Meri Kahaniya

Emotional Hindi Story : मुझे जब मेरे दोस्त ने यह बात बताई तो मैंने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया था लेकिन आज जब मैंने अपनी आंखों से यह देखा तो पैरों के नीचे से धरती खिसक गई थी यह मैं क्या देख रहा था मुझे पता था कि मेरा घर जवान बहनों से भरा हुआ है और फिर मेरे घर के आगे मर्दों की लाइन लगी हुई थी किसी के घर के बाहर मर्दों की लाइन कब लगती है जब आपको पता हो कि आपके घर में इतनी सुंदर जवान बहनें हैं

 

 और फिर आप यह देख रहे हो कि घर के आगे मर्दों की लाइन लगी है तो आप पर क्या जुगरे मतलब क्या होगा मेरे साथ भी यही हुआ था लेकिन मैं ऐसे ही सब कुछ नहीं करना चाहता था क्योंकि अगर वही हो रहा था जो मैं समझ रहा हूं तो फिर झूठ बोलकर बात को छुपाया जा सकता था इसलिए मैंने सोच लिया कि मैं भी इस लाइन में खड़ा हो जाऊंगा अपना हुलिया बदलकर देखूंगा कि क्या हो रहा है और जब मैंने भी ऐसा ही किया 

 

तो फिर उसके बाद मेरी बहन ने जो मुझे बात कही मुझे ऐसा लगा कि आज मैं आत्महत्या कर लूं मेरी जवान बहन मुझसे किस तरह का सवाल कर रही थी यह तो किसी भाई का बुरा सपना हो सकता था मैंने अपना हुलिया बदला हुआ था उसे नहीं पता था कि मैं उसका भाई हूं मेरी जवान बहन ने मुझसे कहा कि बताएं साहब आज कौन सी मैं बहुत छोटा था जब मेरे बाबू जी इस दुनिया से चले गए हम लोगों की गाड़ी बड़ी बस के साथ टकरा गई थी और बाबू जी इस दुनिया से चले गए 

 

और मेरा एक हाथ काम करना छोड़ गया था मैं अपाहिज हो गया था यह मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दिन था मेरी मां लोगों के घरों में काम करती थी और मैं भी अपनी पढ़ाई छोड़कर उनके साथ काम करने में लग गया बड़ी बहन इतनी बड़ी नहीं थी लेकिन वह बाकी बहनों का ख्याल करती थी मेरी सात बहनें थी मुझे तो लगा था कि बाबू जी इस दुनिया से चले गए तो हमारी जिंदगी बहुत बुरी हो जाएगी लेकिन यह पता नहीं था कि अभी इससे भी बुरा होने वाला था जब मेरी सबसे छोटी बहन 12 साल की थी

 

 तो  मेरी मां भी इस दुनिया से चली गई वह बहुत बीमार रहती थी लेकिन अपनी फिक्र नहीं करती थी समय पर दवाई नहीं लेती थी आखिरी वक्त में जब हमने कहा कि आपने बताया क्यों नहीं तो कहने लगी क्या दवाई के पैसे कहां से लाती बस वह इस दुनिया से चली गई और हम लोग अकेले रह गए अब मैं ही था अपनी बहनों का हाथ बढ़ाने वाला हम लोग जिस गांव में रहते थे यहां पर कोई और काम था ही नहीं लोग अपने बच्चों को पढ़ाते नहीं थे

 

 और मेरी बहने कौन सी इतनी पढ़ी लिखी थी कि घर में किसी के बच्चों को पढ़ाकर ही कुछ पैसे बना लेती उन्होंने तो अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं की थी क्योंकि इतने पैसे ही नहीं थे मैं तो मजदूरी करता था लेकिन एक हाथ होने की वजह से मेरे लिए मेहनत मजदूरी का काम मुश्किल था मुझे लोग काम नहीं देते थे कुछ लोगों ने तो मुझे यहां तक कहा कि तुम्हारा एक हाथ नहीं है तो मजदूरी क्यों करते हो तुम भीख मांगा करो तो शायद तुम्हें ज्यादा पैसे मिल जाएं लेकिन मैं ऐसा काम नहीं करना चाहता था

 

 मैं मेहनत से पैसे कमाना चाहता था घर बहुत मुश्किल से चलता था अब तो घर में बेचने के लिए भी कुछ नहीं था लोग कहते हैं कि कोई छोटा-मोटा बिजनेस कर लेते लेकिन बिजनेस भी तो पैसे से शुरू किया जा सकता है और हम लोगों को कोई पैसे देने को तैयार नहीं था हमारा घर वैसे ही उधार पर चल रहा था कोई भी एक रुपया नहीं देता था ऐसे में बस लोग मशवरे दे सकते हैं पर कोई किसी की मदद नहीं करता और हमारी हालत भी ऐसी ही थी अब बहनें जवान हो रही थी

 

 मुझे उनकी शादी भी करनी थी लेकिन मेरे पास तो तोहफे के पैसे नहीं थे पता नहीं जिंदगी किस तरफ जा रही थी और आगे क्या होने वाला था मुझे तो यह समझ नहीं आती थी कि लोगों को दूसरों के मामले में बोलने का इतना शौक क्यों होता है मुझे जो भी मिलता यही कहता कि शंकर कुछ कर ले तेरा घर तो बहनों से भरा हुआ है और उनकी शादी की उम्र हो गई है क्या मुझे नहीं पता था कि मेरी बहनों की शादी की उम्र हो गई थी बार-बार मुझे यह बात याद करवाकर पता नहीं अपना टाइम पास करते थे

 

 या मेरा समय बर्बाद करते थे अब तो किराने वाला हमें उधार पर राशन भी नहीं देता था जिंदगी बड़ी मुश्किल थी मैं अपनी बहनों को यह सब नहीं बताता था मुझे पता था बेचारी क्या कर सकती थी पर जब वह मेरी हालत देखती थी तो उनको बहुत बुरा लगता था मेरी बहुत फिक्र करती थी लेकिन अब कुछ दिनों से उन्होंने मुझसे पूछा ही नहीं कि काम मिला या नहीं क्या हो रहा है एक दिन मैं घर आया तो मुझे बहुत भूख लगी हुई थी आज मैंने बहुत ज्यादा काम किया था थोड़े से ज्यादा पैसे कमाने के लिए बहुत मेहनत की थी पर मुझे पता था कि घर में इतना ज्यादा खाना नहीं होगा

 

 मैं कभी-कभी यह कह देता था कि खाना खा खा कर आया हूं ताकि मेरी बहनें भर पेट खाना खा ले पर आज बहनों ने जब मेरे सामने खाना रखा तो मैं हैरान रह गया यह तो बहुत ज्यादा और बहुत मजे का खाना था पनीर बना था पर मैं तो सिर्फ दाल के पैसे छोड़कर गया था बहन को बुलाया और पूछा कि यह सब पकाने के पैसे कहां से आए मैंने फौरन अपनी बहन को बुलाया और कहा कि यह खाना कहां से आया है क्योंकि मैं तो इतने पैसे देकर नहीं गया था पहले तो वह थोड़ा घबरा गई

 

 उसके बाद कहने लगी कि भैया वह सात वाले घर में शादी थी तो वह लोग खाना लेकर आ गए उनको पता है ना कि हम गरीब हैं मेरा इस बात पर भी बहुत दिल दुखा अब हमें लोगों से खाना लेकर खाना पड़ेगा घर में जो इज्जत की दाल मिलती थी वही सही थी फिर सोचा फिर एक दिन मेरी बहन एक अच्छा खाना खा लेंगे तो क्या हो जाएगा मैंने कहा कि तुम लोगों ने खाना खाया है तो उन सब ने कहा कि हमने तो भर पेट खाना खा लिया है और यह खाना आपके लिए रखा था

 

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 मैं चुप हो गया मैंने कहा कि ठीक है और खाना खाने लगा लेकिन जब बर्तन उठाकर किचन में जा रहा था तो मैंने अपनी बड़ी बहन और छोटी बहन को आपस में बात करते हुए सुना वह कह रही थी आज तो तुमने भैया से झूठ बोल दिया तुम क्या कहोगी तो बड़ी बहन कह रही थी कि कोई और झूठ बोल देंगे कम से कम इस घर में अच्छा खाना तो मिल जाएगा वह दोनों आपस में ऐसी बातें कर रही थी मैं हैरान रह गया इसका मतलब उन दोनों ने मुझसे झूठ बोला था मैं घर से बाहर निकल  गया

 

 और आसपास देखने लगा किसी की भी शादी नहीं थी शादी वाले घर का तो दूर से ही पता चल जाता है फिर भी मैंने पूछ लिया कि यहां पर किसी की शादी है तो मुझे पता चला कि नहीं शादी नहीं है फिर मुझसे इतना बड़ा झूठ क्यों बोला गया था मेरी बहनें क्या चाहती थी मैं इस बात पर चुप हो गया कि शायद अच्छा खाना खाने के लिए वह किसी के घर खाना मांगने गई थी लेकिन अब तो यह रोज होता था घर में कोई ना कोई ऐसी चीज बनी होती थी जिसके पैसे में नहीं देकर जाता था

 

 घर में पूछता तो वह कोई ना कोई झूठ बोल देती जब मैंने गुस्सा किया तो अगले दिन फिर से दाल ही बन गई लेकिन घर में दाखिल हुआ तो घर से पनीर की खुशबू आ रही थी और पक्की हुई थी दाल यह किस किस्म की हरकतें हो रही थी मेरे घर में मेरी बहनें तो कभी मुझसे झूठ नहीं बोला था मेरी बहनें बेचारी बहुत ही ज्यादा खूबसूरत थी लेकिन खाने की कमी की वजह से बहुत दुबली पतली हो गई थी

 

 उनकी खूबसूरती भी खत्म होती जा रही थी चेहरे से ऐसा लगता था कि बीमार है लेकिन अब उनकी हालत पहले से बेहतर लग रही थी मेरी एक बहन का घर में पहनने वाला जूता कब से टूटा हुआ था खुद ही उसको सिलाई लगवाती थी और फिर गुजारा चला लेती थी आज मैंने सोचा कि उसके लिए जूता ले जाता हूं थोड़ा ज्यादा काम कर लिया और जूते के आधे पैसे दे दिया सोचा कि आधे पैसे छोड़ दूंगा दुकान वाला मेरा जानने वाला था उसने भी कहा से ठीक है तुम्हारी बात मान लेता हूं

 

 कोई बात नहीं लेकिन जब अपनी बहन को बुलाया और कहा कि तेरे लिए कोई चीज लेकर आया हूं तो उससे पहले ही मेरी नजर उसके पैरों पर पड़ी तो उसने तो पहले से ही नया जूता पहन रखा था मैंने कहा कि यह कहां से लिया है तो वह भी सोच में पड़ गई सब पता चल रहा था कि झूठ बोलने लगी है फिर कहने लगी कि भाई वह मेरी एक सहेली है उसने नया जूता लिया तो अपना पुराना वाला मुझे दे दिया मैंने कहा कि मैंने तुम लोगों को बहुत बुरी हालत में रखा है लेकिन कभी किसी की उतरा नहीं पहनाई 

 

फिर तुमने ऐसा क्यों किया उसने कहा कि भाई जूता टूट गया था घर में बहुत मुश्किल होती थी मेरा पांव दूसरी बहनों से बड़ा है उनका जूता भी मेरे पांव में नहीं आता इसीलिए मुझे यह सब करना ठीक लगा था गुस्सा तो मुझे इस बात पर आ रहा था कि मैं उसके लिए जूता लेकर आया और वह पहले से ही इंतजाम करके बैठी थी

लेकिन मुझे पता था कि यह झूठ है असल में जूता बिल्कुल नया लग रहा था किसी की उतरा नहीं था किसी का पहना हुआ नहीं था मैंने कहा कि ठीक है जाओ यहां से और चली गई और मैंने उसके लिए जो जूता लिया था वह दुकानदार को जाकर वापस कर दिया मेरी मां को तो इस दुनिया से गए हुए सात साल हो गए थे इन सात सालों में हम लोगों ने बहुत बुरा समय देखा था

 

 

 लेकिन मेरी बहन ने कभी मुझसे झूठ नहीं बोला था औरतें क्या समझती हैं कि मर्द पागल होते हैं अरे जब आपके घर में रहने वाली औरत आपसे झूठ बोलती है ना तो आपको एक पल में पता चल जाता है पर झूठ बोलने की क्या जरूरत थी क्या यह सब कुछ मेरी वजह से हुआ था अगर इतनी ही तंग आ गई थी

 

गरीबी से तो इससे पहले यह सब कुछ क्यों नहीं किया अब यह लोगों से चीजें मांग रही थी लेकिन कब तक मांगती और इस मोहल्ले में कौन से अमीर लोग रहते थे सारे हम जैसे गरीब ही तो रहते थे मुझे तो इस बात पर गुस्सा आ रहा था कि यह लोगों से चीजें मांग रही है

 

 लेकिन फिर मेरे दोस्त ने मुझे एक अजीब सी बात कही तो मैं हैरान रह गया पहले तो उसने वह बात दबे से अंदाज में कही थी सीधे तरीके से नहीं बता रहा था उसने कहा कि आज कल हालात बड़े खराब हो गए हैं मेहनत की कमाई से तो बस दो वक्त की रोटी ही पूरी हो सकती है लेकिन इंसान सिर्फ रोटी पर तो जिंदा नहीं रहता ना इसलिए कभी-कभी कोई और काम भी करना पड़ता है मैंने कहा कि क्या कह रहे हो अचानक से कौन सी बात शुरू कर दी तो कहने लगा कि तुम्हें पता है

 

 आजकल औरतें मर्दों से ज्यादा कमा रही हैं मैंने कहा कि यह कैसे हो रहा है तुमने कहां से सुन लिया मर्द ही ज्यादा कमाते हैं औरत तो तब ज्यादा कमाती है जब वह कोई फालतू तरीका अपनाती है या फिर बहुत पढ़ी लिखी होती है वरना औरत पैसे कमाना नहीं जानती क्योंकि यह उसका काम नहीं होता

 

 

मेरा दोस्त कहने लगा कि हां गलत तरीके से ही औरत सबसे ज्यादा कमाती है लेकिन उसको गलत तरीके तक लाने वाला मर्द ही होता है मैं तुझे कहता था ना कि किसी से कर्जा ले ले और एक राखा ले ले एक हाथ से राखा तो चला लेगा ना तू लेकिन तू मजदूरी में पड़ा है तभी तेरे घर के हालात ऐसे हो गए हैं

 

 अब मैंने उसकी तरफ देखा और कहा कि क्या हो गया मेरे घर के हालात को कैसी बातें कर रहा है तू उसने कहा कि जो मैंने देखा है ना अगर तूने देख लिया होता तो तू यहां इतने आराम से ना बैठा होता देख छोटी-छोटी थी तेरी बहनें कई दफा तो मुझसे उनके लिए कर्जा लेकर गया फिर तूने वापस भी दिया तेरी और मेरी तो घरवाली बात है तेरी बहने मेरी बहनों जैसी हैं मैं तो अपने छोटे भाई के लिए तेरी बड़ी वाली बहन का रिश्ता भी मांगने वाला था मुझे पता है कि तुम दहेज नहीं दे सकता

 

 लेकिन फिर भी मैं रिश्ता लेने को तैयार था लेकिन अब मैं ऐसा नहीं करूंगा मैंने कहा तू क्या कह रहा है जो बात सीधी सीधी तरह से बोल दे वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त था बुरे वक्त में मेरे साथ खड़ा रहा था लेकिन आज वह ऐसी बातें कर रहा था उसने कहा जो कुछ भी हो रहा है उसको बोलने की मेरी हिम्मत नहीं है तू जाकर अपने घर वालों से ही पूछ ले तेरे घर वाले हैं तो तुझसे झूठ नहीं बोलेंगे मैं तो हैरान रह गया कि ऐसी भी क्या बात थी जो यह करके चला गया मेरे दोस्त ने अगर मुझे ऐसी कोई बात कही थी तो इसका मतलब बहुत बड़ी थी

 

 लेकिन उसका इशारा किस तरफ था हालात को ध्यान में रखते हुए घर आ रहा था कि आते ही अपनी बहनों से पूछूं क्या तुम लोग कुछ ऐसा कर रहे हो जो इतना मशहूर हो गया है कि मुझे मेरे दोस्त ने भी शिकायत कर दी है मैंने सामने का माहौल देखा तो हैरान रह गया घर में एक नया टीवी पड़ा था जैसे ही उन्होंने मुझे देखा

 

 

वह सब घबरा गई शायद इस टीवी को छुपाना चाहती थी लेकिन मैं पहले ही आ गया था मैंने कहा कहां से आया यह टीवी तो कहने लगी वह गली में पड़ा था हमने उठा लिया मैंने कहा झूठ बोलने के लिए भी अकल की जरूरत होती है तुम्हें गली में से टीवी मिला है पागल हो गए हो

 

 तुम सब तो सब की सब रोने लगी और उन्होंने कहा हमने कुछ पैसे जमा किए थे टीवी लेने के लिए मैंने कहा टीवी लेने के लिए पैसे जमा किए तुम लोग तो टीवी को बैठकर देखते रहोगे और यह जो बिजली से चलेगा उसका बिल कौन देगा इससे अच्छा तुम लोग अपने लिए कोई चीज ले लेते मैंने उन लोगों को बहुत बातें सुनाई और कहा कि इस टीवी को वापस करके आओ कहां से लिया यह टीवी जहां भी ली हो वहां वापस दे दो लेकिन फिर भी इतने पैसे कैसे जमा कर लिए मैंने पूछा इतने सारे पैसे कहां से लाई तो कहने लगी आपकी जेब से कभी-कभी निकालते थे लेकिन मैं हैरान हूं

 

 कि मेरी जेब में तो इतने पैसे होते ही नहीं थे कि इन्होंने पैसे निकालकर टीवी खरीद ली यह मुझसे झूठ बोल रही थी मैं तंग आ गया था मैं अपने उसी दोस्त के पास चला गया मैंने कहा वह सारी औरतें मिलकर मुझे पागल बना रही हैं मुझसे झूठ बोल रही है उसने कहा मैंने जो देखा है तू देख लेता ना तो उन सबको एक एक झप देता मैंने कहा तुम मुझे बता तो सही कि तुमने देखा क्या था तो कहने लगा कि मैंने देखा कि तेरे घर के आगे मर्दों की लाइन लगी होती है और तेरी बहन उनके सामने बैठी होती है

 

 नहीं ढंग से कपड़े पहने होते हैं सर पर दुपट्टा भी नहीं किया होता और सारे मर्द खिड़की के पास खड़े होकर उनसे ना जाने क्या बातें करते हैं मैंने भी यह सब कुछ दूर से ही देखा है पूरे मोहल्ले में मशहूर हो गई है तेरी बहन सात सात बहने हैं तेरी सब लोग यही समझ रहे हैं कि शायद तूने ही उनको धंधा पर लगा दिया है जैसे कि मेरे दोस्त यह बात बोली मैं उसको एक थप्पड़ लगाने लगा था लेकिन मेरा हाथ रुक गया उसने मेरे कंधे पर हाथ रखा और कहा मैं तेरी हालत समझ सकता हूं 

 

लेकिन तू भी तो अपनी हालत देख आठ लोगों का घर है तुम्हारा अगर तू खुद खाना नहीं भी खाता फिर भी उन लोगों ने तो खाना है और औरतों की सिर्फ खाने पीने की जरूरत नहीं होती और भी चीजों की जरूरत होती है कैसे पूरी करती होंगी वह सब और फिर है भी सारी खूबसूरत मैंने तुझे कहा था ना कि औरत मर्द से ज्यादा पैसे कमा सकती है लेकिन अगर फालतू तरीके से कमाए तो ही ऐसा हो सकता है शायद उन लोगों ने भी इतना बर्दाश्त करने के बाद अब यह कदम उठा है और इसका जिम्मेदार तू है

 

 तूने उनको ऐसे माहौल में रखा है लेकिन तेरी भी गलती नहीं है क्योंकि तुम तो अपाहिज है गरीब है पढ़ा लिखा भी नहीं है इसलिए तू ज्यादा परेशान नहीं हो जो हो रहा है होने दे मैंने कहा तू पागल हो गया है तू कहता है कि मेरी बहनें धंधा कर रही हैं और फिर कहता है कि जो हो रहा है होने दे मैं उनको ऐसा कभी नहीं करने दूंगा मैं उनसे बात करूंगा मेरे दोस्त ने कहा वह साथ मिलकर तुमसे झूठ बोले बोलेगी तू उनके खिलाफ कुछ सबूत जमा कर किसी तरह वीडियो बना ले 

 

या किसी आदमी को साथ लेकर जा फिर वह झूठ नहीं बोल पाएंगे मैंने कहा यह बात तो तेरी ठीक है कब से मुझसे झूठ बोल रही है मुझे लगा था कि लोगों से चीजें मांगती हैं फकीर बन गई है लेकिन यह नहीं पता था कि यह सब कर रही है इससे अच्छा तो किसी से मांग के ही खा लेती मैंने तो रोना शुरू कर दिया

 

 

मेरे दोस्त ने मुझे दिलासा दिया और कहा कि तू परेशान नहीं हो आज कल तो यही हो रहा है गरीब आदमी की कोई इज्जत नहीं होती मैंने कहा नहीं मेरे दोस्त गरीब आदमी की सिर्फ इज्जत ही होती है और अगर वह उसे इज्जत का भी सौदा कर दे तो फिर पीछे क्या रह जाएगा 

 

अब मैंने घर पर नजर रखना शुरू कर दिया था घर में ऐसी ऐसी चीजें पड़ी थी जो पहले नजर नहीं आती थी अपने बहने को मैंने कभी गौर से देखा ही नहीं उन सब ने नए कपड़े पहने थे और मेरे लिए भी चार सूट बना कर लिए थे मैंने कहा इसके पैसे कहां से आए तो कहने लगी वह टीवी बेच दिया था ना इसलिए उन पैसों से आपके लिए कपड़े बनाए हैं मैंने कहा मुझे नहीं चाहिए कपड़े मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है वह अपने कपड़े बना रही थी घर में अच्छे-अच्छे खाने बन रहे थे टीवी आ रहे थे

 

 मैं अगर नहीं देखा तो इन लोगों ने जरूर रख लेना था और तो और यह देखकर तो मैं हैरान रह गया कि मेरी बड़ी बहन के पास बहुत सारे पैसे पड़े थे मैं तो सुबह जाता तो शाम को आ था और इतनी देर में तो बहुत कुछ हो सकता था लेकिन इनको मेरा मुंह काला करवाने की क्या पड़ी थी क्यों किया उन्होंने मेरे साथ ऐसा मैंने तो इनको कभी यह सब नहीं सिखाया मेरी मां भी बड़ी अच्छी औरत थी और मेरा बाप भी ईमानदार आदमी था मैं भी तो मेहनत करता था एक दिन मैं अपने घर से दूर खड़ा हो गया

 

 और यह देखकर वाकई हैरान रह गया कि मेरे घर के सामने मर्दों की लाइन लगी हुई थी मैं बहुत दूर खड़ा था ताकि मुझे कोई देख ना ले लेकिन साफ नजर आ रहा था हमारे घर की एक कमरे की खिड़कियां बाहर की तरफ खुलती थी उसी खिड़की के आगे लाइन लगी हुई थी मेरा तो दिल बैठ गया इसका मतलब है कि मेरा दोस्त झूठ नहीं बोल रहा था और अब मुझे अपनी बहनों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक प्लान की जरूरत थी मैंने सोच लिया कि मैं अपना हुलिया बदल लूंगा और इसी लाइन में खड़ा हो जाऊंगा 

 

और फिर देखूंगा कि मर्दों के साथ यह क्या करती है उनको क्या कहती है मुझे पहचान नहीं पाएगी और मेरे सामने इनका राज खुल जाएगा मैंने अपने दोस्त को भी यह सब कुछ बताया और उसने कहा कि मैं भी तेरी मदद करूंगा मैं तेरे साथ हूं मैंने कहा कि अगर उनको रंगे हाथों पकड़ भी लिया तो उसके बाद क्या होगा उनसे तो कोई शादी नहीं करेगा वह तो पहले ही सब कुछ बर्बाद करके बैठी है मेरे दोस्त ने कहा कि एक बार यह हकीकत सामने आ जाए फिर सोचेंगे कि क्या करना है मेरा दिल बहुत उदास था मैं बहुत परेशान था यह मेरी बहनों की मेरे लिए अच्छी नहीं थी 

 

अब तो मैं घर भी आया तो मैंने किसी से बात ही नहीं की बड़ी बहन ने कहा कि आपकी पसंद का खाना बनाया है मैंने पूछने लगा कि मेरी पसंद का खाना बनाने के पैसे कहां से आए हैं तो फिर चुप हो गई इन्होंने तो वैसे भी झूठ ही बोलना है जो भी कहेगी झूठ ही बोलेंगे इसलिए कुछ नहीं बोला चुपचाप खाना खा लिया लेकिन खाना खाते हुए एक-एक निवाला मुंह पर भारी हो रहा था मेरी बहनों ने बहुत बुरा किया था मेरे एक चाचा थे जो कब से कह रहे थे कि इनके रिश्ते मेरे गांव में करवा दो गांव में बहुत सारे लोग हैं

 

 लेकिन इस गांव के लोग अच्छे नहीं थे औरतों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे इसलिए मैं अपनी बहनों के रिश्ते उस गांव में करवा नहीं रहा था लेकिन अब मैंने सोच लिया था कि अगर यह बात हकीकत निकली तो मैं इन्हें सबके रिश्ते वही करवा दूंगा यह इसी काबिल है कि ऐसे मर्दों के साथ रहे जो उनका ख्याल नहीं रखें लेकिन कम से कम यह अपने घर वाली तो होंगी अपने घर में इज्जत से बैठेंगे मेरा नाम तो नहीं खराब करेंगी फिरें अपनी बहनों की शादी ऐसे मर्दों से करना उनके लिए किसी से कम तो नहीं था

 

 लेकिन मेरे लिए भी तो यह सजा थी जब उन्होंने मेरे बारे में नहीं सोचा तो मैं भी उनके बारे में सोचने वाला नहीं था आप मेरे दिल में उनके लिए गुस्सा और जहर पनपने लगा था मुझे वह बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी उनकी शक्ल देखकर ही मुझे गुस्सा आ रहा था लेकिन मुझे सब कुछ करना था अगले दिन मैंने अपनी बहनों से कह दिया कि मैं काम के सिलसिले से आज शहर से बाहर जा रहा हूं मैं रात को घर नहीं आऊंगा मैंने ऐसा इसलिए कहा था कि वह बिल्कुल ही बेफिक्र हो जाए कि भाई तो शहर में ही नहीं है

 

 इसलिए जो भी करना है खुलकर करें उन्होंने कहा कि ठीक है भाई कोई दिक्कत नहीं आप आराम से आना आपको कुछ पैसे चाहिए तो मैंने कहा कि नहीं मुझे पैसे नहीं चाहिए अब मैं फिर सवाल कर सकता था कि तुम कहां से मुझे पैसे दोगी यह कहां से मुझे पैसे दे रही थी जबकि मैंने घर में आज तक राशन के पैसे के अलावा कभी कोई पैसा नहीं दिया था कि आज तुम्हारे पास इतने पैसे कहां से आ गए और मुझसे पूछ थी कि पैसे चाहिए या नहीं मैं घर से निकल गया और अपने दोस्त के पास चला गया

 

 और उसे कहा कि मुझे अपना हुलिया बदलना है मेरी मदद करो उसने कहा कि हां ठीक है मैं तुझे एक बूढ़े आदमी का रूप दे देता हूं तू बूढ़ा लगेगा तेरी बहन तुझे कभी पहचान नहीं पाएगी मैंने कहा कि ठीक है और अपना होलिया बदलकर अपने घर की तरफ चल पड़ा सुबह ही मेरे घर के आगे लाइन लग गई थी

 

 

मैं हैरान रह गया था कि सुबह में ही औरतें इस तरह के काम कर रही थी तो अगर उन्हें रात के लिए छोड़ दिया जाता तो यह क्या करती और इन्हें लोगों को देखकर भी हैरान हो रहा था यह लोग आसपास के मोहल्ले के ही थे इसका मतलब कि सब लोगों के सामने मेरी इज्जत निलंबित हो चुकी थी

 

 उन सबको पता था कि मेरी बहनें यह काम कर रही थी वह मन ही मन में मुझ पर हंसते होंगे मुझे देखकर दिल में सोचते होंगे कि इस दुनिया का सबसे बड़ा बेवकूफ आदमी है एक हाथ वाला अपाहिज इंसान इसको क्या पता कि इसकी बहनें क्या कर रही हैं मेरी बहनों ने मेरे साथ बहुत बड़ा जुल्म किया था मैं भी लाइन में लग गया मेरे आगे जो आदमी खड़ा था वह कहने लगा कि जब तक मैं यहां नहीं आता मेरा तो मन नहीं भरता इतना मजा मुझे जिंदगी में कभी नहीं आया यह सुनकर मुझे और भी ज्यादा गुस्सा आने लगा पीछे वाला आदमी कह रहा था कि जो बात यहां है 

 

वह और कहां जब तक है मजे ले लो फिर क्या पता यहां पर ना हो किसी बड़ी जगह पर चले जाएं मुझे पहचान ना लेते इसीलिए चुप रहा मेरी बारी आने वाली थी इस बीच में यह सोच रहा था कि मैंने अपने आप को कितना तंग किया एक हाथ से पत्थर उठाए मजदूरी की अपने आप को दर्द दिया तकलीफ दी सिर्फ अपनी बहनों के लिए कि चार दीवारों में इज्जत से बैठी रहेंगी उनकी इज्जत पर कोई हाथ ना डाल सकेगा कुछ बुरा नहीं होगा मैं मेहनत करूंगा उनके लिए खाने पीने का इंतजाम करूंगा ऐसा तो नहीं था ना कि भूखा रखता था जैसी रूही सुखी सही घर में खाना तो लेकर आता था

 

 लेकिन सच कहते हैं कि सिर्फ खाने से तो जिंदगी नहीं गुजरती मैं कोई और काम कर लेता मुझे बताती तो सही के भाई तुम्हारे लिए हुए पैसों से गुजारा नहीं हो रहा और यह क्या कि अपने भाई को यूं भरे बाजार रुसवा कर दिया और इतना तंग किया जब मेरी बारी आ तो सामने मेरी सबसे छोटी बहन खड़ी थी ठीक कहा था

 

मेरे दोस्त ने इसने सर पर दुपट्टा भी नहीं किया हुआ था खिड़की में खड़ी थी और मुझसे बात करने से पहले पैसे गिन रही थी जो पिछले वाले ग्राहक ने दिए थे वह पैसे देकर एक तरफ को चला गया था कहां गया था या नहीं पता शायद घर के अंदर चला गया था

 

 क्योंकि हमारे घर को दो दरवाजे लगते थे इस दरवाजे से पेमेंट करके उसे दरवाजे से अंदर चला गया होगा और कहां जाएगा जाहिर है जो करने आया था वह करके ही जाता अब उसने मेरी तरफ देखा और कहने लगा साहब क्या चाहिए आपको मैंने कहा कि क्या-क्या है तुम्हारे पास मैं यह सुनकर हैरान रह गया कि यह तो बकायदा दुकानदारी बनाकर बैठी थी ऐसे पूछ रही थी कि क्या चाहिए आपको जाहिर है मेरी बहनों के ही नाम लेने वाली थी कि निर्मा चाहिए या गीतांजलि और या फिर आशा को पसंद करेंगे

 

 राम राम यह क्या हो रहा था मुझसे तो यह सब कुछ सहन नहीं हो रहा था मेरे तो हाथ कांप रहते मुझे गुस्सा आ रहा था शायद मैं अभी ही उस पर फट पड़ता लेकिन मुझे अपने ऊपर काबू रखना था क्योंकि मुझे इनको रंगे हाथों पकड़ना था उसने कहा कि पलक पनीर है आलू गोभी है दाल मखनी है पीली दाल है आप क्या खाना पसंद करेंगे

 

जैसे ही उसने यह कहा तो मैं हैरान रह गया मैंने कहा कि दाल उसने कहा और मिट्ठे में गुलाब जामुन भी है दाल भी बनाई है आपको क्या डाल दूं जब उसके हाथ में थाली उठाई और दूसरे हाथ में टोकन उठाकर बोली यह टोकन ले लो और दूसरे दरवाजे पर जाइए

 

 आज गुलाब जामुन भी है दाल भी बनाई है जाइए दूसरे दरवाजे से जाकर खाने की थाली ले ले वहां से आपको गरमागरम खाना मिल जाएगा मैं तो हैरान ही रह गया मैंने उसके हाथ से टोकन लिया और उसे 00 दिए और जब दूसरे दरवाजे पर गया तो वहां मेरी बड़ी बहन और बाकी बहनें बैठी थी उन्होंने अपने आगे खाने के बर्तन सजा रखे थे और मुझे कहा कि अपनी थाली को सीधा पकड़े भाई हम आपको खाना दाल कर देते हैं वह बड़े प्यार और बड़ी इज्जत से खाना परोस कर देने लगी

 

 और कहने लगी कि यहां बैठकर खाएंगे तो पीछे जगह है नहीं तो साथ ले जाएं मेरी आंखों में आंसू आ गए थे हाथ में खाने की थाली थी मेरी बहन ने तो खाना बेच रही थी उन्होंने शायद मेरी मदद करने के लिए ही यह छोटा सा बिजनेस शुरू किया था क्योंकि खाना तो वह बहुत अच्छा बनाती थी मेरा दोस्त भी वहां पर आ गया

 

 

और मुझे देखकर वह भी समझ गया कि क्या हो रहा है उसने भी तो यह सब कुछ दूर से ही देखा था मैंने वह खाना एक तरफ रखा और कहने के लिए तूने मेरा दिमाग खराब किया था तूने मुझे मेरी बहनों पर शक करने पर मजबूर किया मैंने ना जाने क्या क्या सोच लिया था

 

 ऐसी ऐसी बातें सोच ली थी कि जो मुझे नहीं सोचनी चाहिए थी मैंने तो यह सोच लिया कि वह धंधा कर रही है जब मैंने यह बात बोली तो मेरी बड़ी बहन ने यह बात सुन ली और वह बाहर आकर मुझे अजीब नजरों से देखने लगी क्योंकि वह मेरी आवाज पहचान ली थी उसने कहा कि भैया आप और मैं उसके सामने बहुत शर्मिंदा हुआ वहां से चला गया रात को घर आने का दिल नहीं कर रहा था पर जब घर आया तो मेरी बहनें पहले से ही मेरे इंतजार में बैठी थी और रो रही थी

 

 उन्होंने मुझे बताया कि हम समझ सकते हैं कि आप पर क्या गुजारी होगी लेकिन हमने यह सब कुछ आपके लिए किया यहां पर एक औरत रहती है हमने उससे कर्ज लेकर यह सारा सेटअप शुरू किया अब रोज की तरह फिर से हम उसका कर्ज भी वापस करते हैं और अगले दिन का सामान भी लेते हैं उसका एक छोटा सा बेटा है वह भी हमारे साथ काम करता है और हमें सामान लाकर देता है वह तो बहुत अच्छा लड़का था मैं उसे जानता था वह साल का था

 

 मेरी बहन ने कहा कि हम आपको इस तरह से मेहनत करते हुए नहीं देख सकते थे आपकी तबीयत पहले ही खराब की वजह से आप बीमार रहते थे इसलिए हमने यह सब किया सोचा था आपको बता देंगे लेकिन आपको बताते तो आप गुस्सा करते इसलिए सोचा कि पहले थोड़ा काम चल पड़े फिर आपको बताएंगे और टीवी भी हमने इन्हें पैसों से लिया था आपके कपड़े अपने कपड़े घर की कुछ चीजें सब कुछ हमें इन्हें पैसों से कर रहे थे लेकिन आपसे बार-बार झूठ बोलना पड़ रहा था

 

इसलिए बहुत बुरा लगता था कि आज कल मैं आपको बता देंगे परसों आपका जन्मदिन है तो सोचा था कि आपके जन्मदिन पर आपको बता देंगे और महीने भर की कमाई आपके हाथ पर भी रखेंगे लेकिन आपने तो हमारी जासूसी की भैया आपने ऐसा क्यों किया मैंने कहा कि मेरे दोस्त ने मेरा दिमाग खराब कर दिया तो मुझे माफ कर दो मैं भी तुम लोगों के साथ मिलकर यह काम करूंगा तभी तुम लोगों पर शक नहीं करूंगा ठीक है 

 

अगर तुम लोग इस काम को करने की की इजाजत मांगते तो मैं कभी भी तुम्हारा साथ नहीं देता और कहता कि कोई जरूरत नहीं है यह सब करने की लेकिन अब यह कारोबार चल पड़ा है तुम लोगों की मेहनत से यह सब कुछ हुआ है मैं भी मदद करूंगा उन्होंने कहा कि हमें खुशी है भैया कि आपने हमारी बात समझी और हमें पता था कि आप इसी तरह हमारी बात समझेंगे लोगों की बातों में नहीं आया करें

 

 लोग तो इसी तरह करते हैं मेरा दोस्त भी शर्मिंदा था मुझसे माफी मांग रहा था वह बुरा आदमी नहीं था उसने मेरा साथ दिया था लेकिन इसके बाद मैं उससे नाराज हो गया मैं अपनी बहनों का साथ देता और मैं खुद ही टोकन वाली जगह पर बैठकर टोकन दिया करता था और वह खाना पड़ोस के लोगों को खिलाया करती थी हमारा कारोबार बहुत अच्छा चलने लगा और अब हम लोग दिन कितने पैसे कमाने लगे कि जितने मैं दो महीने में भी नहीं कमा सकता था बहनों की शादी का मामला भी कट होने लगा

 

 घर की चीजें भी बनने लगी हम भी अच्छा खाना खाते थे और पूरे मोहल्ले में मशहूर भी थे कि इन्हें बहन भाइयों ने मिल कर छोटा सा बिजनेस शुरू किया है हमारे ऊपर एक वीडियो भी बन गई जिसकी वजह से हम और भी ज्यादा मशहूर हो गए लोग हमारे पास आते हमारे खाने की तारीफ करते हमसे हमारी मेहनत की कहानी सुनना पसंद करते और इस तरह से हम मशहूर होते गए और आज इस बात को दो साल हो गए हैं अपने दो बहनों की शादी कर दी है 

 

अब इस काम को करने के लिए और भी लोगों को रखा है उनकी रोजी रोटी भी हमारे साथ है वह भी मेहनत करते हैं और उनको भी दिन के प पैसे मिलते हैं हमारे इस छोटे से काम से और बहुत सारे घर चल रहे हैं अच्छा लगता है खुशी होती है अपनी बहनों पर फक्र होता है मुझे कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया आप लोग बताएं कि आप लोगों को भी ऐसा ही लगा था जैसा मैंने सोचा था 

 

और यह भी बताएं कि जो मेरी बहनों ने किया वह अच्छा किया और इस कहानी से आप लोगों को क्या उम्मीद मिली मैं तो कहता हूं कि कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता इंसान की सोच छोटी बड़ी होती है मेहनत करके रोजी रोटी खाने में क्या बुरा है मेरा यह कहानी सुनाने का यही मकसद है जब तक इंसान अपने हालात खुद बदलने की कोशिश नहीं करता उसके हालात नहीं बदलते 

 

अगर इंसान गरीब पैदा हुआ है इसमें उस इंसान की गलती नहीं होती अगर वह गरीब ही मर जाए तो उसकी गलती होती है 

 

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