पैसो से बढ़कर तुम्हारी इज्जत है। Meri Kahaniyan | Manohar Story In Hindi | Best Hindi Story

Meri Kahaniyan : जब मुझे पता चला कि मेरा पति बहुत ही ज्यादा खूबसूरत है तो मैं हैरान रह गई वह कहते हैं ना कि हसीन पति और मीठा खरबूजा किस्मत वालों को ही मिलता है मैं तो सातवें आसमान पर थी मेरा पति वाकई बहुत खूबसूरत था अमीर भी बहुत था और बहादुर भी सुना था कि उसका किसी के साथ बहुत बड़ा झगड़ा हुआ था लेकिन उसने उसकी ऐसी पिटाई की कि सारे शहर ने देखा उसकी तो वीडियो भी बनी हुई थी जो एक वेबसाइट पर पड़ी थी

और लोगों ने नीचे बड़े-बड़े कमेंट्स किए थे यानी एक मशहूर और खूबसूरत और बहादुर इंसान से मेरी शादी हो रही थी उसका नाम शर्व था नाम भी क्या खूब था मैं बहुत खुश हो गई मैं भी किसी से कम नहीं थी बहुत ज्यादा हसीन और खूबसूरत थी हमारी जोड़ी अच्छी बनी थी बल्कि अभी भी अगर देखा जाए तो मैं ज्यादा खूबसूरत थी खैर शादी की तैयारियां होने लगी और मेरी शादी हो गई जब मैं इस घर में गई

तो उन्होंने मुझे इतने अच्छे से अपनाया कि सारे शहर ने देखा हमारी शादी शहर की बड़ी शादियों में से एक थी सबको पता था कि मोदी इंडस्ट्रीज के मालिक की शादी हो रही है हर चीज पहली चीज से ज्यादा बेहतर थी मेरे लिए उन्होंने खुद ही सब कुछ बनाया और वह भी देखने के काबिल था लेकिन शायद हम लोग इतने ज्यादा खुश हो गए थे कि हमारी खुशियों को नजर लग गई खुशियों को नजर लगती है

ऐसी बड़ी-बड़ी शादियों में बाद में कुछ ना कुछ जरूर होता है कुछ बुरा होता है लेकिन यह नहीं पता था कि मेरे मामले में इतनी जल्दी हो जाएगा और इतना बुरा हो जाएगा अभी मेरा पति मेरे कमरे में आने वाला नहीं था अभी बहुत सी रस्में थी बहुत सा समय लगने वाला था शायद जब वह मेरे कमरे में आता तो तब तक करीबन सुबह ही हो जाती लेकिन यह लोग अमीर लोग थे यह तो 12 बजे उठते थे इसलिए इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था

खैर मेरा पति मेरे कमरे में आने वाला था मुझे यह खबर मिल गई मुझे फिर से तैयार किया गया मेरा जो मेकअप खराब हो गया था वह सही किया गया बल्कि मुझे सिंपल कपड़े पहनने को कह दिया गया उन्होंने कहा कि उसे तुम्हें दुल्हन के रूप में देखने का कोई शौक नहीं है तुम रिलैक्स हो जाओ यहां पर कोई रिवाय काम नहीं होता अगर उसे तुम्हें दुल्हन के रूप में देखने का शौक हुआ तो तुम फिर से किसी दिन दुल्हन बन जाना

और बात ऐसी ही थी मेरे लिए जो साजो सामान लिया गया था वह ऐसा ही था कि अगर मैं रोज तैयार होती तो मैं दुल्हन ही लगती इतने बड़े-बड़े कामदार सूट और उसके साथ के जवर पहन ने जो मैंने कभी नहीं देखे थे मेरी किस्मत चमक उठी थी मेरा पति मेरे कमरे में आया तो उसकी चाल कुछ अजीब सी थी मुझे लगा कि यह अमीर आदमी है शायद नशे में है लेकिन उसने कहा कि वह शराब को हाथ भी नहीं लगाता है क्योंकि उसे अपनी सेहत से बहुत मोहब्बत है

लेकिन वह बार-बार खांस रहा था कभी अपने मुंह पर हाथ लगाता कभी पेट पर कहने लगा कि मुझे इतनी मिठाई खिला दी गई है कि लगता है मेरे पेट में कोई गड़बड़ होने वाली है मैं इस बात पर मुस्कुरा दी अभी उसने मेरा हाथ ही पकड़ा था कि उसे अचानक से उल्टी आई और वह बेहोश हो गया मैं बुरी तरह घबरा गई मैंने तुरंत लोगों को बुला लिया उसे अस्पताल ले गए मुझे साथ नहीं जाने दिया लेकिन पता चला कि रास्ते में उसकी तबीयत बहुत खराब हो गई थी

और डॉक्टर ने ऐसी बात बताई कि हम सबके कदमों तले से जमीन निकल गई मैं अपनी बहनों में सबसे खूबसूरत थी मेरी सारी बहनों की शादी हो चुकी थी सब अपने-अपने घर की हो गई थी और मेरे बाबा भी इस दुनिया से जा चुके थे सिर्फ मां ही थी मेरी खूबसूरती की वजह से मुझे बहुत अच्छा रिश्ता मिल गया था मैं अपने दूल्हे का इंतजार कर रही थी पता नहीं उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई यह सब कुछ इतना अजीब था लोग कहते हैं कि शादी के अगले दिन दुल्हन अस्पताल जाती है

लेकिन यहां पर तो मेरा पति शादी की रात में ही अस्पताल चला गया था यह लोग पढ़े-लिखे समझदार थे अमीर थे इसलिए ऐसी वैसी बात नहीं कर रहे थे लेकिन क्या पता दिल में सोच रहे हो कि कहीं मैंने ही तो कुछ नहीं किया पर जब डॉक्टर ने हमें यह बताया कि उसे जहर दिया गया है तो मेरे कदमों तले से भी जमीन निकल गई भला मैं अपने पति को जहर क्यों देती मुझ पर किसी का शक नहीं था

और मैंने ऐसा किया भी नहीं था पर यह किसने किया था खैर जिसने भी किया था वह बचने वाला नहीं था हम उसे बाद में पकड़ ही लेते अभी सब मेरे पति की जिंदगी की दुआ करने लगे और मैं समझ गई कि मुझे नजर लग गई है अब तो बस भगवान से ही दुआ कर रही थी लेकिन मेरा पति इस दुनिया से चला गया उसे इतना ज्यादा जहर दे दिया गया था कि उसके जिस्म के सारे जरूरी अंग फेल हो गए और उसे आखिरी वक्त में कुछ बोलने तक की मोहलत ना मिली

मेरे नसीबों को आग लग गई थी मेरे हाथों पर अभी सुहाग की मेहंदी लगी थी आंखों में ख्वाब थे दिल में अरमान थे मैं तो अभी कुछ घंटों की दुल्हन थी कि मेरा दूल्हा इस दुनिया से चला गया लोग मुझे डायन कहने लगे मुझे बुरा भला कहने लगे कहने लगे कि यह सब कुछ मेरी वजह से हुआ है यह एक ऐसा हादसा था जो ज्यादातर लोगों के साथ नहीं होता और जब होता है तो जो मर जाए उसके साथ दूसरा भी मर जाता है

क्योंकि दुनिया वाले उसे जीने नहीं देते मेरे पति की आखिरी रस्में पूरी कर दी गई तो फिर सब इस बात पर सर जोड़ के बैठ गए कि आखिर यह सब कुछ हुआ कैसे उन्होंने कहा कि वह तो अच्छा भला दुल्हन के कमरे में गया था लगता है दुल्हन ने कुछ किया है शायद यह हमारे दुश्मनों की भेजी हुई है हमारे तो इतने सारे दुश्मन हैं उन सब ने यह इल्जाम मुझ पर लगा दिया मैं चीखती रह गई चिल्लाती रह गई पर कुछ ना कर पाई

मेरे मां-बाप भी मेरे लिए कुछ ना कर सके बाप इस दुनिया में था नहीं और मां बेचारी क्या-क्या करती अगर मेरी मां किसी बहुत बड़े ओहदे पर होती बहुत अमीर होती वह शायद मुझे तब भी ना बचा पाती क्योंकि इन लोगों के हाथ बहुत लंबे थे लेकिन मेरी मां तो एक आम औरत थी जिसने स्कूल में पढ़ा पढ़ा के अपनी सारी बेटियों की शादी की थी और जो इस बात पर खुश थी कि चलो एक बेटी इतने अच्छे घर में चली गई तो बाकियों का भी ख्याल करेगी

लेकिन मेरा घर तो उजड़ गया था मैं जेल चली गई जब जेल में दाखिल हुई तो सब लोगों ने मुझे अजीब नजरों से देखा और धुत कारा एक औरत मेरे पास आई और उसने मुझे बालों से पकड़ के जमीन पर धक्का दे दिया उसने कहा कि हम सब यहां पर गुनाह करके ही पहुंचे हमने कोई ना कोई बुरा काम किया लेकिन अपने ही पति को शादी की रात जहर देना एक निहायत ही घटिया काम है तू तो इतनी खूबसूरत है लगता है तेरा किसी और के साथ चक्कर था

तभी तूने अपने पति को मार डाला अपने आशिक के साथ मिलकर अपने पति को कहानी में से निकाल के बाहर फेंका मैंने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं किया लोगों ने मुझे ना सिर्फ कातिल बल्कि बदक दार भी जाना और कहा कि इसी ने अपने पति को इसलिए मारा क्योंकि इसका चक्कर किसी और के साथ होगा यह बातें सिर्फ जेल के अंदर नहीं बल्कि बाहर भी हो रही थी मेरी कहानी बन गई थी मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई थी लोगों की जुबान पर सिर्फ मेरी बात थी

और जब तक लोगों को दूसरा काम ना मिलता वह मुझे ही डिस्कस कर रहे थे सब कह रहे थे कि लगता है लड़की का किसी और के साथ चक्कर था मेरी मां को यह सब सुनना पड़ रहा था मेरी बहनों के घर में उनको भी ताने पड़ रहे थे कि तुम्हारी बहन तो ऐसी निकली इसने तो अपने पति को जहर दे दिया उनकी जिंदगी भी मुश्किल हो रही थी और मैं दिन रात रोने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती थी फिर मेरी जिंदगी में एक अजीब सी रात आई वह जेल की जेलर थी

वह बड़ी अजीब सी औरत थी बहुत लंबे कद की थी और जरा सी बात पर हाथ उठाती थी थोड़ी सी गलती होती तो माफ नहीं करती थी एक दिन वह मेरी कोठरी में आई मैं फिलहाल इस कोठरी में अकेली थी क्योंकि मेरे साथ कोई औरत नहीं थी उसने कहा कि तेरा नाम ही है बीना मैंने कहा कि जी वह बोली वही जो अपने पति को मार कर आई है मैंने कहा कि नहीं मैंने अपने पति को नहीं मारा उसको किसी दुश्मन ने जहर दिया था मैं तो उसको दिल से अपना हमसफर मानती थी

ऐसा क्यों करती भला उसने कहा कि सफाइट थी उसने मुझे गौर से देखा उसने कहा कि तो तू बला की खूबसूरत खैर अब तूने मारा हो या किसी और ने वह तो मर गया है अब तुम्हें अपनी जिंदगी के साथ क्या करना है मैं हैरान हुई कि मैं जेल में हूं और यह मुझसे यह क्यों पूछ रही है कि मैंने अपनी जिंदगी के साथ क्या करना है क्योंकि मेरी जिंदगी तो अब जेल में ही गुजरने वाली थी मुझे यहां से कोई निकालने वाला नहीं था

फिर मेरे दिमाग में एक बात आई कि कभी-कभी जिसका कोई भी सहारा नहीं होता या फिर केस लड़ने वाला नहीं होता उसके लिए केस पुलिस लड़ती है और उसे निकाल लेते हैं शायद मेरी जिंदगी में कुछ बेहतरी आ जाती मैंने कहा कि मैं यहां से निकलना चाहती हूं अपनी जिंदगी जीना चाहती हूं वह कुछ खा रही थी और मेरी बात सुन रही थी और ऐसे खा रही थी जैसे कोई जानवर खाता है चिकन की बोटिया हाथ में उठाकर अपने मुंह से नोच नोच कर खाने में बिजी थी

उसने कहा और और क्या करना चाहती है मैंने कहा मेरी मां अकेली है मेरी सारी बहने अपने घर की हो गई हैं मैं अपनी मां के साथ जाकर रहूंगी मैं अपनी सभी बहनों से ज्यादा पढ़ी लिखी भी हूं कोई नौकरी कर लूंगी उसने कहा और और क्या करेगी मैंने कहा और अपनी मां का ख्याल रखूंगी और जमाने में जो मेरे खिलाफ बातें हो रही हैं उन्हें गलत साबित करूंगी उसने कहा अच्छा धंधा करेगी जब उसने यह बात की तो मैं हैरान रह गई मैंने कहा क्या मतलब यह आप क्या कह रही हैं

उसने कहा सीधी सी बात है भाई सीधे तरीके से कर रही हूं उसने मुंह से हड्डी निकालकर एक तरफ फेंकी इतनी तो खूबसूरत है यह काम तेरे लिए सबसे अच्छा है मैंने कहा नहीं मैं शरीफ खानदान से हूं उसने कहा हां तभी तो अपने पति को मार के आई है मैंने कहा मैंने अपने पति की जान नहीं ली मैं जोर से चिल्लाई तो उसने मेरे मुंह पर थप्पड़ मार दिया उसने कहा धंधा करेगी या नहीं मैंने कहा यह सब कुछ करते हो तुम यहां पर उसने कहा हां करते हैं

जब तेरे जैसी कोई खूबसूरत लड़की आ जाती है तो फिर करना पड़ता है वरना तो यहां पर सारी उजड़ी हुई बिगड़ी हुई बूढ़ी उम्र की औरतें आती हैं जिनके पास कुछ नहीं होता उनसे बंदा काम ही करवा सकता है और तू कुछ करवा नहीं सकती लेकिन तेरे जैसी पीस इस जेल में कभी-कभी आती है हम हाथ से मौका जाने नहीं देना चाहते अरे हमारी पगार से तो हमारा 10 दिन का खर्चा भी नहीं निकलता इधर-उधर से जुगाड़ करना पड़ता है बेबी यही दुनिया है

मैंने कहा नहीं मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगी उसने कहा चल मुझे तो तेरी रजा मंदी जाननी थी अगर तू आराम से मान जाती तो मामला जरा सीधा हो जाता लेकिन अब तू आराम से नहीं मान रही तो फिर खैर है हम जबरदस्ती कर लेंगे मेरे पेट में ऐसा दर्द हुआ कि जैसे मैंने अपनी मौत देख ली है मैंने कहा क्या मतलब जबरदस्ती कर लोगे उसने कहा फिर और क्या करें मौका नहीं जाने दे सकते उसने दो औरतों को बुलाया जो मुझे जबरदस्ती कहीं ले जाने लगी

यह समझ नहीं आया कि यह क्या हो रहा है वे मुझे एक जेल में बंद करके चली गई लेकिन यह वह जेल नहीं थी जहां पर मैं पहले रह रही थी पर एक छोटा सा ही कमरा था मैंने सोचा चलो इज्जत के गवाह जाने से बेहतर है कि मैं कैद में ही रहूं लेकिन थोड़ी देर के बाद यहां पर एक आदमी दाखिल हुआ मुझे नहीं पता था कि वह कौन है पर शक्ल से पुलिस वाला लग रहा था पर पुलिस की वर्दी में नहीं था इस जेल के अंदर मुझ पर वह जुल्म भी हो गया जिसके बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था

मेरे दिमाग में अभी भी मेरे पति की यादें थी मैं उसे वफा करना चाहती थी जबकि मैंने उसके साथ मुश्किल से आधा घंटा ही गुजारा था मैंने तो उसे अपना सब कुछ मान लिया था वह कितना खूबसूरत था कितना हसीन था कितनी जवान मौत थी कैसे बर्दाश्त कर सकती थी मैं यह सब कुछ बहुत परेशान थी फिर मुझ पर इल्जाम लगा दिया गया मुझे यहां फेंका गया पर आप जब सोचते हैं कि इससे बुरा क्या होगा तो इससे भी बुरा हो जाता है इंसान सोचता है कि इससे ज्यादा कुछ बुरा नहीं हो सकता

लेकिन हकीकत इससे भी ज्यादा मुश्किल में आपको डाल देती है और मेरे साथ यही हो रहा था मुझे वापस मेरी कोठरी में फेंक दिया गया वहां पर कोई नई औरत आई थी अब वह मेरे साथ रहने वाली थी और मेरी हालत भी बड़ी बुरी थी तो उसने मुझसे पूछ लिया कि तुम्हारे साथ क्या हुआ पहले तो मैंने कुछ नहीं बोला फिर मैंने उसे सब कुछ बता दिया यह शायद अच्छी औरत थी जो बाकियों की तरह मुझ पर तं नहीं कस रही थी क्योंकि उसने मेरी हालत देखी थी कि कितनी बुरी थी

उसने कहा यह दुनिया ही ऐसी है तू यह समझ के बड़ी जेल से निकल के छोटी जेल में आ गई है तेरे जैसी खूबसूरत हसीन लड़की वह भी बेवा जिसके सिर पर ना बाप है ना भाई तेरे साथ इससे भी बुरा होने वाला था यहां पर आ गई है तो बच जाएगी एक दो जगह भटकेगी अगर बाहर रहती तो पता नहीं कहां-कहां भटकती रहती मुझे उसकी बातें बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी उसकी बातों से मुझे कोई तसल्ली नहीं मिल रही थी उल्टा वह मेरे जख्मों पर नमक छिड़क रही थी

मैं चुपचाप बैठी रही अब मैं और क्या कर सकती थी औरत आखिरकार क्या कर सकती है सिवाय रोने के वह कुछ नहीं कर सकती हां यह अलग बात है कि अगर चाहे तो बहुत कुछ कर सकती है और शायद मैं उन औरतों में से नहीं थी मेरी जिंदगी जेल में गुजर रही थी मेरे साथ बुरे से बुरा हो गया था मेरी आंखों से आंसू थमते ही नहीं थे खाना तब खाती थी जब भूख से बेहोश होने वाली होती थी क्या यह थी मेरी जिंदगी क्या मैंने ऐसे ही जीना था या मुझे अपने लिए कुछ करना चाहिए था

इस जेल में मेरी इज्जत के साथ बार-बार खेलने लगे वह जेलर औरत सबके साथ ऐसा ही करती थी मेरे अलावा फिलहाल यहां पर कोई खूबसूरत लड़की नहीं थी इसलिए उसकी सारी नजर मुझ पर ही थी वह मुझ पर जुल्म भी करती मुझसे यह सब भी करवाती मुझे ताने भी देती लेकिन मुझे और कोई काम नहीं करवाती थी कहती थी कि की खूबसूरती खराब नहीं होनी चाहिए एक दिन मैं सब्जी काटने बैठ गई तो उसने मुझे उठा दिया

और कहा कि यह सब नहीं कर वह तो मुझे धूप में निकलने भी नहीं देती थी मैं हैरान होती थी कि यह किस किस्म की औरत है यह किसकी मां है किसकी बीवी है उसने अपने बच्चों की क्या तरबियत की होगी इसको सारी जेल की औरतें बददुआ देती थी कहती थी कि मर जाए और फिर एक दिन जाने किसकी बददुआ लग गई कि वह जेल की छत से गिर गई इस वक्त वहीं पर कोई औरत नहीं खड़ी थी अगर कोई भी खड़ी होती तो उसे वहीं से धक्का देना अपना फर्ज समझती

लेकिन शायद वह खुद ही पांव फिसलने की वजह से नीचे गिर गई और उसके बाद उसकी आंख शायद जहन्नम में ही खुली होगी लेकिन हमें ज्यादा दिन का सुकून नहीं मिला क्योंकि उसके बाद फिर से एक बहुत ही सख्त किस्म की जेलर औरत यहां पर आई पर यह हमसे कोई उल्टा काम नहीं करवाती थी मेरे अच्छे रवैए की वजह से और कम उम्र की वजह से फिर से मेरा केस ओपन कर लिया गया है जिन्हें नए-नए वकील बने होते हैं और उनको ऐसे केस की फाइल दे दी जाती है

जिनका कोई भी नहीं होता तो वह केस लड़के तजुर्बा हासिल करते हैं मेरी फाइल भी शायद किसी वकील के हाथ लगी थी वह भी एक औरत थी उसने मुझे मजलूम जाना और मुझ से मिलने के लिए आई मैंने उसे सब कुछ बताया उसने कहा यह बात तो कोई पागल भी समझ सकता है कि अगर किसी औरत की शादी इतने अमीर आदमी से हो रही है तो वह पहली ही रात उसे जान से क्यों मारेगी जबकि अगर वह उसकी बीवी बनी रहेगी तो उसे ज्यादा फायदा होगा

लेकिन जब किस्मत में कुछ बुरा होना होता है तो इस तरह की बातें एक तरफ चली जाती हैं और उन पर कोई गौर भी नहीं करता तुम फिक्र नहीं करो मैं तुम्हारी मदद करूंगी उसने वाकई मेरी मदद की और 11 महीने के ट्रायल के बाद मुझे जेल से आजादी मिल गई मैं पूरे साढ़े साल के बाद बाहर निकली थी जब मेरी शादी हुई तो इस वक्त मेरी उम्र 18 साल की थी और अब मैं तकरीबन 2 साल की होने वाली थी अभी भी खूबसूरत थी और कुंवारी तो रही नहीं

लेकिन खूबसूरत जरूर थी सोचा कि किसी की बीवी बनकर बाकी की जिंदगी अच्छे तरीके से गुजार हंगी अपनी मां से मिलना चाहती थी मुझसे मिलने कोई नहीं आया था लेकिन मेरी आजादी की खबर मेरे घर वालों को दे दी गई थी यह उस वकील ने बताया था खैर मैं अपने घर चली गई तो वहीं पर मेरी एक बहन बैठी थी जो मेरी तीसरे नंबर वाली बहन थी शायद मां से मिलने आई थी लेकिन वह कभी मिलने के लिए नहीं आती थी क्योंकि उसका पति बहुत सख्त था

वह उसे बाहर आने जाने नहीं देता था खैर मैंने उसे देखा तो गले से लगाने की कोशिश की आखिर में अपनी बहन को इतने अरसे बाद देखी थी लेकिन उसने मुझे दूर झटका दिया और कहा तू कहां से आई है कल मोहल्ले में तेरी वजह से हमारे सारे खानदान की इतनी बेइज्जती हुई और तू मुंह उठाकर यहां आई मैंने कहा अपनी मां से मिलने आई हूं उन्होंने कहा कौन सी मां तेरी मां भी इस दुनिया में नहीं है वह तो जमाने की बातें सुन सुनकर ही मर गई

और तेरी वजह से मुझे तलाक हो गई सब ने कहा कि तेरी बहन ने अपने पति को जान से मार डाला तो तू भी अपने पति को जान से मार देगी यह घर अम्मी ने मेरे नाम कर दिया है मैं यहां पर अपने बच्चों के साथ रहती हूं और तेरे लिए यहां पर कोई जगह नहीं है तू यहां से जा सकती है उसने तो मुझे अंदर पांव भी रखने नहीं दिया बाहर से ही सब कुछ खत्म कर दिया जीते जी मार डाला मैं हैरान रह गई बाद में पता चला कि उसने इस घर के बदले में किसी और शख्स से शादी की है

यानी किसी शख्स को यह कहा है कि वह यह कर उसके नाम कर देगी बस वह उससे शादी करें और उसका और उसके बच्चों का खर्चा उठाए क्योंकि उसके पास कमाने वाला कोई नहीं था और आज कल में ही उसकी शादी थी यह सब मुझे सामने वाली आंटी ने बताया जिन्होंने मुझे देखा तो मुझे एक रात के लिए अपने घर में रख लिया लेकिन मैं वहां हमेशा नहीं रह सकती थी मोहल्ले वालों तक यह बात पहुंच चुकी थी कि मैं वापस आई हूं अब वह मुझसे बात करना चाहते थे

पता नहीं किस लिए या तो सारी कहानी जानने के लिए और या फिर मुझे ताने देने के लिए और मैं उन दोनों के ही मूड में नहीं थी मेरी जिंदगी तो जैसे बर्बाद हो गई मैं सोचने लगी कि मेरा क्या कसूर था मैंने क्या किया था मैं तो सिर्फ इस बात से खुश थी कि मेरी शादी एक अच्छे घर में हो रही थी क्या मुझे इतनी बुरी नजर लगी थी कि मेरी अभी भी बचत नहीं होने वाली थी मुझे अभी भी कहीं सुकून मिलने वाला नहीं था कोई किसी के साथ इतना बुरा कैसे कर सकता है

मैंने अपनी बहन से कहा कि देखो शाम होने वाली है मुझे एक रात के लिए तो रुकने दो यह वही घर है जहां हम सबने इतना अच्छा वक्त गुजारा है हमारा बचपन इस घर में गुजरा है और जवानी भी हम लोग इसी घर से दुल्हन बनकर विदा हुए थे इतना जुल्म नहीं करते हैं उसने कहा कि अगर मैंने तुम्हें एक रात भी यहां रुकने दिया तो मेरी जिंदगी फिर से बर्बाद हो जाएगी तुम्हारी वजह से मुझे मेरे शौहर मेरे बच्चों के बाप ने छोड़ दिया इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है

अब तुम क्या चाहती हो कि मेरा मंगेतर भी मुझसे नाराज हो जाए वह भी मुझे छोड़ के चला जाए वह भी बहुत अच्छा इंसान नहीं है उसकी दो बीवियां हैं फिर भी वह मुझसे शादी कर रहा है वह भी लालच में आके मेरे हालात तुमसे भी ज्यादा बुरे हैं तुम्हारे साथ तो कोई नहीं था मगर मेरे साथ तो तीन-तीन थी मेरी बहन थी उनकी आंखों में आंसू आ गए वे मेरे सामने हाथ जोड़कर बोली मुझे माफ कर दो फिर यहां से चली जाऊं मैंने सिर झुका लिया और कहा ठीक है

भगवान तुम्हें खुश रखे तुम्हारे नसीब अच्छे हो मैंने तुम्हारे साथ जानबूझकर कुछ नहीं किया यह तुम्हें भी पता होगा मुझे तो इस बात की समझ नहीं आती कि एक इंसान खुद मुसीबत में पड़ा है वह किसी और के लिए मुसीबत कैसे बन सकता है वह तो खुद इतनी बड़ी मुश्किल में फंस गया है क्या मेरे लिए यह सब कुछ आसान था कि मेरा पति शादी की रात को ही मर गया और मुझे बाहर निकाल दिया गया वह भी इतने अच्छे से यह तो ऐसा ही था कि अभी मैंने अपने ख्वाबों को पूरी तरह से जिया भी नहीं था

मुझे झटके से जगा दिया गया था मैं इधर-उधर फिरती रही और रात हो गई तो सड़क पर बैठकर रोने लगी अब मैं कहां जाती किधर जाती शायद इस औरत ने ठीक ही कहा था कि वह दुनिया बड़ी जेल है और तुम छोटी जेल में आ गई हो वहां पर तुम्हारे साथ ज्यादा बुरा होगा क्योंकि अब रात थी और मैं एक इतनी खूबसूरत लड़की सड़क पर बैठी थी अकेली और बेसहारा मेरा घर जहां मेरी एक बहन भी थी वह यहां से दो गलियों के फासले पर था लेकिन मैं पनाह लेने के लिए वहां नहीं जा सकती थी

मुझे बहुत भूख भी लगी थी आसमान की तरफ देख रही थी और सोच रही थी कि मेरी किस्मत इतनी बुरी है जब मैं इस जेल में थी तो मुझे बहुत से लोग मिले मैंने उन सबसे बारी-बारी मदद की अपील की थी एक शख्स को मैंने कहा था कि मैं तुमसे शादी कर लूंगी तुम्हारी बीवी बनकर तुम्हारे साथ रहूंगी बस मुझे किसी तरह यहां से निकाल लो यह उस दिनों की बात है

जब मैं जेल से निकलना चाहती थी लेकिन साढ़े साल में ऐसा वक्त भी आया जब मैं वहां पर रहने की आदत हो गई थी तो उस आदमी ने मुझे कहा था कि मुझे घंटी बजाने का शौक है लेकिन गले में पहनने का नहीं वैसे भी मेरी पहले से एक बीवी है पता कि कौन ऐसे पति होते हैं जो अपनी बीवियों के साथ इतने बड़े धोखे करते हैं और वह मासूम औरतों को कौन होती है जिनको इस बारे में पता नहीं चलता और वह फिर भी उनके साथ जिंदगी गुजार रहे होते हैं

मुझे तो लगता है कि औरतों को ऐसी बातों का पता होता है लेकिन वह मजबूरी में कुछ नहीं बोलती यह मजबूरी है तो इंसान को जगह-जगह जलील करवाती है थोड़ी देर बाद मैंने सामने देखा तो एक आदमी खड़ा था लेकिन वह मेरी तरफ देख नहीं रहा था शायद वह कोई फकीर था शायद वह भीख मांगता मांगता यहां फिर रहा था मैं सोचने लगी क्या मेरी जिंदगी भी ऐसी होगी

क्योंकि अब अगर मुझे जिंदा रहना था तो जिंदा रहने के लिए कुछ ना कुछ तो करना ही था क्या मैं भी सड़कों पर भीख मांगती फिरंगी यह वही मोहल्ला वही शहर था जहां पर मेरी जवानी और बचपन गुजरा था यहां पर मेरी सहेलियां थी रिश्तेदार थे टीचर्स थी दुकानदार भी मुझे जानते थे क्या वो सब मुझे भीख मांगते हुए देखते क्या सोचते मेरे बारे में और मैं क्या करती मैंने सोच लिया था कि मैं खुदकुशी कर लूंगी शायद मुझे बहुत पहले भी खुदकुशी कर लेनी चाहिए थी

ऐसी जिंदगी से तो बहुत अच्छी थी ऐसे जीने से क्या फायदा मुझे तो उसी समय मर जाना चाहिए था जब मेरा पति मर गया उसके साथ मेरी भी लाश निकलती तो मुझ पर इतने जुल्म तो ना होते हां यह बात मैंने पहले क्यों ना सोची लेकिन अब अगर मेरे दिल में यह बात आई थी तो मुझे इस पर अमल भी करना था मैं मैंने सोच लिया था कि मैं मर जाऊंगी इसके अलावा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था बस सुबह हो जाती और मुझे मौत का कोई बहाना मिल जाता

लेकिन अभी वहीं पर बैठी रो रही थी कि कुछ बहुत अजीब हुआ इतना अजीब कि जिसके होने की उम्मीद ना थी जब पलट कर देखा तो कदम तले से जमीन निकल चुकी थी थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि मेरे पीछे कोई खड़ा है मैं हैरान रह गई यह तो वही फकीर था जो थोड़ी देर पहले सामने था मैं डर के पीछे हट गई मुझ मुझे उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था मैंने कहा कि कौन हो तुम क्या चाहते हो मुझसे उसने कहा कि तुम्हारे बारे में सब कुछ जानता हूं

इसी मोहल्ले का हूं यहां पर भीख मांगते हुए काफी अरसा हो गया उसकी आवाज जवान लग रही थी लेकिन हुलिया बूढ़ा सा मैंने कहा कि क्या चाहिए तुम्हें मजबूत तरीके से पेश आ रही थी कहने लगा कि तुमसे शादी करना चाहता हूं जब उसने ऐसी बात की तो मैं हैरान रह गई मैंने कहा कि अच्छा मेरे बारे में सब कुछ जानते हो इसलिए मेरी मजब का फायदा उठाना चाहते हो तुम्हें पता है कि मैं बदनाम हूं मुझे लोग मनहूस कहते हैं यहां तक के कातिल भी समझते हैं

जेल काट के आई हूं इसीलिए मुझसे शादी करना चाहते हो उसने कहा कि तुम जो भी समझ लो पर क्या तुम यह नहीं जानती कि अब अगर किसी ने तुमसे शादी नहीं की तो तुम्हारी जिंदगी के साथ क्या होगा मैं खामोश हो गई क्योंकि बात तो ऐसी ही थी उसने कहा कि मुझसे शादी कर लो फायदे में रहोगी मैंने कहा कि मुझे फायदा नुकसान की नहीं पड़ी मेरे साथ इतना कुछ हो गया कि अब मुझे फायदा या नुकसान से क्या है

उसने कहा तो फिर मेरे साथ शादी कर लो सब कुछ ठीक हो जाएगा मैं एक तरफ बैठ गई और रोने लगी क्या मुझ पर यह दिन आ गए थे कि मैं एक फकीर से शादी कर लेती लेकिन मैं जिंदगी की ऐसी-ऐसी हकीकत देख के आ रही थी कि अब सोचने बैठना भी गुनाह था मैंने कहा कि ठीक है मैं तुमसे शादी करने को तैयार हूं इस बात पर वह ज्यादा खुश नहीं हुआ उसने कहा कि फिर आओ मेरे साथ मेरा हाथ पकड़ के मुझे अपने साथ ले गया मैंने उसका चेहरा तक नहीं देखा था

लेकिन चेहरे से क्या फर्क पड़ता था हमारी शादी हो गई मेरे सामने बस शादी के पेपर आए थे और मैंने दस्तखत कर दिए थे मैंने उस पर कुछ भी देखा या पढ़ा नहीं था उसने कहा था कि वह मेरे बारे में सब कुछ जानता है मुझे उससे सफाई देने की जरूरत नहीं थी मुझे बस पनाह चाहिए थी दो वक्त की रोटी और इज्जत चाहिए थी वैसे भी जितना कुछ मेरे साथ हो चुका था मुझसे कोई और शरीफ आदमी शादी नहीं करने वाला था मेरी खूबसूरती मेरे लिए लानत बन गई थी

और मेरी किस्मत ने मुझे धोखा दे दिया था मेरी किस्मत में सिवाय जिल्लत के कुछ भी नहीं लिखा था मेरी किस्मत थी पर मैं हैरान हुई कि वह मुझे शादी करके घर में ले आया एक बेड था इस कमरे में जिसके ऊपर स्टेज भी लगी हुई थी मैं हैरान रह गई कि इस फकीर के पास एक घर और यह सब सामान कैसे पूरा कर लिए खैर मैं यहां पर बैठ गई

वहां पर कुछ कपड़े भी रखे थे उसने कहा कि तैयार हो जाओ तुम जैसी भी हो मेरे लिए तो मेरी दुल्हन हो मैं भी मुंह हाथ धोक आता हूं मैं सोचने लगी कि हां इसको मुंह हाथ धोने की जरूरत है मैं तैयार होकर स्टेज पर बैठी थी कि जब वह कमरे में दाखिल हुआ तो उसको सामने देखकर मेरी रूह कांप उठी क्योंकि वह कोई और नहीं बल्कि मेरा पति था मैं हैरान रह गई मैंने कहा कि आप तो मर गए थे अब यहां पर कैसे आ गए मैंने अपना सर पकड़ लिया और मैं बेहोश हो गई

जब होश आया तो वह फिर से मेरे पास बैठा था मैं फिर से चीख उठी उसने मेरे मुंह पर हाथ रख दिया और कहा कि मेरी बात गौर से सुनो उसने कहा कि मैं मरा नहीं था मुझे जहर दे दिया गया था लेकिन मैं जिंदा था पर मैंने डॉक्टर्स को कहा कि वह मुझे मरा हुआ साबित करें और उसके बाद क्या तुमने मेरा मरा हुआ चेहरा देखा था मैंने कहा कि नहीं मुझे तो ऐसा भटका गया ऐसा घुमाया गया कि मैं तो कुछ भी ना देख सकी उसने कहा कि मैंने जानबूझ के अपने आप को मरा हुआ साबित किया था

क्योंकि अगर मैं बच जाता तो वह सारे मिलकर फिर से मेरे खिलाफ साजिश करते उन्होंने बहुत बड़ा जाल बिछाया था मेरी जायदाद हासिल करने के लिए मेरे सौतेले बहन भाई और सौतेली मां ने यह सब कुछ किया था उन्होंने तुम्हें भी एक तरफ कर दिया और मुझे भी भटका दिया मैं बच तो गया था लेकिन यह जहर ने मुझे बहुत ज्यादा तकलीफ पहुंचाई थी मैं दो ढाई साल तक बिस्तर पर प रहा पता नहीं किस तरह से मुझे बचा लिया गया मेरा एक दोस्त था जिसने मेरी मदद की थी

मेरी सेहत का सफर बहुत ही सुस्त रफी से चल रहा था रोज ऐसा लगता था कि मैं मर जाऊंगा और ना जाने कितने अरसे के बाद मैं ठीक हुआ लेकिन उसके बाद मेरे पास कुछ भी नहीं था फिर पता चला कि तुम्हें जेल में भेज दिया गया है मैंने ही उस वकील औरत को वहां पर भेजा था और तुम्हें निकाल वाया था तुम्हें निकालना भी बहुत मुश्किल था और मैं अपने आप को जिंदा साबित नहीं करना चाहता था मैंने किसी तरह तुम्हें बाहर निकाल वाया और तुम्हारे पीछे-पीछे ही था

फकीर का हुलिया बनाकर आया था उन लोगों ने जिस जायदाद पर कब्जा किया है वह शायद 70 अं है लेकिन अभी भी 30 पर जायदाद मेरे पास है लेकिन मैं खून खराबा नहीं चाहता वह लोग कभी हमें जीने नहीं देते इसीलिए अब हमें कुछ नहीं चाहिए बस तुम मुझे वापस मिल गई हो और हम दूसरे शहर चले जाएंगे जहां मेरे बाबा का एक और बंगला था और कोई थोड़ा बहुत कारोबार भी हम उधर ही रहेंगे मुझे माफ कर दो कि यह सब करने में मुझे बहुत वक्त लग गया

लेकिन तुम मेरी बीवी हो और तुम मुझे याद थी मैं फूट फूट के रोने लगी मैं अपने पति के गले लगकर रोने लगी मैंने उसे सब कुछ बताया वह भी अजीब सी हालत में आ गया और उसने कहा कि यह सबको एक ख्वाब समझ के भूल जाओ लेकिन फिर भी हम लोग साथ थे और हमारा साथ ही हमारी ताकत बना दी

 

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