सौतेली माँ | Manohar Kahaniyan | Emotional Hindi Story | Best Hindi Story

Manohar Kahaniyan : मुझे मेरी बेटी से बहुत ज्यादा प्यार था वह कुछ भी कहती मैं मान लेती क्योंकि वह बहुत ज्यादा बीमार रहती थी डॉक्टर ने भी कहा था कि वह बहुत चिड़चिड़ी हो गई है उसकी कोई भी बात आप टालनी नहीं है नहीं तो वह फिर से बीमार हो जाएगी इसीलिए मैं उसकी हर बात मानती थी लेकिन आज जो उसने फरमाइश कर दी वह कुछ अजीब सी थी कहने लगी कि आप मेरी शादी का जोड़ा पहनकर दुल्हन बनकर बैठ जाओ और मैं दूल्हा बनती हूं उसका रात को देर से आता था वह बीमार थी घर के काम नहीं कर सकती थी इसीलिए मैं उनके घर में रहती थी मेरा भी और कोई नहीं था और मेरा दामाद भी बहुत अच्छा था लेकिन जैसे ही मैंने उसकी शादी का जोड़ा पहना मुझे कुछ अजीब सा महसूस होने लगा मुझे ऐसा लगा कि जैसे मुझे ना तो कुछ दिखाई दे रहा है

 और ना ही कुछ सुनाई दे रहा है जब मेरी आंख खुली तो मैं यह देखकर हैरान रह गई कि मेरी बेटी तो उस कमरे में थी नहीं बल्कि मेरा दामाद मेरे साथ बिस्तर पर मेरा नाम माया था और मेरी बेटी का नाम अर्पिता था वह मेरे पति की आखिरी निशानी थी मेरा पति मुझसे बहुत प्यार करता था उसे भी अपनी बेटी से बहुत प्यार था वह कहता था कि मेरे लिए मेरी बेटी ही सब कुछ है

 वह हमारी बेटी से इतना प्यार करता था कि कभी-कभी मुझे ही जलन होने लगती थी वह घर के पैसे भी मेरी बेटी के हाथ में देता था घर में क्या बनेगा यह भी मेरी बेटी ही फाइनल करती थी और जब कभी शॉपिंग करने जाने की बात आती तो वह मेरी बेटी को साथ ले जाता और अपनी मर्जी से ही मेरे लिए कोई साड़ी ले आता था मुझे इस बारे में बुरा नहीं लगता था क्योंकि मैंने तो उसकी मर्जी से ही रहना था

 लेकिन कभी-कभी यह सब कुछ अजीब लगता था पर अगर वह लोग खुश थे तो मुझे क्या आपत्ति थी इसीलिए मैंने इस बारे में कभी ज्यादा बात नहीं की यहां तक कि मेरी बेटी बहुत ज्यादा बिगड़ गई एक दिन मेरा पति इस दुनिया से चला गया वह दिन हमारी जिंदगी का सबसे बुरा दिन था यह एक बहुत ही बुरी दुर्घटना थी और हम इसमें कुछ नहीं कर पाए थे हम उसे बचा भी नहीं सकते थे

 मेरी बेटी बहुत दुखी थी मेरे पति जाते-जाते बस इतना ही कह गए थे कि अर्पिता का ख्याल रखना और मैंने हां में सिर हिला दिया था लेकिन अर्पिता का ख्याल रखना कौन सा आसान काम था वह पहले दिन से ही बीमार रहती थी उसके लिए अलग से खाना बनाना पड़ता था उसे बहुत सारी चीजों से एलर्जी थी पर अब उसके अलावा मेरा था ही कौन वह बहुत ज्यादा जिद्दी थी

 अपनी बात मनवा कर ही रहती थी उसे उसके बाप ने बिगाड़ा था और वह अभी तक उसी तरह से रहना चाहती थी जबकि अब घर मुझे संभालना था मेरे पति की पेंशन मिलती थी तो घर चलने के लिए पैसे की दिक्कत नहीं थी लेकिन जब घर मैं चला रही थी तो फिर मेरा अलग तरीका था और मेरे पति का अलग पर अर्पिता यह मानने को तैयार नहीं थी अभी भी अपनी मनमानी करती थी

 उसको वैसे तो बहुत सी चीजों से एलर्जी थी और पेट का भी दिक्कत था कि वह बीमार बहुत बहुत रहती थी पर अब उसने एक अजीब सी हरकत करनी शुरू कर दी रात होती तो कहने लगती कि मेरा सांस बंद हो रहा है उसकी आवाज भी बदल जाती थी और ऐसी हरकतें करने लगती कि जैसे उसे पर किसी पिशाच का हमला हो गया है एक दो दफा तो मैं बहुत ज्यादा डर भी गई 

फिर उसे डॉक्टर के पास ले गई तो डॉक्टर ने कहा कि डरने की बात नहीं है यह आजकल यह जवान लड़कियों के साथ बहुत हो रहा है तो सब कुछ ठीक हो जाएगा उसकी आत्मा और उसका शरीर शादी मांग रहा है इसीलिए इस तरह की हरकतें हो रही हैं इस बीमारी को हिस्टीरिया कहते हैं और यह आजकल लड़कियों में बहुत ज्यादा हो रही है लेकिन शादी के बाद सब कुछ ठीक हो जाता है 

मैंने कहा कि शादी तो डॉक्टर ने कहा हां शादी आपको अपनी बेटी की शादी नहीं करनी क्या आपने अपनी बेटी की करवा दी शादी मैंने कहा कि नहीं और अर्पिता की उम्र भी शादी की हो ही गई थी पैसों की भी दिक्कत नहीं थी मेरे पति ने उसके लिए एफडी करवाई थी लेकिन यह क्या अचानक से ही बात शादी की होने लगी क्योंकि अभी मैंने सोचा नहीं था

 मैंने उससे पूछा कि क्या तुम शादी करना चाहती हो तो वह इस बात पर शर्माने लगी शादी करना चाहती थी पर शादी हवा में तो नहीं होती ना उसके लिए तो एक लड़का तलाश करना पड़ता है और मैं जानती थी कि मेरी बेटी का गुजारा किसी बहुत बड़े परिवार में नहीं होगा मुझे ऐसा रिश्ता चाहिए था 

जिसमें ना तो उसकी कोई सांस हो ना ही उसके पति की बहाने बाजी हो और ना ही कोई जेठानी देवरानी का चक्कर हो नहीं तो उसने बहुत परेशान होना था और और उन लोगों को भी परेशान करना था अब ऐसा रिश्ता अचानक से तो नहीं मिल जाता मेरी बेटी का एक दिक्कत भी थी कि उसको जो बात करते थे फिर वह उसे बात के पीछे पड़ जाती थी 

अब मैंने शादी की बात कर दी तो बार-बार कह रही थी कि मेरी शादी कराओ फिर मुझे एक रिश्ता मिल ही गया लड़का लड़का नहीं था आदमी था और कोई बहुत ज्यादा अमीर भी नहीं था लेकिन घर उसका बना था छोटा सा ही था पर था अपना और अच्छा इंसान था उसका नाम नी था मुझे लड़का बहुत अच्छा लगा और मैंने शादी पक्की कर दी मैंने अपनी बेटी से कह दिया कि तुम्हारी शादी पक्की कर दी है 

जब उसने लड़के की तस्वीर देखी तो नाक मुंह चिढ़ाने लगी और मैं समझ गई कि अब तूफान आने वाला है लेकिन थोड़ी देर बाद ही कहने लगी कि ठीक है इतना भी बुरा नहीं है ठीक है मैं उससे शादी कर लेती हूं मैं तो अच्छी बैठी हूं ना इसलिए आपकी बात मान रही हूं जबकि मैं अच्छी तरह जानती थी कि वह कितनी अच्छी थी उसने हमें अभी तक बहुत तंग किया था वह नील से शादी करने को तैयार हो गई 

नील ने कहा कि मुझे दहेज वगैरह तो चाहिए नहीं और मेरे पास ज्यादा पैसे भी नहीं है इसलिए बस मंदिर में ही दोनों की शादी करवा दो मैं इस बात पर हैरान थी कि वह मेरी हर बात मान रही थी मुझे तो लगा था कि कहेगी कि नहीं मैंने तो बहुत बड़ी शादी करनी है सब लोगों को बुलाना है मेरा दूल्हा घोड़े पर बैठकर आए और मैं दुल्हन की तरह एंट्री मारूंगी उसने मेरी सारी बातें मान ली 

और मैंने ने उसकी शादी करवा दी मुझे इस बात की खुशी थी कि चलो शादी हो गई है ठीक हो जाएगी क्योंकि शादी के बाद तो बड़े-बड़े ठीक हो जाते हैं और फिर एक औरत की जिंदगी शादी के बाद ही शुरू होती है उसकी अपनी तो जिंदगी नहीं होती जो पति कहता है उसने वही करना होता मैंने नहीं बताया था कि मेरी बेटी इतनी ज्यादा जिद्दी है और उसने हम सबको तंग किया हुआ है 

मैंने कहा था कि अच्छी लड़की है तुम्हारे साथ अच्छी तरह रहेगी उसने कहा कि आपकी बेटी वाकई बहुत अच्छी है शादी हो चुकी थी मुझे लगा कि सब कुछ ठीक है लेकिन एक हफ्ते बाद ही नील ने मुझे फोन किया और कहा कि मां जी आपकी बेटी से घर संभाला नहीं जा रहा है वह अच्छा खाना भी नहीं बनाती है और पूरा दिन अकेले रहने की वजह से मेरे साथ झगड़ा भी करने लगी है 

आप भी तो वहां अकेली रहती हैं आप अगर इस घर में आकर रह ले तो क्या बुरा है यह बात आपकी बेटी ने नहीं कही है आप खाना भी बना दिया कीजिएगा आपने खुद भी तो खाना है और आपकी बेटी भी अकेली नहीं रहेगी मुझे इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी मेरा अपना फ्लैट है और आप किराए पर रहती हैं आपका भी फायदा हो जाएगा बात तो ठीक थी मुझे भी मेरी बेटी की याद आ रही थी 

और अकेले रहकर मुझे थोड़ा डर भी लग रहा था अगर मेरे दामाद को कोई परेशानी नहीं थी तो मुझे क्या दिक्कत हो सकती थी मेरा थोड़ा बहुत सामान था मैंने घर वापस कर दिया सामान बेच दिया और अपना सामान लेकर अपनी बेटी के घर रहने के लिए आ गई अब जब से मैं आई थी वह बहुत खुश थी घर में खाना मैं ही बनाती थी घर के काम भी मैं ही करती थी मेरी बेटी पूरा दिन आराम करती थी

 पर खुश रहती थी उसका पति भी खुश था वे लोग कहीं बाहर जाते तो मैं बीच में नहीं बोलती थी लेकिन वे वापस आते हुए मेरे लिए भी खाना लेकर आते थे कभी-कभी हम लोग एक साथ भी चले जाते थे मैं अपनी बेटी को बहुत समझाती थी वह कहती थी कि बाकी सब तो ठीक है लेकिन नील की कमाई ज्यादा अच्छी नहीं है बस एक घर ही है उसके पास और कुछ भी नहीं है 

मैंने कहा कि अब तुम आ गई हो ना तो तुम्हारे हिस्से का भी भगवान उसको देगा और फिर सब कुछ ठीक हो जाएगा उसने कहा कि हां लेकिन तब तक हम लोग बूढ़े हो जाएंगे फिर पैसों से हम लोग दवाइयां ही खरीद पाएंगे और कुछ नहीं कर पाएंगे इसलिए कुछ और ही करना पड़ेगा मेहनत तो बहुत करते हैं सुबह जाते हैं रात को आते हैं कभी-कभी तो रात को भी नहीं आते हैं

 और सुबह-सुबह टाइम आते हैं आपको तो पता ही है मैंने कहा कि हां मेहनत तो करता है भगवान उस पर कृपा करें और सब कुछ ठीक हो जाए एक दिन वह झगड़ा कर रहे थे मैं अपने कमरे में थी उनके कमरे से मुझे झगड़ने की आवाज आ रही थी फिर मैंने कहा कि पति-पत्नी में तो झगड़ा हो ही जाता है मुझे बीच में नहीं बोलना चाहिए क्योंकि सुबह को दोनों आपस में बिल्कुल ठीक तरीके से बात कर रहे थे

 इतना तो नॉर्मल है मैंने भी तो शादी की जिंदगी गुजारी थी एक दिन मुझे मेरी बेटी ने एक बड़ी अजीब सी बात कर दी उसने कहा कि ऐसे ही बैठे-बैठे बोर हो रहे हैं एक काम करते हैं मम्मी आप मेरी शादी का लहंगा पहन लो और आप दुल्हन बन जाओ और मैं दूल्हा बन जाती हूं और खेलते हैं मैंने कहा कि यह क्या बात कर रही हो तुम बेटा यह किस किस्म का खेल है 

वह कहने लगी कि फिर और क्या करें आप भी तो बोर हो रही हैं और मेरे जैसी ही दुबली पतली सी तो है आपको मेरा लहंगा आ जाएगा जाओ ना मेरा लहंगा पहन के आओ मैं तो आपकी शादी में थी नहीं मैंने तो आपको दुल्हन बने हुए भी नहीं देखा इस बात पर मैं हंसने लगी मैंने कहा कि भला संतान भी मां-बाप की शादी में होती है क्या वह फिर से पहले वाली जिद करने लगी 

मुझे पता था कि शायद इस पर फिर से मूड स्विंग हो रहा था डॉक्टर ने कहा था कि उसे मूड स्विंग बहुत ज्यादा होता है तो फिर मेरे साथ भी झगड़ा करती और आज नील की भी बारी आ जाती इसलिए मैंने उसकी बात मान ली और कहा कि ठीक है मैं जाकर दुल्हन बनकर आ गई और वह बाहर अपने पति की शेरवानी पहनकर खड़ी थी उसके हाथ में एक दूध का गिलास भी था 

वह की तरह बोलने लगी और कहने लगी कि लो यह दूध पी लो मेरी जान मैं हंसने लगी और मैंने वह दूध भी पी लिया लेकिन उसके बाद मुझे पता नहीं क्या हुआ जब मेरी आंख खुली तो मैं अपने कमरे में थी और अभी तक मैंने वही कपड़े पहन रखे थे लेकिन मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था मैं यह सोच रही थी कि मैं किस समय सोई मुझे तो पता ही नहीं चला और मैंने रात का खाना भी नहीं बनाया 

बच्चे बेचारे कहीं भूखे तो नहीं सो गए मैंने सुबह अर्पिता से पूछा तो उसने कहा कि नहीं नहीं आप सो गई थी इसलिए हमने आपको जगाया नहीं और खाना हमने बाहर से ऑन आर्डर कर लिया था मैंने कहा कि क्या मुझे माफ कर दो मुझे पता ही नहीं चला मैं कैसे सो गई उसने कहा कि कोई बात नहीं मम्मी कभी-कभी ऐसा हो जाता है वैसे अभी आपकी इतनी उम्र नहीं है

 लेकिन बस कभी इंसान भूल भी जाता है कोई बात नहीं हमने खाना ऑर्डर कर लिया था बल्कि आपके लिए भी रख दिया था आप वह खाना दोपहर में खा लेना और हमारे लिए कुछ और बना देना मैंने कहा ठीक है बेटा जब एक बात आपके दिमाग में ना हो तो फिर वह बात आपके दिमाग में आती भी नहीं है इसलिए मुझे नहीं पता था कि मेरे साथ क्या हो रहा था 

लेकिन आजकल मेरी बेटी हर दूसरे तीसरे दिन यही जिद्द करती चलो दूल्हा दुल्हन खेलते हैं कभी यह कहती कभी कहती तो चलो तैयार होते हैं बस उसका मकसद मुझे तैयार करवाना होता था मेरी जिंदगी भी बड़ी अजीब सी रही थी मैं भी दुबली पतली थी जब मेरी शादी हुई थी तो सच में मेरी उम्र बहुत कम थी इसलिए मैं अभी भी जवान लगती थी मेरा दामाद तो अच्छा था 

लेकिन वही बात है पैसों का थोड़ा परेशानी था लेकिन आजकल इतने सारे पैसे कहां से आ रहे थे वह रोज कोई ना कोई चीज लेकर आता मेरे लिए भी बहुत सारी चीजें लेकर आया था और अपनी बीवी के लिए तो उससे भी ज्यादा अब मेरी बेटी भी उसके साथ बहुत अच्छे तरीके से रह रही थी घर में झगड़ने की आवाज नहीं आती थी इसलिए मैं भी हैरान थी कि अचानक से इतने सारे पैसे कहां से आ रहे हैं

 मैंने एक दिन अपने दामाद से पूछ लिया कि बेटा कहीं तुमने हालात से तंग आकर कोई ऐसा वैसा काम तो नहीं शुरू कर दिया तो वह हैरान हुआ उसने कहा कि नहीं मम्मी जी ऐसा कुछ नहीं है मैं मेहनत करता हूं मैंने दोदो जगह नौकरी करनी शुरू कर दी है इसलिए मेरी पगड़ डबल हो गई है लेकिन आप परेशान नहीं हो एक दिन उसने मेरी बेटी को बहुत सारे पैसे दिए 

मैंने कहा कि बेटा इतने पैसे क्यों लिए अपने पति से घर में तो सब कुछ है भगवान की बड़ी कृपा है उसने कहा कि आज हम लोग पार्लर जा रहे हैं मैंने कहा कि जो पार्लर में जिंदगी में कभी नहीं गई थी अपनी शादी पर भी नहीं और मैंने अपनी बेटी को भी ऐसी आदत नहीं डाली थी वह कहने लगी हां पार्लर जाएंगे और अपने आप खूब साफ करवाएंगे 

अपने बाल भी कटंगी और बालों को सीधा भी करवाऊंगी मैंने कहा इस सब की क्या जरूरत है यह सब तो फिजूल खर्ची है उसने कहा कि अरे मां जब मेरे पति ने खुद पैसे दिए हैं तो आपको क्या दिक्कत है बस चलें मेरे साथ खाना भी बाहर खाएंगे वह तो वैसे भी अपने ऑफिस में ही खाना खा लेता है शाम को वापस आएंगे मैंने कहा तुम्हारी खुशी है तो चलो चलते हैं मैं उसके साथ चल पड़ी

 लेकिन यह देखकर हैरान थी कि उसने मेरे नाम से अपॉइंटमेंट ली हुई थी और वह कह रही थी कि मैं अपने बाल सीधे करवाऊंगी बाल कटंगी लेकिन वह तो सारे काम मेरे ही करवा रही थी उसने पहले मेरे पांव साफ करवाए और फिर हाथ यानी मैनीक्योर किया और पेडीक्योर करवाया उसके बाद मेरे बालों को थोड़ा सा कटवाया बालों का रंग भी बदला मेरे कुछ बाल सफेद हो रहे थे 

तो उसने उन पर कलर करवा दिया और इस सब के दौरान मैं उसे मना करती रही कि ऐसे नहीं करो मैं बूढ़ी हो गई हूं तुम क्यों ऐसे कर रही हो मुझे यह सब अच्छा नहीं लग रहा था ऊपर से लोग क्या कहेंगे कि इसको क्या हो गया है पर वह जिद करके हमेशा से ही बात मनवाती थी आज भी उसने ही किया और यह सब कुछ करवा लिया जब मैं वहां से बाहर निकली तो बिल्कुल पहचानी ही नहीं जा रही थी 

उसने कहा कि आप बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हो लेकिन यह देखकर मैं हैरान रह गई कि मेरी बेटी ने अपने लिए तो कुछ भी नहीं करवाया मैंने कहा कि तुमने तो कुछ नहीं करवाया तुम तो बड़े चाव से घर से निकली थी उसने कहा कि मैं फिर आ जाऊंगी ना पर अब मैं अपने दामाद के सामने जाते हुए शर्मिंदा हो रही थी वह क्या सोचेगा कि मम्मी जी को क्या हो गया लेकिन जब उसने मुझे देखा तो उसने कहा बहुत सुंदर लग रही है

 बहुत अच्छी लग रही है फिर मेरी बेटी मुझसे पूछने लगी कि क्या आपने बाबू जीी के जाने के बाद दूसरी शादी के बारे में क्यों नहीं सोचा था मैंने कहा कि नहीं मेरे दिमाग में ऐसी कोई बात नहीं आई बस अब क्या रह गया जो मैं दूसरी शादी करूं तो उसने कहा कि नहीं अभी तो आपका कुछ नहीं बिगड़ा मैंने कहा तुम ऐसी बातें नहीं करो अपने घर पर वक्त दो

 और आज तुमने ने मुझ पर पूरा दिन जाया कर दिया और अपने पति के कितने सारे पैसे भी इसका क्या फायदा तो कहने लगी कि अब मैं आपको तैयार करूंगी और आपकी अच्छी-अच्छी तस्वीरें बनाऊंगी मुझे तो यह समझ नहीं आती वह क्यों मुझे तैयार करती थी और कोई ना कोई बहाना करके रोज मुझे तैयार करवा देती थी अब मुझे अजीब सा लगता था मेरी उम्र भी नहीं थी ऐसा कुछ करने की और मैं थक भी जाती थी

 दो घंटे लगाकर तो वह मेरा मेकअप करती थी एक दिन वैसे ही मेरा मेकअप कर रही थी कि दा आ गया मैं बड़ी शर्मिंदा हुई कि क्या सोचेगा लेकिन वह भी खुश हो गया और पास खड़ा हो गया और कहने लगा मम्मी जी आप तो बड़ी सुंदर लग रही हैं मैंने कहा कि चलो अगर बच्चे खुश होते हैं तो मैं क्यों इतना सोच रही हूं उन दोनों ने मेरे साथ सेल्फी बनाई और मेरी बेटी ने पोस्ट भी की 

और लिखा कि मेरी मम्मी देखो इस उम्र में भी कितनी सुंदर है और फिर वह मुझे बाद में कमेंट भी दिखाने लगी लोग बड़ी तारीफ कर रहे थे और कह थे कि फिर तो आप भी बड़ी सुंदर होंगी अगर आपकी मम्मी इतनी सुंदर है तो एक आदमी ने तो कोई अच्छा कमेंट नहीं किया तो मेरी बेटी ने उसके साथ लड़ाई करनी भी शुरू कर दी मैंने उसे कहा कि छोड़ो ऐसे लोगों से झगड़ा करके क्या फायदा उनका तो काम यही होता है 

सारे बैठे होते हैं तो इसी तरह के कमेंट करते रहते हैं लेकिन एक बात बड़ी अजीब थी कि जिस दिन वह मुझे तैयार करती उस दिन मुझे बहुत ज्यादा नींद आती थी ऐसा लगता था कि जैसे मैं बेहोश हो गई हूं मुझे पता ही नहीं चलता था कि मैं किस समय सोई हूं और किस समय उठी हूं और अगले पूरे दिन मैं बहुत सोचती रहती थी लेकिन मेरी बेटी मुझे कुछ नहीं कहती थी और मेरे हिस्से के काम खुद कर लेती थी

 खाना भी बाहर से ऑर्डर कर लेती थी मैं उसे कहती थी कि शायद मैं बीमार हूं तो वह कहती थी कि लगता है आपको किसी की नजर लग गई है मेरी तबीयत आज फिर ठीक नहीं थी मेरी एक दोस्त थी जो दूसरे शहर में रहती थी मैंने उसे बताया तो उसने कहा कि तेरी बेटी की शादी हो गई है अब तुझे क्या टेंशन है तू कुछ दिनों के लिए मेरे पास आा मैंने भी अपने बेटे की शादी करती है 

और वह हनीमून पर गया हुआ है मैं भी अकेली हूं दोनों बहाने एक साथ बैठेंगे बातें करेंगे वह मुझे अपनी बहन ही कहती थी क्योंकि वह मेरी बहनों जैसी थी मैंने कहा कि ठीक है मैं आती हूं और मैं तैयारी करने लगी मैंने बैक पैक कर लिया और फिर मैंने अपनी बेटी को बताया कि मैं सुबह की ट्रेन से जा रही हूं अपनी दोस्त के घर और कुछ दिन वहीं रहूंगी मेरी तबीयत आजकल कुछ ठीक नहीं है

 इसीलिए शायद हवा पानी बदल जाए तो मैं ठीक हो जाऊंगी पर यह सुनकर तो मेरी बेटी ऐसे घबरा गई जैसे अगर मैं यहां पर नहीं रही तो उसे सांस ही नहीं आएगा उसने कहा कि आप कैसे जा सकती हैं आपने हमें बताया भी नहीं और ट्रेन की टिकट भी बुक करा ली मैंने कहा कि मैंने टिकट नहीं बुक कराई लक्ष्मी ने करवाई है और फिर ज्यादा दूर तो नहीं जा रही हूं

 जल्दी वापस आ जाऊंगी कहने लगी कि नहीं नहीं आप नहीं जा सकती मैंने कहा कि कि अच्छा ठीक है दो दिन में वापस आ जाऊंगी तो कहने लगी कि आप एक दिन के लिए भी गई तो बहुत बड़ी आपत्ति आ जाएगी मैंने कहा कि कैसी आपत्ति बेटा यह कैसी बातें कर रही हो ऐसा लगा कि जैसे वह कुछ ऐसा बोल बैठी जो उसे नहीं बोलना चाहिए था मैंने कहा कि आपत्ति की बात कर रही हो क्या 

तुम दो दिन खाना नहीं बना सकती हो इतना तो तुम्हें खाना बनाना आता ही है और फिर ऑर्डर कर लेना बेटी मैं जाना चाहती हूं मैंने उसे कहा अगर मैं नहीं गई तो उसका दिल टूट जाएगा मैंने जैसे ही कहा कि मैं नहीं गई तो उसका दिल टूट जाएगा तो मेरी बेटी कहने लगी कि अगर आप चली गई तो हमारा भी बहुत कुछ बर्बाद हो जाएगा वह गुस्से से बोल रही थी उसे कभी भी अपने गुस्से पर काबू नहीं था 

इतने में मेरा दामाद भी वहां पर आ गया और उसने कहा कि क्या हो गया क्यों झगड़ा कर रही हो तो मैंने अपने दामाद से कहा कि बेटा देखो इतनी सी बात है और यह ऐसा कह रही है मुझे यकीन था कि मेरा दामाद अपनी पत्नी को समझाएगा कहेगा कि क्यों कर रही हो मम्मी जी को जाने दो लेकिन वह भी अपनी पत्नी के साथ मिल गया और कहने लगा कि हां आपको नहीं जाना चाहिए नहीं

 तो पीछे घर के काम कैसे होंगे आपको तो अपनी बेटी का पता है ना यह ठीक से काम नहीं कर सकती है फिर आप इसके हवाले सब कुछ करके कैसे जा सकती हैं मम्मी जी आपको खुद सोचना चाहिए इतनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए मैं हैरान रह गई कि क्या इन लोगों ने मुझे घर के कामों के लिए रखा हुआ है और मैं दो दिन के लिए भी कहीं नहीं जा सकती क्या मेरी अपनी कोई जिंदगी नहीं है

 वैसे भी मैंने अपनी बेटी की शादी करवा दी थी अब उसके घर को चलाना तो मेरा काम नहीं था क्या मेरा दामाद ने इसीलिए मुझे इस घर में रखा था क्योंकि वह नौकरानी नहीं रखना चाहता था मुझे भी गुस्सा आ गया और मैंने कहा कि मैं सुबह जा रही हूं क्योंकि अब टिकट बुक हो चुकी है और मैं अपनी दोस्त का दिल नहीं तोड़ सकती तुम लोग मैनेज कर लेना इतनी भी कोई आपत्ति नहीं आ जाएगी 

कुछ इतना बुरा भी नहीं हो जाएगा वैसे भी अगर मैं इस घर में नहीं रहती तो फिर तुम लोग क्या करते यहां पर मेरा रहना तो नहीं बनता है ना यह तो मेरी बेटी का घर है जब उन्होंने देखा कि मैं तो गुस्सा ही हो गई हूं तो वह दोनों चुप हो गए और मैं अपने कमरे में चली गई मेरी सुबह की ट्रेन थी लेकिन रात को मुझे अजीब सी आवाज आई मेरे दामाद ने मेरे कमरे का दरवाजा बजाना शुरू कर दिया

 मैं हैरान रह गई पता नहीं इस समय यह मेरे कमरे में क्यों आ रहा है तो उसने कहा कि अर्पिता को कुछ हो गया है चले मेरे साथ उसको कुछ हो गया है जब मैंने अर्पिता को देखा तो उसकी हालत बहुत बुरी थी उसको दौरा पड़ चुका था उसे अस्पताल ले गए तो डॉक्टर ने भी यही कहा कि दौरा पड़ा है इसलिए इसका बहुत ख्याल रखना पड़ेगा और बेड रेस्ट करवाना पड़ेगा 

यह बात भी बहुत अजीब सी थी कि इससे पहले भी उसकी तबीयत खराब होती थी लेकिन शादी के बाद उसकी तबीयत पहली बार खराब हुई थी और कभी भी किसी डॉक्टर ने उसको बेड रेस्ट करवा ने को नहीं कहा था पर वह बहुत बीमार लग रही थी मेरे दामाद ने कहा कि अब आप मत जाइएगा अगर आप चली गई तो इसका ख्याल कौन करेगा आपको तो पता है मैं दो जगह काम करता हूं

 मैंने कहा कि हां बात तो तुम्हारी ठीक है अपनी दोस्त को फोन करके मैं माफी मांग ली उसका भी दिल टूट गया उसने कहा कि मैंने तो सारी तैयारी कर ली थी चलो कोई बात नहीं बेटी का मामला है उसने तो बात मान ली पर मुझे भी बहुत बुरा लगा लेकिन मैं हैरान रह गई कि अगले ही दिन मेरी बेटी बिल्कुल ठीक हो गई और फिर से मुझे कहने लगी कि मैं आपको तैयार करती हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है 

मैंने कहा कि तुम खुद क्यों नहीं तैयार होती अपने आप को देखो खुद तैयार होकर खुश हुआ करो तो उसने कहा कि नहीं मुझे तो आपको तैयार देखकर खुशी मिलती है लेकिन वह ऐसा कब से सोचने लगी थी वह तो हमेशा मुझसे लड़ती झगड़ी रहती थी एक दिन मैंने सोचा कि मुझे इनकी बातें सुननी चाहिए क्योंकि उनकी बातें समझ नहीं आ रही थी 

और जब मैंने उनकी बातें सुनी तो मैं हैरान रह गई मेरी बेटी मेरे दामाद को कह रही थी कि भगवान का शुकर है कि मम्मी को जाने से रोक लिया अगर वह चली जाती तो पता है कितना नुकसान हो जाता वह कहने लगा कि हां नुकसान भी हो जाता और लोग जो हमारे पीछे पड़ जाते उसका क्या करते वैसे मुझे नहीं लगता था कि तेरी मां हमारे लिए इतना फायदा करवा सकेगी मुझे तो लगा था

 तेरा आईडिया बेकार है मेरी बेटी कहने लगी कि मैं अपनी मां को अच्छी तरह जानती हूं वह बहुत ज्यादा सुंदर हैं और अभी इतनी उम्र नहीं है उनकी और आजकल लोगों की पसंद बदलती जा रही है मुझे उनकी बातें ठीक से समझ नहीं आ रही थी ऐसा तो नहीं लग रहा था कि वह यह बात कह रहे थे कि मेरा घर के काम करने की वजह से उनका फायदा हो रहा है वे कुछ और ही बोल रहे थे

 मेरा दामाद कहने लगा कि पर अब जो कुछ भी करना है बहुत सोच समझकर करना होगा क्योंकि अगर तेरी मां को पता चल गया कि इस घर में क्या हो रहा है तो फिर हम दोनों का बहुत नुकसान हो जाएगा उसने कहा बात तो ऐसी ही है पर उनको पता नहीं चलेगा हां कभी-कभी उनको जब मैं तैयार करवाती हूं तो मुझे बड़ा अजीब लगता है वह भी मुझसे सवाल करती हैं लेकिन मैं समझा लेती हूं

 अगर मैं ना आती तुम्हारी जिंदगी में तुम क्या करते तुम्हारे पास था ही क्या नौकरी तो तुम्हारी है नहीं जब मैंने अपनी बेटी की यह बात सुनी तो मैं हैरान रह गई पर मेरा दामाद तो कहता था कि वह दोदो जगह नौकरी करता है फिर यह क्यों कह रही थी कि तुम्हारी नौकरी नहीं है एक दिन मैं उसके पीछे चली गई और यह देखकर हैरान रह गई कि वह किसी ऑफिस या किसी दुकान में नहीं गया

 बल्कि जाकर चाय की दुकान पर बैठ गया मैं उसके पीछे जाकर बैठ गई उसे नहीं पता था कि मैं पीछे बैठी हूं क्योंकि उसे क्या पता कि मैं उसका पीछा कर रही हूं वह फोन पर बात कर रहा था और अपने किसी दोस्त को कह रहा था कि तुम्हें तो पता है मैं पूरा दिन घूमता ही रहता हूं तुम्हारे पास आ जाऊंगा तुम्हारे साथ चाय भी पी लूंगा दो चार घंटे भी गुजार लूंगा अरे खाने की मेरी तरफ से फिक्र नहीं करो मेरे पास बहुत सारे पैसे हैं 

हां ठीक है अब समय गुजारने के लिए कुछ तो करना होगा ना अरे अगर मेरे मजे लगे हैं तो बिना वजह थोड़ी लगे हैं मैंने अपनी अक्ल इस्तेमाल की है ऐसी पत्नी तो भगवान सबको दे जिसने मेरी जिंदगी में आकर मेरे लिए इतनी आसानी कर दी वरना दो दो टके के लोगों की बातें सुननी पड़ती थी और मिलता भी कुछ नहीं था अब तो घर बैठकर ही बिना कुछ किए इतने पैसे कमाता हूं यह बात तो बहुत ज्यादा उलझी जा रही थी

 कौन से पैसे यह कैसे पैसे कमाता था जब मेरी बेटी कह रही थी कि यह नौकरी नहीं करता तो फिर यह पैसे कहां से कमा रहा था और यह लोग मुझे घर से निकलने क्यों नहीं देते थे मुझे ऐसा क्यों लगता था जैसे मैं बेहोश हो गई हूं आज फिर मेरी बेटी मुझे कहने लगी आपको दुल्हन बनाना है 

चले तैयार हो जाएं मैंने उसकी बात तो मान ली लेकिन जब वह मेरे लिए दूध का गिलास लेकर आई तो मैंने उसके सामने वह दूध का गिलास पीने का नाटक किया लेकिन असल में दूध फेंक दिया थोड़ी देर बाद मुझे कहने लगी कि आपको नींद नहीं आ रही मैंने कहा कि हां बहुत नींद आ रही है

 क्योंकि मैं समझ गई थी कि मुझे नींद इसलिए आती थी क्योंकि मेरे दूध में यह लोग कुछ मिला दिया करते थे पर मैं सोने का भी नाटक करने लगी और जब सो गई तो थोड़ी देर बाद ही मेरा दामाद वहां पर आ गया जबकि इस समय तो वह घर में नहीं आता था और उसके साथ कोई और आदमी भी था वह अकेला नहीं था थोड़ी देर के बाद वह आदमी भी कमरे में था 

और मेरा दामाद भी जब मेरी अचानक से आंख खुल गई और मुझे होश में देखकर वे सब लोग घबरा गए और मैं समझ गई कि यहां क्या हो रहा था यह लोग मेरा सौदा कर रहे थे और इसलिए मुझे तैयार करते थे मुझे पार्लर ले जाकर अच्छे कपड़े पहनाते थे मेरा ख्याल रखते थे क्योंकि रोज रात को यह कि कि ना किसी आदमी को बुला लेते थे तभी तो मुझे यहां से जाने नहीं देना चाहते थे

 एक दिन का भी नुकसान नहीं करना चाहते थे इसीलिए मेरा दामाद कह रहा था कि मैं तो घर बैठे ही इतने सारे पैसे कमा रहा हूं यह सुनकर मुझ पर क्या गुजरी मैं ही जानती हूं मैं बहुत रोई मुझे बहुत बुरा लगा पुलिस के पास गई उनको सब कुछ बता दिया अपने दामाद को भी पकड़वा दिया और बेटी को भी अब आप लोग सोच रहे होंगे कि मेरी बेटी ने अपनी मां के साथ ऐसे कैसे कर लिया क्या कोई बेटी अपनी मां के साथ ऐसा कर सकती है

 वह मेरी बेटी नहीं थी मेरे पति की पहली पत्नी से थी और मेरे पति ने मुझे कहा था कि हमेशा उसका ख्याल रखना मैंने मां बनकर ही उसका ख्याल रखा जब मैंने उसके बाप से शादी की तो उस वक्त वह सिर्फ 4 साल की थी और मुझे नहीं लगता था कि उसे यह बात पता है लेकिन शायद उसे यह बात पता थी तभी उसने मुझे इस तरह से इस्तेमाल किया था

 जब मैं उसके पास गई तो उसने यही कहा कि मैंने जो किया बहुत अच्छा किया आपने एक गरीब आदमी से मेरी शादी करवा दी उसके पास था ही क्या और फिर मैं क्या करती पैसे कमाने के लिए मुझे और कोई रास्ता समझ नहीं आया तो मैंने आपको ही इस्तेमाल किया आप कौन सा मेरी अपनी मां हो मैंने कहा कि तुम्हें कब पता चला कि मैं तुम्हारी मां नहीं हूं उसने कहा कि जब मैं 14 साल की थी मुझे तभी पता चल गया था मुझे मेरे बाबू जी ने ही बताया था 

मैंने कहा कि फिर तुम्हें यह नहीं लगा कि मैं तुम्हारी मां नहीं हूं फिर भी मैंने तुम्हें कितने चाव से कितनी मेहनत से पाला है सारी सारी रात तुम्हारे लिए जागी हूं तुम्हारी पसंद के खाने बनाए तुम्हारी बीमारी को बर्दाश्त किया तुम्हारे नखरे सहे तुम्हारी जिद को सहा और तुमने मेरे साथ क्या किया वह कहने लगी कि जब मेरा आपसे कोई रिश्ता ही नहीं था

 तो फिर आपने जो कुछ भी किया अपने लिए किया आपने भी तो मेरे बाप से शादी की थी और आप भी तो अकेली थी मैंने जो भी किया मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता मेरे पति की पहुंच बहुत ऊपर तक है क्या मिलेगा यहां से निकाल देंगे लेकिन आप कहां जाओगी उसे अभी भी कोई भी शर्मिंदगी नहीं थी वह बिल्कुल सामान्य थी यह देखकर मेरे दिल से उसके लिए आखिरी जज्बा आखिरी एहसास भी निकल गया 

और मैंने कहा कि ठीक है तुम यहां से बाहर निकलो या जहां भी जाओ तुम्हारा आज के बाद मुझसे कोई रिश्ता नाता नहीं होगा इस बात से मुझे ही तकलीफ हुई क्योंकि मैंने उसे अपनी बेटी समझकर पाला था लेकिन फिर जब मैं वह सब याद करती थी तो मैं उसे भूल जाती थी और इस तरह मैं एक महिला केंद्र में चली गई और वहीं पर रहती हूं और अपनी बाकी की जिंदगी इज्जत से गुजार रही हूं

 लेकिन जब यह सब कुछ सोचती हूं तो मुझे बहुत बुरा लगता है मुझे कहीं ना कहीं से खबर मिल जाती है और पता चला है कि वे दोनों पति-पत्नी जेल से तो छूट गए हैं साथ ही अब वे पूरा दिन एक दूसरे के साथ लड़ाई झगड़ा करते हैं उनके घर से झगड़े की आवाज आती है मोहल्ले वाले भी हैरान रहते हैं कि इनको क्या हो गया पहले तो इतना नहीं लड़ते थे आजकल पागलों की तरह लड़ते हैं जाहिर है 

अब एक दूसरे से ही झगड़े कर रहे हैं क्योंकि पहले तो मुझ से कमाई कर रहे थे लेकिन अब शायद यह सब कुछ खत्म हो गया है इसीलिए एक दूसरे से झगड़ रहे हैं पर मेरे साथ अच्छा नहीं किया मैं सौतेली थी तो क्या हुआ मां तो थी मुझे ऐसा लगता है कि जो मां होती है

 वह मां ही होती है वह कभी सौतेली नहीं होती लेकिन यह समाज तो हमेशा सौतेली मां को बुरा समझता है कि मां ही बच्चे के साथ बुरा करती होगी पर मेरी कहानी सुनकर आप लोगों को क्या लगता है आप लोग बताओ इसमें मेरी क्या गलती थी मैंने तो उसके लिए अपना सारा जीवन लगा दिया लेकिन उसने मेरे साथ कितना घटिया खेल खेला इतना बुरा कोई किसी के साथ करता है भला? 

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