बेटी की शादी सोच समझ कर करें। Mastram Ki Hindi Story | Sad And Emotional Hindi Story

Mastram Ki Hindi Story : मेरा नाम गुंजन है हमारे घर में खुशी के गीत बज रहे थे चारों तरफ से घर को फूलों से सजाया गया था खुशी का समा था सब लोग बहुत खुश थे और सबसे ज्यादा मैं खुश थी क्योंकि मेरी दीदी की शादी थी घर में बहुत सारे मेहमान रुके हुए थे और बहुत काम थे मैं भी किसी ना किसी काम में बिजी ही थी शादी की खुशी होने के साथ-साथ मुझे अपनी बहन के घर से चले जाने का दुख भी था क्योंकि हम दोनों बहनों में बहुत प्यार था

और एक एक दूसरे के बीच बहुत अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी मैं भले ही अपनी बहन से 5 साल छोटी थी मगर फिर भी हम दोनों हाइट हेल्थ से एक जैसे ही उम्र के लगते थे हम दोनों बहनें बहुत ही खूबसूरत थे लोग हम दोनों बहनों की खूबसूरती की बहुत तारीफ किया करते थे हम दो बहनें थे जबकि हमारे तीन भाई थे और तीनों ही भाई हम दोनों बहनों से छोटे थे अपनी दीदी के इस घर से चले जाने के बारे में सोच सोचकर मुझे बहुत रोना आ रहा था

वह सिर्फ कल तक की ही मेहमान थी क्योंकि कि कल को उनकी बारात आने वाली थी और वह हमेशा-हमेशा के लिए अपने ससुराल जाने वाली थी मेरी मम्मी का कहना था कि दीदी की शादी के एक साल बाद व मेरी भी शादी कर देंगी मगर मैं अभी शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि मैं जॉब करना चाहती थी मेरी बहन का जिस घर में रिश्ता लगा था वो लोग बहुत ही अच्छे थे और मेरे जीजू तो बहुत ही स्मार्ट हैं उनकी मम्मी पापा मेरी दीदी से बहुत प्यार किया करते थे

मेरी दीदी का रिश्ता न महीने पहले से लगा हुआ था उनकी शादी की सारी शॉपिंग भी उनकी सास ने खुद उनको अपने साथ ले जाकर करवाई थी आखिर मेरी दीदी उनकी इकलौती बहू थी इसलिए वह हर चीज मेरी दीदी की पसंद की ही लेकर आई थी हम लोग दीदी के साथ हल्दी के रसम कर रहे थे मेरी दीदी का मुंह ठीक नहीं था दरअसल मेरी दीदी किसी और से प्यार करती थी वह लड़का हमारे मोहल्ले में ही रहता था दीदी की मोहब्बत के चर्चे तो पूरे मोहल्ले में हो गए थे

हमारे यहां मोहब्बत करने वाले लोगों को गलत समझा जाता है जबकि लव मैरिज करना कोई गलत बात नहीं है लव मैरिज करने वाले लोगों को लोग जीने नहीं देते उन्हें गलत समझते हैं मेरी दीदी जिस लड़के से प्यार करती थी उसके साथ उनका अफेयर पिछले 5 साल से था यह बात जब मेरे मम्मी पापा को पता चली तो उन लोगों ने दीदी पर बहुत डांट लगाई थी यहां तक कि उस लड़के की वजह से पापा ने दीदी पर हाथ भी उठा लिया था दीदी तो जिद पर ड़ी हुई थी कि उन्हें उसी लड़के के साथ शादी करनी है

मेरे पापा बहुत ही इज्जतदार आदमी थे जब उन्हें दीदी के इस अफेयर के बारे में पता चला था तो उन्हें बहुत गुस्सा आया था वह किसी ना किसी तरह दीदी की इस बात को दबा देना चाहते थे मगर दीदी ने किसी की नहीं सुनी और वह लगातार उस लड़के से मिलती रही मैंने भी दीदी से कई बार मना किया था उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की थी कि आपकी शादी पापा कभी इस लड़के के साथ नहीं होने देंगे क्योंकि उस लड़के की अभी तक जॉब नहीं लगी थी

वह 25 साल का हो गया था फिर भी अपने पिता की कमाई पर ही अपना गुजारा कर रहा था जबकि हमारे यहां भगवान का दिया सब कुछ था मेरे पापा ने मेरे भाइयों को उनकी पढ़ाई पूरी होते ही अपने पास दुकान पर रख लिया था जबकि मेरे बड़े भैया जॉब किया करते थे मेरे पापा दीदी की शादी किसी ऐसे लड़के के साथ नहीं करना चाहते थे जो मेहनत करना ही नहीं जानता हो आजकल शादी के बाद 100 खर्चे होते हैं मगर वह लड़का इस बात को नहीं समझ रहा था

कहने को तो हमारे घर रिश्ता भेजने के लिए भी तैयार था लेकिन पापा को दीदी की शादी उस घर में करनी ही नहीं थी क्योंकि उस लड़के का बहुत बड़ा परिवार था और हर दूसरे तीसरे दिन भाइयों में आपस में लड़ाई झगड़ा होता रहता था यह बात मेरे पापा को क्या पूरे मोहल्ले को ही बहुत बुरी लगती थी जिस घर के लोगों से मेरे पापा नफरत करते थे आखिर वह उस घर में अपनी बेटी की शादी कैसे कर सकते थे दीदी का अफेयर उस लड़के के साथ था यह बात पूरे मोहल्ले को पता चल गई थी

जिस वजह से मेरी दीदी की बहुत बदनामी हो रही थी क्योंकि लोग हम लोगों को बहुत अच्छा समझते थे जब उन लोगों को मेरी दीदी के बारे में पता चला तो लोग हमारी अच्छा यों को भूल गए थे और मेरी दीदी को बदनाम करने लगे थे मेरे पापा की भी मोहल्ले में काफी बेइज्जती होने लगी थी क्योंकि लोग उनसे कहते थे कि आपकी बेटी जितनी शरीफ लगती थी उतनी निकली नहीं उसने मोहल्ले के ही लड़के से चक्कर चला लिया मेरे पापा लोगों की बातों को जैसे-तैसे बर्दाश्त किया करते थे

और अपने ईगो में आकर उन्होंने जबरदस्ती दीदी का उनकी मर्जी के बिना ही रिश्ता तय कर दिया दीदी इस रिश्ते के लिए नहीं मान रही थी वह तो उस लड़के के साथ ही शादी करना चाहती थी लेकिन जब पापा ने उनसे कहा कि तुम्हें अपने पापा की जिंदगी प्यारी है या फिर उस लड़के से शादी करना अगर तुमने मेरी मर्जी के मुताबिक शादी नहीं की तो तुम मेरा मरा हुआ मुंह देखोगी यह बात सुनकर दीदी कमजोर पड़ गई थी और उन्होंने इस रिश्ते के लिए हां कर दी थी

हमें पक्का यकीन था कि धीरे-धीरे दीदी उस लड़के को भूल जाएंगी जिससे वह प्यार किया करती थी क्योंकि पापा ने उनके लिए बहुत अच्छा लड़का देखा था लड़का बहुत सीधा-साधा संस्कारी और जॉब करने वाला लड़का था और लड़के का परिवार भी बहुत कम था घर में सिर्फ तीन लोग ही थे दीदी कहीं अपना फैसला बदल ना दे इसलिए पापा ने उनकी शादी जल्द से जल्द करने का फैसला कर लिया था यही वजह थी कि उनकी शादी में हम लोगों ने सिर्फ 3 महीने का ही समय लगाया था

मेरे पापा तो अगले ही महीने शादी कर देना चाहते थे लेकिन लड़के वालों ने हमसे तैयारी करने का थोड़ा टाइम मांगा था इसलिए शादी 3 महीने तक बढ़ गई थी दीदी ने रिश्ते के लिए हां कर दी थी और उनका मूड भी ठीक रहने लगा था हम लोगों को य न हो गया था कि दीदी उस लड़की को पूरी तरह से भूल गई हैं उन्होंने उसको अपने दिल से निकाल दिया है क्योंकि जिससे उनकी शादी होने वाली थी वह उस लड़के से कई ज्यादा बेहतर है

मेरी दीदी ने अपने पेरेंट्स की मर्जी को अपनी मर्जी मानकर बहुत समझदारी दिखाई थी और इस वजह से सब लोग बहुत खुश थे मगर अब उनकी शादी होने वाली थी तो मैं उनकी फीलिंग्लेस लग रही थी मेरी दीदी ने उस लड़के की वजह से बहुत मार खाई थी और अपने माता-पिता की नजरों में भी वह बहुत गिर गई थी मगर अब यहां शादी करने की वजह से मम्मी पापा के दिल से भी उनकी सारी नाराजगी दूर हो गई थी अगले दिन मेरी दीदी की बारात आई थी

और खुशी-खुशी हम लोगों ने उनको विदा कर दिया था मैं उनकी विदाई पर बहुत रोई थी मेरे मम्मी पापा ने भी उनको सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया था मम्मी पापा के दिल से तो एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया था क्योंकि जब बेटी माता-पिता की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने लगती है तो माता-पिता को अपनी जिंदगी बुरी लगने लगती है और वह चाहते हैं कि जैसे-तैसे बस उनकी बेटी इज्जत से अपनी ससुराल चली जाए मेरी दीदी अपनी ससुराल जा चुकी थी

मुझे उनकी बहुत याद आ रही थी मैं उनको याद कर कर के बहुत रोती थी क्योंकि हम दोनों एक ही कमरे में सोते थे मेरी दीदी ने अपने अफेयर के बारे में मुझे अपनी एक-एक बात बताई हुई थी मगर अब क्या करना था इन सब बातों को मुझे भी अब अपने दिमाग से निकाल देना चाहिए क्योंकि दीदी भी तो अपनी पुरानी बातों को अपने दिल और दिमाग से निकालकर अपनी ससुराल चली गई थी इसीलिए पुरानी बातों को करने से मेरे लिए कोई भी फायदा नहीं था

फिलहाल घर में बहुत खुशहाली थी हम लोग सुकून से सो गए थे लेकिन सोने से पहले मैंने दीदी की शादी के अपने और दीदी के फोटो स्टेटस पर लगा दिए थे और अपना फोन भी साइलेंट कर दिया था क्योंकि मैं सोने से पहले फोन साइलेंट जरूर करती थी मेरी कुछ फ्रेंड्स थी जो रात के टाइम पर मुझे कॉल करके परेशान करती रहती थी उनकी वजह से ही मैं अपने फोन को हमेशा साइलेंट कर देती थी क्योंकि मेरी सुबह को देर तक सोने की आदत थी मैं नहीं चाहती थी कि मुझे कोई भी कॉल करके डिस्टर्ब करें

वैसे भी दीदी की शादी की वजह से मैं बहुत ज्यादा थकी हुई थी मैं अपना मोबाइल साइलेंट करके सो गई थी अगले दिन जब मैं सुबह को उठी तो मैंने अपना मोबाइल चेक किया यह देखकर मैं दंग रह गई थी कि मेरे नंबर पर रात के 3:30 बजे की मिस्ट कॉल्स आई हुई थी जो कि मेरी दीदी के नंबर से आई थी मेरी दीदी अपना मोबाइल अपने साथ ले गई थी लेकिन मेरी समझ नहीं आ रहा था कि उन्होंने मुझे रात की उस समय कॉल्स क्यों की थी इस समय तो वह अपने पति के साथ कमरे में होंगी

तो फिर उन्हें मुझे कॉल करने की ऐसी क्या जरूरत पड़ गई थी यही पूछने के लिए मैंने अपनी दीदी के नंबर पर कॉल की तो उनका नंबर स्विच ऑफ जा रहा था मेरी समझ नहीं आया कि आखिर दीदी ने मुझे कॉल भी की और अपना मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ कर दिया पता नहीं क्या बात थी लेकिन मेरा दिल बहुत ज्यादा घबरा रहा था मैं सुबह जब उठी और अपनी मम्मी के पास गई हम दोनों मां बेटी बैठे हुए नाश्ता कर रहे थे जबकि मेरे पापा दुकान पर जा चुके थे

और तीनों भाई भी अपने-अपने काम से लग गए थे क्योंकि शादी हो चुकी थी और सारे मेहमान भी सुबह सवेरे ही हमारे घर से चले गए थे जबकि मैं दोपहर के 12:00 बजे सोकर उठती थी मेरी मम्मी की आदत थी कि वह हमारे लिए नाश्ता बनाती थी तो खुद भी हमारे साथ ही नाश्ता किया करती थी पहले तो हम तीनों मां बेटी एक साथ बैठकर नाश्ता करते थे

लेकिन आज तो मैं दीदी को बहुत मिस कर रही थी नाश्ते के टाइम पर हम दोनों मा मां बेटी दीदी की ही बातें कर रहे थे तभी मैंने बातों ही बातों में मम्मी को दीदी की कॉल्स के बारे में बताया तो मम्मी कहने लगी कि तुम दोनों बहनें हमेशा एक साथ रहती थी

ना तुम्हारी बहन को तुम्हारी याद आ रही होगी इसलिए उसने तुम्हें कॉल की होगी ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है सबसे अच्छी बात तो यह है कि वह अपनी ससुराल चली गई है मैंने मम्मी से कहा लेकिन मेरा दिल घबरा रहा है कहीं दीदी को मुझसे कोई काम तो नहीं था या कोई इंपॉर्टेंट बात तो वह मुझसे नहीं करना चाहती थी मम्मी कहने लगी आखिर शादी की पहली रात उसे तुमसे कौन सा इंपॉर्टेंट काम पड़ जाएगा तुम परेशान मत हो वह इस समय सो रही होगी

वैसे भी नए पति-पत्नी देर तक सोते हैं तुम दोपहर के टाइम पर उसे कॉल करके पूछ लेना मम्मी की बात सुनकर मेरे दिल को भी तसल्ली हो गई थी मैंने सोचा था कि मैं दोपहर के 3:00 बजे दीदी को कॉल करके पूछूंगी कि वह रात मुझे कॉल्स क्यों कर रही थी और इसी बहाने उनके हालचाल भी ले लूंगी मुझे दीदी की बहुत याद आ रही थी मैं उनसे बात करने के लिए बहुत एक्साइटेड हो रही थी क्योंकि मैं पूछना चाहती थी कि आखिर उनकी जिंदगी की नई-नई शुरुआत कैसे हुई

उनका ससुराल कैसा है जीजू कैसे हैं और उनका ससुराल जाने के बाद किस तरह से वेलकम किया गया दोपहर के 3:00 बजे तो मैंने दीदी को कॉल लगाई थी लेकिन अभी भी दीदी का नंबर स्विच ऑफ जा रहा था फिर मैंने शाम के टाइम पर उनको कॉल लगाई मगर लगातार उनका मोबाइल नंबर सोई च ऑफी जा रहा था मैं बहुत ज्यादा परेशान हो रही थी इसलिए मैंने मम्मी ममी से कहा कि आप दीदी की सास को फोन लगाओ और उनसे कहो कि वह हमारी बात दीदी से करवा दें

मेरी मम्मी ने दीदी की सास को जब फोन लगाया तो उन्होंने तीन-चार बार कॉल करने पर भी मम्मी की कॉल रिसीव नहीं की थी लेकिन हम लोग जब लगातार उन्हें कॉल करते रहे तो उन्होंने कॉल रिसीव कर ली थी मम्मी ने पहले तो उनके हालचाल पूछे और उसके बाद कहने लगी कि शीतल फोन नहीं उठा रही आप उससे जरा हमारी बात करवा दें तो यह सुनकर उसकी सास कहने लगी कि शीतल अभी अपने ने कमरे में अपने पति के साथ बिजी है मैं उसके कमरे में नहीं जा सकती

ऐसे अच्छा नहीं लगता नई नवेली दुल्हन के कमरे में सास नए कपल्स को जाकर डिस्टर्ब करें इसलिए उन्होंने कहा था कि वह दीदी से हमारी बात थोड़ी देर में करवा देंगी मेरी मम्मी दीदी की सास की बात अच्छी तरह से समझ गई थी इसलिए उन्होंने मुझे भी समझाने की कोशिश की कि अभी उसकी नई-नई शादी हुई है वह अपने पति के साथ बिजी है इसलिए उससे बात करने की जिद मत करो हम कल को उसे फोन कर लेंगे या फिर वह खुद फिर होगी

तो हमें कॉल कर लेगी मैं भी खामोश हो गई थी और अपने काम में बिजी हो गई थी लेकिन दो दिन की जगह ती दिन गुजर गए थे ना तो दीदी ने हमें कॉल की थी और ना ही दीदी को हमने कोई कॉल की थी क्योंकि हम लोग दीदी के ही कॉल का वेट कर रहे थे मगर अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था मैंने मम्मी से कहा था कि आखिर दीदी से हमारी बात क्यों नहीं हो पा रही है मैं उनको बहुत मिस कर रही हूं और मुझे किसी भी तरह उनसे बात करनी है

पापा भले ही दीदी से पहले बहुत गुस्सा हुआ करते थे मगर दीदी के जाने के बाद उनको भी दीदी की बहुत याद आ रही थी पापा ने कहा था कि मैं शीतल को कॉल करके कहता हूं कि वो अपने पति के साथ हमारे घर आ जाए मैं इस बात से बहुत खुश हुई थी पापा ने जीजू के नंबर पर कॉल लगाई तो जीजू ने कहा कि शीतल अभी बिजी है वो एक घंटे के बाद दीदी से हमारी बात करवा देंगे मगर एक घंटा हो गया था जीजू की तरफ से कोई रिस्पांस नहीं आया था

फिर पापा ने जीजू का नंबर डायल किया तो जीजू का नंबर भी स्विच ऑफ जा रहा था उसके बाद पापा ने मेरी दीदी के ससुर को कॉल लगाई तो उनका भी नंबर नहीं लग रहा था मेरी दीदी की शादी को चार दिन गुजर गए थे मगर हमारा उनसे कोई कांटेक्ट नहीं हो पा रहा था मेरा दिल बहुत घबरा रहा था और ऐसे ही कुछ कंडीशन मेरी मम्मी की भी थी समझ नहीं आ रहा था क्या दीदी हमसे बात नहीं करना चाह रही हैं या फिर उनके ससुराल वाले हमसे उनकी बात नहीं करवाना चाह रहे

आखिर इतना भी क्या बिजी होना जब लड़की की शादी होती है तो वह अपने माइके वालों को बार-बार कॉल करती है और शुरू शुरू में तो लड़की अपने पति के साथ अपने माइ के आती जाती भी रहती है मेरी दीदी की शादी को चार-पांच दिन गुजर गए थे फिर भी ना तो उन्होंने हमसे कांटेक्ट किया था और ना ही वह हमारे घर पर आई थी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए इसलिए हम सब लोगों ने प्लान बनाया था कि हम सब एक साथ मिलकर दीदी के घर जाएंगे

लेकिन पापा ने कहा कि अभी उनके पति ऑफिस में होंगे इसलिए हम लोग रात को चलेंगे मम्मी पापा मैं और मेरा सबसे छोटा भाई हम चार लोग दीदी के घर जाने के लिए तैयारी कर र रहे थे मैंने अपने कपड़े भी इस्त्री करके हैंगर पर लटका दिए थे और मैंने सोच लिया था कि जब मैं दीदी के ससुराल जाऊंगी तो उनकी साथ से परमिशन लेकर आऊंगी कि मेरी दीदी दो-तीन दिन हमारे घर पर गुजारे शाम के 6:00 बज रहे थे पापा और दोनों भाई दुकान से आ चुके थे

मैंने सबके लिए चाय बनाई और हम सब लोग बैठकर चाय पी रहे थे तभी अचानक पापा का मोबाइल बजने लगा पापा ने जैसे ही अपना मोबाइल देखा तो उनके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई थी पापा कहने लगे कि लो भाई तुम्हारी दीदी की कॉल आ ही गई आखिरकार शीतल को हमारी याद आ गई कॉल तो दीदी के ससुर के नंबर से आई थी मगर हमें उम्मीद थी कि जरूर यह कॉल दीदी ने ही की होगी पापा ने एक्साइटेड होते हुए जब कॉल रिसीव की तो पापा शॉक्ड रह गए थे

पापा को इस तरह से शौक देखकर हम लोगों का भी दिल दहल गया था क्योंकि पापा अचानक अजीब अजीब से रिएक्शन दे रहे थे और बहुत ज्यादा घबराए हुए लग रहे थे उनके चेहरे पर पसीना भी आने लगा था पापा ने जैसे ही मोबाइल बंद किया तो वह अपना सर पकड़ कर बैठ गए थे हमने पापा से पूछा कि आखिर आपके फोन पर क्या बात हुई है तो जो पापा ने हमें बताया उसने तो हमारे होश उड़ा दिए थे पापा ने बताया था कि शीतल के ससुर कह रहे हैं कि शीतल की मौत हो गई है

यह खबर हमारे लिए किसी बिजली की तरह थी जिसने हमारे पूरे शरीर में करंट दौड़ा दिया था क्योंकि हम सब लोगों को यकीन नहीं आ रहा था मेरी जो बहन 5 दिन पहले विदा होकर यहां से खुशी-खुशी अपने ससुराल गई थी अचानक उसकी मौत की खबर सुनकर हम लोग शॉक्ड रह गए थे आखिर ऐसा कैसे हो सकता है मेरी मम्मी की कंडीशन भी अजीब सी हो गई थी हमें लगा कि यह झूठ है ऐसे ही दीदी के ससुर ने मजाक में कह दिया होगा मगर कोई इतना बड़ा मजाक कैसे कर सकता है

हम लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था इसलिए हम लोग जल्द से जल्द दीदी के घर के लिए निकल गए जब हम लोग दीदी के घर गए तो घर में सारे मेहमान भरे पड़े थे घर का माहौल भी अजीब सा हो रहा था क्योंकि जो लोग गाए हुए थे वो रो रहे थे उनकी आंखों में आंसू थे जीजू भी एक तरफ खामोश खामोश से बैठे थे उनकी आंखों में नमी थी दीदी की सास की हालत भी बहुत खराब थी बाल बिखरे हुए थे दुपट्टा एक साइड को पड़ा था वह बुरी तरह से अपनी बहू शीतल शीतल चिल्ला चिल्ला कर रो रही थी

उनके घर का माहौल देखकर तो हमें भी घबराहट होने लगी थी और हमारी आंखों में भी आंसू आ गए थे लेकिन मेरी दीदी कहां थी वह जिंदा थी या नहीं अगर वह जिंदा थी तो वह कहां थी और अगर वो मर चुकी थी तो फिर उनकी डेड बॉडी कहां थी क्योंकि घर में तो कहीं पर भी मुझे अपनी दीदी की डेड बॉडी नजर नहीं आ रही थी मैं इसी तरह अपनी दीदी के कमरे में चली गई वहां पर भी कोई नहीं था

थोड़ी देर के बाद दीदी की सास ने मेरे मम्मी पापा से बात की क्योंकि वो थोड़ा अपनी बहू के गम से बाहर निकली थी उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ जो आप लोग आ गए हम लोगों पर तो एक बहुत बड़ी मुसीबत आ गई दीदी की सास की आंखों को देखकर लग रहा था कि वो बहुत रो रही थी उनसे तो ठीक से चला भी भी नहीं जा रहा था एक औरत ने उनको सहारा दिया हुआ था मेरी मम्मी ने दीदी की सास से कहा कि बहन हमने तुम्हें अपनी बेटी दी थी हमारी बेटी कहां है

आपके पति का फोन आया था कि हमारी बेटी इस दुनिया से जा चुकी है कहां है हमारी बेटी मेरी मां चिल्लाई तो वह कहने लगी कि आपकी बेटी सच में इस दुनिया से जा चुकी है और उसका हमने अंतिम संस्कार भी कर दिया है इस बात को सुनकर हम लोग बहुत हैरान हुए थे मैंने दीदी की सास की बात सुनकर उनसे कहा कि आप आप का क्या मतलब है कि अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है आप लोगों को हमारे आने का इंतजार तो करना चाहिए था

इतनी जल्दी आप लोग उनका अंतिम संस्कार कैसे कर सकते हैं तो वह कहने लगी कि हां बेटी तुम्हारी बहन की यही ख्वाहिश थी मैंने कहा कि मेरी दीदी की ख्वाहिश आखिर आपको हो क्या गया है मेरी दीदी की कौन सी ख्वाहिश और आप लोग क्या कहना चाह रहे हो दीदी की सास से तो ढंग से बोला भी नहीं जा रहा था उनकी सास ने हमें बैठ जाने के लिए कहा और कहने लगी कि शीतल हमारे साथ बहुत अच्छी थी शादी के बाद तीन दिन उसके बहुत अच्छे गुजरे थे

मगर ना जाने क्यों हम उसे जब भी आप लोगों से बात करने के लिए कहते वह मना कर दिया करती थी आप लोग बार-बार हमसे फोन करके कहते थे कि शीतल से बात करवा दो मगर वह तो आपसे बात करना ही नहीं चाहती थी जबकि मेरे बेटे ने शीतल से यह भी कहा था कि तुम मेरे साथ अपने माइकी चलो तो उसने आपके घर जाने से भी साफ इंकार कर दिया था उसका कहना था कि वह अपने घर वालों से नहीं मिलना चाहती यहां तक कि उनकी शक्ल भी नहीं देख देखना चाहती

वह कह रही थी कि मैं अब इस घर में आ गई हूं तो यही मेरा घर है मगर एक बात बहुत अजीब थी आपकी बेटी ने मेरे बेटे को स्वीकार नहीं किया था वह मेरे बेटे के करीब भी नहीं जाती थी इन तीन दिनों में अब तक उसने मेरे बेटे के साथ कोई बातचीत नहीं की थी मेरा बेटा खुद ही उससे बातचीत करता था मगर आपकी बेटी मेरे बेटे से उखड़ी उखड़ी रहती थी मेरा बेटा आपकी बेटी को आपके घर लाकर यह बात आप सब लोगों के सामने करना चाहता था कि आखिर शीतल मेरे बेटे को एक्सेप्ट क्यों नहीं कर रही है

मगर आपकी बेटी ने मेरे बेटे को बताया कि वह किसी और से प्यार करती थी और आप लोगों ने जबरदस्ती उसकी शादी इस घर में करवा दी तो वो इसीलिए आप सबसे नाराज है इसलिए वह कुछ भी करके आप लोगों से कोई कांटेक्ट नहीं रखना चाहती थी लेकिन कल रात तो शीतल ने हद ही कर दी जिस दिन से शादी हुई है मेरा बेटा दूसरे कमरे में सो रहा है क्योंकि आपकी बेटी उसे अपने करीब ही नहीं आने देती सुबह जब मेरा बेटा अपने कमरे में अलमारी से अपने कपड़े निकालने लगा

तो यह देखकर दंग रह गया कि शीतल बेहोश पड़ी हुई थी और उसके मुंह से झाक निकल रहे थे उसने शोर मचाकर हम दोनों को भी बुला लिया जब हमने उसे देखा तो शीतल सच में बहुत बुरी हालत में थी और उसकी सांस भी नहीं चल रही थी लेकिन उसके हाथ में एक लेटर था उसने उस लेटर में लिखा हुआ था कि मैं अपने माता-पिता से बहुत नाराज हूं उन्होंने मेरी शादी मेरे पसंद के मुताबिक नहीं करवाई और जहां उन्होंने मेरी शादी करवाई है इस लड़के के साथ मेरा दिल नहीं मिलता

तो फिर मैं इसके साथ सारी जिंदगी कैसे गुजार हंगी मैं ऐसी जिंदगी नहीं जी सकती जहां पर मेरे माता-पिता ही मेरे अपने नहीं हैं मैं इसीलिए जहर खाकर अपनी जान दे रही हूं जिस इंसान को मैं पसंद नहीं करती ऐसे इंसान के साथ जिंदगी गुजारने से बेहतर है कि मैं मौत को गले लगा लूं लेकिन मेरी ख्वाहिश है कि मेरे घर वालों को बाद में मेरे मरने की खबर दी जाए उससे पहले ही मेरा अंतिम संस्कार कर दिया जाए क्योंकि मैं अपने परिवार वालों को अपनी मरी हुई शक्ल भी नहीं दिखाना चाहती

यह कहकर दीदी की सा खामोश हो गई थी और फूट-फूट कर रोने लगी मम्मी पापा ने तो इस बात पर अपना दिल ही पकड़ लिया था और वह लोग बहुत ज्यादा रोने लगे थे मगर ना जाने क्यों मेरा दिल उनकी सास की बात मानने को तैयार ही नहीं था मैंने दीदी की सास से कहा कि आपने जो भी कहा है वह सही है दीदी जरूर किसी से मोहब्बत करती थी मगर जब से उनका रिश्ता आपके बेटे के साथ लगा था वह अपने दिल और दिमाग से उस लड़के को निकाल चुकी थी

और दीदी मम्मी पापा से नाराज हो सकती हैं मगर मुझसे नाराज नहीं थी उन्हों ने शादी की पहली रात को रात के 3:30 बजे मुझे कॉल्स की थी वो मम्मी पापा से बात नहीं करना चाहती थी उनसे नहीं मिलना चाहती थी मगर उन्होंने मुझसे मिलने की कोशिश क्यों नहीं की मैं दीदी की सांस की इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हो रही थी मेरा दिल नहीं मान रहा था कि दीदी मुझसे नाराज हो सकती हैं दीदी की सास कहने लगी कि बेटा अब यह तुम्हारे घरेलू मामले तो तुम लोग ही जानो तुम्हारे घर पर क्या-क्या हुआ था

क्या नहीं यह हमें क्या पता मगर तुम्हारी बहन ने हमें जो बताया हमने तो उस बात पर ही ध्यान दिया जीजू भी दीदी की याद में बहुत रो रहे थे और हम सब लोगों का भी रो-रो कर बुरा हाल था रात के 2 बजे हम लोग दीदी के घर से वापस आए थे मगर हम लोगों को दीदी की मौत का बेहद अफसोस था मुझे तो यकीन ही नहीं आ रहा था कि मेरी इतनी अच्छी दीदी इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी है मगर मेरा दिल और दिमाग बार-बार उस बात पर जा रहा था कि दीदी मुझसे नाराज नहीं हो सकती

यहां कि वह मम्मी पापा से भी नाराज नहीं थी मैं अपने इस शक को दूर करना चाहती थी क्योंकि मुझे लग रहा था कि दीदी की सास झूठ बोल रही है मैंने यह बात अपने मम्मी पापा को बताई और उनसे कहा कि ऐसा भी तो हो सकता है कि इन लोगों ने दीदी के साथ कुछ गलत किया हो लेकिन पापा कहने लगे गुंजन शीतल के ससुराल वाले बहुत अच्छे लोग हैं तुमने देखा नहीं उन लोगों का शीतल के मरने पर कितना बुरा हाल था तुम उन लोगों पर शक कर रही हो

जब हमारी ही बेटी हमसे मिलना नहीं चाहती थी वह हमसे नफरत करती थी तो हम किसी दूसरे पर शक क्यों करें पापा की बात सुनकर मैं खामोश हो गई थी लेकिन मैंने सोचा था कि मैं अपनी शक को दूर करने की कोशिश जरूर करूंगी इसलिए अगले दिन मैं खामोशी के साथ दीदी के ससुराल वाले मोहल्ले में चली गई थी और वहां के आसपास के लोगों से जानकारी इकट्ठी करने लगी एक औरत से मेरी बात हुई थी मैंने उससे पूछा था कि क्या इस घर में सच में मौत हुई थी

तो उन्होंने मुझे बताया कि हां मौत तो किसी की हुई है और अर्थी भी उठी थी सुना था कि इन लोगों के घर की बहू की मौत हुई है साथ ही साथ मुझे लोगों से यह भी प पता चला था कि दीदी के ससुराल वाले 2 साल पहले इस मोहल्ले में रहने के लिए आए थे इससे पहले वह लोग कहीं और रहते थे मैंने एक दो लोगों से और बात की थी तो उन लोगों ने भी मुझे यही बताया था कि इस घर में मौत हुई है मुझे बहुत रोना आया था और यकीन हो गया था कि मेरी दीदी इस दुनिया से जा चुकी है

मैं हर रोज उनकी तस्वीर देखकर रोती रहती थी कुछ दिन गुजरे थे जब दीदी के सास ससुर हमारे घर पर आए थे वो लोग बहुत ज्यादा अफसोस में लग रहे थे और दीदी की बेहद तारीफ कर रहे थे कि हमारी बहू बहुत अच्छी थी व भले ही हमारे साथ चार दिन रही मगर उसने हमारी बहुत सेवा की है मेरे मम्मी पापा भी गम में हो गए थे बल्कि तीनों भाई भी उस दिन से घर में ही मौजूद थे क्योंकि किसी कभी दीदी की मौत के बाद कोई काम करने को मन ही नहीं कर रहा था

दीदी की सास ने मुझे बुलवाया था और अपने पास बैठा लिया कहने लगी कि तुम मुझे बहुत पसंद हो तुम्हें देखकर मुझे अपनी बहू की याद आ जाती है मुझे अपनी बहू की बहुत याद आ रही थी इसलिए मैंने सोचा कि मैं तुम्हारे घर आ जाती हूं और तुम्हें देख लेती हूं बस तुम्हें देखकर ऐसा लग रहा है जैसे मेरी बहू ही सामने बैठी हुई है उनकी बात सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए थे मेरी दीदी की सास सच में बहुत अच्छी थी उनका नेचर पहले भी ऐसा ही था

मगर ना जाने क्यों इन लोगों को देखकर मुझे अब घबराहट महसूस होने लगी थी थोड़ी देर के बाद मुझे मम्मी ने कमरे में जाने का इशारा कर दिया था और मैं अपने कमरे में आ गई थी जब वह लोग चले गए तो मुझे पता चला कि दीदी के सास ससुर जीजू के लिए मेरा रिश्ता मांगने के लिए आए थे क्योंकि मम्मी पापा मेरी शादी जीजू के साथ करवाने के लिए मुझे राजी करना चाहते थे लेकिन मैंने उन्हें साफ मना कर दिया कि मैं उनसे शादी नहीं कर सकती थी

भला जिस घर में मेरी दीदी की मौत हो गई है मैं उस घर में दुल्हन बनकर कैसे जा सकती हूं मेरे मम्मी पापा ने काफी जोर दिया था कि तुम वहां पर बहुत खुश रहोगी लेकिन मेरा दिल नहीं मान रहा था मैं जीजू से शादी नहीं कर सकती थी और मैंने साफ इंकार कर दिया था मेरी मर्जी नहीं थी इसलिए मम्मी पापा ने दीदी के साथ ससुर से भी मना कर दिया था इस तरह वह बात तो जैसे-तैसे दब गई थी लेकिन उसके बाद हम लोगों ने दीदी के ससुराल वालों से कोई कांटेक्ट नहीं किया

क्योंकि अब हमारी दीदी ही जिंदा नहीं रही थी तो हम उनके ससुराल वालों से कोई भी रिश्तेदारी जोड़कर क्या करते दिन इसी तरह से गुजर रहे थे और मेरी दीदी की मौत को पाच महीने गुजर चुके थे मैं हर रात हर दिन अपनी दीदी को याद करती रहती थी मम्मी पापा भी उनको बहुत याद करते थे क्योंकि सब लोग ही यह बात एक्सेप्ट कर चुके थे कि दीदी इस दुनिया से जा चुकी है जबकि मम्मी पापा तो दीदी की मौत पर बहुत शर्मिंदा भी हो रहे थे

क्योंकि उनकी बेटी उनसे नाराज थी मैं अभी शादी नहीं करना चाहती थी मैंने अपने मम्मी पापा को साफ-साफ बोल दिया था कि मैं जॉब करना चाहती हूं इसलिए मैंने जॉब पर जाना शुरू कर दिया था मुझे जॉब पर जाते हुए एक महीना गुजर गया था एक दिन मैं अपने ऑफिस में बैठी हुई काम कर रही थी जब अचानक मेरे फोन की रिंग बजने लगी जैसे ही मैंने कॉल अटेंड की तो फोन पर कोई लड़की बोल रही थी और बुरी तरह से रो रही थी मुझे सिर्फ सिसकियों की आवाज आ रही थी

मैं बार-बार हेलो हेलो बोल रही थी मगर कोई बोल ही नहीं रहा था मैंने कहा बोलो ना आप कौन हो ठीक है नहीं बोलना तो मैं मोबाइल बंद कर देती हूं मैंने इतना ही कहा था कि वापस मुझे फोन पर एक आवाज सुनाई दी थी वह आवाज एक ऐसी आवाज थी जिसने मेरे पैरों तले से जमीन निकाल दी थी सामने फोन पर बोलने वाली लड़की ने मुझसे कहा था गुंजन मैं बोल रही हूं शीतल तुम्हारी दीदी यह बात सुनकर मेरे होश उड़ गए थे और मेरी आंखों में आंसू आ गए थे

मैंने कहा कौन तो दोबारा से यही बात दोहराई गई थी यह आवाज सच में मेरी दीदी की आवाज थी दीदी की आवाज सुनकर मैं फूट-फूट कर रोने लगी थी और उनसे कहने लगी दीदी क्या यह सच में आप बोल रही हो तो वह कहने लगी कि हां गुंजन मैं ही बोल रही हूं मैंने दीदी से कहा लेकिन आप तो मर यह कहकर मैं खामोश हो गई थी दीदी कहने लगी गुंजन मैं तुमसे मिलना चाहती हूं दीदी ने मुझे एड्रेस बताया था और कहा था कि एक घंटे के बाद तुम मुझे इस एड्रेस पर आकर मिलो

मैं ऑफिस से छुट्टी लेकर इस एड्रेस पर दीदी से मिलने के लिए पहुंच गई थी लेकिन साथ ही साथ मुझे यह भी डर था कि कहीं कोई मुझे दीदी की आवाज से बेवकूफ तो नहीं बना रहा क्योंकि दीदी तो इस दुनिया से जा चुकी है और फोन पर बोलने वाली लड़की की आवाज भी बिल्कुल दीदी के जैसी ही लग रही है लेकिन फिर भी मैं भगवान का नाम लेकर इस एड्रेस पर चली गई थी इस इस बारे में मैंने अपने घर वालों में से किसी को भी कुछ नहीं बताया था यह एक होटल के कमरे का एड्रेस था

मैं जब इस कमरे तक पहुंची और कमरे का दरवाजा बजाने लगी जैसे ही दरवाजा खुला तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गई थी यह देखकर कि सामने कोई और नहीं बल्कि मेरी दीदी ही खड़ी हुई थी और वो बिल्कुल सही सलामत और जिंदा थी मैंने झट से दीदी को गले लगा लिया और उनको छूकर यह देखने की कोशिश कर रही थी कि वह बिल्कुल सही सलामत है और मैं कोई सपना तो नहीं देख रही हूं

मगर यह हकीकत थी कि मेरी दीदी मेरे सामने थी दीदी भी मुझे देखकर बहुत रो रही थी दीदी मुझे पूरे 7त महीने बाद मिली थी दीदी ने जल्दी से मुझे कमरे के अंदर किया और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था और मुझे बैठने के लिए कहने लगी हम दोनों बहन एक दूसरे के साथ गले मिलकर रो रहे थे दीदी कहने लगी कि तुम मुझे देखकर इतनी हैरान क्यों हो रही हो तुमने मुझे ढूंढने की भी कोशिश नहीं की गुंजन मैं तुम लोगों से बहुत नाराज हूं

मैंने कहा दीदी हमने आपको ढूंढने की कोशिश नहीं की या आप हम लोगों से मिलना ही नहीं चाहती थी आप हमसे नाराज थी दीदी मेरी बात सुनकर चौक गई और कहने लगी कि मैं तुम लोगों से नाराज कब थी तुम्हें नहीं पता गुंजन मेरे साथ मेरे ससुराल वालों ने क्या किया है दीदी की बात सुनकर मैं हैरान हुई थी कि वह अपने ससुराल वालों पर इल्जाम लगा रही थी मैंने कहा दीदी आपके ससुराल वालों ने तो हमें बताया था कि आप इस दुनिया से जा चुकी हैं

बल्कि आपने सुसाइड की थी और सुसाइड नोट में आपने यह भी लिखा था कि आपका जल्द से जल्द अंतिम संस्कार कर देना है क्योंकि आप अपने परिवार वालों का चेहरा तक नहीं देखना चाहती दीदी कहने लगी गुंजन तुम नहीं जानती मेरे ससुराल वाले बहुत खतरनाक लोग हैं उन लोगों ने तुम्हें मेरे बारे में सब कुछ बिल्कुल झूठ बताया मैं तुम्हें बताती हूं कि मेरे साथ क्या हुआ था मैं कहां गई थी और मैं यहां तक दोबारा कैसे पहुंची दीदी ने मुझे अपनी कहानी बतानी शुरू की थी

दीदी ने बताया कि जब मैं विदा होकर अपनी ससुराल गई तो जितने भी मेहमान थे वह सब लोग अपने-अपने घर च ले गए थे और मुझे मेरे कमरे में भेज दिया गया था लेकिन मैं काफी देर तक इंतजार करती रही पर मेरा पति कमरे में आया ही नहीं था रात के 2 बज रहे थे जब मेरी सास कमरे में आई और कहने लगी कि चलो उठो तुम्हें जाना है मैं उनकी बात सुनकर दंग रह गई थी कि आखिर रात के इस समय वह मुझसे कहां जाने की बात कर रही थी

मैं अपनी सास को गौर से देख रही थी जब उन्होंने मेरे चेहरे पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया और कहने लगी कि तुम्हें मेरी बात समझ नहीं आई जल्दी से उठो तुम्हें जाना है दिन निकलने से पहले-पहले हमें तुम्हें यहां से भेजना होगा अपनी सांस का ऐसा रूप देखकर मैं बहुत परेशान हुई थी मैं जोर-जोर से चिल्लाने की कोशिश कर रही थी कि आप मुझे मार क्यों रही हो और मुझे कहां भेजना चाहती हो तो मेरी सास ने मुझे बहुत मारा जबकि मेरा पति कोई नॉर्मल इंसान नहीं है

वह हमेशा अपनी मां के कहने में रहने वाला इंसान है मैं अपनी सास से झगड़ा कर रही थी कि मैं अपने घर भाग जाऊंगी और उन लोगों को बताऊंगी कि मेरी सास ने मुझे मारा है इसलिए मैंने गुस्से में अपना मोबाइल उठाया और मैंने तुम्हें दो-तीन कॉल्स की मगर तुमने मेरी कॉल रिसीव नहीं की झगड़ते ही झगड़ते मैं तुम्हें कॉल करती गई ताकि तुम लोगों तक मेरी खबर पहुंच सके कि मैं मुसीबत में हूं लेकिन मेरी सास ने एक झटके से मेरे हाथ में से मोबाइल छीनकर फेंक दिया

और उसको तोड़ दिया यह तीनों ही लोग किसी गैंग से जुड़े हुए हैं इन लोगों ने मुझे खामोशी के साथ रात के अंधेरे में किसी कार वाले अमीर आदमी के साथ भेज दिया मैं शोर भी नहीं मचा सकता थी क्योंकि उन्होंने मेरे हाथ पैर बांध दिए थे और मेरे मुंह पर भी कपड़ा बांध दिया था ताकि मैं आवाज ना निकाल सकूं मुझे कार की डिग्गी में बंद कर दिया गया था

और उस कार वाले ने मुझे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया था जिससे मैं बेहोश हो गई थी जब मैं होश में आई तो मैं अपने शहर से बहुत दूर आ चुकी थी दरअसल मुझे मेरे ससुराल वालों ने बेच दिया था मैं पूरे दो दिन तक बेहोश रही और मुझे पता ही नहीं चला कि लोग मुझे कब और कैसे दुबई लेकर आ गए यहां आने के बाद मुझे पता चला कि मुझे बेच दिया गया है

और यहां आने के बाद भी मेरी कीमत लगनी है मैं बहुत रोई थी बहुत तड़पती थी और उन लोगों से बहुत माफी भी मांगी थी और उनसे कहा था कि मुझे छोड़ दो मैं किसी को भी कुछ नहीं बताऊंगी मगर मेरी कोई भी सुनवाई नहीं की गई मुझे तुम सब लोगों की बहुत याद आ रही थी मगर इतनी दूर जाने के बाद मेरी मदद भला कौन कर सकता था

इसलिए मैं खामोश रही जहां पर हम लड़कियों को तैयार करके बेचने के लिए खड़ा किया जाता है वहां पर काफी सारे अमीर अमीर लोग लड़कियों को महंगे दामों पर खरीदकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे सारी लड़कियां खामोश खड़ी होती थी मगर मैं रोती रहती थी क्योंकि मुझे सबकी बहुत याद आती थी और मैं किसी भी तरह से उस नर्क से निकलना चाहती थी मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा अपने ससुराल वालों पर आ रहा था कि वह लोग जितने अच्छे दिखते थे उतने अच्छे नहीं थे

मेरी सास ने झगड़े के टाइम पर मुझे बताया था कि हम तो तुझ जैसी ना जाने कितनी लड़कियों को शादी का झांसा दे देकर बेच चुके हैं हम लोग गैंग का हिस्सा है और हम लोगों का कारोबार ही यही है मैं इसी तरह से वहां पर घुट-घुट कर जी रही थी जब एक दिन एक लड़के ने मुझे खरीद लिया वह मुझे अपने साथ अपने घर ले आया था मैं उसके आगे हाथ जोड़ रही थी कि प्लीज मुझे जाने दो मेरी इज्जत खराब मत करो तो उसने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारी इज्जत खराब करने के लिए तुम्हें यहां पर नहीं लेकर आया हूं

मैं तुम्हें पसंद करता हूं क्योंकि मैं तुम्हें वहां पर काफी समय से देख रहा हूं तुम्हारी आंखों में मुझे सच्चाई नजर आती है ऐसा लगता है जैसे तुम दुख से भरी हुई हो उसने मुझे बताया था कि वह दुबई में ही काम करता है और उसका इस दुनिया में कोई भी नहीं है वह बहुत अकेला है वह किसी लड़की से शादी करना चाहता था

और अपनी जिंदगी से अकेलापन दूर करना चाहता था लेकिन उसके साथ कोई भी लड़की शादी करने के लिए तैयार नहीं हो रही थी क्योंकि उस लड़के का रंग बहुत ज्यादा काला था उसने मुझे जब खरीदा था तो मुझे उससे बहुत नफरत हो रही थी मगर जब उसने मुझे अपनी कहानी बताई तो मुझे ऐसा लगा कि जितना उसका रंग काला है उतना ही उसका दिल सफेद है उसने कहा कि मेरे दोस्त बहुत बिगड़े हुए थे हर तरह की अयाशी करते थे

मगर मैंने कभी कोई अयाशी नहीं की ऐसे लड़कों से दोस्ती जरूर की मगर कभी कुछ गलत नहीं किया मैं जहां से भी अपने रिश्ते की बात करता तो वह लोग मेरा रंग देखकर मुझे इंकार कर दिया करते थे मैं सबसे बहुत तंग आ गया था तो एक दिन मेरे दोस्तों ने कहा कि तुम शादी मत करो और अपनी जिंदगी के मजे लो किसी लड़की को खरीदो और उसके साथ मजे लूटो और उसका इस्तेमाल करने के बाद उसे फेंक दो मेरे दोस्त मुझे जबरदस्ती उस बाजार में ले गए

जहां पर लड़कियां खरीदी जाती थी मैं जब पहले दिन गया तो मैंने देखा था कि तुम मुझे बहुत खूबसूरत लगी थी मगर मैं तुम्हारी आंखों में नमी देखकर समझ जाया करता था कि तुम मजबूरी में यहां पर आई हो मैं हर बार तुम्हें देख देखकर तुम्हें छोड़कर आ जाता था ना जाने क्यों तुम्हें देखकर मेरे दिल में तुम्हारे साथ कुछ भी गलत करने का ख्याल नहीं आता था लेकिन अब मैं अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर सकता था मैंने अपने मन में सोच लिया था कि मैं तुम्हें अपने हाथ से नहीं जाने दूंगा

मैं तुम्हें खरीद लूंगा और तुम्हारे साथ शादी करूंगा क्योंकि मेरी जगह अगर तुम्हें कोई और खरीद लेता तो तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो जाती उस लड़के की बात सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए थे मैंने उसे अपनी पूरी स्टोरी बताई उसने कहा कि तुम फिक्र मत करो मैं तुम्हें तुम्हारे घर लेकर चलूंगा मगर मैं तुम लोगों से नाराज थी कि किसी ने मुझे ढूंढने तक की कोशिश नहीं की फिर मुझे ख्याल आया कि अगर तुम लोगों ने मुझे ढूंढने की कोशिश भी की होगी

तो तुम लोगों का ध्यान भी नहीं गया होगा कि मैं कहां से कहां चली गई हूं बस मैं यही सोचकर अपने दिल को तसल्ली दे दिया करती थी मैं तुम लोगों से मिलने के लिए बेचैन हो रही थी जो लड़का मुझे यहां पर लेकर आया है उसका नाम राघव है मैं आज सुबह ही यहां पर आई हूं वह मुझे यहां लेकर आया है वह मुझे तुमसे मिलवा चाहता है वह मुझसे बहुत प्यार करता है मैं उसके साथ पूरे ती महीने रही मगर उसने मुझे आज तक हाथ नहीं लगाया मैं अपने ससुराल वालों को सजा दिलवाना चाहती हूं

गुंजन दीदी की बात सुनकर मेरे होश उड़ गए थे मगर भगवान की कृपा से दीदी का सामना एक अच्छे इंसान से हुआ था अगर दीदी किसी और आदमी के हाथ लग जाती तो शायद मेरी दीदी आज मेरी आंखों के सामने नहीं बैठी होती थोड़ी देर के बाद राघव खाना लेकर कमरे में आ गया था मेरी दीदी ने मेरी उससे मुलाकात करवाई थी राघव सच में एक बहुत अच्छा इंसान था अब हम लोगों को दीदी के ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज करना था हम लोग सीधा पुलिस स्टेशन चले गए थे

और पुलिस को सारी बात बता दी थी पुलिस ने जब दीदी के ससुराल में छापा मारा तो पता चला कि वहां पर ताला लगा हुआ है वो लोग अपना घर बेचकर कहीं और चले गए पुलिस ने हमें बताया था कि एक गैंग है जो इसी तरह से शादी का झांसा देकर बहू को बेच देते हैं और सबको यह बताते हैं कि घर में बहू की मौत हो गई यह लोग ऐसा सिर्फ मेरी दीदी के साथ ही नहीं बल्कि ना जाने ऐसी कितनी लड़कियों के साथ कर चुके थे

यह लोग अलग-अलग शहर में जाकर अपनी पहचान बदल कर रहते हैं और अपने बेटे का इस्तेमाल करके लड़कियों को बेच देते हैं पुलिस स्टेशन में ऐसे कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी लेकिन फाइनली पुलिस में मेरी दीदी की इंफॉर्मेशन देने के बाद उन लोगों को पकड़ने में कामयाब रही थी क्योंकि बेचने वाली कोई भी लड़की वापस नहीं आई जो पुलिस को इंफॉर्मेशन दे सकती दुबई पुलिस ने भी उस पूरी गैंग को अरेस्ट कर लिया था जो लड़कियों को खरीदते थे

और उनके तस्करी किया करते थे मैं अपनी दीदी को लेकर जब घर वापस आई तो मेरे मम्मी पापा दीदी को देखकर दंग रह गए थे और उन लोगों ने दीदी से माफी भी मांगी थी क्योंकि मैं दीदी को बता चुकी थी कि उनके ससुराल वालों ने हमें उनके बारे में कैसी क ऐसी बातें बताई थी दीदी ने कहा था कि वह भले ही उस लड़की से मोहब्बत करती थी मगर उन्होंने अपने माता-पिता की मर्जी के आगे अपनी मोहब्बत को छोड़ने का फैसला कर लिया था राघव भले ही शक्ल सूरत का अच्छा नहीं था

मगर वह दिल का एक बहुत अच्छा इंसान था राघव ने अपनी तकलीफ को मेरी दीदी की तकलीफ से मिलाया था मेरे मम्मी पापा ने खुशी-खुशी राघव की और मेरी दीदी की शादी कर दी थी और फिर मेरी दीदी विदा होकर दुबई राघव के साथ जा चुकी थी हर रोज दीदी हमें कॉल करके हमसे बात भी कर ती हैं और अपने पति के बारे में भी बताती हैं कि उनका पति बहुत अच्छा इंसान है दीदी के ससुराल वालों को पुलिस ने पकड़ लिया था और उनकी पूरी गैंग अरेस्ट हो चुकी थी

इस तरह से हमारे शहर में और बाकी सारे शहरों में भी यह शादी वाले क्राइम होना कम हो गए थे जिन लोगों ने बताया था कि मेरी दीदी की अर्थी उठी थी उन लोगों ने भी झूठ नहीं बोला था क्योंकि यह लोग कुछ लोगों को पैसे देकर एक्टिंग करने के लिए बुलाते थे और अर्थी में से किसी लड़की को लिटा दिया जाता था जिससे सारे मोहल्ले वालों को यही लगता था कि इस घर में मौत हुई है इन लोगों को तो कड़ी से कड़ी सजा हुई थी

लेकिन मेरे मम्मी पापा आज भी अपनी गलती पर शर्मिंदा है कि उन्होंने अपनी मर्जी के मुताबिक मेरी दीदी की शादी की थी जिसकी वजह से मेरी दीदी इतनी बड़ी मुसीबत का शिकार हो गई थी मैं आज आप लोगों से रिक्वेस्ट करना चाहती हूं कि आप लोगों के बच्चे भले ही लव मैरिज करना चाहते हैं तो आप लोग पहले उनकी मर्जी पर ध्यान दीजिए क्योंकि अगर लड़का-लड़की ही शादी के बाद खुश नहीं रहेंगे

तो ऐसी शादी का कोई फायदा नहीं और कुछ को ऐसा लाइफ पार्टनर भी मिल जाता है जैसा मेरी दीदी को मिला था वह इंसान नहीं बल्कि एक दरिंदा था जो अपने मां-बाप के साथ पैसों के लालच में आकर यह नाटक किया करता था वह ना जाने कितनी लड़कियों से शादी कर चुका था और उन लड़कियों को रात के अंधेरे में बेच दिया जाता था उनसे उनके घर वालों तक से बात नहीं करवाई जाती थी जब उन लोगों को लगता था कि अब पानी सर से ऊपर जा चुका है

तो वो लोग झूठ बोल दिया करते थे कि आपकी बेटी मर गई है इन लोगों ने मेरी दीदी के खिलाफ सारी इंफॉर्मेशन इकट्ठी कर ली थी तब इन्हें मेरी दीदी की कमजोरी का पता चल गया था कि मेरी दीदी का मोहल्ले के ही किसी लड़के के साथ अफेयर था इसलिए इन लोगों ने पूरा प्लान बनाकर पूरी कहानी बनाकर मेरे घर वालों को दीदी की मौत की खबर सुनाई थी अगर आप लोग चाहते हैं कि आपकी बेटियां अपने ससुराल में सुखी रहे भले ही आपकी बेटियां अपनी पसंद आपके सामने जाहिर करती हैं

तो आप पहले लड़के के बारे में इंफॉर्मेशन निकाले कि वह लड़का कैसा है कैसा नहीं है आपकी बेटी वहां पर खुश रहेगी या नहीं अगर आपका दिल बेफिक्र होता है तो आप अपनी बेटी की शादी करें और नहीं तो फिर अपने बच्चों की मर्जी के खिलाफ शादी ना किया करें अगर आप अरेंज मैरिज भी कर रहे हैं तो बेटियों की शादी जल्दबाजी में ना करें पहले ससुराल वालों के खिलाफ सारी इंफॉर्मेशन इकट्ठी कर लें

उसके बाद ही अपनी बेटी की शादी करें क्योंकि बेटियों की इज्जत एक बार चली जाती है तो दोबारा वापस नहीं आती कुछ बेटियां ऐसी होती हैं जो अपने ससुराल में खामोशी से अत्याचार सहती रहती हैं और कुछ ऐसी होती हैं जिनसे अत्याचार सहन नहीं हो पाते और वह इस दुनिया को छोड़कर चली जाती हैं इसीलिए कभी भी अपनी इज्जत के घमंड में आकर अपनी बेटियों का सौदा ना करें यह ना सोचे कि अगर हमारी बेटी ने मोहब्बत की है तो इसके बदले हम उसकी शादी जल्द से जल्द किसी भी राह चलते इंसान के साथ करवा दें

अपनी बेटियों की शादी बहुत सोच समझकर करें और अच्छे परिवार में करने की कोशिश करें जहां पर आपकी बेटी भी खुश रहे और आप लोग भी अपनी बेटी की तरफ से बेफिक्र रह दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी

 

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