बेटियां बेटो से कम नहीं होती। Manohar Story | Best Hindi Story | Short Story In Hindi

Manohar Story : मेरा नाम आरुष है मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से बिलोंग करती हूं मेरी उम्र 24 साल है 24 साल की उम्र में मैंने एक पुलिस वाले के साथ मिलकर एक ऐसे केस को हैंडल किया था जिसको पूरी पुलिस की टीम मिलकर भी नहीं सुलझा पा रही थी मैं एक मामूली से परिवार में रहने वाली लड़की थी और एक मामूली लड़की थी जो ना तो कोई नौकरी करती थी और ना ही बाहर की जिंदगी में कोई इंटरेस्ट रखती थी मेरी खुशकिस्मती यह थी कि मैंने एक ऐसे परिवार में जन्म लिया था

जहां पर बेटियों को बहुत शुभ माना जाता था मेरे मम्मी पापा हम लोगों से बहुत प्यार करते थे जबकि हम सिर्फ दो ही बहनें थे हमारा कोई भाई भी नहीं था मैं बड़ी बहन थी और मुझसे छोटी मेरी एक बहन थी आरोही हम दोनों ही बहनें एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे हमारे पेरेंट्स ने हमेशा वह काम किया था जो हमारी मर्जी का होता था उन्होंने हमेशा हमारी हर ख्वाहिश को पूरा किया था यहां तक कि घर में वही होता था जैसा हम कहते थे मेरे पापा के लिए तो उनकी दो बेटियां बहुत लगी थी

क्योंकि जिस दिन मैं पैदा हुई थी उस दिन मेरे पापा की अच्छी कंपनी में नौकरी लगी थी उससे पहले उनके हालात बहुत कमजोर थे और फिर जब मेरी छोटी बहन पैदा हुई तो मेरे पापा ने अपनी कार खरीदी थी इसलिए हम दोनों ही बहनों को मेरे पापा अपने लिए जैकपॉट मानते थे हम दोनों बहनों की जिंदगी बहुत अच्छी थी क्योंकि जिसको इतने अच्छे माता-पिता मिले उसकी जिंदगी आसान हो जाती है और जिंदगी का असल मजा ही अपने परिवार के साथ आता है

मेरी पढ़ाई कंप्लीट ट हो चुकी थी मैं आगे नहीं पढ़ना चाहती थी बीएससी करने के बाद मैं आगे पढ़ने में कोई इंटरेस्ट नहीं रखती थी और ना ही मैं जॉब करना चाहती थी मुझे कुकिंग का बहुत शौक था इसीलिए मैं नए-नए टाइप की डिशेस बनाती रहती थी और घर के सारे काम करना मुझे बहुत पसंद था मेरी मम्मी कहती थी कि तुम्हारे ससुराल वाले तुमसे बहुत इंप्रेस होंगे तुम जिस घर जाओगी उस घर को चमका के रख दोगी जबकि मेरी छोटी बहन को पढ़ाई लिखाई का बहुत शौक था

वो पढ़ाई कंप्लीट होने के बाद जॉब करना चाहती थी ऐसा नहीं था कि हमारे घर में किसी तरह की कोई परेशानी थी हमारे पापा ने हम दोनों बहनों को कभी किसी चीज की परेशानी ही नहीं होने दी थी हमारे मुंह से निकलने से पहले ही वह चीज हमारे घर में आ जाया करती थी मेरी बहन को सिर्फ और सिर्फ नौकरी करने का शौक था वह नौकरी करने के बाद अपने शौक को पूरा करना चाहती थी

जबकि मेरे पापा का कहना था कि जैसा मेरी बेटियां कहेंगी मैं वैसा ही करूंगा हम दोनों बहनें ज्यादातर एक जैसे ही कपड़े पहना करते थे क्योंकि हम दोनों बहनें हाइट हेल्थ में एक जैसे ही थे मेरी छोटी बहन आरोही मुझसे सिर्फ 2 साल छोटी थी इसलिए हम दोनों बहने एक दूसरे के साथ फ्रेंड्स की तरह रहते थे कभी हम दोनों के बीच झगड़ा ही नहीं हुआ था जिंदगी बहुत अच्छी गुजर रही थी लोग मेरे पापा से कहते थे कि तुम्हारी दोनों बेटियां जवान हैं

और खूबसूरत हैं तुम अपनी बेटियों की जल्द से जल्द शादी कर दो मगर हम दोनों बहनें ही अभी शादी नहीं करना चाहते थे और हमारे मम्मी पापा कभी हमारी मर्जी के खिलाफ नहीं गए थे हम अपने रिश्तेदारों और आस पड़ोस के लोगों से बहुत परेशान थे क्योंकि सारे ही लोगों को यह बात बहुत बुरी लगती थी कि हमारे पापा हम दोनों बहनों को इतनी फ्रीडम क्यों देते हैं मेरे पापा का कहना था कि फ्रीडम भी उन लड़कियों को ही दी जाती है जो फ्रीडम को डिजर्व करती हैं

मेरे पापा को अपनी दोनों बेटियों पर बहुत भरोसा था और हम भी ऐसे ही थे हमें कई सारे लड़कों ने प्रपोज किया था मगर हमने कभी भी किसी को लिफ्ट नहीं कराई थी क्योंकि हम अपने पापा की दी गई आजादी का गलत फायदा नहीं उठाना चाहते थे वह हम पर बहुत भरोसा करते थे हम नहीं चाहते थे कि लोग जो हमारे बारे में बातें करते हैं आगे चलकर उन्हें हम लोगों के बारे में बातें बनाने का और मौका मिले

बल्कि हम दोनों बहनें तो अपने सपने पूरे करने के बाद अपने मम्मी पापा की मर्जी के मुताबिक शादी करके अपने घर बसाना चाहते थे लेकिन उससे पहले ही हम दोनों ही अपने ड्रीम्स पूरे करना चाहते थे मेरा तो कोई ऐसा खास ड्रीम नहीं था मगर अगर मैं अभी शादी नहीं करना चाहती थी मेरी बहन का ड्रीम था कि वह पढ़ाई पूरी होने के बाद जॉब करें इसलिए अब उसकी पढ़ाई पूरी होने का इंतजार हो रहा था एक दिन पापा टीवी में न्यूज़ देख रहे थे

जिसमें दिखाया जा रहा था कि हमारे शहर की कई सारी लड़कियां किडनैप हो रही हैं वो लड़कियां कहां जा रही हैं उनके साथ क्या किया जा रहा है इस बारे में कुछ पता ही नहीं चल पा रहा था क्योंकि अभी तक जितनी भी लड़कियां गायब हुई हैं उनमें से कोई भी लड़की कभी वापस नहीं मिली कभी वो लौटकर अपने घर पर वापस नहीं आई अभी तक 40 से भी ज्यादा लड़कियां गायब हो चुकी हैं और उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज है

मगर पुलिस भी इस केस में कुछ नहीं कर पा रही है क्योंकि पुलिस को अभी तक कोई सुराग ही नहीं मिला हम लोग न्यूज़ को इग्नोर कर दिया करते थे क्योंकि घर में न्यूज़ देखने का शौक सिर्फ और सिर्फ मेरे पापा को ही था मम्मी और मैं सीरियल देखा करते थे जबकि मेरी छोटी बहन को क्रिकेट देखने का बहुत शौक था वह रात के टाइम पर क्रिकेट देखने के लिए बैठ जाती थी जबकि मम्मी और मैं मोबाइल में अपने सीरियल देखा करते थे

क्योंकि टीवी का रिमोट कभी पापा के पास होता तो कभी आरोही के पास होता घर में एक ही टीवी था मोबाइल सबके अलग-अलग थे इसलिए हम लोगों को जो देखना होता था अपने मोबाइल पर देख लिया करते थे मेरी बहन की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और अब उसे जॉब करनी थी इसलिए उसने एक दो जगह जॉब के लिए अप्लाई कर दिया था और फाइनली दो दिन के बाद मेरी बहन को एक जगह से जॉब के लिए कॉल आ गई थी क्योंकि उसकी क्वालिफिकेशन बहुत अच्छी थी

और वह बहुत इंटेलिजेंट थी उसको आसानी से कहीं पर भी नौकरी मिल सकती थी मेरी बहन जॉब लगने से बहुत ज्यादा खुश हो रही थी मम्मी और मैं भी बहुत खुश थे लेकिन पापा कहीं ना कहीं हमें उदास नजर आ रहे थे पापा से जब हमने उनके उदास होने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि मैं आरोही की जॉब लगने से खुश हूं लेकिन इन दिनों शहर में जो वारदातें हो रही हैं उनसे मुझे डर लगता है आरोही ने पापा को समझाया था आपकी बेटी बहुत बहादुर है

आपको अपनी बेटी के लिए परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है मेरी बहन आरोही सच में बहुत बहादुर थी कोई लड़का अगर उसे छेड़ने की कोशिश भी करता था तो वह उसे मारने पर उतर आई थी जबकि मैं बहुत डरपोक थी वह जितनी बहादुर थी उतनी ही जिद्दी थी उसकी कुछ ऐसी जिदे होती थी जिनको पापा उसके लिए नुकसानदेह समझकर उनको पूरा नहीं करते थे लेकिन फिर भी वह अपनी जिद मनवा ही लिया करती थी क्योंकि वह छोटी होने की वजह से लाडली भी बहुत थी

मेरी बहन ने जॉब पर जाना शुरू कर दिया था सुबह के टाइम पर तो पापा उसे छोड़कर आते थे मगर शाम को उसे घर आते-आते 5:00 बज जाया करते थे आरोही अपनी जॉब की वजह से बहुत खुश थी हमेशा खुशी रहती थी घर से जब निकलती तो सब लोगों का प्यार लेकर निकलती थी लेकिन जब घर आती थी तो बहुत थकी हुई होती थी क्योंकि काम से उसे थकान हो जाती थी मगर अभी उसकी जॉब के शुरू शुरू के दिन थे

इसलिए उसको ऐसे थकान महसूस हो रही थी फिर धीरे-धीरे उसकी आदत पड़ जाती उसके लिए कोई इतना मुश्किल काम नहीं था क्योंकि जब इंसान अपना शौक पूरा करता है तो अपना नुकसान और फायदा कभी नहीं देखता इसी तरह आरोही को जॉब करते हुए एक महीना गुजर गया था जब उसकी पहली सैलरी आई थी तो उसने खुशी-खुशी उसको पापा के हाथ पर रखा था जिससे मेरे पापा को अपनी बेटी पर प्राउड फील हो रहा था कई दिनों से आरोही देर से घर आ रही थी

पापा उसे रोज टोक थे कि बेटा जल्दी घर आया करो तुम जानती हो ना कि शहर का माहौल कितना खराब चल रहा है इस बात पर रोज बाप बेटी में बहस होती थी आरोही कहती थी पापा जब मैं जॉब कर रही हूं तो मुझे ऑफिस का सारा ही काम करना होगा काम से मैं कभी जल्दी भी फ्री हो जाती हूं तो कभी देर भी लग जाती है आप मुझे बार-बार शहर के माहौल को लेकर डराते रहते हो लेकिन मैं किसी से नहीं डरती पापा हमेशा उसके भले के लिए ही ऐसा कहते थे

क्योंकि पापा रोज न्यूज़ देखते थे और हर दूसरे तीसरे दिन शहर की एक ना एक लड़की गायब हो जाती थी और गायब होने वाली लड़कियों की उम्र 14 साल से लेकर 28 साल तक की ही थी इसी के बीच आरोही की उम्र भी आती थी इसलिए पापा को हमेशा आरोही की फिक्र लगी रहती थी पहले तो आरोही 5:00 बजे तक घर आ जाती थी लेकिन अब उसे घर आते-आते रात के 9:00 बजने लगे थे जिसकी वजह से हम सब लोग परेशान होकर उसका इंतजार करते रहते थे

जब वह घर आ जाती थी तो हम लोगों को सुकून मिलता था कई दिन इसी तरह से गुजर गए थे मेरी बहन अब हर दिन 9:00 बजे ही आती थी कहती थी कि ऑफिस में काम बहुत ज्यादा है आरोही का बर्थडे आने वाला था हम लोग उसके लिए सरप्राइज प्लान कर रहे थे अभी उसका बर्थडे आने में दो दिन रह गए थे मैं मम्मी के साथ जाकर मार्केट से उसके लिए ढेर सारी शॉपिंग करके लाई थी और फिर फाइनली आरोही का बर्थडे भी आ गया था

हम लोग उसे रात के 12:00 बजे सरप्राइज देना चाहते थे इसलिए उसके ऑफिस आने से पहले ही हमने सारे अरेंजमेंट कर लिए थे घर में अच्छी तरह से डेकोरेशन की थी उसके लिए ढेर सारे गिफ्ट भी अरेंज किए थे और एक बड़ा सा केक भी ऑर्डर करके मंगवाया था और घर में उसकी पसंद का खाना बनाया था ताकि जैसे ही मेरी बहन ऑफिस से घर आए

तो हम लोग उसे ऐसा सरप्राइज दें जिसे देखकर वह शॉक्ड रह जाए आरोही 9:00 बजे तक घर आ जाती थी इसलिए हमने सारा अरेंजमेंट पहले उसके कमरे में किया था क्योंकि हम उसे खाना खाने के बाद 12:00 बजे के टाइम पर उसके रूम में लेकर जाने वाले थे हम लोग बेसब्र से 9:00 बजने का इंतजार कर रहे थे आज पापा भी जल्दी ही ऑफिस से घर आ गए थे हम लोगों को उसका इंतजार करते-करते 9:30 बज गए थे लेकिन अभी तक आरोही घर पर नहीं आई थी

पापा आरोही के लिए बहुत परेशान हो रहे थे मैंने उनको समझाया कि पापा शायद वह किसी काम में फंस गई होगी हम लोग 10:00 बजे तक उसका इंतजार कर लेते हैं और फिर 10:00 भी बज गए थे लेकिन आरोही का कोई अता पता ही नहीं था पापा ने मुझे आरोही का नंबर डायल करने के लिए कहा था मैंने जैसे ही आरोही का नंबर डायल किया तो उसका नंबर स्विच ऑफ जा रहा था आरोही का नंबर ऑफ जाने से मैं भी बहुत परेशान हो गई थी

समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए इधर हम लोगों ने उसके लिए सरप्राइज प्लान किया था जिसकी वजह से हम उसका बेसब्र से इंतजार कर रहे थे मगर समय था कि निकलता ही जा रहा था और आरोही घर वापस नहीं आई थी धीरे-धीरे 12:00 भी बज गए थे हम लोगों का परेशान होते-होते बुरा हाल हो चुका था उसका नंबर नहीं लग रहा था फिर मैंने उसके ऑफिस में कॉल की तो पता चला कि आरोही वहां से 9:00 बजे ही निकल चुकी थी

यह बात सुनकर तो हम पर जैसे परेशानी का पहाड़ टूट पड़ा था समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए जाए आरोही के कुछ फ्रेंड्स थी जिनको हमने कॉल की थी और उनसे पूछा था कि क्या आरोही आप लोगों के घर तो नहीं आई तो उन लोगों ने भी इंकार कर दिया था कि उनकी तो कई दिनों से आरोही से मुलाकात ही नहीं हुई है आरोही की एक नई फ्रेंड बनी थी जो आरोही के ऑफिस में ही काम किया करती थी मैंने उसको भी कॉल लगाई थी

तो उसने भी यही कहा था कि हम दोनों घर के लिए साथ निकले थे आरोही अभी तक नहीं पहुंची है यह बड़ी हैरानी की बात है पापा मम्मी दोनों ही बहुत परेशान थे जबकि मम्मी का तो रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था मेरी आंखों में भी आंसू आ गए थे ना जाने मेरी बहन कहां पर चली गई हम लोगों ने उसके लिए जो सरप्राइज प्लान किया था वह सब ऐसा का ऐसा ही रह गया था पापा कह रहे थे कि हमें पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए

फिर मैंने पापा को बताया कि पापा आरोही को गायब हुए अभी 24 घंटे नहीं हुए हैं पुलिस भी हमारी रिपोर्ट दर्ज नहीं करेगी फिर पापा अकेले ही आरोही को तलाश करने के लिए घर से निकल गए थे एक तरफ हम लोगों को आरोही की फिक्र हो रही थी तो दूसरी तरफ पापा की भी फिक्र होने लगी थी इसी तरह परेशान होते-होते हम लोगों को रात के 2:00 बज गए थे मैंने पापा को कॉल की तो पापा ने कहा कि उन्हें आरोही अभी तक नहीं मिली है

फिर हमने पापा से कहा था कि आप घर पर आ जाओ एक घंटे के बाद पापा घर पर मुंह लटका कर वापस आए थे और उन्होंने कहा था कि आरोही का कोई अता पता ही नहीं है मैंने उसे कई जगह तलाश कर लिया मगर वह कहीं पर भी नहीं मिली यहां तक कि मैं उसके ऑफिस भी होकर आया हूं और उसके के कुछ दोस्तों के यहां भी और अपने कुछ रिश्तेदारों के यहां पर भी गया था मगर आरोही कहीं नहीं मिली हम सब लोगों का तो रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था

पापा कह रहे थे कि जैसे ही दिन निकलता है हमें पुलिस में रिपोर्ट लिखवा नहीं होगी इस तरह कैसे चलेगा मेरी बेटी ना जाने कहां चली गई है मैं बार-बार आरोही का नंबर ट्राई कर रही थी लेकिन उसका नंबर लगातार स्विच ऑफ जा रहा था अचानक आरोही के ऐसे गायब होने से हम लोगों में एक दहशत सी बैठ गई थी

सुबह हुई तो पापा ने आस पड़ोस के लोगों को यह बात बताई तो पापा के साथ हमारे मोहल्ले के ही कुछ आदमी पुलिस स्टेशन में चले गए थे मेरी बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने के लिए जबकि कुछ औरतों को जब मेरी बहन के गायब होने की खबर मिली तो वह हमारे घर पर मेरी मम्मी को तसल्ली देने के लिए आई थी साथ ही साथ उल्टी सीधी बातें भी बना रही थी वैसे भी लोगों को बातें बनाने का मौका चाहिए होता है

पड़ोस वाली आंटी कह रही थी कि बहन माफ करना तुमने अपनी बेटी को ज्यादा ही ढील दी हु ई थी तुम नहीं जानती आजकल का जमाना कितना खराब है जवान लड़कियों को तो घर में बंद करके रखना चाहिए और तुम लोगों ने अपनी बेटियों को ऐसे छूट दी हुई है जैसे तुम्हारी बेटियां लड़की नहीं बल्कि कोई लड़का हो कोई तो लड़कों को भी इतनी छूट नहीं देता जितनी तुमने अपनी लड़कियों को दी हुई थी यह तुम्हारी छूट का ही नतीजा है

दूसरी आंटी कहने लगी कहीं तुम्हारी बेटी किसी लड़के के साथ तो नहीं भाग गई कहीं उसका अफेयर हो और तुम लोगों ने शादी से इंकार कर दिया हो मेरी मम्मी रोज रोकर उन औरतों की बातों को सुन रही थी जबकि मैं अपनी बहन के बारे में ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं कर सकती थी इसलिए मैंने कहा कि आप लोग यह कैसी बातें कर रही हैं अगर आप लोग किसी के दुख में शामिल नहीं हो सकती तो उसके जख्मों पर नमक भी ना छड़के आप लोग हमारे घर से जा सकती हैं

वह सारी ही औरतें बड़बड़ा हुई हमारे घर से निकल गई थी और हम दोनों मां बेटी एक दूसरे के गले लगकर फूट-फूट कर रो रहे थे और आरोही को याद कर रहे थे जैसे ही पापा घर आए तो हम लोगों ने उनसे पूछा क्या हुआ आरोही कहां है पापा पापा ने कहा कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है उन्हें जैसे ही आरोही के बारे में कुछ पता चलता है वह हमें जरूर बताएंगे अब हमें पुलिस की तरफ से कॉल आने का इंतजार था क्योंकि पुलिस ने मेरे पापा का नंबर ले लिया था

ताकि वह उन्हें मेरी बहन की जानकारी दे सके इसी तरह कई घंटे गुजर गए थे मगर पुलिस ने अभी तक कॉल नहीं की थी और ना ही आरोही का कुछ पता चल सका था हम लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था मैंने फैसला किया था कि मैं पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस से बात करूंगी क्योंकि अभी तक जितनी भी लड़कियां हैं वह नहीं मिली हैं यह सब पुलिस की लापरवाही का नतीजा है हमारे शहर में अब तक 50 के करीब लड़कियां गायब हो चुकी हैं

और पुलिस अभी तक कुछ नहीं कर पा रही है मेरे पापा मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे मगर मैंने उनकी एक नहीं सुनी और मैं अपने पापा के साथ पुलिस स्टेशन चली गई थी मैंने वहां जाकर खूब हंगामा किया था और कहा था कि आप लोग अभी तक कुछ नहीं कर रहे हैं आप लोग नहीं जानते कि हमारी बहन के बिना हमारा कितना बुरा हाल हो चुका है ना जाने मेरी बहन का क्या हाल हो रहा होगा पुलिस वाले कहने लगे कि देखिए मैडम आप अकेली ऐसी नहीं है

जिनकी बहन गायब हुई है ऐसे ना जाने कितने लोग हैं जिन्होंने अपनी बेटी और बहन को खो दिया है और उनका अभी तक कोई अता पता नहीं है मैंने कहा यह सब कुछ आपकी लापरवाही का नतीजा है जब आपको पता है कि हमारे शहर में वारदातें हो रही हैं तो आप लोगों को इन वारदातों को रोकना चाहिए पुलिस वाले कहने लगे कि बताइए मैडम किस तरह से रोकना चाहिए मेरे इतना ज्यादा हंगामा करने पर पुलिस स्टेशन के बड़े ऑफिसर्स मेरे सामने आकर खड़े हो गए थे

और उन्होंने कहा था कि हम जानते हैं कि हमारे शहर की बहुत सारी लड़कियां गायब हो रही हैं इसलिए हमने मीटिंग रखी है मैंने कहा आप लोगों की मीटिंग करने से कुछ नहीं होगा मुझे मेरी बहन वापस चाहिए और मैं अपनी बहन को लिए बिना यहां से नहीं जाऊंगी मेरी जिद पर पुलिस ऑफिसर्स ने कहा था तो फिर यह बताओ कि हम क्या करें अभी तक उन लड़कियों का कोई भी सुराग नहीं मिल पा रहा है जो गायब हुई हैं सिर्फ हमें कुछ लोगों पर शक है

और वह किसी गैंग का हिस्सा है और लड़कियों को किडनैप करते हैं लेकिन हम किसी को शक की बुनियाद पर अरेस्ट नहीं कर सकते यह तो आप भी जानती हैं मैंने कहा तो ठीक है आप लोगों को जिन पर शक है आप मुझे उनके बारे में बताइए मैं वहां पर जाऊंगी और अपनी बहन को तलाश करूंगी आखिर कौन हैं वह लोग और कहां पर रहते हैं मेरी बात पर पुलिस ऑफिसर सर्स ने अपनी पर्सनल मीटिंग में मुझे बुलाया था

क्योंकि वह लोग मेरे अंदर मेरी बहन को तलाश करने का जज्बा देख चुके थे पुलिस के खबरी हों ने लड़कियां गायब होने पर जिन लोगों के ऊपर शक बताया था उन सभी लोगों के एड्रेस दे दिए थे और बता दिया था कि इन लोगों पर हमें शक हो रहा है लेकिन अभी तक हम लोग इनके खिलाफ कोई ठोस सबूत इकट्ठा नहीं कर सके जिसकी बेस पर हम इन लोगों को अरेस्ट कर सके मैंने कहा मैं इन लोगों के पास जाऊंगी किसी भी तरह से उनके घर में दाखिल हो जाऊ ंगी

और अपनी बहन को तलाश करूंगी कि वह कहां पर है तो पुलिस वाले कहने लगे कि मैडम आपको देखभाल कर यह काम करना होगा हम आपको यह काम करने की जिम्मेदारी तो दे रहे हैं लेकिन इस काम में आपकी जान भी जा सकती है और इज्जत भी क्योंकि आप एक जवान लड़की होने के साथ-साथ खूबसूरत लड़की भी है और अभी तक जितनी भी लड़कियां गायब हुई हैं वह 90 प्र खूबसूरत और कम उम्र की लड़किया है

मैं अपनी बहन के लिए हर तरह का सैक्रिफाइस करने के लिए तैयार थी मेरे मम्मी और पापा मुझे एक काम करने के लिए रोक रहे थे उनका कहना था कि हम एक बेटी को तो खो चुके हैं हम तुम्हें नहीं खोना चाहते लेकिन मैंने कहा था कि हमारी आरोही को कुछ नहीं होगा मैं उसे अपनी जान पर खेलकर बचा कर लाऊंगी अगर सच में हमारी आरोही को इन लोगों ने किडनैप किया है तो मैं उसे बचा कर लाऊंगी पुलिस मुझे पूरा-पूरा सपोर्ट करने के लिए तैयार थी

वैसे तो पुलिस में ऐसी बहुत सारी कामयाब और इंटेलिजेंट लेडी पुलिस ऑफिसर थी जिनसे वो ये काम करवा सकते थे लेकिन यह जिम्मेदारी मैंने ली थी कि मैं अपनी बहन के लिए और दूसरों की बेटियों के लिए हर वह काम करने के लिए तैयार हूं जिससे वह सारी लड़कियां मिल सके भगवान से प्रार्थना कर रही थी कि काश मेरी बहन वहीं पर हो जहां पर मैं उसे ढूंढने के लिए जा रही हूं अगर वह कहीं और हुई तो मेरी कोशिश नाकाम हो सकती थी

हम लोग श्यर नहीं थे कि मेरी बहन को किडनैप किया गया था जिस तरह से शहर की बाकी लड़कियां गायब हुई थी और उनका दोबारा कोई अता पता नहीं मिल सका था इसी तरह से मेरी बहन भी गायब हुई थी इसलिए पुलिस को यही अंदाजा था कि मेरी बहन भी किडनैप हो चुकी है पुलिस ने मुझे पूरी सेफ्टी के साथ वहां पर भेज दिया था मेरा गेटअप एक नौकरानी की तरह बना दिया गया था ताकि मैं वहां पर जाकर नौकरी के बहाने से उन लोगों के घर की तलाशी ले सकूं

मैंने वहां के एक मालिक से बात की तो मुझे नौकरी भी मिल गई थी वहां पर मुझे साफ सफाई का काम करना था यह बहुत बड़ा बंगला था और यहां पर रहने वाले लोग बहुत मालदार थे यह एक परिवार था जहां पर दो बेटे एक बूढ़ी औरत और एक उनका पिता था वैसे तो वो दो भाइयों का बंगला था शायद एक भाई की फैमिली यहां पर नहीं रहती थी इस घर की जो मालकिन थी वो नौकर पर बहुत हुकुम चलाया करती थी मैं यहां पर कामकाज करती थी

और मेरी नजर इस बंगले के खुफिया ठिकानों की तरफ लगी रहती थी ये लोग सिक्योरिटी के मामले में बहुत सख्त है जब मैं इन लोगों के बंगले में दाखिल होती थी तो मेरी पूरी तरह से तलाशी ली जाती थी कि कहीं मेरे पास कोई मोबाइल या कोई हथियार तो नहीं है मैं एक मामूली सी लड़की थी मेरे अंदर ज्यादा हिम्मत नहीं थी लेकिन इस घर में में आने के बाद मेरे अंदर मेरी बहन को ढूंढने का जो जज्बा था उसने मेरे अंदर हिम्मत पैदा कर दी थी जिस काम के लिए मैं यहां पर आई थी वह इतना आसान नहीं था मैंने कमरों की सफाई के दौरान कमरों की तलाशी बड़े अच्छे से की थी

लेकिन अभी तक मुझे कुछ ऐसा नहीं मिला था इस बंगले के ऊपर वाले पोर्शन में मुझे जाने की परमिशन थी क्योंकि वह खाली पड़ा हुआ था मुझे यहां पर नौकरी करते हुए दो महीने गुजर गए थे लेकिन अभी तक मुझे अपनी बहन का कोई सुराग नहीं मिला था मैं बहुत उदास हो गई थी अब मैं यहां से दूसरी जगह पर जाना चाहती थी ताकि अपनी बहन को वहां तलाश कर सकूं लेकिन एक दिन मुझे उम्मीद की किरण नजर आई नौकरों के लिए यहां पर अलग से क्वार्टर बनाए गए थे

यहां के नौकर वहीं पर रहते थे एक बार मैंने मालिक के छोटे बेटे की गाड़ी में एक खूबसूरत लड़की को आते हुए देखा जो बहुत खूबसूरत थी लेकिन उतनी ही डरी हुई थी मैं चौकन सी हो गई मेरी नजर अब इस लड़की पर थी जो बहुत घबराई हुई थी इसे मेहमान कहकर इस घर की मालकिन ने मुझसे इंट्रोड्यूस करवाया था लेकिन अजीब बात यह थी वैसे तो मालिक की पत्नी घर का कोई काम नहीं करती थी

लेकिन इस लड़की के सामने वह इसके लिए चाय पानी का इंतजाम करने लग गई थी मुझे यकीन हो चुका था कि जरूर वो लड़की किडनैप करके यहां लाई गई है लेकिन मैं कैसे इस लड़की तक पहुंच सकती थी रात के 8:00 बजे के बाद हमें क्वार्टर्स में भेज दिया जाता था 8 बजे के बाद इस बंगले में क्या होता था मैं बिल्कुल जान नहीं पाती थी मैंने बहुत चाहा कि इस घर की मालकिन का भरोसा जीत सकूं वह मुझसे कोई ना कोई बात करें लेकिन मालकिन तो नौकरों के साथ अच्छा बिहेव करती ही नहीं थी

मेरा दिल बेचैन सा होने लगा था मैं रात को अपने क्वार्टर से बाहर आ गई इस कमरे की एक खिड़की बाहर खुलती थी तो मैंने सोचा कि क्यों ना मैं इस खिड़की को खोल कर देखूं शायद यह खिड़की खुल जाए और मैं यह देख सकूं कि वहां पर क्या हो रहा है मैं उस कमरे की खिड़की के पास बड़ी सावधानी के अंदाज में पहुंची थी लेकिन यह लोग बहुत चालाक थे खिड़की अंदर से लॉक थी और मैं मायूस हो गई थी

इससे पहले मैं वापस लौटती मुझे उस कमरे के अंदर से कुछ साय नजर आए और आवाज भी आ रही थी लेकिन बात क्या हो रही थी यह मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा था मैं वापस पलटने लगी तो मेरे कदम एक आवाज से जकड़ गए थे जब उस लड़की की आवाज मुझे आई जो इस घर में मेहमान बनकर आई थी वह कह रही थी कि भगवान के लिए मुझे छोड़ दो मैंने तुम लोगों का क्या बिगाड़ा है व लड़की रोते हुए कह रही थी मैं वापस खिड़की के करीब आ गई

ताकि और बातें सुन सकूं फिर कमरे का दरवाजा खुला और उस लड़की को कमरे से बाहर ले जाए जा रहा था अब उसकी आवाज आनी बंद हो गई थी मैं यही सोच रही थी कि शायद यह लोग इस लड़की को ऊपर वाले पोर्शन में लेकर गए होंगे जब झट से किसी ने खिड़की खोल दी थी मेरी तो जान ही निकल गई थी मैं फौरन से दीवार के साथ लगकर नीचे अपना सांस रोक कर बैठ गई थी वह इस घर के मालिक का छोटा बेटा था

जिसे शायद यह शक हो गया था कि खिड़की के बाहर कोई मौजूद है इसलिए वह इधर-उधर देख रहा था लेकिन मैं बिल्कुल दीवार से लगी हुई थी उसके बाद खिड़की बंद हो गई मैंने ने अपने सीने पर हाथ रखकर अपना रुका हुआ सांस लिया था फिर मैं अपने क्वार्टर में वापस आ गई और बिस्तर पर लेट गई क्योंकि अगर किसी को यह शक हो गया कि वहां कोई मौजूद था तो जरूर नौकरों पर ही उनका शक जाएगा और ऐसा ही हुआ था

थोड़ी देर के बाद ही मुझे बाहर से किसी के चलने की आवाज आ रही थी वही खिड़की के पास जहां मैं कुछ देर पहले खड़ी हुई थी इसके बाद वह लोग वहां से चले गए थे लेकिन अब मुझे डर लगने लगा था मैं सोने की कोशिश करने लगी मैं तो समझी थी कि बात यहीं खत्म हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ दूसरे ही दिन सारे नौकरों से यह पूछा गया था कि रात को अपने कमरे से बाहर कौन निकला था इस सवाल पर मुझे पसीने आने लगे थे

लेकिन सब लोग ही अनजान बने हुए थे क्योंकि सभी इन लोगों के सख्त बिहेवियर को जानते थे इसलिए रात के 8:00 बजे के बाद कोई भी अपने क्वार्टर से बाहर नहीं निकलता था मालिक का छोटा बेटा बड़े खतरनाक अंदाज में एक-एक करके सबके करीब जाकर पूछ रहा था जैसे-जैसे वह मेरे करीब आ रहा था मुझे डर लगने लगा था वो लड़का मेरे करीब आकर खड़ा हो गया और मुझे गौर से देखने लगा कुछ देर वह मुझे देखकर वहां से आगे बढ़ गया था

उस दिन के बाद से बंगले की सिक्योरिटी और ज्यादा बढ़ा दी गई थी काफी दिनों बाद मुझसे उस कमरे की सफाई के लिए कहा गया था जहां पर वह लड़की ठहरी हुई थी वह कमरा खाली था और बिस्तर की चादर बिगड़ी हुई थी कमरे के अंदर से अजीब तरह की बदबू आ रही थी मैंने वहां की साफ सफाई कर दी थी और फिर मैं झाड़ू लगाने में बिजी हो गई

जब मैंने बैड के नीचे से से झाड़ू मारा तो उसके नीचे से इंजेक्शन की खाली सिरींज और अंदर से टूटे हुए इंजेक्शन देखकर मैंने उनको फौरन बाहर निकाला और पढ़ने लगी कि वह इंजेक्शन किस काम के लिए इस्तेमाल होते हैं व नींद की हेवी डोज थी जिसके लगते ही इंसान कुछ ही सेकंड में बेहोश हो जाता है फिर उसे 24 घंटे से पहले होश नहीं आता मैंने बैड के नीचे झांक कर देखा तो मुझे जले हुए सिगरेट के टुकड़े भी मिले थे

मैंने झाड़ू बैठ के नीचे डालकर वह सिगरेट के टुकड़े भी निकाल लिए जिनमें से एक सिगरेट के टुकड़े पर खून लगा हुआ था मैं समझ गई थी कि जरूर इस सिगरेट से उस लड़की का शरीर जलाया गया होगा मेरी आंखों के सामने उस लड़की के चेहरे के साथ-साथ अपनी बहन का चेहरा भी आने लगा था ना जाने मेरी बहन के साथ भी क्या किया जा रहा होगा मैंने वह सब चीजें डस्टबिन में डाल दी और फिर मैं कमरे से आ गई थी मुझे यह बात परेशान कर रही थी कि आखिर वह लड़की कहां चली गई

दोपहर का टाइम था सब लोग अपने-अपने कमरे में आराम कर रहे थे लेकिन मेरे दिमाग से वह लड़की नहीं निकल रही थी इसके बारे में मुझे इस घर की मालकिन ने बताया था कि वह वापस जा चुकी है इसलिए मैं खामोशी से ऊपर वाले पोर्शन में आ गई वहां पर जितने भी कमरे थे सब बंद थे मैंने धीरे-धीरे इन कमरों को देखा तो सारे कमरे लॉक थे मैंने कमरों की खिड़की खोलने की कोशिश की तो एक कमरे की खिड़की खुल गई वह कमरा खाली था

मैं खिड़की से कूदकर इस कमरे में आ गई वह कमरा किसी स्टूडियो की तरह सजाया हुआ था जहां पर एक स्टैंड में कैमरा लगा हुआ था और एक सिंगल बैड था बाकी पूरा कमरा खाली था मैं इस कमरे के पास आ गई उसको मैंने चेक किया तो उसमें बहुत सारी लड़कियों की शर्मनाक वीडियो बनी हुई थी मैंने कमरे को बंद कर दिया था इस कैमरे से मुझे यह तो पता चल गया था कि ये लोग लड़कियों को गैर कानूनी तरीके से यहां लाकर इनकी शर्मनाक वीडियो बनाकर इन्हें विदेश में सप्लाई करते हैं

लेकिन मैं यह नहीं समझ पाई थी कि ये लोग लड़कियों को छुपाकर कहां रखते हैं मैं कमरे से बाहर निकलकर वापस नीचे आ गई थी अभी तक मैं वहां नहीं पहुंच पाई थी जहां पर मेरी बहन और बाकी लड़कियां कैद थी मैं बहुत परेशान थी कि आखिर में लड़कियों तक कैसे पहुंच और उन्हें बचाओ एक बार मैंने अपनी क्वाटर के बाहर कदमों की आवाज सुनी थी जैसे वहां से कुछ लोग गुजर रहे हो मेरे कान उन आवाजों पर खड़े हो चुके थे मैं अपने क्वार्टर के दरवाजे के पास खड़ी हुई थी

मैंने थोड़ा सा दरवाजा खोलकर देखा तो कुछ लड़कियों को गार्ड्स लेकर जा रहे थे लड़कियों की आंखों पर पट्टी थी और मुंह पर भी पट्टी बंधी हुई थी और उनके हाथ भी बंधे हुए थे उस समय मेरा कमरे से बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं था लेकिन मैं यह समझ चुकी थी कि जरूर पिछली तरफ भी कोई ऐसा खुफिया कमरा मौजूद है जहां पर लड़कियों को रखा गया है अगले दिन सुबह को मैं इस पिछले हिस्से में पहुंच गई लेकिन यहां पर तो खाली सुनसान जगह के अलावा कुछ भी नहीं था

मैंने बहुत कोशिश की कि शायद वहां पर कोई तहखाना हो या फिर कोई गुफा कुछ तो मौजूद हो लेकिन वहां पर तो ऐसा कुछ भी मौजूद नहीं था हर दो-तीन दिन बाद में पीछे के हिस्से में चली जाती एक दिन मेरा एक दीवार पर हाथ जाकर टकरा गया था लेकिन वह दीवार सीमेंट की नहीं थी मैंने इस लकड़ी की दीवार को दाएं बाएं करना शुरू किया तो वह दाएं तरफ को हो गई थी वो दीवार नहीं अंदर जाने का दरवाजा था जो मेरे सामने खुल चुका था

लेकिन अंदर अंधेरा छाया हुआ था मैं जैसे ही अंदर गई तो नीचे की तरफ सीढ़ियां जा रही थी नीचे जाते ही अचानक मेरा पैर मुड़ गया और मैं सीढ़ियों से गिर गई मैं तह खाने में पहुंच चुकी थी मैं जहां पर पहुंची थी वहां रोशनी मौजूद थी इसलिए जब मैंने देखा कि वहां पर बहुत सारी लड़कियां मौजूद थी जिन्हें रस्सियों से बांध कर रखा था मैं उन लड़कियों में से अपनी बहन को तलाश कर रही थी इनकी कंडीशन देखकर आईडिया लगाया जा सकता था कि इन लोगों के साथ कितने अत्याचार हुए हैं

कोने की तरफ एक लड़की बैठी हुई थी जिसका चेहरा मुझे नजर नहीं आ रहा था मैं उसके करीब गई तो यह देखकर मेरे होश उड़ गए थे कि वह मेरी बहन थी मैंने खुशी से अपनी बहन को गले से लगा लिया था वह भी मुझे देखकर फूट-फूट कर रो रही थी उसकी कंडीशन बहुत खराब थी उसने मुझसे कहा आरूष तुम यहां पर कैसे आई तो मैंने उसे बताया कि मैं यहां तुम्हें ढूंढती हुई आई हूं और मैं यहां से तुम्हें बचाने के लिए आई हूं

आरोही कहने लगी कि प्लीज आरूष तुम यहां से चली जाओ यह लोग बहुत खतरनाक हैं तुम नहीं जानती कि उस रात जब मैं ऑफिस से घर आने के लिए निकल रही थी तो अचानक रात के अंधेरे में किसी ने मेरे मुंह पर कुछ रख दिया जिसको सो कर मैं बेहोश हो गई थी और जब मेरी आंख खुली तो मैं यहां पर मौजूद थी इन लोगों ने मुझे बहुत मारा मेरी इज्जत के के साथ खिलवाड़ किया और फिर यहां पर हम लड़कियों को बंद करके रखा गया

मैं और आरोही अभी बात कर ही रहे थे अचानक मुझे कमरे का दरवाजा बंद होने की आवाज आई फिर कोई नीचे आया था मेरा दिल डरने लगा था सामने इस बंगले के मालिक का छोटा बेटा खड़ा था उसे देखकर तो मेरे होश उड़ गए थे मैं पकड़ी जा चुकी थी और बिना किसी होशियारी के मैं इन लोगों के सामने खड़ी हुई थी वो मेरे करीब आ गया और उसने झट से मेरे बाल पकड़ लिए जिसकी वजह से आरोही की चीख निकल गई थी

और मेरी भी वह मुझसे कहने लगा कि तुम मुझे बेवकूफ समझ रही थी तुम्हारी हकीकत तो मैं उसी समय जान गया था जब तुम खिड़की से अंदर झांकने की कोशिश कर रही थी अगले दिन जब सारे नौकरों से मैं पूछताछ कर रहा था तो मेरा शर्क सिर्फ तुम पर ही था इसलिए मैंने तुम्हारे बारे में सारी इंफॉर्मेशन निकलवाई इसलिए तुम्हें पूरा-पूरा मौका दिया कि तुम जिस मकसद के लिए यहां पर आई हो तुम्हारा वह शौक भी पूरा हो सके हमारे पूरे घर में कैमरे लगे हुए हैं इसलिए कौन क्या करता है

हम सब जानते हैं तुम्हें मैंने इग्नोर नहीं किया था यह सब सुनकर तो मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई थी फिर उसने मेरा चेहरा अपने चेहरे की तरफ करके कहा कि एक बहन तो हमारे कब्जे में पहले ही थी दूसरी को चलकर आ गई तुम दोनों बहनों के बहुत अच्छे दाम मिलेंगे अब तुम देखो तुम्हारे साथ क्या होता है इससे पहले कि वह मेरे साथ कुछ करता मैंने उस पर हमला कर दिया मेरे पास कोई हथियार तो नहीं था लेकिन मेरे अंदर अपनी बहन को बचाने के लिए हिम्मत आ गई थी

इसलिए मैंने उस पर हाथ उठा दिया उसे शायद मुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी इसलिए मेरे धक्का मारने पर वह दूर जाकर गिरा अगले ही पल उसने अपने दो-तीन गुंडों से कहकर मुझे पकड़वा या मेरे अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं इन गुंडों का मुकाबला करती मेरी बहन बार-बार कह रही थी कि प्लीज इसको छोड़ दो वह आदमी तो मुझे खतरनाक आंखों से देख रहा था तभी अचानक इसी ने मेरे बाजू पर सुई चुबी और फिर मेरी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा

मैं बेहोश हो गई जब मैं होश में आई तो मेरे हाथ पैर बंधे हुए थे और वो सारे ही गुंडे मेरी आंखों के सामने बैठे हुए थे मैंने उनसे कहा कि तुम बहुत ही घटिया लोग हो तुम्हें नहीं पता कि बुरा करने वाले लोगों का अंजाम हमेशा बुरा ही होता है मैंने चारों तरफ देखा तो मैं इस कमरे में थी जहां पर कैमरा लगा हुआ था मेरा शरीर बिल्कुल लाचार हो चुका था मैं इन लोगों का निशाना बन चुकी थी सामने लगे हुए शीशे पर जब मेरी नजर गई तो मेरे होश उड़ गए थे

क्योंकि मेरे शरीर को सिगरेट से झुलसा गया था मैं बहुत लाचार थी मैं बुरी तरह से रो रही थी क्योंकि इन लोगों ने मुझे बेहोश करने के बाद मेरे शरीर से कपड़े हटाकर मेरे शरीर को सिगरेट से जलाया था और मेरी गलत वीडियो भी बनाई थी और यह सारे ही गुंडे मेरी इस कंडीशन पर जोर-जोर से हंस रहे थे थोड़ी देर के बाद वह सब लोग मुझे इसी हालत में छोड़कर वहां से जा चुके थे फिर कुछ देर के बाद मुझे उस कमरे में लेकर जाने लगे जहां पर सारी लड़कियां मौजूद थी

यह लोग मुझे इस तहखाने में फेंक कर चले गए थे आरोही मेरी हालत देखकर बहुत रोई थी अब हम लोगों के पास रोने के अलावा कोई भी चारा नहीं था कुछ समय के बाद इन सारे गुंडों का मालिक जो इस घर का मालिक था वह आया और कहने लगा कि अब काफी लड़कियां इकट्ठी हो गई हैं इसलिए इन्हें जल्द से जल्द विदेश में सप्लाई किया जाए वह बूढ़ा मालिक मेरे करीब आया और कहने लगा कि तुम ही हो वह लड़की जो यहां तलाशी लेने के लिए आई थी

तुम्हारी हालत तो ऐसी कर दी गई है कि तुम्हें सप्लाई करने के बाद हमें तुम्हारे अच्छे दाम मिलेंगे हम लोग यही काम करते हैं हम शहर की ना जाने कितनी लड़कियों को किडनैप करके विद देश में सप्लाई कर चुके हैं और इस तरह हम लोग ढेर सारा पैसा कमा चुके हैं और सिर्फ हम ही नहीं ना जाने ऐसे कितने लोग हैं जो हमारी इस गैंग का हिस्सा है आज तक कोई हमारे बारे में पता नहीं लगा पाया तुम भी अब यहां से बहुत दूर जाने वाली हो याद में इतना कहकर जोर-जोर से हंसने लगा था

जब अचानक पुलिस ने इस बंगले में छापा मार दिया था क्योंकि मेरे साथ-साथ यहां पर पुलिस वाले किस ना किसी बहाने से भेस बदलकर मेरी देखभाल करने के लिए आते रहते थे मैं पहले ही उनसे बातचीत नहीं करती थी लेकिन मैं इन लोगों का कहीं शिकार ना हो जाऊं इसलिए पुलिस के कुछ ऑफिसर्स भेज बदलकर मुझे देखने के लिए आते थे यही वजह थी कि इन लोगों को मेरी कंडीशन की खबर हो गई थी इसलिए पुलिस मौके पर पहुंच गई थी

और इन सारे लोगों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था और इस तरह यहां से सारी लड़कियां आजाद हो गई थी जो लड़कियां यहां पर मौजूद थी उन सबको उनके पेरेंट्स के हवाले कर दिया गया था लेकिन जो इससे पहले सप्लाई हो चुकी थी उनके बारे में कोई खबर नहीं थी मैं और मेरी बहन भी आजाद होकर अपने घर आ गए थे मैंने बहुत बहादुरी का काम किया था जो लोग अरेस्ट किए गए थे उन्होंने भी अपनी गैंग के बाकी लोगों के बारे में सब कुछ उगल दिया था

और इस तरह से यह पूरा गैंग पकड़ा गया था मुझे और मेरी बहन को मेरे मम्मी पापा ने जब देखा तो गले से लगा लिया था मेरे मम्मी पापा मुझ पर बहुत प्राउड फील कर रहे थे क्योंकि मैंने बहादुरी का काम किया था और कुछ दिनों के बाद मुझे सरकार की तरफ से इनाम भी मिला था क्योंकि इतने बड़े गैंग को सिर्फ और सिर्फ मेरी मेहनत की वजह से ही पकड़ गया था अब हमारे शहर की कोई भी लड़की गायब नहीं होती और सारी ही लड़कियां अपनी जिंदगी आराम से गुजार रही हैं

लेकिन मेरे पापा ने मेरी बहन का जॉब करना बंद करवा दिया है और अब हम दोनों बहनें घर पर अपने मम्मी पापा की आंखों के सामने होते हैं और एक खुशहाल जिंदगी गुजार रहे हैं दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी

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