मोहब्बत | Mastram Ki Mast Kahaniyan | Best Hindi Story | Meri Kahaniyan

Mastram Ki Mast Kahaniyan : मेरा नाम देवांश है मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से बिलोंग करता हूं कभी-कभी हमारी जिंदगी में कुछ ऐसे अनोखे हादसे हो जाते हैं जिनके बारे में कभी हमने सोचा भी नहीं होता है और हैरान कर देने वाली बात यह है कि वह हादसे कुछ ऐसे लोगों की वजह से हैं जिन पर हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं आज मेरी शादी की पहली रात थी और मैं बहुत ज्यादा खुश था 

 

क्योंकि मैंने जिस लड़की को चाहा था वह मुझे बड़ी आसानी के साथ मिल गई थी मुझे लगता था कि मोहब्बत करना तो आसान काम होता है मगर जिससे हम मोहब्बत करते हैं उसे पाना बहुत मुश्किल होता है पर मेरी शादी तो मेरी मोहब्बत के साथ ही हो गई थी मुझे लगने लगा था कि मोहब्बत में कुछ भी मुश्किल नहीं होता बल्कि मोहब्बत सब कुछ आसान कर देती है

 

 मैंने बहुत से ऐसे कपल्स को देखा था जो एक दूसरे से प्यार करते हैं मगर उन लोगों के प्यार में इतनी रुकावटें आती हैं कि उनकी शादी नहीं हो पाती वह एक दूसरे के नहीं हो पाते मेरे माता-पिता भी उस लड़की से खुश नहीं थे जिससे मैं शादी करना चाहता था मगर फिर मैंने उनको मनाने की कोशिश की तो वह बहुत आसानी से मान गए मैं अपने आप को दुनिया का सबसे खुशकिस्मत इंसान समझ रहा था 

 

जिसे उस लड़की की मोहब्बत हासिल हो गई थी जो किसी को नजर उठाकर तक नहीं देखती थी शायद उसे मेरे लिए ही बनाया गया था वो एक स्कूल की टीचर थी और मैं उसके ही स्कूल में काम करने वाला एक सफाई कर्मचारी था मैं तो पढ़ा लिखा भी नहीं था और मेरे पास ना ही कोई अच्छी नौकरी थी लेकिन फिर भी यह मेरे खुश खुश किस्मती थी कि मुझे खूबसूरत लड़की का साथ नसीब हुआ था 

 

यहां तक कि वह इतनी ज्यादा पढ़ी लिखी थी कि उसे अच्छी से अच्छी नौकरी मिल सकती थी एक मैं था जो मुश्किल से फिफ्थ क्लास तक पढ़ा हुआ था काम के दौरान मुझे उससे जिस तरह की मोहब्बत हुई थी मैं सोच भी नहीं सकता था कि वह मुझसे शादी के लिए इतनी आसानी से तैयार भी हो जाएगी मुझे लगा था कि वह मुझ जैसे एक मामूली सफाई कर्मचारी को कभी नजर उठाकर तक नहीं देखेगी 

 

मगर जब मैं उसे दिल ही दिल में पसंद करने लगा था तो वह मेरी नजर का अंदाज समझ चुकी थी उसने मेरी मोहब्बत को अपनी सरा आखों पर रखा था और मेरी मोहब्बत की कदर की थी उसके मान जाने से आज वह स्पेशल दिन भी आ पहुंचा था जिससे मैं बहुत खुश था मेरे अंग-अंग से खुशी फूट रही थी और मुझे बेताबी से अपने कमरे में जाने का इंतजार था मैं उसे आज अपनी दुल्हन के रूप में देखने के लिए बेकरार हो रहा था 

 

उसके पास बैठकर उसके दिल का हाल जानना चाहता था कुछ अपनी फीलिंग्लेस और उसके चेहरे को अपने हाथों में थामना चाहता था मेरी बहुत सारी ऐसी ख्वाहिशें थी जिनको मैं पूरी करने के लिए बेताब हो रहा था लेकिन अभी घर में मेहमान और मेरे फ्रेंड्स बैठे हुए थे और मैं उनके साथ गपशप कर रहा था बार-बार बेचैनी से मैं मोबाइल में टाइम दिख रहा था मेरे फ्रेंड्स ने आसानी से मेरी बेचैनी को महसूस कर लिया था

 

 और वह हंसते हुए खड़े हो गए और मुझे बधाइयां देते हुए वह अपने-अपने घर को वापस लौट गए थे जबकि मैं एक गहरी सांस भर करता हुआ अपने कमरे में आ गया घर में भी आज चारों तरफ खुशी का माहौल छाया हुआ था आखिर मेरी शादी हुई थी मैं जैसे ही कमरे में गया तो वह सामने ही दुल्हन बनी बैठी हुई थी उसका सिंगार और उसका खूबसूरत रूप सिर्फ मेरे लिए था मैं बेचैन सा होकर उसकी तरफ बढ़ गया और फौरन उसका घूंघट उठाकर उसके हाथों को अपने हाथों में थाम लिया उसकी तारीफ करने लगा 

 

लेकिन मैं नोटिस कर रहा था कि पता नहीं उसे क्या हो गया था उसका रंग एक दम उड़सा गया था और उसके चेहरे पर घबराहट के एक्सप्रेशन साफ नजर आने लगे थे मैं समझा कि शायद वह शर्मा गई है और घबरा रही है इसलिए मैंने उसका हाथ अपने हाथों में थामकर उसे तसल्ली दिलाई और इधर-उधर की बातें करके उसका ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश करने लगा कुछ देर बातें करने के बाद वह मुझे कुछ सुकून से लगी थी लगने लगा था कि अब उसका डर निकल गया है 

 

और उसके चेहरे से घबराहट भी अब थोड़ी कम हो गई थी लेकिन बातों के दौरान ब उसने धीरे से अपना हाथ मेरे हाथ से छुड़ा लिया था इस बात का आईडिया मुझे हुआ ही नहीं था क्योंकि मैं तो उसके खूबसूरत चेहरे को लगातार देखे जा रहा था उसके चेहरे से मेरी नजर हटने को तैयार ही नहीं थी कुछ देर के बाद वह कहने लगी कि मैं इन भारी कपड़ों में कंफर्टेबल फील नहीं कर रही हूं 

 

और मुझे गर्मी भी लग रही है क्या मैं कपड़े चेंज कर लूं उसके कहने पर मैंने फौरन सर हिला दिया और कहा कि हां हां क्यों नहीं तुम अपने कपड़े आराम से चेंज कर लो और इजी हो जाओ और और मैंने खुद भी उठकर अपनी शेरवानी उतार कर रख दी क्योंकि गर्मी का एहसास मुझे भी हो रहा था उन दिनों वैसे भी भीषण गर्मी पड़ रही थी इसलिए हैवी कपड़े शरीर पर बहुत भारी लग रहे थे 

 

थोड़ी ही देर बाद दिशा बाथरूम से अपने कपड़े चेंज करके आ गई थी और ड्रेसिंग के सामने खड़े होकर अपने जेवर उतारने लगी उसने अपना मेकअप भी साफ कर लिया था और उसके बाद धीरे-धीरे मेरे करीब आई उसे देखकर मैं चौक गया था लेकिन चौकाने की असल वजह उसका मेरे करीब आना नहीं था बल्कि उस के हाथ में मौजूद वो चीज थी जिसको देखकर मैं उस समय थोड़ा कंफ्यूज हो गया था

 

 क्योंकि यह चीज इस टाइम के माहौल में बिल्कुल अटपटी लग रही थी फिर मैंने उससे पूछा कि यह क्या है तो वह हंस दी और कहने लगी कि यह अरे यह तो एक परफ्यूम है उसने धीरे से कहा था तो मैंने उससे पूछा मैडम इस समय परफ्यूम की क्या जरूरत पड़ गई हम दोनों ने तो पहले ही परफ्यूम लगाया हुआ है और मैं तो वैसे भी अच्छी कंपनी का ब्रांडेड परफ्यूम इस्तेमाल करता हूं बिल्कुल अभी मैंने परफ्यूम लगाया है ताकि आप को अच्छे से इंप्रेस कर सकूं क्योंकि आज हमारी सुहागरात है

 

 अब इस परफ्यूम को एक साइड पर रखो और जल्दी से मेरी बाहों में आ जाओ मैंने उसके हाथ से परफ्यूम की बोतल रखना चाहा तो वह जल्दी से अपना हाथ पीछे कर गई और कहने लगी अरे मैं इसे कैसे भूल जाऊं यह कोई ऐसा वैसा परफ्यूम नहीं है उसका आपको इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है इसको आपके ऊपर स्प्रे करना है और वैसे भी मैं यह आपके ऊपर स्प्रे इसलिए करना चाहती हूं

 

 ताकि हम दोनों की मोहब्बत काफी देर तक बरकरार रहे और हम ज्यादा से ज्यादा देर तक एक दूसरे के साथ मजे लूटते रहे क्योंकि मुझे ताकतवर और पुरजोश मर्द बहुत पसंद है दिशा ने शर्माते हुए और झिझक हुए मुझसे यह बात कही थी तो उसकी बात सुनकर मैं दंग रह गया था मुझे नहीं लगता था कि वह इन बातों में ज्यादा इंटरेस्ट लेती होगी मैंने उसकी चाहत को अपनी सरादों पर रखते हुए वह परफ्यूम अपने हाथ में लेकर खुद पर स्प्रे कर लिया था

 

 दिशा ने मुझे बताया था कि इस परफ्यूम में 50 घोड़े की ताकत है इसके इस्तेमाल के बाद मैं और ज्यादा ताकत वर हो जाऊंगा परफ्यूम के स्प्रे होते ही मुझे अपनी पत्नी की आंखों में एक अजीब सी चमक नजर आने लगी थी और उसके चेहरे पर एक ऐसी मुस्कुराहट भी थी जैसे वह कहना चाह रही हो कि देखो मैंने सब कुछ पा लिया है फिर वह मेरे करीब ही बैठ गई थी और कुछ देर के बाद ही मेरी पलकें भारी होने लगी

 

 और धीरे-धीरे मेरी आंखें बंद होने लगी थी मेरे दिमाग पर भी एक अजीब सा नशा सवार हो गया था मैं बहुत कोशिश के बावजूद भी खुद को जगाने की कोशिश कर रहा था लेकिन फिर भी मुझसे जागा नहीं जा रहा था और फिर किस समय में नींद की वादियों में खो गया मुझे कुछ समझ ही नहीं आया और ना ही कुछ पता चला मैं एक सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी की नौकरी करता था हम पांच बहन भाई थे और मेरा नंबर दूसरा था मैं अपनी सबसे बड़ी बहन से छोटा था मेरी बड़ी बहन की शादी हो गई थी 

 

मेरे सारे बहन भाई पढ़े लिखे थे एक मैंने ही कभी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया था मेरी बड़ी बहन तो अपनी ससुराल में खुशी-खुशी जिंदी जिंदगी गुजार रही है क्योंकि वह बीए कर चुकी थी उसका पति भी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट चलाता था वह अपने पति के साथ ही उसके काम में हाथ बटा रही थी जबकि मैं पढ़ाई में इतना अच्छा नहीं था बड़ी मुश्किल से मैंने फिफ्थ क्लास तक कर लिया था 

 

इतना भी मैं सिर्फ मुश्किल से अपने पापा की डांट और जोर जबरदस्ती की वजह से पढ़ पाया था वरना शायद मैं तो अंगूठा छाप होता मुझसे थोड़ा बहुत तो पढ़ना लिखना आता ही है मेरे मम्मी पापा को मुझसे बहुत उम्मीदें थी क्योंकि मैं बेटों में सबसे बड़ा था जबकि मुझसे मेरा छोटा भाई तो अभी बहुत छोटा था पापा ने खुद भी पहले एक अस्पताल में सफाई कर्मचारी का काम करने का लोड ज्यादा होने की वजह से उन्होंने सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी का काम शुरू कर दिया था 

 

मुझसे कुछ नहीं आता था इसलिए पापा चाहते थे कि मैं भी उनके ही जैसा काम करूं क्योंकि वहां पर सैलरी भी अच्छी थी और प्रिंसिपल से अच्छी जान पहचान की वजह से वह हम पर मेहरबानी भी कर देते थे मेरा छोटा भाई और छोटी बहन इसी सरकारी स्कूल में पढ़ रहे थे लेकिन मुझे ये काम बिल्कुल पसंद नहीं था मैं यह काम नहीं करना चाहता था जबकि मैं तो एक बड़ा आदमी बनना चाहता था

 

 मगर आज मुझे अफसोस होता है कि अगर मैं पढ़ा लिखा होता तो जल्द ही अमीर इंसान बन जाता अपनी पढ़ाई में अच्छा ना होने की वजह से मुझे कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल रही थी इसीलिए इधर-उधर छोटी-मोटी नौकरी तलाश करने के लिए मैं धक्के खा रहा था पूरे एक साल लोगों के यहां काम ढूंढने के बावजूद भी मुझे कोई भी काम ऐसा नहीं मिला था जो मेरे हिसाब का हो और मुझे पसंद आए

 

 मैं अब मायूस होने लगा था और मेरे पापा मुझसे ज्यादा मायूस और परेशान थे क्योंकि उनकी सैलरी में घर का गुजारा करना अब बहुत मुश्किल हो गया था और मेरे पापा उम्र ज्यादा होने की वजह से अब बीमार भी रहने लगे थे इसीलिए मैं चाहता था कि उनकी नौकरी छुड़वा दूं और खुद ही ऐसा कुछ करूं कि वह घर में रहकर आराम करें जितनी ज्यादा महंगाई हो गई थी रोज-रोज हर एक चीज की कीमत बढ़ती ही जा रही थी 

 

ऐसे में अकेले पापा की सैलरी से घर का गुजारा करना काफी मुश्किल हो रहा था और फिर मेरे मम्मी पापा दोनों ही बीमार रहने लगे थे मम्मी को ब्लड प्रेशर की बीमारी हो गई थी और पापा बहुत ज्यादा कमजोर होने लगे थे उन दोनों की भी हमेशा दवाइयां चलती रहती थी दोनों की दवाइयां महंगी आने लगी थी पापा आजकल बहुत परेशान रहने लगे थे बहन भाई की पढ़ाई का खर्च तो स्कूल से ही चल रहा था

 

 सरकारी स्कूल होने की वजह से उन दोनों की पढ़ाई फ्री में चल रही थी और तो और उनको किताबें और ड्रेस भी मु में मिल जाती थी घर के हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए थे बल्कि यह कहें कि दिन बदन अब बिगड़ते ही जा रहे थे पापा बहुत ज्यादा परेशान रहने लगे थे और फिर एक दिन हालात से तंग आकर मैंने पापा के कहने के मुताबिक उनके जैसा ही काम करने के लिए हामी भर ली थी

 

 और उनसे कहा कि मैं भी आपके साथ स्कूल में काम करने के लिए चलूंगा आप मुझे भी सफाई कर्मचारी की नौकरी पर लगवा दो मैं यही काम कर लूंगा क्योंकि मुझे भी कहीं नौकरी नहीं मिल रही मेरी इस बात पर मेरे रे पापा भी खुश हो गए कहने लगे बेटा मैं जानता हूं तुम्हारी आंखों में बहुत सारे सपने थे लेकिन हम गरीब लोग हैं हमारे सपने इतनी जल्दी पूरे नहीं होते 

 

इसलिए तुमने समय पर और जल्द ही सही फैसला कर लिया पापा ने मेरी कमर पर थपकी देते हुए कहा जबकि मैं अंदर से इस बात पर खुश नहीं था मैं देखने में हैंडसम और स्मार्ट था और अगर किसी को मेरे बैकग्राउंड के बारे में पता ना होता तो वह यही समझता कि मैं किसी अमीर फैमिली से बिलोंग करता हूं बस यही वजह थी जो मुझे इस काम से रोकी हुई थी लेकिन अब जब कि मैंने अपने आप को हालात के हवाले कर दिया था

 

 और सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी की नौकरी करने के लिए तैयार हो गया तो पापा की वजह से मुझे स्कूल में जल्द ही सफाई कर्मचारी की नौकरी मिल गई मैंने जल्दी ही अपनी नौकरी को जवाइन कर लिया पहला ही दिन मेरे लिए बहुत बुरा साबित हुआ था क्योंकि मैं इस काम के लिए दिल से ही खुश नहीं था और इस काम को करना ही नहीं चाहता था इसलिए मुझे दो दिन बाद चपरासी से डांट भी पड़ी थी 

 

लेकिन धीरे-धीरे मैं इस काम को सीखने लग गया था अपने पापा को मैं किसी भी शिकायत का मौका नहीं देना चाहता था क्योंकि उन्होंने ही तो प्रिंसिपल से कहकर मेरी नौकरी लगवाई थी प्रिंसिपल ने मेरे पापा की बात पर मुझे इस नौकरी पर रखा था और अच्छी सैलरी देने को भी कहा था जबकि पापा मुझसे कह रहे थे कि यहां पर तुम काम मन लगाकर करना

 

 मुझे इस स्कूल में काम करते हुए अब एक महीना हो गया था कि एक सुबह जब मैं ऑफिस में आया तो सामने बैठी हुई एक नई टीचर को देखकर मैं ठिठक गया था वो टीचर क्या थी एक मॉम का स्टैच्यू थी उसे देखकर मैं पलके झपकना भूल गया था व लड़की बिल्कुल एक गुड़िया के समान लग रही थी इतनी ज्यादा खूबसूरत लड़की आज मैंने पहली बार देखी थी वो इतनी खूबसूरत थी 

 

और उसके अंदर इतने अच्छे-अच्छे एक्सप्रेशन थे कि मैं उसे देखता ही रह गया उसकी बड़ी-बड़ी काली गहरी आंखें और लंबे-लंबे काले बाल और गोरा बदन उसके शरीर की रौनक को बढ़ा रहा था उसके हल्के हल्के गुलाबी गाल बहुत खूबसूरत लग रहे थे मैं उस टीचर को देखकर देखता ही रह गया था वह टीचर भी नोट कर चुकी थी कि मैं उसे इतनी गौर से देख रहा हूं तभी तो उसने एकदम पूरे ऑफिस में इधर-उधर अपनी निगाह दौड़ाई

 

 लेकिन मैं तब तक अपनी नजरों का घुमाव कर चुका था और उसे मैंने जाहिर ही नहीं होने दिया कि मैं उसे देख रहा था मगर फिर भी ऐसा लग रहा था कि वह समझ गई है दोबारा से अपने काम में बिजी हो गया था लेकिन उस लड़की में ना जाने क्या बात थी कि मेरी नजरें उस टीचर की तरफ बार-बार उठ रही थी और फिर जब मैं उसके करीब गया 

 

और सफाई करने के लिए पहुंचा तो मैंने उसे वहां से उठने के लिए कहा तो उसने फौरन अपनी जगह खाली कर दी आज पहली बार मुझे महसूस हो रहा था कि मैं हैसियत में कितना कम हूं अगर मैं आज पढ़ा लिखा होता तो शायद इसकी मोहब्बत की खातिर इसी स्कूल में पढ़ाने लग जाता ताकि इसकी तरफ देखते हुए मुझे शर्मिंदगी महसूस ना हो आज पहली बार मुझे महसूस हो रहा था कि मुझे पढ़ाई कर लेनी चाहिए थी

 

 शायद मैं टीचर ना सही कोई डॉक्टर या इंजीनियर ही बन जाता और किसी अच्छी पोस्ट पर होता तो फौरन इस लड़की का रिश्ता मांग लेता उस लड़की को देखकर मेरे दिल में बड़ी अनोखी सी फीलिंग्लेस का सही मतलब समझ आ रहा था और यह भी सोच रहा था कि अगर उसे मेरी फीलिंग्लेस चग वह तो एक काबिल और पढ़ी-लिखी मेहनती लड़की है जो एक सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी कर रही है

 

 जबकि मैं एक मामूली सा सफाई कर्मचारी जिसका पिता भी यहां पर सफाई की नौकरी करता है जो हैसियत में उसे इतना कम है कि उसे नजर उठाकर तक बात नहीं कर सकता इस समय मेरा दिल बहुत दुख रहा था क्योंकि आज पहली बार मैंने इतनी खूबसूरत लड़की को देखा था आज से पहले मेरा सामना कभी ऐसी लड़की से नहीं हुआ था तो शायद मुझे एहसास भी नहीं हुआ था कि मैं पढ़ा लिखा नहीं हूं मैं जल्दी से वहां की सफाई करने के बाद हट गया अब रोज ऐसा ही होने लगा था वह सातवी कक्षा को पढ़ा रही थी

 

 मैं जब भी क्लास की सफाई करने के लिए जाता तो उसे देखकर मैं कहीं खोसा जाता था मैं उस लड़की को देखते ही अपनी हैसियत भूल जाता था और यह भी भूल जाता था कि मैं यहां पर सफाई करता हूं उस लड़की को देखना मुझे इतना अच्छा लगता था कि मैं अपने काम को खत्म करने के बाद उस क्लास की तरफ चक्कर लगाता रहता था और उसे जब कुर्सी पर बैठकर बच्चों को पढ़ाते हुए देखता तो ना जाने मुझे कैसा सुकून मिलता था

 

 वो लड़की वैसे तो बहुत अच्छी थी लेकिन एक बात जो मैंने हमेशा उसके बारे में दूसरों के मुंह से सुनी थी कि वह टीचर बहुत ज्यादा जज्बाती है और एकदम गुस्से में आ जाती है उसकी उम्र ज्यादा नहीं थी लेकिन सुना था कि वह बहुत गुस्सा करती है ऐसी कंडीशन सिर्फ थोड़ी ही देर के लिए होती थी ना जाने लोग उसके बारे में ऐसी बातें क्यों करते थे जबकि मैंने तो उसे कभी भी ऐसा कुछ करते हुए नहीं देखा था ना ही कभी गुस्से में देखा था

 

 उसके साथ के टीचर्स के मुंह से मैंने उसके बारे में सुना था कि इस लड़की का बिहेवियर ऐसा है कि इसके बाद बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता हमेशा टीचर्स के मुंह से और स्कूल में जो नौकरा नियां लगी हुई थी उनके मुंह से मैं सिर्फ यही बात सुनता था लेकिन मेरे सामने तो उसने आज तक कभी कोई ऐसी हरकत नहीं की थी जिससे मुझे लगे कि वह गुस्से में है और कुछ गलत कर रही है

 

 इसलिए मैं उन लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देता था और इस टीचर से मेरी मोहब्बत पहले दिन की तरह ही कायम थी धीरे-धीरे मुझे इस स्कूल में सरकारी कर्मचारी की नौकरी करते हुए 5 महीने हो गए थे कि एक दिन ना जाने वह टीचर किस मूड में थी उसने मुझे अपने पास बुलाया और कहने लगी तुम्हें यहां पर काम करते हुए कितना टाइम हो गया मैंने उसे बताया कि 5च महीने हो गए तो वह मेरी बात सुनकर हैरान हो गई

 

 और कहने लगी कमाल है तुम तो अच्छे खासे खूबसूरत और हैंडसम मर्द हो तो फिर तुम यह सफाई वाले का काम क्यों करते हो उस टीचर ने दिलचस्पी लेते हुए गौर से देखकर मुझे कहा उसके शब्दों में एक महसूस की जाने वाली चुभन और अजीब सा तीखापन था लेकिन मैंने उस तीखे पन को इग्नोर करते हुए मैंने उससे कहा कि मुझे कहीं और अच्छी नौकरी नहीं मिल सकती थी क्योंकि मैंने शिक्षा की तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया था

 

 इसी वजह से हालात से तंग आकर मैंने वहीं पर नौकरी करना शुरू कर दी थी मेरे पिताजी भी यहीं पर सफाई कर्मचारी की नौकरी करते हैं मैंने अपने पिता के बारे में बता दिया तो वह कहने लगी कि तुम मुझे अच्छे लगते हो लेकिन मुझे अफसोस हो रहा है तुम्हें इस हाल में देखकर अगर तुमने शिक्षा हासिल की होती तो आज तुम भी अच्छी जगह पर नौकरी कर रहे होते 

 

तुम्हें नहीं पता कि शिक्षा हर इंसान के लिए कितनी जरूरी होती है उसकी बात सुनकर तो मैं फी सी हंसी हंस दिया था क्योंकि मुझे भी इस बात का बहुत अफसोस था कि मैंने वह समय निकाल दिया था जब मुझे शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए था उस दिन के बाद से मेरी और उसकी अच्छी बातचीत होने लगी थी वह हमेशा मुझसे अपने काम भी करवा लिया करती थी वो टीचर इसी शहर में रहती थी 

 

मैंने उसे अक्सर ऑटो से आते जाते देखा था उसका नाम दिशा था उसका नाम सुनते ही मुझे बहुत पसंद आया था क्योंकि मेरा नाम भी डी से ही आता था इसके अलावा मैं उसके बारे में और कुछ नहीं जानता था कुछ ही दिनों की दोस्ती ना जाने कब आगे बढ़ गई कुछ पता ही नहीं चला और फिर एक दिन मेरी नजरों में अपने लिए पसंद देखते हुए उस टीचर ने कहा कि क्या तुम मुझसे प्यार करते हो तो उसकी बात सुनकर मैं अचानक ही चौक गया था

 

 क्योंकि मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह मेरी मोहब्बत को इस तरह से समझ जाएगी और खुद ही मुझसे सवाल करने लगेगी मैंने जल्दी से बिना कुछ सोचे समझे ही हां में सिर हिला दिया था और फिर शर्मिंदा सा हो गया था क्योंकि मुझे अपनी हैसियत याद आ गई थी मेरे हां करने पर टीचर के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कुराहट दौड़ गई थी जिसे मैं कोई नाम नहीं दे सका उस मुस्कुराहट ने मुझे उलझा करर रख दिया था वो टीचर कहने लगी कि मैं भी तुमसे प्यार करती हूं तुम मुझे बहुत पसंद हो 

 

और तुम्हारी बातें भी मुझे बहुत अच्छी लगती हैं जिस दिन से तुम्हें पहली बार यहां पर देखा उस दिन से मैं भी तुम्हें पसंद करने लगी हूं क्या तुम मुझसे शादी करोगे दिशा का यह कहना था कि एकदम मेरी तो हवाइयां ही उड़ गई थी मैं सोच भी नहीं सकता था कि वह मुझे इस तरह शादी के लिए प्रपोज भी कर देगी मैं अपनी खुशी छुपाए नहीं छुपा रहा था मैंने फौरन से ही हां कह दी जबकि मेरा दीवानापन और ऐसी हवाइयां देखकर वह खुद भी खूब खुलकर हंस रही थी

 

 मैंने उसे फौरन ही कह दिया कि हां मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं और तुम्हारे साथ अपना घर बसाना चाहता हूं वह लड़की खुश हो गई और कहने लगी कि ठीक है तुम अपने पेरेंट्स को मना लो मेरी फैमिली में तो कोई नहीं है मैं यहां अपनी बड़ी बहन के साथ शहर में रहती हूं मेरी बहन की तो शादी हो चुकी है इसलिए मैं किसी से भी शादी करूं उसे इस बात से कोई मतलब नहीं उसने कहा अगर तुम्हारी फैमिली मान गई तो हम जल्दी ही शादी कर लेंगे उसकी इतनी जल्दी मान जाने पर मैं घबरा गया 

 

मुझे अपनी फैमिली की टेंशन हो रही थी शायद मम्मी पापा इतनी जल्दी मेरी शादी के लिए नहीं मानेंगे क्योंकि घर के हालात मेरे सामने थे मगर मैं आज अपने आप को बहुत खुशकिस्मत इंसान समझ रहा था मुझे नहीं पता था कि मोहब्बत इतनी आसानी से मिल जाती है मैं दिशा को मना करते-करते चुप हो गया था क्योंकि मैं अपनी खुशियों को रद्द नहीं करना चाहता था और उसी दिन घर आकर जब मैंने अपने मम्मी और पापा से यह बात कही तो पापा मुझे हैरानी से देखने लगे 

 

वह कहने लगे कि तुम्हें पता नहीं कि उस लड़की के बारे में स्कूल में कैसी-कैसी बातें होती हैं लेकिन मैंने अपने पापा की बात को ठुकरा दिया और कहा कि मैं तो इसी लड़की से शादी करूंगा वरना किसी से कभी शादी नहीं करूंगा यह मेरी जिद्द है और ऐसा ही हुआ मैंने दिशा को भी बता दिया था कि मैं अपनी फैमिली को मनाने की कोशिश कर रहा हूं और फिर हार कर मेरी फैमिली भी इस रिश्ते के लिए तैयार हो गई थी 

 

आज मुझे और ज्यादा खुशी हो रही थी और उन लोगों पर तरस आ रहा था जो कहते थे कि मोहब्बत आसानी से नहीं मिलती मेरा मानना था कि शायद उन लोगों की मोहब्बत खोखली होती है जिनको मोहब्बत नहीं मिल पाती मैं तो अपने आप को इस दुनिया का सबसे अच्छा और खुशकिस्मत इंसान समझ रहा था जिसको सफाई कर्मचारी होने के बावजूद भी एक पढ़ी लिखी खूबसूरत और टीचर की नौकरी करने वाली लड़की मिल रही थी

 

 उसे इस बात से कोई ऐतराज नहीं था कि मेरी हैसियत उससे बहुत कम थी हमारी शादी हो गई और आज मैं बहुत खुश था दिशा का दिया गया परफ्यूम लगा लेने के बाद मैं गहरी नींद में सो गया था सुबह जब मेरी आंख खुली तो मेरे शरीर में अजीब सा दर्द हो रहा था कहीं-कहीं तो अजीब से निशान पड़े हुए थे इन निशानों को पहले तो मैं नहीं देख सका लेकिन नहाने के दौरान बाथरूम में जब मैंने अपने शरीर की तरफ देखा तो यह निशान तीन-चार जगह पड़े हुए थे

 

 मैंने इन निशानों को इग्नोर कर दिया था और बाहर आकर अपनी पत्नी से कहा कि रात के बारे में मुझे कुछ भी याद नहीं शायद मैं गहरी नींद में सो गया था तुमने मुझे वह कैसा परफ्यूम लगा दिया था जबकि दिशा कहने लगी वह परफ्यूम तो ताकत का था उस परफ्यूम को लगाने के बाद आपने मेरे साथ जो कुछ किया और जिस तरह मेरे साथ किया और जो वक्त आपने मेरे साथ गुजारा मैं सारी जिंदगी उस वक्त को नहीं भूल सकती 

 

दिशा ने यह बात बहुत शर्माते हुए कही थी तो मैं भी उसकी बात को सच समझ बैठा था लेकिन सच तो यह था कि मुझे रात के बारे में कुछ भी ठीक से याद नहीं था मुझे बिल्कुल याद नहीं था कि मैंने अपनी पत्नी के साथ टाइम स्पेंड किया था हां परफ्यूम लगाने तक तो मुझे सब कुछ याद था लेकिन उसके बाद क्या हुआ इस बारे में मुझे कुछ भी याद नहीं हमारी इस शादी से मेरे मम्मी पापा भी खुश हो गए थे क्योंकि उन लोगों ने यही सोचा कि उनके बेटे को एक पढ़ी लिखी और खूबसूरत पत्नी मिल रही है

 

 शायद ऐसी लड़की मुझे कभी नहीं मिलती बस यही सब कुछ सोचते हुए उन्होंने मेरी पत्नी को एक्सेप्ट कर लिया था दिशा ने अपने कुछ फ्रेंड्स को अपनी शादी की पार्टी देने के लिए मेरे घर पर इनवाइट कर दिया था और मुझसे नाश्ते का सामान लाने के लिए कहा था आज मैंने और दिशा ने स्कूल से छुट्टी ले ली थी हमारे घर के तो सारे मेहमान जा चुके थे दिशा की कुछ फ्रेंड्स थी जिनको दिशा ने रात के टाइम पर बुलाया था

 

 लेकिन हम दोपहर से ही तैयारी में लगे हुए थे मेरी टीचर पत्नी की फ्रेंड्स घर आ गई तो हमने उनकी अच्छी तरह से खातिर दारी की थी लेकिन उनकी एक बात मेरे दिल को बहुत चुप गई थी मेरी पत्नी के फ्रेंड्स ने उससे कहा था कि दिशा तुम इतनी अच्छी और इंटेलिजेंट लड़की हो क्या तुम्हें एक सफाई करने वाला ही पसंद आया था आखिर ऐसा क्यों हुआ और तुमने इससे शादी क्यों की 

 

जबकि मेरी टीचर पत्नी अपनी दोस्तों के सवाल पर अजीब सी हंसी हंस कर रह गई थी मुझे उसकी इस हंसी से बहुत िड़ होती थी बाकी सब कुछ मेरी पत्नी में बिल्कुल ठीक था लेकिन उसकी हंसी ना जाने क्यों मुझे बहुत अजीब लगती थी वह मुझे बहुत बे फिक्र दिखाई देती थी उसके फ्रेंड्स के जाने के बाद मेरी बहन और मां ने सब कुछ समेटकर बर्तन वगैरह धो दिए थे जबकि मेरी पत्नी ने किसी काम को हाथ तक नहीं लगाया था और वह अपनी फ्रेंड्स के जाने के बाद फौरन ही उठकर अपने कमरे में चली गई थी

 

 मैं कमरे में गया तो मेरी पत्नी पहले से ही मेरा इंतजार कर रही थी जैसे ही मैं उसके करीब जाकर बैठा तो कहने लगी कि आज मैंने आपके लिए फिर से परफ्यूम निकाल कर रख दिया है यह परफ्यूम लगाने के बाद आपके अंदर 50 घोड़ों की जैसी ताकत आ जाएगी और मुझे तो वैसे भी ताकतवर मर्द बहुत पसंद है जो अपनी पत्नी को रात को खुश कर सके मुझे आपसे भी यही उम्मीद है कि इस परफ्यूम को लगाने के बाद आप मुझे कल की तरह खुश कर सकोगे अपनी पत्नी की बात सुनकर मुझे बहुत अजीब लगा था

 

 लेकिन फिर ख्याल आया कि वह पढ़ी लिखी है उसे इन बातों की ज्यादा समझ होगी इसलिए मैंने भी चुप करके उसका परफ्यूम कल की तरह अपने ऊपर स्प्रे कर लिया था लेकिन आज फिर इस स्प्रे को लगाने के बाद ही मेरी पलकों पर भारी बोझ होने लगा था मैं खुद को जगाए रखने की कोशिश में फिर से सो गया था अगले दिन जब सुबह उठा तो मेरी गर्दन और गाल पर अजीब से निशान पड़े हुए थे 

 

इन निशान में से कहीं-कहीं खून के एक कतरे जैसे निशान भी लग रहे थे और वहीं पर जम चुके थे मेरी मां ने जब यह निशान मेरे चेहरे पर देखे तो वह भी परेशान हो गई थी मैंने अपनी मां से कह दिया था कि शायद किसी कीड़े ने काट लिया होगा मेरी मां को भी यही लगा कि गर्मियों के मौसम में जहरीले कीड़े बाहर निकल आते हैं हो सकता है कि तुम्हारे किसी कीड़े ने ही काट लिया हो जिसकी वजह से यह निशान आ गए हो मेरी मम्मी ने कहा कि फिर भी बेटा तुम एक बार डॉक्टर को दिखा देना 

 

मैंने निशान पर हाथ लगाकर देखा तो वहां पर अजीब से दर्द का एहसास हुआ था मैंने जब इन निशान के बारे में अपनी पत्नी से पूछा तो वह शर्माते हुए कहने लगी रात जब आप मेरे साथ अपने प्यार का इजहार कर रहे थे तब आप जज्बात में आकर मुझसे बंद गए थे आपको तो पता है ना कि ऐसे निशान मोहब्बत की निशान होते हैं अपनी पत्नी की बात मुझे कुछ समझ नहीं आई थी लेकिन फिर भी उसकी बात पर मैं मोहब्बत से मुस्कुरा दिया था और मुझे अपनी पत्नी पर गर्व महसूस हुआ कि मुझे इतना प्यार करने वाली पत्नी मिली है

 

 जो मुझसे ज्यादा मेरा ख्याल रखती है अगले दिन दिशा ने अपनी ड्यूटी पर जाना शुरू कर दिया था और मैं भी अपनी ड्यूटी पर आ गया था मुझे स्कूल में शर्म महसूस हो रही थी क्योंकि मेरी पत्नी उसी स्कूल में पढ़ाने वाली एक टीचर थी जबकि मैं वहां का एक मामूली सफाई कर्मचारी था लेकिन लेकिन मैंने और मेरी पत्नी ने आपस में यह बात डिसाइड कर ली थी कि हम स्कूल में यह बात किसी को भी नहीं बताएंगे कि हम दोनों ने एक दूसरे के साथ शादी कर ली 

 

वैसे भी हमने अभी तक अपनी शादी के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया था सिर्फ मेरे ही कुछ रिश्तेदार और दोस्त इस बात को जानते थे और कुछ दिशा की कॉलेज फ्रेंड्स थी जिनको हमारी शादी के बारे में पता था लेकिन स्कूल में यह बात कोई नहीं जानता था धीरे-धीरे हमारी शादी को दो महीने हो गए थे लेकिन इस दौरान मैंने महसूस किया था कि मेरी पास इनी रोज ही मुझे वह परफ्यूम दिया करती थी 

 

कि कि इसको अपने ऊपर स्प्रे कर लो उसका कहना होता था कि इसको स्प्रे करने के बाद मैं उसको खुश कर देता हूं और उसकी खुशी की खातिर मैं इस परफ्यूम को हर बार अपने ऊपर स्प्रे कर लिया करता था उसे तो मैं अच्छी तरह से खुश कर देता था मगर मुझे अभी तक यह याद नहीं था कि उसने मुझे कभी खुश किया भी है या नहीं या फिर मैं जब उसे खुश करता हूं तब उसके कैसे रिएक्शन होते हैं 

 

मुझे यह बात ना जाने कैसे याद नहीं रहती थी व कहती थी कि आप अपनी भावनाओं में इतना बह जाते हो कि थकान भरी गहरी नींद में सोने के बाद आपको कुछ भी याद नहीं रहता और धीरे-धीरे मेरे शरीर के अजीब अजीब निशान बढ़ते चले जा रहे थे जो मुझे काफी दिनों तक दर्द देते रहते थे और इनकी वजह से मेरी जान अलग परेशानी में आई हुई थी मेरी मां भी मुझे देख देखकर परेशान होती रहती थी 

 

कभी उन्हें लगता कि मुझे किसी कीड़े ने काट लिया तो कभी लगता कि मेरी बॉडी पर एलर्जी हो रही है मेरी कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मेरे साथ यह सब कुछ क्यों हो रहा है जबकि मेरी पत्नी मेरे साथ हंसी खुशी जिंदगी गुजार रही थी समझ नहीं आती थी कि यह निशान कब और कैसे आ जाते थे और मुझे उनके बारे में क्यों नहीं पता चलता था आखिर रात को अपनी पत्नी के साथ वह सब कुछ करते हुए मुझे क्यों याद नहीं रहता था

 

 मैं सुबह तक सब कुछ क्यों भूल जाता था मुझे रात के बारे में कुछ भी याद नहीं होता था मैं अब इन रोज-रोज के निशान से तंग आ चुका था और दिन बदिरा था मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इससे कैसे छुटकारा हासिल करूं मम्मी पापा भी मेरी वजह से बहुत परेशान थे उनका कहना था कि मैं किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा दूं मैं अपनी पत्नी से डॉक्टर के बारे में पूछता तो वह मुझे डॉक्टर के पास जाने से मना कर देती थी 

 

शाम के बाद जो मेरी हालत हो जाती थी वह मैं किसी से बयान नहीं कर सकता था मैं अजीब तरह की परेशानी में डूबा हुआ था और फिर मुझे एक सॉल्यूशन दिखाई दे ही गया था और मैंने उस पर ध्यान देने का सोच लिया कि रात के टाइम जब मेरी पत्नी ने मु मुझे फिर से परफ्यूम अपने ऊपर स्प्रे करने के लिए दिया और कहा कि जब रात को हम दोनों के बीच वह सब होता है तो मुझे बहुत मजा आता है

 

 मैं चाहती हूं कि आप हर रोज इस परफ्यूम को अपने ऊपर स्प्रे कर लिया करो क्योंकि मुझे आपकी मर्दानगी और पुरजोश मोहब्बत बहुत अच्छी लगती है उसकी बात सुनकर मैं फी सी हंसी हंस दिया और फौरन उसके हाथ से वह परफ्यूम पकड़ लिया और कहा कि ठीक है मैं इसको स्प्रे कर लूंगा मेरी पत्नी को मुझ पर अब बहुत भरोसा हो गया था लेकिन मैं हर रात साथ ही उसका दिया हुआ यह परफ्यूम अपने ऊपर स्प्रे कर लिया करता था 

 

लेकिन अब तो मुझे इस परफ्यूम में ही कुछ गड़बड़ लग रही थी उसे इस बात का यकीन था कि मैं आज भी इस परफ्यूम को अपने ऊपर स्प्रे कर लूंगा लेकिन मैंने वह परफ्यूम अपने ऊपर स्प्रे नहीं किया मेरी पत्नी जैसे ही कपड़े चेंज करने के लिए बाथरूम में गई तो मैंने परफ्यूम को अपने तकिए के नीचे छुपा लिया और बिस्तर पर लेटकर सोने का नाटक करने लगा मेरे नींद के नाटक को महसूस करके मेरी पत्नी को ऐसा लगा

 

 जैसे मैं बेहोश हो गया हूं मैंने धीमी सी आंखें खोलकर देखा तो उसके चेहरे पर बड़ी अजीब सी शैतानी मुस्कुराहट दिखाई दे रही थी उसकी ऐसी मुस्कुराहट हमेशा मुझे किसी परेशानी में डाल देती थी और अब भी ऐसा ही हुआ था कुछ देर के बाद उसने देखा कि मैं पूरी तरह से बेहोश हो गया हूं तो वह कुछ देर के बाद मेरे करीब आई और मेरे चेहरे पर उंगली फेरते हुए उसने मेरे गाल पर बहुत जोरदार थप्पड़ मार दिया था

 

 ना जाने मैंने किस तरह खुद पर काबू पाया था वरना मुझे इतनी तकलीफ हो रही थी कि मैं बताने नहीं सकता उसके बाद उसने पन निकालकर मेरे शरीर पर इस तरह से वार किया था कि पेन की नोक मेरे शरीर में बुरी तरह से गड़क चुभ रही थी और शायद खून भी निकल रहा था तकलीफ की वजह से मैंने एकदम आंखें खोल दी और चिल्लाने लगा कि यह तुम मेरे साथ क्या कर रही हो

 

 मैंने चिल्लाते हुए उससे कहा उसने मुझे होश में आते हुए देखकर वह एकदम घबरा गई थी कहने लगी मैं तो आपके साथ प्यार कर रही थी ऐसे ही तो प्यार करते हैं उसने मुझसे कहा तो मैं उसको देखता रह गया था मैंने उससे कहा आखिर तुमसे किसने कहा कि प्यार इस तरह से किया जाता है तुमसे कौन कह रहा है कि प्यार यह होता है मैंने चिल्लाते हुए उससे यह बात पूछी तो वह मेरे चिल्लाने पर रोने लगी थी

 

 और कहने लगी मुझे तो मेरा पति कहता था कि मोहब्बत ऐसे ही की जाती है मैं अपनी पत्नी की बात सुनकर हैरान रह गया था मैंने कहा तुम आखिर कौन से पति की बात कर रही हो तुम्हारा पति तो मैं हूं वह तो हंसने लगी और बोली आप तो मेरे दूसरे पति हो दरअसल मेरा पहला पति मुझे प्यार करने का तरीका सिखाया करता था कहता था कि प्यार इसी तरह से होता है अपनी पत्नी की बात सुनकर मेरे तो होश उड़ गए थे

 

 उसने कहा मेरा पति हमेशा मेरे साथ ऐसा ही सुलूक किया करता था मैं दर्द से चिल्लाती रहती थी और चीखने लगती थी लेकिन वह मेरे मुंह पर हाथ रख देता था मुझे चीखने तक नहीं देता था कहता था कि बर्दाश्त करो तुम्हें बर्दाश्त करना है वह मुझे कमरे में बंद कर देता था वह मेरे पैरों को गर्म पानी में डुब देता था मैं तकलीफ से चिल्लाती थी तो वह दूर खड़ा हंसता रहता था 

 

और कहता था कि देखो मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं उसने पूरे एक साल मुझे अपनी मोहब्बत के साय में रखा मैं उससे मोहब्बत करती थी इसलिए उससे दूर नहीं जा सकती थी मुझे नहीं पता था कि उसकी मोहब्बत मेरे लिए ऐसी होगी और फिर जब मुझे उसकी सच्चाई के बारे में पता चला तो मैंने उसे छोड़ दिया मैंने दिशा से कहा कि तुम्हें उसकी कौन सी सच्चाई के बारे में पता चला था

 

 तो उसने मुझे बताया कि मेरा पति मुझसे प्यार नहीं करता था उसकी फैमिली ने जबरदस्ती मेरी शादी उसके साथ करवाई थी वह तो किसी और लड़की को चाहता था मगर उसकी फैमिली ने उसकी एक ना सुनी उसके पेरेंट्स मेरी बहन के पास मेरा रिश्ता अपने बेटे के लिए मांगने आए थे मेरी बहन ने भी खुशी-खुशी इस रिश्ते के लिए हां कर दी थी क्योंकि वह लड़का सबको बहुत पसंद आया था मेरे माता-पिता नहीं है मैं शुरू से ही अपनी बहन के साथ रही हूं इस तरह मेरी शादी उसके साथ हो गई वह मेरे ऊपर अत्याचार करता था

 

 और फिर एक दिन उसने मुझे बताया कि वह मेरे साथ यह सब इसलिए करता है ताकि मैं उससे तंग आकर भाग जाऊं मैं उसके साथ अपना घर बसाना चाहती थी इसीलिए सब कुछ बर्दाश्त कर रही थी जब उसने मुझे बताया कि वह एक लड़की से प्यार करता है और उसी को घर में लाना चाहता है मगर उसके पेरेंट्स ने जबरदस्ती मेरी शादी उसके साथ करवा दी वह इस चीज का बदला मुझसे ले रहा था उस दिन सच्चाई सुनने के बाद मैंने फौरन ही उसे छोड़ने का फैसला कर लिया मैं उसके घर को छोड़कर आ गई

 

 उसके पेरेंट्स ने मुझे वापस घर बुलाने के लिए बहुत जतन किए मगर मैंने उनसे कह दिया कि मैं आपके बेटे से बहुत प्यार करती थी मगर वह मेरे लायक नहीं है आप उससे कहो कि वह मुझे डाइवोर्स दे दे मैं उसके साथ अब नहीं रहना चाहती इस तरह उसने मुझे कुछ दिनों बाद अपने रिश्ते से आजाद कर दिया उसके बाद उसने अपनी पसंद की लड़की से शादी की या नहीं की मैं यह नहीं जानती 

 

बाद में जब मैंने अपने शरीर पर लगे उन घाव पर गौर किया जो उसने मुझे दिए थे तब से ही मेरे अंदर अपने अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालने की तमन्ना थी इसलिए तो मैं तुम्हारे साथ यह सब कुछ कर रही हूं क्योंकि रात को अकेले कमरे में मुझे तुम्हारे अंदर अपना पहला पति नजर आता है और उसका बदला मैं तुमसे इस तरह से ले रही हूं वह कोई परफ्यूम नहीं है जो मैं तुम्हें देती हूं वह तो नींद की दवाई का स्प्रे है 

 

तुम्हारे बेहोश हो जाने के बाद मैं तुम पर अपना गुस्सा निकालती हूं मैं तो उसे बहुत प्यार करती थी मगर उसने मेरे प्यार की कभी कदर नहीं की तुम जब मुझे पहली बार मिले तो मुझे तुम्हारे अंदर वोह नजर आया था तभी से ही मैंने तुम्हें नोटिस करना शुरू कर दिया था और एक दिन अपनी मोहब्बत का इजहार खुद ही तुमसे कर दिया क्योंकि मैं उसका बदला तुमसे लेना चाहती थी क्योंकि तुम्हारी शक्ल बिल्कुल उसकी जैसी ही है 

 

वह भी तुम्हारी तरह स्मार्ट था यह कहकर मेरी पत्नी जोर जोर से हंसने लगी थी वह चेहरे से तो हंस रही थी मगर उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे एक तरफ वह रो भी रही थी तो दूसरी तरफ हंस रही थी अपनी पत्नी की ऐसी कंडीशन देखकर मैं तो दंग रह गया था उसका पागलों वाला अंदाज मुझे इतना बताने के लिए काफी था कि वह किसी दिमागी उलझन का शिकार है उसकी कहानी बहुत गंभीर थी 

 

उसके साथ सच में उसके पति ने बहुत गलत किया था अपनी पत्नी की हालत मुझसे देखी नहीं जा रही थी मैंने एकदम से उसे अपने गले से लगा लिया और कहा कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं मैं कभी तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करूंगा वह बार-बार एक ही बात को दोहरा रही थी कि मैं तो उससे मोहब्बत करती थी फिर भी उसने मेरे साथ बहुत गलत किया मैंने फैसला कर लिया था था कि मैं अगले ही दिन अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर जाऊंगा और उसका इलाज करवाऊंगी

 

 मैं साइकेट्रिस्ट के पास अपनी पत्नी को लेकर चला गया था मेरी पत्नी इस चीज के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिर भी जबरदस्ती डॉक्टर ने ट्रीटमेंट शुरू कर दिया था इसी तरह मेरी पत्नी का ट्रीटमेंट 3 महीने चला मैंने अपनी पत्नी के लिए जी तोड़ मेहनत की थी और उसका इलाज करवा के उसे सक्सेस कर दिया था मेरी पत्नी 3 महीने के इलाज के बाद बिल्कुल ठीक हो गई थी और पुरानी बात को धीरे-धीरे भूल गई थी

 

 मगर उसने मुझसे अपने किए की माफी मांगी थी कि उसने मेरे साथ जो भी किया था वह सिर्फ अपने दिमाग की हालत की वजह से किया था और इस तरह मेरी पत्नी अपनी तकलीफ से दूर हो गई थी और बिल्कुल ठीक हो गई आज मेरी शादी को 10 साल हो गए मेरी पत्नी आज भी मेरे साथ मोहब्बत से रहती है उसने जो शुरू में मेरे साथ जो हरकत की थी ऐसी उसने कभी दोबारा नहीं की अब मैं अपनी पत्नी के साथ खुशी-खुशी जिंदगी गुजार रहा हूं

 

 और हम दोनों के दो बच्चे भी हैं मेरी पत्नी मेरे साथ बहुत प्यार मोहब्बत से रहती है उसका कहना है कि आपकी वजह से मुझे सच्ची मोहब्बत मिल सकी और मैंने दोबारा से जीना शुरू कर दिया वरना मैं सोचती थी कि कहीं अपनी कंडीशन की वजह से मैं एक दिन खुद अपनी जान ले लेती मगर भगवान की कृपा से सब कुछ ठीक हो गया मुझे मेरी पत्नी वापस मिल गई और उसे भी एक प्यार करने वाला पति मिल गया दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी 

 

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