शादी सहमति से ही करना चाहिए। Long And Emotional Story | Best Hindi Story | Sad Hindi Story

Long And Emotional Story : मेरा नाम प्रीति है मैं नहीं जानती थी कि पसंद की शादी करना इतनी बड़ी गलती होती है कि हम उसकी सजा सारी जिंदगी भुगत हैं मैं तो अपनी जिंदगी में खुश रहना चाहती थी लव मैरिज सक्सेसफुल हो जाने से मैं अपने आप को बहुत भागों वाली समझती थी लेकिन मैं नहीं जानती थी कि मेरी यही पसंद की शादी मेरी जिंदगी में एक बहुत बड़ा तूफान लाने वाली थी उस समय मेरी उम्र 22 साल थी और मैं कॉलेज में पढ़ा करती थी जब एक लड़का का मुझे बहुत पसंद आ गया था

वह मेरे कॉलेज में नहीं पढ़ता था बल्कि हम दोनों एक ही बस से ट्रेवल करते थे मैं अपने कॉलेज के रास्ते पर उतर जाती थी उस लड़के का ऑफिस आगे था इसलिए वह बस में ही खड़ा रह जाता था इस तरह हम दोनों की हर रोज मुलाकात होती थी हम दोनों एक दूसरे से बस में ही मिलते थे वह लड़का बहुत ज्यादा हैंडसम था उसकी अपनी गाड़ी नहीं थी इसलिए वह बस में ही ट्रेवल करता था और मेरे पास भी कोई सवारी नहीं होती थी

यही वजह थी कि मैं अपनी बस से ही कॉल कॉलेज जाती थी और बस से ही कॉलेज से घर वापस आती थी वह लड़का हर बार मुझे सुबह के समय ही मिला करता था क्योंकि हम दोनों के टाइमिंग एक ही होती थी पहले तो हम दोनों बस स्टॉप पर खड़े होकर बस के आने का इंतजार किया करते थे और फिर जब बस आ जाती थी तो एक साथ बस में सवार हो जाते थे कभी-कभी मैं जल्दी ही बस स्टॉप पर बस का इंतजार करने के लिए खड़ी होती थी

जब वह लड़का आता था और मुझसे कहता था कि अभी तक बस नहीं आई है क्या मुझे कभी-कभी उसकी बात का जवाब देना पड़ जाता था और इसी तरह धीरे-धीरे हम दोनों की बातचीत शुरू हो गई थी बस में भी हम दोनों सारे रास्ते बात करते हुए जाते थे और फिर एक दिन ऐसा हुआ कि हम दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर शेयर कर लिए थे और फिर जब हम दोनों की कॉल पर बात होने लगी तो हमने एक दूसरे के बारे में सब कुछ एक दूसरे के साथ शेयर किया था

हमें एक दूसरे की फैमिलीज के बारे में भी अच्छी तरह से पता चल गया था मेरी तो बहुत बड़ी फैमिली थी क्योंकि मैं एक जॉइंट फैमिली में रहने वाली लड़की थी हमारे घर में मेरे दादा-दादी मेरे बड़े ताऊ जी और उनकी फैमिली और मेरे चाचा जी की पूरी फैमिली और हमारी फैमिली हम सब लोग एक साथ मिलकर रहा करते थे हमारा घर भी बहुत बड़ा था भगवान की कृपा से हम लोगों के पास किसी तरह की कोई कमी नहीं थी मैं बीएससी कर रही थी

मेरे घर वालों ने सोच लिया था कि जब मेरी बीएससी कंप्लीट हो जाएगी तो वह लोग मेरी शादी कर देंगे क्योंकि मेरे घर में अब शादी का नंबर सिर्फ मेरा ही था मेरे दो बड़े भाई बहन की शादी हो चुकी थी मेरे बाद मेरी एक छोटी बहन रह जानी थी मेरे घर घर वालों को मेरी पढ़ाई पूरी होने की बहुत जल्दी हो रही थी वह लोग चाहते थे कि कल के होते आज ही मेरी शादी कर दे क्योंकि मेरा रिश्ता पहले ही फिक्स था मगर जिस लड़के से मेरी शादी होने वाली थी

मैं उसको कोई खास पसंद नहीं करती थी लेकिन अपने घर वालों की मर्जी के खिलाफ भी तो नहीं जा सकती थी ऐसा भी नहीं था कि मैं किसी लड़के को पसंद करती थी मेरे घर वालों ने मेरी मर्जी पूछी थी मगर मैं उस वक्त किसी को पसंद ही नहीं करती थी इसीलिए मैंने उनसे कहा था कि आप लोग मेरे लिए बेहतर ही फैसला करेंगे मैं आप लोगों की खुशी में ही खुश हूं मेरे घर वाले मुझ पर बहुत प्राउड फील करते थे मेरी बड़ी बहन की शादी भी अरेंज मैरिज ही हुई थी

जबकि भैया की शादी लव मैरिज हुई थी मेरे दोनों भाई-बहन अपनी-अपनी शादीशुदा जिंदगी में बहुत खुश थे मैं भी उन लोगों को देख देखकर खुश होती थी और चाहती थी कि मेरी शादी जल्द से जल्द हो जाए लेकिन जिस दिन से मेरी मुलाकात रोहित से हुई थी मैं उसे पसंद करने लगी थी रोहित बहुत अच्छा लड़का था और अच्छी कंपनी में नौकरी करता था अब मैं मन ही मन मन में अफसोस करती थी कि मेरा रिश्ता इतनी जल्दी फिक्स कैसे हो गया

जबकि मुझे तो अब रोहित पसंद आने लगा था कुछ दिन तक तो हम लोगों ने एक दूसरे के साथ फ्रेंड्स बनकर ही बात की थी हम दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे और एक दूसरे के साथ अपना हर सुख दुख बांटने लगे थे रोहित की फैमिली में उसकी सिर्फ एक शादीशुदा बहन थी और एक छोटा भाई था जो कि हॉस्टल में पढ़ता था वैसे तो वह जवान था अभी उसकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई थी वह सिर्फ मेरे पति से 4 साल ही छोटा था

जबकि रोहित की बहन सबसे बड़ी थी और उसकी बहन ने अपने माता-पिता के मर जाने के बाद अपने दोनों भाइयों का ख्याल रखा था और उनकी देखरेख की थी रोहित ने बताया था कि उसकी बहन की शादी हो गई है उसके ससुराल पास के ही मोहल्ले की है इसीलिए वह अपने माइके में आती जाती रहती है और अपने भाइयों का ख्याल रखती है मुझे रोहित की बहन के बारे में सुनकर बहुत खुशी हुई थी कि बहनें होती ही ऐसी हैं जिनको शादी हो जाने के बाद भी अपने भाइयों की फिक्र लगी रहती है

एक दिन रोहित ने मुझे बातों ही बातों में प्रपोज कर दि दिया था हम दोनों रोज एक दूसरे का बस स्टॉप पर इंतजार करने लगे थे क्योंकि अब हम दोनों एक दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते थे पहले तो मैं कभी-कभी कॉलेज जाती थी लेकिन अब रोहित की वजह से मैं हर रोज कॉलेज जाया करती थी क्योंकि घर से निकलने पर मेरी रोहित से मुलाकात भी हो जाती थी और बस के अंदर हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे के साथ बातचीत भी कर लिया करते थे

मेरा कमरा बिल्कुल अलग था मैं अपने कमरे में अकेली ही सोती थी इसलिए मैं रोहित के साथ सारी सारी रात बातें करती थी रोहित भी अब अपने घर में अकेला होता था उसने मुझे बताया था कि उसकी बहन उसके लिए रिश्ता तलाश कर रही है मैंने अभी तक यह बात रोहित को नहीं बताई थी कि मेरा पहले से ही रिश्ता तय है और मेरी पढ़ाई पूरी होते ही मेरे घर वाले मेरी शादी कर देंगे हम दोनों को एक दूसरे के साथ बातचीत करते हुए छ महीने गुजर गए थे

जब एक दिन रोहित ने मुझे बताया था कि उसकी बहन उसके लिए लड़कियां देख रही है तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने रोहित को अपनी सच्चाई बता दी थी कि मेरा रिश्ता लगा हुआ है मेरी बात सुनकर रोहित बहु बहुत शॉक्ड हुआ था और वह मेरी इस बात से नाराज भी था कि मैंने उसे यह सब पहले क्यों नहीं बताया रोहित कह रहा था कि मैं अपनी बहन को तुम्हारे बारे में बताने वाला था

मेरी बहन तुम्हारे घर रिश्ता लेकर आती तो तुम्हारे घर वाले उसके इंसल्ट कर देते और कहते कि हमारी बेटी का रिश्ता तो पहले ही लगा हुआ है अच्छा हुआ कि मैंने अपनी बहन को अभी भी इस बारे में नहीं बताया अब तुम बताओ कि क्या करना है तुम मुझसे प्यार करती हो या नहीं रोहित का सवाल सुनकर मैं कंफ्यूज हो गई थी रोहित मुझसे नाराज हो रहा रहा था लेकिन मैं क्या कर सकती थी मैं रोहित के प्यार में इतनी खो गई थी कि चाहकर भी उसे यह बात नहीं बता सकी कि मैं पहले ही इंगेज्ड हूं

मैंने रोहित से कह दिया था कि मैं तुमसे प्यार करती हूं और सिर्फ तुमसे ही शादी करना चाहती हूं तो रोहित कहने लगा मैं तुम्हारे घर रिश्ता भेजने के लिए तैयार हूं तुम्हें अपनी फैमिली के सामने मेरे लिए स्टैंड लेना होगा तुम्हें अपने फियांसे से शादी करने के लिए इंकार करना होगा मैं रोहित की बात सुनकर परेशान हो गई थी मैंने रोहित से कह दिया था कि मैं अपने घर में बात करने की कोशिश करती हूं लेकिन ऐसा करना मेरे लिए बहुत मुश्किल था

मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने घर पर इस बारे में कैसे और किस तरह से बात करूं क्योंकि जब मेरे घरवालों ने रिश्ता लगने से पहले मुझसे मेरी मर्जी पूछी थी तो मैंने उन्हें हां कर दिया था जिससे उन्हें यही लगा था कि उनकी बेटी किसी को पसंद नहीं करती लेकिन अब अगर मैं अचानक से उनको अपनी पसंद के बारे में बता दूंगी तो इस बात का उन्हें भी बुरा लगेगा और शायद वह लोग मेरी शादी रोहित के साथ कभी भी नहीं होने देंगे इस तरह तो मेरे घर में एक बहुत बड़ा हंगामा क्रिएट हो जाएगा

मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं मैंने इस बारे में अपनी एक फ्रेंड को बताया था मेरी फ्रेंड ने कहा था कि अगर तुम्हारा रिश्ता तय था तो तुम्हें किसी दूसरे लड़के से मोहब्बत करने की क्या जरूरत थी लेकिन मैं क्या करती मैं अपने दिल के हाथों मजबूर हो गई थी जब बस स्टॉप पर रोहित मुझसे बातचीत करने की कोशिश करता था और बस के अंदर आंखों ही आंखों में मुझे इशारे करता था जो कि मुझे बहुत अच्छे लगते थे मैं अपनी फीलिंग्लेस की मोहब्बत को एक्सेप्ट कर बैठी थी

मैंने अपनी फ्रेंड से सजेशन मांगा था लेकिन उसने मुझसे कहा था कि यहां पर तुम गलत हो तुम्हें अगर कोई लड़का पसंद था तो तुम्हें पहले ही अपने घर वालों को बता देना चाहिए था लेकिन मेरा रिश्ता तो पिछले 1 साल से लगा हुआ है और मुझे रोहित अभी 6 महीने पहले ही पसंद आया था अब मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं मैंने इस बारे में जब रोहित से बात की कि मैं अपनी फैमिली से बात करने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रही हूं

तो रोहित कहने लगा कि इस तरह हम दोनों एक दूसरे से दूर हो जाएंगे यह तुम्हारी लापरवाही का नतीजा है कि तुमने मुझे इस बारे में पहले नहीं बताया अगर तुम मुझे इस बारे में पहले बता देती तो मैं तुम्हारे घर वालों से खुद आकर बात करता मैंने रोहित से कहा कि इसमें कौन सी बड़ी बात है तुम तो मेरे घर वालों से आकर अभी भी बात कर सकते हो रोहित कहने लगा इस तरह बात बिगड़ सकती है अगर तुम्हारे घर वालों ने मेरे सामने तुम्हें डांटा या फिर तुम्हें मुझसे अलग करने की कोशिश करी

तो मैं तुम्हारे घर वालों के सामने ही तुम्हें उठाकर ले आऊंगी और तुमसे शादी कर लूंगा मैंने कहा रोहित जिस लड़के के साथ मेरा रिश्ता लगा हुआ है मैं उसे पसंद नहीं करती मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हें पसंद करती हूं तुम कुछ भी करो मुझे सिर्फ तुमसे शादी करनी है रोहित कहने लगा अगर ऐसी ही बात है तो मैं कल ही तुम्हारे घर पर आ रहा हूं और हम दोनों कल ही शादी करेंगे रोहित अब मेरे घर आकर क्या करने वाला था यह तो मुझे भी नहीं पता था

लेकिन मैं अगले दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी अगले दिन रोहित हमारे घर पर आया और उसने आकर मेरे पापा और मेरे ताऊ जी से हम दोनों के रिश्ते के बारे में बात की थी मेरे पापा ने उसे बता दिया था कि उनकी बेटी का रिश्ता पिछले 1 साल से लगा हुआ है अब कुछ नहीं हो सकता जिस पर रोहित ने कहा था कि आपकी बेटी मुझसे प्यार करती है अगर आपको यकीन नहीं आता तो आप उससे यह बात पूछ सकते हैं रोहित की बात पर मेरे घर वालों को विश्वास नहीं हो रहा था

लेकिन जब मुझे बुलाया गया और मुझसे यह सवाल पूछा गया कि क्या तुम इस लड़के से प्यार करती हो तो मैंने सबकी शक्लों को बड़े गौर से देखा था सब डरावनी नजरों से मुझे देख रहे थे लेकिन जब मैंने रोहित की तरफ देखा तो मुझे उस पर प्यार आया और मैंने कह दिया था कि जी मैं इससे प्यार करती हूं मेरे घर वालों को इस बात पर बहुत गुस्सा आया था और मैंने यह भी कह दिया था कि मैं इससे ही शादी करना चाहती हूं जहां पर आप लोगों ने मेरा रिश्ता लगाया हुआ है

वहां से खत्म कर दीजिए क्योंकि मैं उस लड़के को पसंद नहीं करती इस बात पर मेरे ताऊजी ने कहा था कि बदतमीज लड़की यह बात तुम पहले नहीं बता सकती थी अब क्या तुम अपने घर पर परिवार वालों की इज्जत के साथ खेलना चाहती हो रोहित कहने लगा अंकल मैं आपकी बेटी को बहुत खुश रखूंगा मैं अच्छी नौकरी करता हूं और मुझे यकीन है कि आपने जहां पर अपनी बेटी का रिश्ता तय किया हुआ है वहां से कई गुना बेहतर आपकी बेटी मेरे साथ खुश रहेगी

रोहित की बात सुनकर मेरे घर वालों ने साफ इंकार कर दिया था कि वह मेरी शादी किसी भी हाल में रोहित के साथ नहीं करेंगे लेकिन मैंने भी अपने घर वालों से बोल दिया था कि अगर आप लोगों ने मेरी शादी रोहित के साथ नहीं की तो मैं शादी वाले दिन ही इस घर से भाग जाऊंगी मेरी इस बात पर मेरे पूरे परिवार को शॉक लग गया था और उन लोगों को बहुत गुस्सा आया था जिस पर मेरे पिता ने कहा था कि तुम अभी और इसी वक्त इस लड़के के साथ हमारे घर से निकल जाओ

क्योंकि हमें तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी इससे पहले कि तुम हमारी इज्जत के साथ और खिलवाड़ करो तुम अभी और इसी वक्त यहां से चली जाओ हम लड़के वालों से खुद माफी मांग लेंगे क्योंकि अभी तो हम लोग इस बात को दबा सकते हैं लेकिन शादी वाले दिन नहीं दबा सकेंगे रताऊ जी ने पापा को समझाने की कोशिश भी की थी

मगर पापा ने कहा था कि मेरी बेटी अगर इस लड़के के साथ शादी करना चाहती है तो इस घर से निकल जाए और इसके साथ शादी कर ले हम इससे कोई भी संबंध नहीं रखेंगे इस तरह मैं रोहित के साथ घर से निकल आई थी और मेरे घर वालों ने मेरे साथ सारे रिश्ते नाते तोड़ दिए थे

मुझे बहुत रोना आया था मगर मैं क्या कर सकती थी प्यार को जीतने के लिए कुर्बानी तो देनी ही पड़ती है इस तरह रोहित और मैं ने कोर्ट मैरिज कर ली थी और रोहित कोर्ट मैरिज करने के बाद मुझे अपने घर ले गया था रोहित का का घर बहुत अच्छा था जैसे ही मैं रोहित के घर के अंदर दाखिल हुई तो सामने ही एक औरत बैठी हुई थी इसके बारे में मेरे पति ने बताया कि यह उसकी बहन है मैंने उनको नमस्ते किया था जब उन्होंने रोहित से पूछा कि यह लड़की कौन है और रोहित ने बताया कि यह तुम्हारी भाभी है

मैंने इस लड़की के साथ शादी कर ली है अब तुम्हें लड़कियां तलाश करने की जरूरत नहीं है अपने भाई की यह बात सुनकर वह बुरी तरह से चौक गई थी और कहने लगी थी कि यह तुमने क्या किया मैंने तुम्हारे लिए अपनी पसंद की लड़की से तुम रा रिश्ता पक्का कर दिया था और तुम शादी करके आ गए हो तुम्हें इस बारे में मुझे बताना तो चाहिए था रोहित कहने लगा कि इसमें कौन सी बड़ी बात है प्रीति भी मेरे लिए अपना रिश्ता तोड़कर आई है यहां तक कि इसके घर वालों ने भी इससे सारे संबंध खत्म कर दिए हैं

तुम भी लड़की वालों को हमारे रिश्ते से इंकार कर दो और कह दो कि तुम्हें लड़की पसंद नहीं आई बस बात खत्म हो जाएगी लेकिन मेरी नंद को मेरे पति की यह बात बहुत बुरी लगी थी और वह अपने भाई से बहुत नाराज हो रही थी मुझसे तो वह बात तक नहीं कर रही थी रात का समय हो गया था मेरा पति हाथ पकड़कर मुझे अपने कमरे में ले गया था और बाजार से लाकर उसने मुझे खाना भी खिला दिया था उसके बाद हम दोनों ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की थी

मैं अपने पति के साथ बहुत खुश थी अगले दिन जब मैं अपने कमरे से बाहर आई तो यह देखकर दंग रह गई थी कि मेरी नंद बाहर आंगन में बैठी हुई नाश्ता कर रही थी मैंने अपनी नंद को गुड मॉर्निंग कहा और पूछा कि दीदी आप कब आई तो वह चौक हुए कहने लगी कि कब आई से क्या मतलब मैं तो इसी घर में रहती हूं यह मेरा घर है मैं अपनी नंद की बात पर बहुत हैरान हुई थी और उससे कुछ भी कहे बिना किचन में नाश्ता बनाने के लिए चली गई नाश्ता लेकर मैं अपने कमरे में आ गई थी

और अपने पति के साथ नाश्ता करने लगी जब मैंने अपने पति से पूछा कि आपकी बहन क्या इस घर में ही रहती है मेरा पति कहने लगा हां वह कुछ दिनों से हमारे घर पर आई हुई है उनके पति से उनका झगड़ा हो गया कुछ दिनों बाद अपने घर वापस चली जाएंगी अपने पति की बात सुनकर मैं खामोश हो गई थी मेरा पति ऑफिस जाने के लिए घर से निकल गया था मुझे बहुत खुशी हो रही थी कि जिस इंसान से मैं प्यार करती थी आज मैं उसकी पत्नी बनकर उसके घर में थी

मैं अपने कमरे की सफाई करने के बाद अपने कमरे में ही बैठी हुई थी मेरे पति के कमरे में टीवी लग रहा था और मैं टीवी देख रही थी जब मेरी नंद गुस्सा करती हुई कमरे के अंदर दाखिल हुई और जोर से कहने लगी कि अरे ओ महारानी यहां पर क्या टीवी देखने के लिए आई हो घर का कोई काम नहीं करना है क्या मैंने अपनी नंद से कहा दीदी आप मुझे बता दो क्या काम करना है मैं कर लूंगी तो वो कहने लगी कि कमरे से बाहर निकलो

तब तो कुछ बताऊंगी ना उन्होंने मुझसे कहा था कि किचन में खड़े होकर दोपहर का खाना बनाओ और फिर उसके बाद कपड़े भी धो देना मैं अपनी नंद की बात सुनकर किचन में खाना बनाने के लिए चली गई थी और फिर खाना बनाकर जैसे ही फ्री हुई तो कपड़े धोने के लिए मैंने वाशिंग मशीन लगा ली थी मुझे वाशिंग मशीन लगाते हुए देखकर मेरी नंद कहने लगी अरे अरे यह क्या हो रहा है मैंने कहा दीदी मशीन लगा रही हूं कपड़े धोने हैं ना तो कहने लगी कि यह मशीन तुम्हारे बाप की नहीं है

जो तुम इस मशीन में कपड़े धोग यह मशीन मेरी मां की है तुम हाथ से कपड़े धो वैसे भी वाशिंग मशीन चलाने से लाइट का बिल ज्यादा आता है अपनी नंद की बात पर मैंने कहा था कि दीदी आप कौन से इस घर में रहती हो या फिर लाइट का बिल आप देती हो जो आपको लाइट के बिल की फिक्र हो रही है अब इस घर की जो भी चीज है वह मेरी हो गई है क्योंकि मैं इस घर की बहू हूं और लाइट का बिल मेरा पति देता है इसलिए आपको इस मामले में बोलने की जरूरत नहीं है

मेरी बात सुनकर मेरी नंद को बहुत गुस्स आ गया था वह बड़ी ही चालाक औरत थी मुझसे बहुत ज्यादा लड़ी थी मैंने सोच लिया था कि जैसे ही मेरा पति घर आएगा मैं उसे अपनी नंद के बारे में बता दूंगी कि सारा दिन उसने मुझे कितना तंग किया है मैं अपने पति के घर आने का इंतजार कर रही थी लेकिन इससे पहले मैं नए कपड़े पहनकर अच्छे से तैयार होने लगी थी मेरा पति किस समय घर के अंदर आया मुझे कुछ पता ही नहीं चला था लेकिन मुझे बाहर से जोर-जोर से अपनी नंद के रोने की आवाज आ रही थी

मैं जैसे ही दौड़ती हुई अपनी नंद के करीब गई तो मेरी नन ढेर सारे गंदे कपड़े इकट्ठे करके धो रही थी और रो-रोकर मेरे पति को बता रही थी कि तुम्हारी पत्नी ने मुझे इतने ढेर सारे कपड़े धोने के लिए दिए हैं मैंने तुम्हारी पत्नी से कहा भी था कि मैं कपड़े धो दूंगी लेकिन मैं वाशिंग मशीन लगा लेती हूं तो तुम्हारी पत्नी कहने लगी कि लाइट का बिल ज्यादा आता है और यह बिल तुम्हारा बाप नहीं बल्कि मेरा पति देगा इसीलिए कपड़े सारे हाथ से धोकर डाल दो

मेरा पति मेरी नंद से कह रहा था कि नहीं दीदी प्रीति ऐसी नहीं है वह ऐसा कर ही नहीं सकती मेरी नंद रोते हुए कहने लगी अभी शादी का एक दिन ही हुआ है तो तुम उसके दीवाने हो गए हो और इस लड़की ने आज ही तुम्हारे पीछे मेरे साथ इतने अत्याचार किए हैं मेरे साथ बदतमीजी की है तो आगे चलकर वह ना जाने क्या-क्या करेगी मेरा पति थका हारा ऑफिस से आया था और अपनी बहन की बातें सुनकर बहुत ज्यादा परेशान हो गया था वह मेरी तरफ देखकर कह रहा था

क्या जो दीदी कह रही है वह सब सच है मैंने रोहित से कहा रोहित तुम्हारी दीदी झूठ बोल रही है बल्कि इन्होंने मुझसे कपड़े धोने के लिए कहा था और जब मैं वाशिंग मशीन लगाने लगी तो इन्होंने यही सारी बातें मुझसे कही थी जो यह मेरा नाम लेकर तुम्हें बता रही हैं मेरा पति हम दोनों को डांटने लगा और कहने लगा कि खामोश हो जाओ तुम दोनों और अब मुझे खाना दे दो मुझे भूख लग रही है मैं अपने पति के लिए खाना लेकर आ गई थी मगर मैं अपने पति से नाराज थी कि अभी हमारी शादी को 24 घंटे भी नहीं हुए थे

कि इस घर में हंगामा होना शुरू हो गया था मेरी जिंदगी अब इसी तरह से गुजरने शुरू हो गई थी मेरी नंद अब हर रोज मेरे साथ कोई ना कोई ऐसी हरकत जरूर करती थी जिससे वह मुझे बुरी लगने लगी थी मेरी शादी को धीरे-धीरे एक महीना हो गया था और हर रोज मेरा और मेरी नंद के बीच झगड़ा किसी ना किसी बात पर जरूर होता था मैं अपने पति से कहती थी कि दीदी किस दिन हमारे घर से जाने वाली है मेरा पति कहता था कि वह मेरी बहन है

और जब तक चाहे यहां पर रह सकती हैं मैं अपनी बहन को घर से तो नहीं निकाल सकता और इधर मेरी नन थी कि मेरे और मेरे पति के बीच में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही थी कुछ ही देर गुजरे थे कि मुझे पता चला कि मैं मां बनने वाली हूं जिसकी खुशी मेरे पति को बहुत हुई थी मगर मैं यह नहीं जानती थी कि यह खुशी मेरे पति के लिए सिर्फ कुछ ही दिनों की है मेरा पति जब सुबह के समय ऑफिस जाने के लिए घर से निकला और बस स्टॉप की तरफ जा रहा था

तब अचानक एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उसको कुचल दिया और इस तरह मेरे पति की मौके पर ही मौत हो गई थी अपने पति की मौत की खबर सुनकर मैं बहुत ज्यादा सदमे में आ गई थी और तड़प-तड़प कर रो रही थी मेरे पति की मौत हो चुकी थी और मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरा पति मुझे इस दुनिया से छोड़कर चला गया जबकि मैं उसके बच्चे की मां बनने वाली थी मेरे पति की मौत पर उसका छोटा भाई भी हॉस्टल से अपनी पढ़ाई छोड़कर घर आ गया था

मेरा तो रो-रोकर बुरा हाल था जबकि मेरी नं का भी हाल कुछ ऐसा ही था क्योंकि वह भी अपने भाई से बहुत प्यार करती थी मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब मेरे साथ क्या होगा मेरी नंद तो पहले ही मेरी खुशियों की दुश्मन बनी हुई थी जब भी वह मुझे मेरे पति के साथ देखती थी तो उसे अच्छा नहीं लगता था मैं उसकी यह वजह भी अच्छी तरह से जानती थी क्योंकि वह शुरू से ही अपने भाई की शादी अपनी पसंद की लड़की के साथ करवाना चाहती थी

और उसके भाई ने अपनी मर्जी के मुताबिक मुझसे शादी कर ली थी अपनी बहन को बताया तक नहीं था जिसका गुस्सा मेरी नंद को आज तक है और वह अपना सारा गुस्सा मुझ पर निकालती थी मेरे पति के सामने तो सीधी बन जाती थी अब फिलहाल मेरा पति इस दुनिया को छोड़कर जा चुका था मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं कहां जाऊं क्योंकि मेरे माईके वालो ने भी मुझसे सारे संबंध खत्म कर दिए थे मैं अपने पति के विधवा बनकर अपने ससुराल में जिंदगी गुजार रही थी

और मेरी नन थी कि हर दिन मुझे परेशान करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ती थी मेरा देवर भी हम लोगों के साथ ही रह रहा था उसने कहा था कि मैं अब हॉस्टल नहीं जाऊंगा चाहे भले ही मेरी पढ़ाई रुक जाए क्योंकि अब घर में आप दोनों अकेली रह गई हो और भैया के बाद आप दोनों का ख्याल रखना मेरी जिम्मेदारी है मेरा देवर बहुत अच्छा था और हमेशा वह मुझसे हमदर्दी रखता था था मेरे घर में सबको यह बात पता थी कि मैं प्रेग्नेंट हूं पति के मर जाने के बाद मैं बहुत कमजोर हो गई थी

इसलिए डॉक्टर ने मुझे ज्यादा से ज्यादा आराम बताया था मेरा देवर यह बात अच्छी तरह से जानता था वह सुबह को अपने दोस्तों के साथ घूमने फिरने के लिए घर से निकल जाता था और शाम के टाइम पर घर आता तो मुझे काम करता हुआ देखता था एक दिन उसने मेरी नन से कहा कि दीदी आपको भाभी से घर का काम नहीं करवाना चाहिए आप जानती हो कि भाभी की कंडीशन कैसी है इस बात पर मेरी नन ने मेरे देवर को बहुत डांट लगाई थी क्योंकि वह सबसे छोटा था

और मेरी नंद मेरे पति से तो थोड़ा दबते भी थी मगर मेरे देवर को उसने मेरी इस छोटी सी बात पर इतनी डांट लगाई थी कि वह बेचारा खामोश हो गया था मेरी नंद ने कहा था कि तुम्हें घर के मामलात में बोलने की जरूरत नहीं है तुम जानते हो कि यह लड़की तुम्हारे भाई के साथ भाग कर आई थी और इसने तुम्हारे भाई की जिंदगी को खराब कर दिया था सारा सारा दिन उसे परेशान करती रहती थी उसका खूब पैसा उड़ाती थी तुम्हारा भाई इससे तंग आ चुका था

तभी तो बेचारा मेरा भाई इस दुनिया से इतनी जल्दी चला गया तुम क्या जानो कि यह कैसी है और तुम हो कि इसकी तरफ दारी करने लग गए हो मेरा देवर मेरी नंद से कहने लगा कि दीदी वह मां बनने वाली है मैं इसीलिए कह रहा हूं तो मेरी नंद कहने लगी कि इसमें कौन सी बड़ी बात है हर औरत जब मां बनती है तो घर के सारे कामकाज करती है अब यह हमारे घर में फ्री में तो नहीं रह सकती मेरा देवर अपनी बहन की बात सुनकर खामोश हो गया था

मैं पहले तो अपनी नंद को अपने पति की वजह से एक दो जवाब दे भी दिया करती थी लेकिन अब मैं जानती थी कि अब मुझे अपनी नंद की हर बात को बर्दाश्त करना होगा क्योंकि अगर मैंने अपनी नंद के साथ बदतमीजी की या कोई लड़ाई झगड़ा किया तो वह मुझे इस घर से निकाल देगी इसके बाद मैं कहां जाऊंगी इसीलिए मैं अपनी नंद के सारे अत्याचार खामोशी से बर्दाश्त करती रहती थी और यह सब कुछ मेरा देवर देखता रहता था और फिर मैं मां भी बनने वाली थी

इसलिए मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर सकती थी मेरी तबीयत ठीक नहीं थी मेरा ब्लड प्रेशर बहुत हाई चल रहा था डॉक्टर ने मुझे कम नमक और कम मिर्च के खाने का बताया था कहा था कि अगर तुम्हारा ब्लड प्रेशर नॉर्मल नहीं हुआ तो बच्चे की जान को खतरा भी हो सकता है यह बात मेरे नंद को पता चल गई थी क्योंकि हर बार डॉक्टर घर आकर ही चेकअप किया करती थी मेरे अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं हॉस्पिटल जाकर चेकअप करवाती इसलिए मैं घर पर ही डॉक्टर को बुला लिया करती थी

मेरा देवर अब अपनी पढ़ाई छोड़कर अपने ही शहर में नौकरी कर रहा था क्योंकि अब उसे ही तो इस घर को चलाना है मैं खाना बनाकर जब अपने कमरे में आ गई तो कुछ ही देर के लिए सो गई थी रात के टाइम पर जब मेरा देवर आ गया तो हम लोग एक साथ खाना खाने के लिए बैठ गए जैसे ही मैंने खाना शुरू किया तो मेरे होश उड़ गए थे

क्योंकि खाने में नमक बहुत तेज था और मिर्ची भी इतनी तेज हो रही थी कि मेरे कानों से धुए निकल गए मैं जोर-जोर से खांसने लगी थी मेरे देवर ने जल्दी से मुझे पानी पिलाया मेरी नंद कहने लगी कि क्या हुआ है मैंने कहा खाने में नमक और मिर्ची बहुत तेज हो रही है तो मेरी नंद कहने लगी कि खाना तो तुमने ही बनाया है तुम्हें ही अपना ख्याल रखना चाहिए ना डॉक्टर ने तुम्हें नमक और मिर्ची कम बताई है तो तुमने इतनी तेज क्यों करी है मैंने कहा दीदी मुझे अच्छी तरह से याद है

मैंने इसमें नमक और मिर्च कम ही डाला था फिर ना जाने कैसे तेज हो गया मेरी नंद कहने लगी अब यह तो तुम्हें ही पता होगा मैं बिना खाना खाए ही डाइनिंग टेबल से उठकर अपने कमरे में आ गई थी आधी रात के समय मुझे बहुत तेज भूख लग रही थी लेकिन खाने में नमक मिर्च इतना तेज था कि ना तो मैंने खाना खाया था और ना ही मेरी नंद और मेरे देवरण ने शायद वोह दोनों मार्केट से खाना मंगाकर खा चुके थे लेकिन मैं अभी तक भूख बैठी हुई थी मुझे बहुत कमजोरी महसूस हो रही थी

इसलिए मैं किचन में जूस पीने के लिए चली गई जूस पीने के बाद मैं सो चुकी थी अगले दिन जब मैं सीढ़ियों से नीचे उतर रही थी तब अचानक मेरा पैर फिसल गया था और मैं गिरने ही वाली थी कि मेरे देवर ने हाथ पकड़कर मुझे रोक लिया और इस तरह मैं सीढ़ियों से गिरने से बच गई थी मैंने अपने देवर को शुक्रिया कहा था अगर मैं गिर जाती तो शायद मेरे बच्चे को भी नुकसान हो सकता था लेकिन यह देखकर मैं दंग रह गई थी कि सेढ़ यों पर सरसों का तेल पड़ा हुआ था

यह तेल आखिर किसने डाला था जरूर यह काम मेरी नंद ने ही किया होगा मैं समझ गई थी मगर मैं इस बात से परेशान थी कि मेरी नंद ने आखिर ऐसा क्यों किया था मेरा देवर कहने लगा कि भाभी आप जाओ मैं सेढ़ से तेल साफ कर देता हूं आप आराम करो मुझे तो अब अपनी नन से डर लगने लगा था कि आखिर वह क्या चाहती थी मेरी शादी को छ महीने गुजर गए थे मगर अभी तक मेरी नंद एक बार भी अपनी ससुराल नहीं गई थी मुझे तो लगता ही नहीं था कि उसकी शादी हो चुकी है

आखिर उसकी अपने पति से कैसी लड़ाई थी कि ना तो वह अपने ससुराल जा रही थी और ना ही उसका पति उसे लेने के लिए आ रहा था मेरा देवर भी अपनी बहन से बहुत डरता था और अब तो मैं भी उससे दबकर ही रहती थी जब से मेरे पति की मौत हुई थी मेरे देवर को अपने काम के सिलसिले में दूसरे शहर जाना था और वह अब दो दिन के बाद घर आने वाला था उसने बात हम लोगों को बता दी थी और वह अगले ही दिन अपना सामान पैक कर के घर से निकल गया था

अब घर पर मैं और मेरी नंद अकेले ही रह गए थे मेरी तबीयत बिल्कुल भी ठीक नहीं थी क्योंकि ना तो मुझे ठीक से खाना मिल रहा था और ना ही मुझे ढंग से आराम करने को मिल रहा था अब मेरा देवर भी घर से जा चुका था इसलिए मेरी नन ने मुझे और तंग करना शुरू कर दिया था वह बेवजह ही मुझसे घर के सारे काम करवाती थी साफ बर्तन को भी दो-दो बार धोने को कहती थी और बार-बार कपड़े धुलवा करती थी और मुझे वजन उठाने को बोल रही थी लेकिन मैं अभी वजन नहीं उठा सकती थी

मैं उससे इस बात पर जब लड़ने बैठ गई तो उसने मुझे बुरी तरह से मारा था मेरा एक दिन तो इसी तरह से गुजर गया था और दूसरे दिन मेरी नंद अपने किसी रिश्तेदार के यहां चली गई थी तो सारा दिन मैं घर पर अकेली थी और मेरा वह दिन बहुत सुकून से गुजरा था रात के समय जैसे ही मेरी नंद घर आई तो खाना खाकर सो गई थी शायद वह थकी हुई थी

अगले दिन सुबह के 11:00 बज रहे थे जब मेरी नंद सोकर उठी और मुझसे नाश्ता मांग रही थी मैंने उसे चाय बनाकर दी और नाश्ते में पराठे भी बना बना दिए थे उसने नाश्ते से भरी प्लेट को जमीन पर फेंक दिया और कहने लगी कि मुझे यह नहीं चाहिए मेरे लिए ब्रेड और ऑमलेट लेकर आओ मैं खामोशी से फर्श पर पड़ी हुई गंदगी को साफ करने लग गई थी और अपनी किस्मत पर रो रही थी

आज मुझे बेहद अफसोस हो रहा था कि मैं अगर अपने पिता की मर्जी के मुताबिक शादी कर लेती तो मुझे यह दिन नहीं देखना पड़ता क्योंकि मैं बहुत बड़ी तकलीफ से गुजर रही थी मैं प्रेग्नेंट थी और मुझे सख्त से सख्त आराम की जरूरत थी और अच्छी डाइट की जरूरत थी लेकिन मुझे तो इस घर में रहते हुए सुकून नहीं मिल रहा था फर्श साफ करने के बाद मैं अपनी नंद के लिए नाश्ता बनाकर ले आई थी उसने नाश्ता कर लिया था और फिर उसने मुझे दवाई दी थी

और कहने लगी कि यह दवाई अभी मेरी आंखों के सामने खा लो मैंने अपनी नन से कहा कि आखिर यह किस चीज की दवाई है तो वह कहने लगी कि मैंने तुमसे जितना कहा है उतना कर लो वरना तुम्हें धक्के मारकर इस घर से निकाल दूंगी मैं अपनी नंद से कहने लगी लेकिन दीदी आप मुझे बताओ तो सही कि ये किस चीज की दवाई है मेरी नंद कह ने लगी कि ज्यादा सवाल जवाब मत करो बस जल्दी से खा लो मैंने ठान लिया था कि मैं यह दवाई किसी भी हाल में नहीं खाऊंगी

इसलिए अपनी नंद से कह दिया था कि मैं यह दवाई जब तक नहीं खाऊंगी जब तक आप मुझे बता नहीं देती कि इस दवाई से क्या होगा फिर मेरी नंद जोर-जोर से हंसने लगी और कहने लगी कि ये मिसकैरिज की दवाई है इसको खाने से तुम्हारा मिसकैरिज हो जाएगा मैं अपनी नंद की बात पर बड़ी हैरान हुई थी मैंने कहा था कि तुम मेरे बच्चे को क्यों मारना चाहती हो मैं यह दवाई कभी नहीं  खाऊंगी तो वह कहने लगी कि यह दवाई तो तुम्हें जबरदस्ती खानी ही होगी

अगर तुमने नहीं खाई तो मैं तुम्हें इस घर से निकाल दूंगी मैंने कहा मैं अपने बच्चे को किसी भी हाल में नहीं मारूंगी यह रोहित और मेरी निशानी है मैं अपने बच्चे की परवरिश करूंगी मेरी नंद कहने लगी तुम इसकी परवरिश तो बाद में करोगी इससे पहले यह बच्चा ही इस दुनिया में नहीं आएगा क्योंकि मुझे अपने मायके में हिस्सा चाहिए अगर तुम्हारा बच्चा पैदा हो गया तो कानूनी तौर पर इसका हक बनता है इस तरह तो मेरा नुकसान हो जाएगा क्योंकि फिर तीन-तीन हिस्से बनेंगे

यह बच्चा मेरे भाई का हिस्सा ले लेगा जबकि अब मेरा भाई नहीं रहा तो इसका हिस्सा भी इस घर से खत्म हो चुका है इसलिए अब इस घर में सिर्फ हम दो भाई बहन का हिस्सा ही बचा है यही वजह है कि इस बच्चे को मारना बहुत जरूरी है अपनी नंद की चालाकी और शैतानी दिमाग के बारे में सोच सोचकर मुझे हैरानी हो रही थी मैंने अपनी नंद से कहा कि तुम कितनी घटिया औरत हो तुम्हें शर्म नहीं आती अपने भाई और उसके बच्चे के बारे में ऐसा कहते हुए तुम इस घर में शादी होने के बा बावजूद भी रह रही हो

और अब चाहती हो कि इस घर में तुम्हें हिस्सा भी मिल जाए मेरी नंद कहने लगी हां यह मेरा घर है इसीलिए मैं यहीं पर रहूंगी मैंने कहा तुम जाओ यहां से यह मेरा घर है तुम्हारा घर तुम्हारा ससुराल है मीरी नंद कहने लगी अब तू मुझसे जबान लड़ाएगी मेरी नंद ने मेरे मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया था जिसकी वजह से मैं जमीन पर गिर गई थी और बुरी तरह से रोने लगी थी मेरी नंद ने मेरे बाल पकड़ लिए और मुझे घसीटते हुए दरवाजे तक ले आई थी कहने लगी

अगर दवाई खानी है तो इस घर में रहना होगा वरना तेरी इस घर में कोई जगह नहीं है तू यहां से निकल जा मैं अपनी नंद से गिड़गिड़ा रही थी और कह रही थी कि दीदी प्लीज मेरे साथ ऐसा मत करो वह मुझे घसीटते हुए दरवाजे तक ही लेकर आई थी जब अचानक मेरा देवर दरवाजे पर आ गया और उसने मुझे मेरी नन से बचा लिया वह कहने लगा दीदी आप यह सब कुछ क्या कर रही हो मेरी नन ने मेरे देवर से उसी तरह झूठ बोल दिया था जैसे वह मेरे पति के सामने बोलती थी

ऐसे ही उसने मेरे देवर के सामने भी कहा था कि इसे हमारे भाई का हिस्सा चाहिए इसका बच्चा अभी दुनिया में आया भी नहीं है और यह कह रही है कि मुझे मेरे बच्चे का इस घर से हिस्सा चाहिए इसलिए मैं इसे इस घर से निकाल रही हूं मेरा देवर चौंकती हुई नजरों से मेरी तरफ देख रहा था मैं रोते हुए अपने देवर की तरफ इंकार करते हुए सर हिला रही थी मेरे देवर ने मुझे संभाला और कमरे के अंदर लेकर आ गया था वह मेरे साथ-साथ मेरे कमरे में आ गया था

और उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था जबकि मेरी नंद गुस्सा होती हुई अपने कमरे में चली गई थी मैं शुक्र का सांस ले रही थी कि सही टाइम पर आकर मेरे देवर ने मुझे बचा लिया था मेरा देवर मुझसे कहने लगा भाभी क्या सच में आपको इस घर में भैया का हिस्सा चाहिए तो मैंने उससे कहा नहीं रोहन मुझे इस घर में कोई हिस्सा नहीं चाहिए बल्कि मैं तो इस घर में रहना चाहती हूं तुम्हारे भैया से जब मैंने शादी की थी तो मेरे घर वालों ने मुझसे सारे संबंध खत्म कर दिए थे

इसलिए मेरे पास कोई ठिकाना नहीं है मुझे इस घर में रहने के लिए सिर्फ जगह चाहिए मैं तो इस घर में अपने पति की विधवा बनकर रहना चाहती हूं सारी जिंदगी उसके और उसके बच्चे के नाम कर देना चाहती हूं तुम्हारी दीदी झूठ बोल रही है मेरा देवर कहने लगा भाभी मैं जानता हूं कि दीदी झूठ बोल रही है क्योंकि आपकी सच्चाई आपकी आंखों से पता लग रही है उस दिन खाने में नमक मिर्च डालते हुए मैंने दीदी को देख लिया था और फिर सीढ़ियों पर तेल भी दीदी ने ही डाला था

मैं सब जानता हूं कि दीदी आपको बहुत परेशान करती है और मैं यह भी जानता हूं कि वह हमारे घर में हमेशा हमेशा के लिए बसना चाहती है तभी तो इतने समय से अपनी ससुराल नहीं जा रही है आप बेफिक्र रहो भैया आपसे बहुत प्यार करते थे मैं कभी आपको इस घर से नहीं जाने दूंगा बस मेरी एक शर्त है जो आपको माननी पड़ेगी मैंने अपने देवर से कहा कि हां बताओ तुम्हारी कौन सी शर्त है उसने जो मुझे शर्त बताई उसे सुनकर तो मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई थी

उसने मुझसे कहा था भाभी मैं आपसे शादी करना चाहता हूं मैं आपको इस घर में जगह देना चाहता हूं कानूनी तौर पर आप इस घर में रह सकोगी क्योंकि दीदी अब आपको से निकालने के लिए कुछ भी कर सकती है लेकिन जब आप मेरी पत्नी बन जाओगी तो आपको इस घर से कोई नहीं निकाल सकता मैं अपने देवर से शादी करने के लिए तैयार नहीं थी मैंने उससे कहा कि तुम यह कैसी बातें कर रहे हो मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती मैं तुम्हारे भैया से बहुत प्यार करती थी

मेरा देवर कहने लगा भाभी अभी आपने बच्चे को जन्म नहीं दिया है जब बच्चा इस दुनिया में आ जाएगा तो अपने पिता का नाम पूछेगा तो आप उसे क्या बताओगी कि उसका पिता इस दुनिया से जा चुका है और क्या सारी जिंदगी आप दीदी के अत्याचार इसी तरह से सहती रहोगी अगर आप चाहती हो कि आपका बच्चा और आप इस घर में हंसी-खुशी जिंदगी गुजारो तो आपको यह कदम उठाना पड़ेगा अपने देवर की बात सुनकर मैं कंफ्यूजन का शिकार हो गई थी

मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं मेरी नंद की हरकतें तो दिन बदिनी बढ़ती जा रही थी इसलिए मैंने अपने देवर की बात मान ली थी इस तरह मेरी शादी मेरे देवर के साथ हो गई और मेरी नन जो कि मुझे इस घर से निकालना चाहती थी व और ज्यादा परेशान हो गई थी क्योंकि अब इस घर में मेरा मकाम पहले जैसा बन गया था मेरा देवर कह रहा था कि मैं अपनी दीदी की इज्जत करता हूं और उनसे डरता नहीं हूं बस इसीलिए कभी भी मैंने उन्हें कुछ भी गलत करने से रोकने की कोशिश नहीं की

मगर दीदी अब हद से ज्यादा गिरती जा रही हैं इसलिए उनको सबक सिखाने का सिर्फ एक यही अच्छा रास्ता है मेरी नंद ने हम दोनों की शादी पर बहुत हंगामा किया था क्योंकि वह जो चाहती थी वह नहीं हो सका था मेरी नंद फिर से मेरे साथ वही सब कुछ करना चाहती थी जो वह मेरे पहले पति के साथ कर चुकी थी हमेशा मेरे पति को मेरे खिलाफ भड़काना अब वह रोहन के साथ भी ऐसा ही करने लगी थी मगर रोहन उनकी बातों में नहीं आता था

रोहन यही चाहता था कि उनके पति आकर उन्हें यहां से लेकर जाएं और खामोशी से ये मैटर सॉल्व हो जाए मगर ऐसा नहीं हुआ था कुछ दिनों के बाद खबर आई थी कि मेरी नंद के पति ने दूसरी शादी कर ली है मेरी नंद यह बात सुनकर पागल सी हो गई थी क्योंकि वह इतने समय से अपनी ससुराल नहीं गई इसलिए उसके पति ने दूसरी शादी कर ली पति-पत्नी के बीच लड़ाई झगड़े तो होते रहते हैं जिन्हें बैठकर हमेशा सॉल्व कर लेना चाहिए

लेकिन मेरी नंद के अंदर आदत थी कि वह अपने पति से अपनी ही गलती पर लड़कर अपने माइके आ जाती थी और कई-कई महीने यहां पर गुजार लेती थी उसने कभी पीछे पलटकर अपने पति के बारे में सोचा ही नहीं था कि वह कहां होगा कैसा होगा कैसे अपना गुजारा कर रहा होगा वह अपनी पत्नी की हरकतों से तंग आ गया था इसलिए उसने अपनी पत्नी को डिवोर्स देने का फैसला किया और दूसरी शादी कर ली उसने डिवोर्स के पेपर हमारे घर पर भेज दिए थे

मेरी नंद डिवोर्स के पेपर देख देख देख करर बिलख बिलख कर रो र ही थी उसे तो उम्मीद ही नहीं थी कि उसका पति दूसरी शादी भी कर सकता है उसे लगता था कि वह अपने मायके में उससे नाराज रहेगी तो वह भी उसको मनाने के लिए काफी कोशिश करेगा मगर उसने एक बार भी कोई कोशिश नहीं करी थी वह मेरा घर बर्बाद करने की काफी समय से कोशिश कर रही थी लेकिन भगवान हमेशा अच्छे लोगों का साथ देता है

इसलिए भगवान ने मेरा घर मेरे देवर के साथ दोबारा से बसा दिया था जबकि मेरी नंद का तो बसा बसाया ही घर उजड़ गया था मेरी नंद अपने किए पर बहुत पछता है और अब वोह मुझसे माफी मांगती है मैंने उसे माफ तो कर दिया है मगर मेरे दिल में उसके लिए कभी इज्जत नहीं बढ़ सकती क्योंकि वह मेरी जिंदगी में काफी जहर घोल चुकी है और उसने मेरे बच्चे को भी कई बार मारने की कोशिश की है मेरी नंद अब कमरे में हमेशा बंद रहती है और पागलों के जैसी हरकतें करती है

उसके किए की यही सजा है जिसको वह भुगत रही है और कुछ समय के बाद मैंने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया मेरा देवर रोहन जो अब मेरा पति बन गया है वह मेरा और मेरी बेटी का बहुत ख्याल रखता है और मुझसे बहुत प्यार करता है अब मैं अपनी ससुराल में सुकून से रहती हूं अपने पति और अपनी बेटी के साथ खुशी-खुशी जिंदगी गुजार रही हूं जबकि मेरी नंद का पागलपन अब दिन बदिरा है डॉक्टर ने बताया है कि उसे पागल खाने में एडमिट करना होगा

किसी का घर उजाड़ने से पहले हमें अपनी जिंदगी के बारे में सोच लेना चाहिए कि हमारे साथ भी कभी कुछ ऐसा हो सकता है जिससे हमारी जिंदगी भी एक पल में उजड़ सकती है इसीलिए हमेशा लोगों के बारे में अच्छा ही सोचे और उनके साथ अच्छाई करें ना कि बुराई करें जिसकी वजह से आपकी जिंदगी ऐसी ना हो जाए कि आप किसी को मुंह दिखाने लायक ना रहे

 

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