पत्नी के साथ। Mastram Hindi Story | Sad And Emotional Hindi Story | Moral Hindi Story

Mastram Hindi Story :

मेरा नाम अल्का है मैं बड़ी ही शोक और चंचल टाइप की लड़की थी शादी से पहले भी मेरे काफी लड़कों के साथ अफेयर रह चुके थे मुझे लड़कों से बात करने का बहुत शौक था क्योंकि मैं बहुत ज्यादा खूबसूरत थी इसलिए बहुत आसानी के साथ लड़के मेरी बातों में आ जाते थे और मुझसे बातचीत करना शुरू कर देते थे मैं गरीब फैमिली से बिलोंग करती थी इसलिए मैंने अपनी जिंदगी में सुख चैन नहीं देखा था 

 

घर में हमेशा भाभी और मम्मी की लड़ाई रहती थी मुझे ज्यादा पढ़ाया भी नहीं गया था क्योंकि मेरे घर में गरीबी ही गरीबी छाई हुई थी उन लोगों के पास मुझे पढ़ाने के लिए पैसे ही नहीं थे ना ही उन लोगों ने मेरा कोई शौक पूरा किया था हालांकि मैं तीन भाइयों की इकलौती बहन थी मेरे घर में हम लोगों को दाल रोटी मिल जाती थी यही हमारे लिए बहुत था

 

 इसीलिए वोह लोग मेरी डिमांड्स कहां से पूरी कर सकते थे मैं अपनी इस गरीबी भरी जिंदगी से तंग आ चुकी थी क्योंकि मेरी जितनी भी फ्रेंड्स थी वह सभी अच्छी फैमिली से बिलोंग करती थी उन सबके पास मोबाइल था और वह ना जाने कितने लड़कों से बात करती थी मेरी फैमिली गरीब होने के साथ-साथ शरीफ होने का दावा भी किया करती थी इसलिए मुझे आगे पढ़ने नहीं दिया गया था

 

 और मुझे मोबाइल भी नहीं दिया जा रहा था जबकि मैंने मोबाइल के डिमांड कर दी थी आज के जमाने में मोबाइल सस्ता नहीं आता लेकिन फिर भी हराम से आम इंसान के पास मोबाइल मौजूद है और इन्हीं लोगों को देख देखकर मेरे दिल में भी मोबाइल खरीदने की इच्छा जाग उठती थी जब हम सारी फ्रेंड्स एक साथ इकट्ठा होते थे तो सबके पास मोबाइल होता था सिवाय मेरे वह सब मेरी मजाक उड़ाया करती थी मैंने अपने घर में मोबाइल की डिमांड की थी जो उन्होंने मुझे साफ इंकार कर दिया था

 

 उनका कहना था कि कुंवारी लड़की अगर मोबाइल इस्तेमाल करती हैं तो वह बिगड़ जाती हैं मगर मैं तो मोबाइल इस्तेमाल करना चाहती थी क्योंकि बिगड़ना मेरी मजबूरी बन चुका था मैं अपने माता-पिता की तरह शरीफ और गरीबी भरी जिंदगी तो नहीं गुजार सकती थी क्योंकि ऐसी जिंदगी में सिवा अपना चैन सुकून खराब करने के अलावा कुछ भी नहीं रखा होता है लोग गरीब इंसान को रद कर चले जाते हैं 

 

और कोई भी ऐसे इंसान की मदद नहीं करता मेरा मानना यही था कि हमेशा अपनी ख्वाहिशों को पूरा करना चाहिए चाहे ऐसा किसी से छीनकर ही क्यों ना करना पड़े मैंने मोबाइल लेने के लिए घर में शोर मचा दिया था लेकिन मेरे परिवार वालों के पास पैसे होते तब वह मुझे मोबाइल दिलाते ना मेरे तीन-तीन भाई थे तीनों ही बिल्कुल नकारा थे सबसे बड़े भाई की शादी हो चुकी थी 

 

और वह अपनी पत्नी के साथ अपनी जिंदगी गुजारने में बिजी हो गए थे और उनकी पत्नी इतनी तेज आ गई थी कि हर दिन घर में उनकी मम्मी से लड़ाई लगी रहती थी मेरी मम्मी भी कुछ कम नहीं थी शायद हम गरीब लोग ऐसे ही होते हैं छोटी-छोटी बातों से लड़ने झगड़ने लग जाते हैं अगर हमें लगता है कि हमारे साथ किसी तरह की कमी हो रही है तो हम उस कमी को लड़ झगड़ कर पूरी कर लेते हैं

 

 और इसके अलावा गरीब इंसान कर भी क्या सकता है क्योंकि गरीबों के के भाग्य में तो सिर्फ इतना ही लिखा होता है जबकि असल मजे तो अमीरों के हैं फिलहाल मुझे मोबाइल नहीं दिलवाया गया तो मैंने दो-तीन दिन तक घर में खाना नहीं खाया था मेरी भाभी का कहना था कि इसकी जल्द से जल्द शादी कर दो अगर घर में रहेगी तो ऐसे ही डिमांड करती रहेगी थोड़ा बहुत पढ़ाया लिखाया है 

 

यही इसके लिए काफी नहीं है मगर मैं तो भाभी की बातों को एक कान से सुनकर दूसरे कान को निकाल दिया करती थी मुझे उनकी बातों से कोई मतलब नहीं था मैं तो सिर्फ किसी भी तरह से अपने शौक पूरा करना चाहती थी मेरे ज्यादा हंगामा करने से और खाना ना खाने से मेरी मां के दिल पर बहुत बड़ा सदमा पहुंचा था उन्होंने अपने कानों की छोटी-छोटी बालियां बेचकर मुझे मोबाइल दिलवा दिया था

 

 हालांकि इससे पहले वह मुझे बहुत समझ चुकी थी लेकिन मेरी कुछ समझ नहीं आता था यह मेरी पहली डिमांड थी जो इतनी बड़ी और महंगी थी इससे पहले मैंने अपने पेरेंट से कोई भी डिमांड नहीं की थी इस घर में सिर्फ मेरे पापा ही कमाई कर रहे थे और उनकी ही कमाई से हमारा घर चल रहा था दोनों छोटे भाई दोस्तों के साथ आवारा गर्दी करते रहते थे जबकि बड़े भैया थोड़ा बहुत कमालिया करते थे

 

 और वह भी अपनी पत्नी पर लगा देते थे फिलहाल मुझे मोबाइल मिल चुका था और मैं उससे खूब नए-नए लड़कों से बातें किया करती थी क्योंकि मैंने नए-नए लड़कों से दोस्ती कर ली थी और उनके साथ फ्लर्ट करना शुरू कर दिया था मैं उन लोगों से जो भी डिमांड करती थी वह उसे पूरी कर दिया करते थे इस तरह से मेरे पास काफी सारे पैसे भी रह ने लगे थे और मैं उन पैसों से अपने लिए खूब सारी शॉपिंग भी करती थी

 

 घर में कोई पूछता कि यह सारा सामान किधर से आया है तो मैं कह दिया करती थी कि मेरी दोस्त ने मुझे गिफ्ट किया है मेरे पेरेंट्स बहुत इज्जतदार लोग थे उन्हें मुझसे ऐसी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी मगर मैं किसी भी लड़के के साथ ज्यादा करीब नहीं हुई थी बस मेरी उनसे बात फोन तक की ही हद में होती थी और जब मेरा जिस लड़के से दिल भर जाता मैं उसे ब्लॉक कर देती थी या फिर अपना नंबर चेंज कर दिया करती  थी

 

 क्योंकि एक एक लड़की से मुझे काफी मुनाफा हो रहा था मेरी खूबसूरती के वह दीवाने हो रहे थे और मेरे कहने के मुताबिक ही चलते थे मेरे पेरेंट्स ने मेरी शादी की आवाज निकाल दी थी मैं अभी शादी नहीं करना चाहती थी और वैसे भी इन लोगों के पास मुझे देने के लिए था ही क्या मैं अपने पापा से कहती थी कि मैं आपकी इकलौती बेटी हूं आपके पास मुझे देने के लिए कुछ भी नहीं है 

 

और वैसे भी मुझे तो ढेर सारा दहेज चाहिए हालांकि मैं आपकी इकलौती बेटी हूं और इकलौती बेटी के माता-पिता उन्हें बहुत सारा दान दहेज देते हैं मेरे पापा मेरी बात सुनकर खामोश हो जाते थे उनका कहना था कि कोई पिता ऐसा नहीं होता जो अपनी बेटी को खाली हाथ विदा कर दे जितना तुम्हारे भाग्य में लिखा होगा उतना तुम्हें मिल जाएगा मगर मुझे तो अभी शादी नहीं करनी थी मुझे अभी फ्लर्ट करना था

 

 और ज्यादा पैसे कमाने थे अपनी डिमांड्स को भी पूरी करना था मैं अब हर हफ्ते अपनी फ्रेंड्स को पार्टी दिया करती थी और उनके साथ घूमने भी जाया करती थी थी हालांकि मेरी फैमिली को अभी यह बात पता नहीं थी मैं उन लोगों से चोरी चुपके या कोई बहाना बनाकर यह सब कुछ कर रही थी और तो और खूब ढेर सारी शॉपिंग भी किया करती थी कुछ लड़के तो ऐसे होते थे

 

 जो मुझे पैसे नहीं देकर गिफ्ट दे दिया करते थे व भी मेरी पसंद के मुझे अब अपनी जिंदगी बहुत अच्छी लगने लगी थी क्योंकि मैं लालची हो गई थी और अपने लालच में आकर मैं काफी सारे लड़कों को लूट चुकी थी लेकिन अब बात सिर्फ गिफ्ट की नहीं रही थी बल्कि मैं लड़कों के साथ पैसों की खातिर रूम पर भी जाने लगी थी और फिर उसके बाद मैंने वही सब कुछ किया था 

 

जो हर लड़का लड़की करते हैं ऐसा करना मेरा शौक भी बन गया था और मुझे ढेर सारे पैसे भी मिल जाया करते थे पैसों का लालच मुझे अंधा बनाता चला जा रहा था और मैं यह समझ ही नहीं पा रही थी कि मैं अपनी इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रही हूं एक दिन जब मैं घर वापस आई तो मुझे पता चला कि मेरा रिश्ता फिक्स कर दिया गया है मैं यह बात सुनकर घबरा गई थी क्योंकि मेरा अभी शादी करने का कोई इरादा नहीं था और मेरे घर वाले मेरी शादी करने के पीछे पड़ गए थे

 

 उन्होंने मुझसे बिना पूछे ही मेरा रिश्ता फिक्स कर दिया था यहां तक कि मेरी शादी की डेट भी अगले महीने की ही रख दी थी उनका कहना था कि तुम लड़की की फैमिली को बहुत पसंद आ गई हो और लड़के की फैमिली अच्छी है खाते-पीते लोग हैं और लड़का भी पढ़ा लिखा है इसलिए उन्हें दान दहेज की भी जरूरत नहीं है और वह लोग शादी में भी फिजूल खर्ची नहीं चाहते मुझे अपने पेरेंट्स पर बहुत गुस्सा आ रहा था कि एक बार उन्हें मुझसे तो इस बारे में डिस्कस कर लेना चाहिए था कि मैं क्या चाहती हूं 

 

मैं उनकी इकलौती बेटी थी मैं चाहती थी कि मेरी शादी खूब धूमधाम से हो आजकल की लड़कियां अपनी शादी को कितना एंजॉय करती हैं मगर मेरी फैमिली ने अगर मेरा रिश्ता फिक्स कर भी दिया था तो ऐसी जगह किया था जो लोग मेरी रूखी सूखी शादी करवाना चाहते थे मैं तो बहुत ही दुखी हो गई थी इस खबर को सुनकर लेकिन मैंने जब लड़के का फोटो देखा तो मैं पिघल गई थी 

 

क्योंकि लड़का बहुत ही स्मार्ट था और लड़के की मां को मेरे जैसे ही खूबसूरत लड़की चाहिए थी इसलिए उनकी कोई डिमांड नहीं थी और फिर फाइनली मेरी शादी हो गई थी लेकिन शादी हो जाने के बाद मेरी जिंदगी एक ऐसे मोड़ पर आ गई थी जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था शादी की पहली रात जब मेरा पति कमरे में आया तो हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं हुआ था

 

 सारी रात मेरी करवटें बदलते हुए गुजर गई थी और इसी तरह से मेरी जिंदगी गुजर रही थी मेरी ससुराल बहुत अच्छी थी हालांकि इस घर में किसी चीज की कोई परेशानी नहीं थी यहां पर मेरी हर डिमांड भी पूरी हो रही थी मगर एक ख्वाहिश मेरे अंदर ऐसी थी कि जिसको पूरा करना मेरी बहुत बड़ी कमजोरी बन चुकी थी शादी के बाद मैं हर रात यही सोचती थी कि मेरी भी क्या जिंदगी थी 

 

ना जाने मैंने अपने पेरेंट्स के कहने में आकर क्या सोचकर यह शादी कर ली थी और मेरे साथ क्या हुआ था मैं तो हमेशा यह समझती थी कि मेरा पति मुझसे बहुत प्यार करेगा मेरी सारी ख्वाहिशों को वह पूरा करेगा मैं अपने सारे अरमान शादी के बाद इस तरीके से अपने पति के साथ पूरे कर सकूंगी अब मेरे सारे सपने बिखर गए थे बल्कि मैं तो अंदर से पूरी तरह से टूटक रह गई थी 

 

मेरे पति के होने ना होने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता था मेरा पति हालांकि बहुत अच्छा इंसान था उसकी नौकरी भी बहुत अच्छी थी और वह मुझसे बहुत प्यार करता था मगर वह मुझे वह सुख नहीं दे पा रहा था जिसके लिए मैंने उससे शादी की थी अपने पति की मौजूदगी में भी मैं बेचैन रहती थी क्योंकि वह मेरी डिमांड पूरी करने के काबिल ही नहीं था तभी तो मैंने फिर मजबूरी में आकर अपने ही पड़ोसी के साथ अफेयर चला लिया था

 

 वह अपनी फैमिली के साथ हमारे पड़ोस वाले घर में शिफ्ट हुआ था उसकी पत्नी पुलिस ऑफिसर थी और वह ज्यादातर ड्यूटी पर ही रहती थी उसके यहां कोई बच्चा भी नहीं था उन दोनों की शादी को अभी एक महीना ही हुआ था उसकी पत्नी का ट्रांसफर इस शहर में हो गया था इसीलिए वह दोनों यहां पर रहने के लिए आए थे वो लड़का बहुत स्मार्ट था और मेरा उस पर दिल आ गया था

 

 सारा दिन उनके घर में भी कोई नहीं होता था इसलिए मैं बहाने से उनके घर में चली जाती थी वो भी अकेला था उसकी पत्नी ज्यादातर ड्यूटी पर ही होती थी और मुझे भी अपनी डिमांड पूरी करने के लिए किसी मर्द की जरूरत थी और जब मेरा पति यह सब पूरा नहीं कर सकता था तो फिर मैंने अपने पड़ोसी रवि के साथ यह सब कुछ करना शुरू कर दिया था वह मुझे पूरा टाइम दिया करता था 

 

मेरी सास भी बहुत खूबसूरत थी मेरे ससुर भी यंग ही थे क्योंकि मेरे पति की ज्यादा उम्र नहीं थी मेरा पति पूरा दिन ऑफिस में रहता था और मेरे ससुर घर में रहकर मेरी सास की हेल्प किया करते थे और मेरी सास का हमेशा ख्याल रखते थे इसलिए वो दोनों एक दूसरे के साथ बिजी रहते थे उन दोनों का ध्यान मुझ पर ज्यादा जाता ही नहीं था और उनके अलावा मेरी ससुराल में कोई भी नहीं था मैं रवी के साथ बहुत खुश रहती थी मगर फिर कुछ दिनों के बाद वह अपनी पत्नी के साथ घर में ताला लगाकर ना जाने कहां गायब हो गया था

 

 उसका नंबर भी नहीं लग रहा था उसकी गैर मौजूदगी में तो मैं मायूस ही हो गई थी मैं तो मछली की तरह तड़प रही थी और बात-बात पर अपने पति को ताने दिया करती थी मेरा पति मुझसे नजरें चुराने लगा था मुझे लगता था कि कहीं मैं उसकी सच्चाई सब लोगों के सामने ना खोल दूं और उसने मुझे मना किया था कि उसकी यह कमी मुझे कभी भी उसके मम्मी पापा के सामने नहीं आने देनी है 

 

वरना वह बहुत शर्मिंदगी महसूस करेगा आज भी जब वह अपने ऑफिस जा रहा था तो मैं ने उसे बहुत सारे ताने देकर घर से विदा किया था दोपहर का टाइम हो रहा था मैं और मेरी सास दोपहर का खाना बनाने में बिजी थे जब मेरे ससुर के पास अचानक से किसी की कॉल आई तो मेरे ससुर उल्टे पैरों ही घर से भाग गए थे हम लोग भी घबरा गए थे कि ना जाने क्या बात हो गई

 

 लेकिन जब एक घंटे बाद मेरे ससुर घर वापस आए तो गली में शोर की आवाजें आने लगी थी मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो हमारे घर के आगे एंबुलेंस रुकी थी और एंबुलेंस से किसी मरीज को निकाला जा रहा था साथ ही साथ मेरे ससुर भी थे और तब मुझ पर यह पहाड़ टूटा था कि मेरे पति की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है अब वह मुझसे हमेशा के लिए बिछड़ गया था ना जाने मुझे उसके मरने का इतना अफसोस क्यों था

 

 या फिर मुझे अपना ठिकाना छिन जाने का अफसोस था क्योंकि मैं दोबारा अपने माय के नहीं जाना चाहती थी मैं दोबारा उस गरीबी भरी जिंदगी में कदम नहीं रखना चाहती थी जहां पर मेरी बचपन से लेकर अब तक कोई भी ख्वाहिश पूरी नहीं हुई थी और इस घर में मुझे हर फैसिलिटी मौजूद थी मेरे दिल में अजीब सी बेचैनी हो रही थी मुझे तो उसके होने या ना होने से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था 

 

लेकिन मुझे यह डर जरूर सता रहा था कि अब मैं क्या करूंगी मेरा इस घर से नाता टूट गया है अब तो मेरी सांस मुझे घर से बाहर निकाल देंगी मेरे पति की मौत को एक महीना हो चुका था लेकिन मेरा हर दिन यही सोचते हुए गुजरता था कि अब मेरे साथ क्या होने वाला है मेरी फैमिली वालों ने कहा था कि हम तुम्हें लेने आ रहे हैं मगर मैं मैं ने उन्हें साफ इंकार कर दिया था 

 

क्योंकि मैं उनके साथ नहीं जाना चाहती थी मुझे डर था कि मेरे पति की मौत को कुछ दिन और गुजर गए तो मेरी सास खुद ही मुझे मेरे मायके छुड़वा देंगी आज रात में बहुत ज्यादा बेचैन हो रही थी मेरे पति की मौत को दो महीने पूरे हो चुके थे और मेरा किसी के साथ अपनी ख्वाहिश पूरी करने का भी मन कर रहा था मैं अपनी फीलिंग्लेस को किस तरह से पूरा कर सकूं काफी दिनों से रवि भी मुझे नजर नहीं आ रहा था

 

 ना जाने वह कहां चला गया था एक दिन मैंने अपने सास ससुर को एक दूसरे के बहुत करीब आते हुए देख लिया था तभी से मुझसे अपनी फीलिंग्लेस मेरे ससुर की तरफ चला गया था मैं कितने समय से खुद के साथ जंग करती रही कि ये सब करना ठीक नहीं है वह मेरे ससुर हैं अगर मेरी सास को यह सब कुछ पता चल गया तो वह कल के बजाय मुझे आज ही घर से बाहर निकाल देंगी

 

 मगर इस समय तो मुझ पर फीलिंग्लेस जी मुझे छोड़कर आ जाएंगे वहां पर मुझे एक हफ्ता लग जाएगा क्योंकि मैं काफी समय के बाद अपने माइके जा रही हूं इसलिए अपने सारे रिश्तेदारों के घर भी जाऊंगी तुम्हें किसी चीज की परेशानी हो तो तुम अपने ससुर जी से मंगवा लेना मेरी सास कहने लगी कि मेरा जाने का मन तो नहीं कर रहा तुम्हें अकेले छोड़कर मगर मेरी मजबूरी है

 

 मैंने दिमाग लगाया तो सोचा कि इससे अच्छा मौका मेरे पास कभी नहीं हो सकता मैंने अपनी सास से कहा कि नहीं नहीं मम्मी जी मुझे किसी चीज की परेशानी नहीं होगी आप बेफिक्र होकर आराम से अपने मायके रहकर आओ आप एक हफ्ते क्या बल्कि एक महीने के लिए वहां पर जाओ क्योंकि आप इतने समय के बाद अपने माइके जा रही हो और वैसे भी जब औरत अपने माइके जाए तो उसे अपना मन भरकर ही वहां से वापस आना चाहिए

 

 मेरी सास बहुत अच्छी औरत थी मेरी यह बात सुनकर वह बहुत इंप्रेस हो गई थी और उनको मेरे ससुर गांव में छोड़ने के लिए चले गए थे उसके बाद मेरे ससुर रात के समय घर वापस आए थे मेरे ससुर खाना खाकर ही आए थे इसलिए वह फौरन अपने कमरे में चले गए मैं उन्हें देख रही थी कि वह एक जवान बेटे के पिता थे फिर भी व उसके बड़े भाई लग रहे थे ऐसा ही कुछ हाल मेरी सास का भी था 

 

उन दोनों की शादी कम उम्र में हो गई थी इसी वजह से उन दोनों की ज्यादा उम्र नहीं लगती थी मेरी सास भी बहुत खूबसूरत औरत थी और कुछ उन्होंने खुद को यंग बनाकर रखा हुआ था मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने ससुर पर कैसे डोरे डालूं फिर मुझे आईडिया आया और मैं चाय बनाने के लिए किचन में चली गई थी चाय की ट्रे लेकर मैं अपने ससुर के कमरे में चली गई 

 

और उनसे कहने लगी कि आप थक गए होंगे इसलिए मैं आपके लिए चाय लेकर आई हूं लेकिन इससे पहले मैंने बैकलेस साड़ी पहन ली थी ताकि मैं उन्हें इंप्रेस कर सकूं मैंने चाय का कप हाथ में लेकर उन्हें दिया उन्होंने जैसे ही चाय के कप को टच किया तो उनका हाथ मेरे हाथ से भी टच हो गया था मेरे अंदर तो जैसे करंट ही लग गया था मुझे वह बड़ी हैरानी से देखने लगे थे तभी मैं उन्हें मौका दिए बिना ही उनके साथ लिपट गई थी 

 

मेरे लिपट ही उन्हें भी कोई ऐतराज नहीं हुआ था और वह भी मुझसे खुश हो गए थे क्योंकि मेरी खूबसूरती में भी कोई कमी नहीं थी और उनकी पत्नी भी इस समय घर पर मौजूद नहीं थी इसीलिए मेरे साथ-साथ उनके पास भी मौका बहुत अच्छा था और फिर हम दोनों के बीच वह खेल शुरू हो चुका था जो एक मर्द और एक औरत के बीच खेला जाता है 

 

अब मेरी सांस के पीछे हम लोग अकेले कमरे में खूब मिलने लगे थे मुझे सब में बहुत मजा आ रहा था और मैं अपने पति को तो पूरी तरह से भूल चुकी थी इसी तरह से एक हफ्ता गुजर गया था और मेरी सांस के आने का वक्त हो गया था मेरे ससुर का भी कहना था कि वह इस बारे में अपनी पत्नी को कुछ नहीं बताएंगे अगर मेरी सास को धोखे से भी इस बारे में पता चल जाता तो मेरे लिए बहुत बड़ी मुसीबत आ जाती

 

 लेकिन कुछ दिनों बाद ही रवि भी वापस आ गया था उसने कहा था कि उसकी पत्नी एक बड़े केस को सॉल्व करने के लिए दूसरे शहर गई हुई है और वह किसी काम के सिलसिले में मुझे बिना बताए बाहर चला गया था अब जब मेरी सास घर में आ गई थी तो मैं रवि के साथ टाइम स्पेंड कर रही थी मैं बहाना लेकर उसके घर चली जाया करती थी और फिर हम दोनों अकेले घर में एक दूसरे के साथ इस पाप को अंजाम दिया करते थे

 

 मेरे ससुर भी मौके की तलाश में रहते थे मगर घर में सास के होने की वजह से वह कुछ नहीं कर पा रहे थे रवि के आ जाने के बाद मैं उनसे दूर-दूर रहने लगी थी क्योंकि अब मुझे उनकी जरूरत नहीं थी जिंदगी इसी तरह से गुजर रही थी मैं अपनी जिंदगी में बहुत खुश थी क्योंकि जैसा मैं चाहती थी वैसा सब कुछ मुझे मिल रहा था ससुराल में हर तरह का आराम था हर चीज आसानी से मिल जाया करती थी

 

 क्योंकि मेरे ससुर भी कोई ना कोई काम करते रहते थे और फिर इस घर में हम सिर्फ तीन लोग ही तो रहते थे हम तीनों लोगों का कोई ज्यादा खर्च भी नहीं था और जिस चीज की ख्वाहिश मुझे सबसे ज्यादा थी उसको रवि पूरी कर रहा था मेरे पति की मौत को भी काफी समय हो गया था मगर मेरी सास ने मुझे घर से जाने का नहीं कहा था इससे पहले वह मुझे घर से निकल जाने के लिए कहती अचानक मेरी तबीयत बिगड़ने लगी थी

 

 मैं चक्कर खाकर गिर गई थी मेरा दिल खराब होने लगा था मेरी हालत देखकर मेरी सांस चौक गई थी और जब वह मुझे डॉक्टर के पास लेकर गई तो यह बात सुनकर मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई थी कि मैं प्रेग्नेंट हूं उस समय तो मेरी सास बिल्कुल खामोश हो गई थी उन्होंने मुझसे किसी तरह की कोई बात नहीं की थी मुझे सारे रास्ते घबराहट हो रही थी कि अब ना जाने मेरी सास का क्या रिएक्शन होगा

 

 और वो मुझे इस घर से निकाल देंगी लेकिन घर आने के बाद उन्होंने मुझ पर बहुत गुस्सा किया था और मुझे सख्ती से सवाल करने लगी थी कि आखिर यह किसका बच्चा है तुम हमारी आंखों में धूल झक करर किसके साथ मिलती रही हो किसके साथ यह सब कुछ करती रही हो तुम मेरे बेटे की विधवा हो यह समझकर मैंने तुम्हें अपने घर में रहने दिया लेकिन तुम तो हम लोगों को बेवकूफ बना रही हो ना जाने तुम किस-किस से मिलती हो 

 

अब बताओ सच-सच कि यह बच्चा किसका है वरना मैं तुम्हें धक्के मारकर घर से निकाल दूंगी मैंने डरते डरते रवि का नाम ले दिया था जबकि मेरे ससुर भी घबराए हुए थे उन्हें लगता था कि यह बच्चा उनका तो नहीं मगर यह बच्चा रवि का था मैं अच्छी तरह से जानती थी रवि का नाम सुनकर तो मेरी सास के होश उड़ गए थे उन्होंने कहा कि तुम जानती भी हो कि वह शादीशुदा है 

 

और उसकी पत्नी पुलिस ऑफिसर है वह ज्यादातर घर से बाहर रहती है इस बात का उसने भी खूब फायदा उठाया है मेरी सास ने मुझे और भी बहुत सारी बातें कही थी मगर मैं खामोशी से सुनती रही थी क्योंकि मेरी गलती थी मेरे ससुर भी यह बात सुनकर हैरान रह गए थे कि मैं गलत कैरेक्टर की लड़की हूं मैं उनके बेटे की विधवा होते हुए उनके साथ ही नहीं बल्कि आस पड़ उसके लोगों के साथ भी रिलेशन बना चुकी हूं

 

 मेरे ससुर भी मुझसे नाराज हो गए थे लेकिन उन्होंने मेरी सास को कुछ नहीं बताया था क्योंकि इस सब में वह खुद भी फंस सकते थे मेरी सास ने कहा था कि तुम अपने माइके चली जाओ तुम्हारे माइके वाले ही अब तुम्हें बर्दाश्त करेंगे मैं इसमें कुछ नहीं कर सकती मैं अपनी सांस के पैरों में गिर गई थी और उनसे कहने लगी थी कि प्लीज मुझे माफ कर दो अब जो कुछ हुआ है उसे तो बर्दाश्त करना ही पड़ेगा 

 

मैं ऐसी कंडीशन में अपने माइके नहीं जा सकती वरना वह लोग मुझे वहां से भी निकाल देंगे तो फिर मैं कहां जाऊंगी क्योंकि मेरे परिवार वाले बहुत इज्जतदार लोग हैं मेरी सास ने कहा कि तुम्हारे परिवार वाले अगर इज्जतदार लोग हैं तो तुम्हें उनकी इज्जत की फिक्र करनी चाहिए थी वो मुझसे बहुत नाराज थी और अपना गुस्सा जहर की तरह उगल रही थी मैंने उन्हें उनके बेटे का वास्ता देकर समझाने की कोशिश की थी

 

 तो उन्होंने मुझे छोड़ दिया था और मुझे अपने घर में रहने की परमिशन दे दी थी मगर मेरे ससुर का मूड बहुत खराब हो रहा था वह तो मेरी तरफ देख भी नहीं रहे थे लेकिन उनका देखना ना देखना मेरे लिए अब कोई मायने नहीं रखता था मेरी सास ने रवि को हमारे घर बुलाया था और उसको जब यह सब कुछ बताया तो वह हर बात से इंकार कर चुका था उसने कहा था कि आपकी बहू झूठ बोल रही है हम दोनों के बीच ऐसा कुछ भी नहीं हुआ मैं रवि के इस झूठ पर सख्त हैरान रह गई थी

 

 मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था मेरी सास समझ गई थी कि वह उनसे झूठ बोल रहा है उन्होंने कहा कि यह बच्चा तुम्हारा ही है और अब तुम्हें इस बच्चे को और अल्का को एक्सेप्ट करना ही होगा वरना इसके अलावा तुम्हारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है वह घबरा गया था क्योंकि वह मुझे अपनी पत्नी के होते हुए एक्सेप्ट नहीं कर सकता था उसकी पत्नी हमेशा ड्यूटी पर होती थी

 

 इसीलिए उसे अपने पति की हरकतों की कोई खबर नहीं थी उसका कहना था कि मैं एक विधवा से शादी नहीं कर सकता तब मेरी सास ने कहा कि तुम एक विधवा के साथ शादी नहीं कर सकते मगर उसके साथ रंग रलिया तो खूब मना सकते हो इस बात पर वह खामोश हो गया था और उसने कहा था कि वह सोचकर मेरी सास को इस बारे में बता देगा मेरी सास का कहना था कि अगर उसने तुमसे शादी कर ली तो फिर तुम उसके घर चली जाना अब हम तुम्हें अपने घर में बर्दाश्त नहीं करेंगे 

 

क्योंकि हम समझ गए हैं कि तुम बहुत ही बिगड़ी हुई औरत हो जिसकी हमारे घर में कोई जगह नहीं है अपनी सांस की बातें सुनकर मैं शर्मिंदा हो रही थी पर मैं क्या कर सकती थी मैं भी तो मजबूर थी रवि ने कुछ दिनों बाद मेरी सास को भरोसा दिलाया था कि वह मुझे एक्सेप्ट कर लेगा लेकिन अभी नहीं अभी जिस तरह से चल रहा है चलने दिया जाए क्योंकि अभी उसकी नौकरी में कुछ दिक्कत आ रही है 

 

और जब उसकी नौकरी फाइनल हो जाएगी तब वह मुझसे शादी कर लेगा और अपनी पत्नी के बारे में सोचेगा कि उसका क्या करना है क्योंकि वह भी ज्यादातर घर से बाहर ही रहती थी इसलिए जिस परेशानी का शिकार मैं हो रही थी उसी परेशानी का शिकार रवि भी हो चुका था तभी तो उसने अपना दिल बहलाने के लिए मेरा सहारा लिया था अब मैंने अपनी सांस के आगे सर झुका दिया था

 

 रवि ने खामोशी से कहा था कि तुम मेरे घर आ जाओ लेकिन अभी मैं तुमसे शादी नहीं कर सकता मैं अपनी पत्नी को धोखा नहीं देना चाहता मैं रवि के साथ बिना शादी किए भी रह सकती थी क्योंकि मुझे तो सिर्फ एक ही चीज की जरूरत थी और उसके पास पैसे की भी कोई कमी नहीं थी उसकी पत्नी और वह दोनों मिलकर काफी पैसे कमाते थे उसने मेरी सास से नौकरी का तो बहाना लिया था

 

 दरअसल वोह मुझसे शादी ही नहीं करना चाहता था क्योंकि अगर वह ऐसा कर लेता तो उसकी पत्नी बहुत खतरनाक औरत थी अपने ही पति को अरेस्ट भी कर सकती थी इसलिए अपनी पत्नी से छुपकर उसने मुझे अपने घर में जगह तो दे दी थी मगर ऐसा सिर्फ मेरी सास को तसल्ली दिलाने के लिए ही किया था मेरी सास को लगा था कि उसने मुझे एक्सेप्ट कर लिया है 

 

और अब वह अपनी पत्नी को छोड़ देगा मगर शायद मेरी सास नहीं जानती थी कि उसकी पत्नी को धोखा देने का अंजाम हमें क्या मिलने वाला था इसलिए सब कुछ खामोशी से चलता रहा मैं रवि के ही घर पर रह रही थी रवि ने मुझसे अबॉर्शन करवाने के लिए कहा था और मैं यह अबॉर्शन नहीं करवाना चाहती थी लेकिन वह मुझे जबरदस्ती अस्पताल ले गया था और उसने मेरा अबॉर्शन करवा दिया था

 

 इस तरह से इस बच्चे का नामो निशान तो खत्म हो गया था ऐसा करने से रवि के सर से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया था जब रवि की पत्नी के आने की खबर होती तो मैं अपने ससुराल आ जाती थी क्योंकि मेरी सास को मैंने यही बताया था कि अभी रवि ने अपनी पत्नी से बात नहीं की है और मेरा मिसकैरिज हो गया जिसकी वजह से मेरा बच्चा इस दुनिया में नहीं रहा इस बात पर मेरी सास को बहुत अफसोस हुआ था 

 

जब रवि की पत्नी चली जाती थी तो मैं फिर से रवि के घर चली जाती थी और फिर कुछ दिन गुजारने के बाद हम दोनों पहले की तरह नॉर्मल लाइफ पर आ गए थे हर रात हम दोनों एक दूसरे के साथ इस काम को अंजाम दिया करते थे क्योंकि व भी इस चीज के लिए तरस रहा था और मैं भी मगर इस बीच एक बात बहुत अजीब थी कि मेरे ससुर मेरे पीछे पड़े हुए थे 

 

उनका कहना था कि मैं उनका भी दिल बहला हं वरना वह मेरी सारी सच्चाई मेरी सास को बता देंगे मैं उनकी इस धमकी से डर गई थी लेकिन मैंने उनको भी धमकी दी थी कि मैं आपके बारे में भी आपकी पत्नी को सब कुछ बता दूंगी उन्होंने कहा था कि तुम्हारी सच्चाई तो पहले ही रवि के साथ खुल चुकी है इसलिए मेरी पत्नी मेरी बात पर आसानी से यकीन नहीं करेगी और मैं यह बात साबित करने में कामयाब रहूंगा कि गलती तुम्हारी ही है

 

 तुम मुझ पर इल्जाम लगा रही हो अब मैं रवि से छुपकर अपने ससुर के साथ भी वह सब कुछ कर रही थी मेरे ससुर चोरी चुपके रवि के घर दिन में आ जाते थे और फिर वह शाम के टाइम निकल जाते थे उसके बाद रात को जब रवि आता था तो फिर हम दोनों एक दूसरे के साथ इस बात को अंजाम दिया करते थे मेरे दिन और रात इसी तरह से गुजर रहे थे अबॉर्शन होने की वजह से मेरे अंदर बहुत कमी आ गई थी

 

 अब मैं इन दोनों मर्दों की हवस का शिकार हो रही थी क्योंकि इन दोनों को ही हवस की आदत पड़ गई थी लेकिन अब धीरे-धीरे कमजोरी की वजह से मेरा मन इस काम से हटने लगा था दरअसल जब मेरी शादी मेरे पति के साथ हुई थी तब से ही उन्हें अपनी कमी के बारे में पता था वह अपने पेरेंट्स को शादी करने के लिए टालते रहते थे क्योंकि वह अच्छी तरह से जानते थे कि उनके अंदर बहुत बड़ी कमी है

 

 मगर उनके पेरेंट्स ने उनकी शादी जबरदस्ती करवा दी और फिर जब शादी की रात मेरी ख्वाहिश पूरी नहीं हुई तो मेरे सामने उनकी कमजोरी खुलकर आ गई थी जबकि मैंने सोचा था कि शादी से पहले जो सब कुछ मैं लड़कों के साथ किया करती थी वह मैं अब अपने पति के साथ किया करूंगी अपने पति की वजह से मैं अंदर ही अंदर घुटती चली जा रही थी मेरी फीलिंग्लेस दिन मेरे पति जॉप पर गए हुए थे

 

 और मेरी सास घर के कामों में बिजी थी मैं कपड़े धोने के बाद छत पर कपड़े फैलाने के लिए गई थी तब मेरी नजर पड़ोस वाली छत पर बैठे हुए रवि पर चली गई थी और तभी से ही हम दोनों की बातचीत शुरू हो गई थी धीरे-धीरे हम दोनों इतने करीब आ गए थे कि मैं छत से ही रवि के घर चली जाती थी और हम दोनों एक दूसरे के साथ फिजिकल हो गए थे मेरे पति को मुझ पर शक होने लगा था

 

 मगर मैं उनको टाल दिया करती थी कि यह आपका वहम है आप खुद कुछ नहीं कर सकते इसलिए आपको अपनी पत्नी पर शक होता है मेरा पति मेरा यह ताना सुनकर खामोश हो जाया करता था लेकिन एक दिन मेरे पति ने मुझे रवि के घर में जाते हुए देख लिया था और वह समझ गए थे कि मैं उसके घर में क्यों गई हूं उन्होंने घर आने के बाद मुझे बहुत डांट लगाई थी सारे रात हम दोनों झगड़ते रहे थे

 

 मैं अपने पति से यह कह रही थी कि अगर आप ऐसे नहीं होते तो मुझे अपनी ख्वाहिशों को दूसरों से पूरा नहीं करना पड़ता मैंने अपने पति से कहा था कि अगर आपकी कंडीशन ऐसी थी तो आपको मुझसे शादी ही नहीं करनी चाहिए थी मेरा पति खामोश होकर मेरी सारी बातें सुनता रहा था मेरी सारी बातें उनको हर्ट कर रही थी वह सारी रात टेंशन में रहे थे 

 

और फिर जब सुबह वह ऑफिस गए तो खबर आई थी कि उनका एक्सीडेंट हो गया अब मैं अपने ससुर और से अपनी जान छुड़ाना चाहती थी क्योंकि इन दोनों ने मुझे बहुत तंग कर दिया था मुझे एक मिनट की भी फुर्सत नहीं मिलती थी दिन के समय मेरे ससुर आ जाते थे और रात के समय पर रवि जिस चीज को मैंने अपना शौक बना लिया था उस चीज से अब मेरा मन भरने लगा था 

 

मगर मेरे ससुर मुझे बार-बार ब्लैकमेल करते थे कि अगर तुमने मुझे इंकार किया तो मैं तुम्हारी सास को तुम्हारे और रवि के बारे में सब कुछ बता दूंगा मैं बस किसी तरह से अपने ससुर से जान छुड़वाना चाह चाहती थी मैंने उन्हें हर तरीके से समझाकर देख लिया था मगर वह मेरा पीछा छोड़ने के लिए राजी ही नहीं थे मैं यह सोचकर खुद पर कंट्रोल कर लिया करती थी कि इसमें मेरा कोई कसूर नहीं है

 

 मुझे अपनी ख्वाहिशें किसी ना किसी के साथ तो पूरी करनी ही थी लेकिन इस काम के चलते हुए काफी दिन हो गए थे अब इस काम का दी एंड होने की बारी आ गई थी क्योंकि एक दिन जब दोपहर के समय मेरे ससुर मेरे पास आए तो हम दोनों बंद कमरे में इस पाप को करने में बिजी थे तभी अचानक झटके से दरवाजा खुल गया और यह देखकर मेरे और मेरे ससुर के होश उड़ गए थे कि दरवाजे पर कोई और नहीं बल्कि मेरी सास और रवि की पत्नी मौजूद थी

 

 रवि तो घर से गया हुआ था इसलिए उस बारे में नहीं पता था रवि मेरे और मेरे ससुर के बारे में कुछ नहीं जानता था वो दोनों औरतें फटी फटी नजरों से हम दोनों को देख रही थी हम दोनों घबराकर एक दूसरे से अलग हो गए थे और हमने अपनी हालत को ठीक किया था उन लोगों को देखकर मैं तो बुरी तरह से घबरा गई थी मैंने फौरन से अपने कपड़े ठीक किए मेरी सास मेरे करीब आई और उन्होंने मेरे मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया था

 

 और तो और उन्होंने अपने पति को भी घूर कर देखा था रवि की पत्नी ने फौरन ही रवि को भी घर बुला लिया था और उससे कहा था कि ये सब कुछ हमारे घर में क्या हो रहा है आखिर तुम मेरे पीठ पीछे यहां पर क्या करते रहते हो रवि मुझे और मेरे ससुर को देखकर घबरा गया था मेरी सास ने कहा था कि मैं तुम्हें बताती हूं आखिर यहां पर चल क्या रहा है दरअसल यह औरत तुम्हारे पति के साथ भी अफेयर चला रही है 

 

और मेरे पति को भी अब इसने अपने काबू में कर लिया है यह बहुत ही घटिया औरत है यह मेरे बेटे की विधवा है मगर इसने अपनी हवस पूरी करने के लिए तुम्हारे पति को भी अपना शिकार बना लिया और मेरे पति को भी मुझे काफी दिनों से अपने पति पर शक हो रहा था मैं अपने पति और अपनी बहू को रंगे हाथों पकड़ना चाहती थी इसलिए मैंने तुम्हें यहां पर बुलाया है 

 

लेकिन शायद तुम नहीं जानती कि तुम्हारे पति के बच्चे की मां भी बन गई थी पर इन्होंने ना जाने उस बच्चे के साथ क्या किया मिसकैरिज हो गया था या फिर जबरदस्ती इन लोगों ने अबॉर्शन करवाया था रवि की पत्नी तो यह बात सुनकर हैरान रह गई थी उसे अपने कानों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था क्योंकि उसने अपने पति पर बहुत भरोसा किया था दरअसल मेरी सास ने उसे फोन करके बुलाया था 

 

उन्होंने रवि की पत्नी से कहा था कि तुम्हारे घर में कुछ गैर कानूनी काम हो रहा है तुम जल्द से जल्द अपने घर आ जाओ यही सब कुछ देखने के लिए वह आई थी और उसके सामने हम लोगों की हकीकत आ गई थी मेरी सास ने कहा था कि अरेस्ट कर लो इस लड़की को और साथ ही साथ मेरे पति को भी अरेस्ट कर लो जो अपनी पत्नी के होते हुए अपनी बहू के साथ यह सब कुछ कर रहा है

 

 इस आदमी को शर्म नहीं आई अपने बेटे की विधवा के साथ यह सब कुछ करते हुए मेरे ससुर कहने लगे कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है जब तुम एक हफ्ते के लिए अपने मायके गई थी तो तब यह खुद मुझसे आकर लिपट गई थी और फिर जब रवि घर वापस आ गया तो यह रवि के साथ यह सब कुछ करने लगी सब लोगों के सामने मेरा कैरेक्टर खुलकर आ गया था मैं अपने साथ से माफी मांग रही थी

 

 पर शायद माफी की गुंजाइश उन लोगों के दिल में अब नहीं थी रवि भी अपनी पत्नी से माफी मांग रहा था मगर वह अपने पति की बेवफाई सहन नहीं कर सकी और उसने हम तीनों को ही अरेस्ट कर लिया था उसने कहा था कि ऐसे इंसान के साथ जिंदगी गुजारने का कोई फायदा नहीं जो आपके पीछे दूसरी औरतों का दीवाना हो जाए मैंने अपनी सास से कहा था कि ये सब करने पर मुझे आपके बेटे ने मजबूर किया था

 

 क्योंकि आपका बेटा एक नामर्द इंसान था उससे कुछ नहीं हो सका वह मुझे शादीशुदा होने का सुख नहीं दे पा रहा था यही वजह थी कि मैंने यह कदम उठाया लेकिन अब जो कुछ भी था मैंने अपने पति के मरने के बाद काफी कुछ गलत किया था मैंने अपने पति को भी उसकी कमजोरी पर उसे बहुत बातें सुनाई थी जिसकी वजह से वह टेंशन में आ गया था और ऑफिस से घर आते समय उसका एक्सीडेंट हो गया 

 

मेरी जैसी अपने शौक पूरे करने वाली औरतों का शायद कुछ नहीं हो सकता मेरे किए की सजा मुझे मिल गई आज मैं जेल में चक्की पीस रही हूं और भगवान से प्रार्थना करती हूं कि वह मुझे माफ कर दे क्योंकि मैंने औरत होते हुए रवि की पत्नी और अपनी सास का घर उजाड़ दिया था यहां तक कि मैं अपने पति की भी पत्नी बनकर नहीं रही थी मैं आज भी अपने किए की सजा काट रही हूं 

 

लेकिन आप लोगों को यही बताना चाहती हूं कि जो गलती आप करते हो उसकी सजा भगवान आपको दुनिया में ही दिखा देगा इसलिए कोई भी गलती करने से पहले उसके अंजाम के बारे में सोच लेना ताकि आप गलती कर ही ना सको और अपनी उस गलती को करने से पहले ही रोक दो दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी 

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