सास और जेठानी। Pariwarik Kahaniyan Hindi | Sad And Emotional Hindi Story | Best Hindi Story

Pariwarik Kahaniyan Hindi : मेरा नाम पायल है मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से बिलोंग करती थी मेरे लिए एक रिश्ता आया था मेरे घर वाले इस रिश्ते को लेकर बहुत ज्यादा एक्साइटेड थे क्योंकि लड़के की नौकरी बहुत अच्छी थी लड़का कनाडा में जॉब किया करता था और उसकी फैमिली भी बहुत छोटी थी उसके घर में सिर्फ उसके माता-पिता रहते थे और एक विधवा भाभी थी उस लड़के के भाई की मौत काफी समय पहले ही हो गई थी

इसलिए उसकी भाभी विधवा बनकर उनके घर में जिंदगी गुजार रही थी उन्होंने दूसरी शादी नहीं की थी मेरे घर वाले इस रिश्ते से बहुत खुश थे क्योंकि अच्छे रिश्ते नसीब वालों को ही मिलते हैं और फिर यह रिश्ता हमारे घर चलकर खुद आया था खुद लड़की की मां ने मुझे कहीं पर शादी में देख लिया था और उनको मैं बहुत पसंद आई थी इसलिए उन्होंने मेरा रिश्ता अपने बेटे के साथ करने का फैसला किया था मेरे घर वालों ने भी लड़के को देखते ही हां कर दी थी

क्योंकि लड़के का घरबार भी अच्छा था उसकी नौकरी भी अच्छी थी और लड़का पढ़ा लिखा था शक्ल सूरत से भी बहुत अच्छा था हर बातें बिल्कुल परफेक्ट थी इस तरह मेरी शादी दो महीने के अंदर-अंदर उस लड़के के साथ हो गई थी मेरे पति का नाम सौरभ था सौरभ को भी मैं बहुत पसंद आई थी शादी की पहली रात थी उन्होंने मुझसे अपने प्यार का इजहार कर दिया था और कहा था कि तुम बहुत खूबसूरत हो मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं

मेरे मन में हमेशा यही चाहत रहती थी कि मेरी शादी किसी खूबसूरत लड़की के साथ हो और तुम वही लड़की हो जिसकी मैं हमें हमेशा ख्वाहिश करता था तुम्हें पाने के बाद मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मुझे सारे संसार की खुशी मिल गई है अपने पति के मुंह से इतनी तारीफ सुनकर मैं मन ही मन में बहुत खुश हो रही थी और अपने आप को सौभाग्यशाली समझ रही थी मेरी शादीशुदा जिंदगी बहुत अच्छी गुजर रही थी जेठानी और सास मिलकर घर के सारे काम किया करती थी

मेरी जेठानी बहुत अच्छी थी सारा दिन अपने साथ ससुर की सेवा में लगी रहती थी और शादी के नए-नए दिनों में उन्होंने मुझे घर का भी कोई काम नहीं करने दिया था उनका कहना था कि तुम अभी इस घर की नई बहू हो जब तक तुम्हारा पति यहां पर है तुम यहां पर उसके साथ टाइम स्पेंड करो जब वह चला जाएगा तो तुम घर के काम कर लेना मेरे ससुर भी बहुत अच्छे थे हमेशा मेरे सर पर अपना हाथ रखते थे

मेरे पति को शादी के 15 दिन बाद कनाडा जाना था और इन 15 दिनों में मेरे पति ने मेरे साथ बहुत अच्छा समय गुजारा था उन्होंने मुझे खूब सारी शॉपिंग करवाई थी वह मेरे माय की भी मुझे लेकर गए थे और मेरे कुछ रिश्तेदारों के यहां पर भी और हम लोग लॉन्ग ड्राइव पर भी जाते थे वह 15 दिन मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और हसीन दिन थे इनको यादगार बनाने के लिए हम लोगों ने अपने मोबाइल में अपने बहुत सारे फोटो क्लिक किए थे

और फिर फाइनली मेरे पति के कैनेडा जाने का दिन भी आ गया था और मैं इस बारे में सोच सोचकर बहुत उदास हो रही थी कि अब मैं अपने पति के बिना यहां पर अकेली कैसे रहूंगी मेरे पति ने मुझे तसल्ली दी और समझाया कि मैं दो महीने बाद वापस आ जाऊंगा और इस बार पूरे एक महीने की छुट्टी लेकर आऊंगा और फिर से तुम्हारे साथ एक लंबा समय बिताऊ बघा वह कहने लगे कि तुम यहां पर अकेली थोड़ी हो देखो घर में कितने सारे लोग हैं

यह बात तो मेरे पति ने बिल्कुल ठीक कही थी कि मां-बाप की तरह प्यार करने वाले सास ससुर मुझे मिले थे और बहनों की तरह ख्याल रखने वाली मुझे मेरी जेठानी मिल गई थी जो कि मुझसे बहुत प्यार करती थी और मेरा बहुत ख्याल रखती थी अगले दिन मेरे पति कनाडा चले गए तो मैं उदास हो गई थी रात के समय मेरे सास ससुर और जेठानी हम चारों ने मिलकर एक साथ खाना खाया था उस दौरान मेरी सास कहने लगी कि बहू अब सौरभ अपने काम पर चला गया है

अब तुम भी घर गृहस्ती पर ध्यान देना मुझे अपनी सास की बात थोड़ी अच्छी तो नहीं लगी थी मगर वह बिल्कुल ठीक कह रही थी जब से मेरी शादी हुई थी मैंने घर के किसी भी काम को हाथ नहीं लगाया था और जाहिर सी बात है अब मेरा पति जा चुका था तो मैं खुद भी घर के काम करने के लिए तैयार थी मेरी सास को मुझे जताने की जरूरत नहीं थी मगर क्या कर सकते हैं सास तो सास ही होती है मैंने अपनी सास से कह दिया था कि मम्मी जी मैं कल से जल्दी उठकर घर के सारे काम निपटा लिया करूंगी

खाना खाने के बाद मैं किचन में बर्तन धोने के लिए चली गई मेरी जेठानी भी मेरे साथ-साथ किचन में आकर किचन की साफ-सफाई करने में बिजी हो गई थी इस दौरान हम दोनों आपस में बातचीत करने लगे मेरी जिठानी कहने लगी कि तुम्हें मम्मी जी की बात का बुरा लगा होगा मैंने कहा नहीं नहीं भाभी मुझे बुरा नहीं लगा और फिर वह कह भी तो बिल्कुल ठीक रही थी अब घर का काम मुझे भी तो संभालना है यह सुनकर मेरी जेठानी खामोश हो गई थी

और अपने काम में बिजी हो गई उसके बाद मैं अपने कमरे में आकर लेट गई थी आज पहला दिन था जो मैं अपने कमरे में अकेली लेटी हुई थी मुझे अजीब अजीब सा महसूस हो रहा था अपने पति की कमी भी महसूस हो रही थी और उनकी याद भी बहुत आ रही थी इसलिए मैंने उनको कॉल करके कुछ देर उनसे बात कर ली थी मगर मैं सारी रात तो उनसे बात नहीं नहीं कर सकती थी मुझे नींद भी नहीं आ रही थी

इसलिए मैं कमरे में कोई ना कोई काम कर लेती या फिर आकर अपने बिस्तर पर लेट जाती इस तरह करते-करते मुझे रात के 3:00 बज गए थे लेकिन अभी तक मेरी आंखों में नींद नहीं थी मुझे कमरे के अंदर घुटन महसूस हो रही थी इसलिए मैं अपने कमरे से बाहर निकल गई और सोचा कि छत पर जाकर ताजी हवा खा लेती हूं वैसे भी गर्मी का समय था और छत पर बहुत अच्छी हवा चल रही थी जैसे ही मैं अपने कमरे से बाहर निकली तो मुझे अपनी जेठानी के कम कमरे का दरवाजा खुला हुआ दिखाई दिया था

मुझे लगा शायद गर्मी की वजह से वह कमरे का दरवाजा खोलकर सो रही होंगी मैं छत पर आ गई थी और काफी देर तक छत पर ही टहलते रही और मोबाइल यूज करती रही जब मोबाइल इस्तेमाल करते-करते मेरी आंखें भारी होने लगी और मुझे लगा कि अब मुझे सो जाना चाहिए तो मैं छत से नीचे उतर कर आई मैंने देखा कि इस बार मेरी जिठानी के कमरे का दरवाजा बंद था यह बहुत ही अजीब बात थी एक घंटा पहले जब मैं छत पर गई थी तो मेरी जठा नहीं के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था

और अब उनके कमरे का दरवाजा बंद था फिर मैंने सोचा कि ऐसा भी हो सकता है कि अब उन्होंने कमरा बंद कर लिया हो और वैसे भी मुझे इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए कमरे का दरवाजा खुला हो या बंद इस बात से कोई मतलब नहीं बनता इसलिए मैं अपना सर झटक हुई कमरे में आकर सो गई थी सुबह मैं 7:00 बजे ही सोकर उठ गई थी और किचन में जाकर मैंने सबसे पहले अपने लिए चाय बनाई घर के बाकी सब लोग सो रहे थे

इसलिए मैंने नाश्ता करने के बाद अपने कमरे की सफाई लगा ली थी मेरी सास 9:00 बजे सोकर उठी थी और ससुर भी अभी तक सो रहे थे यहां तक कि मेरी जेठानी भी अपने कमरे में सो रही थी लेकिन इतने दिनों से मैं देख रही थी कि मेरी जेठानी सुबह ही 6:00 बजे उठ जाती थी और घर के सारे कामकाज में लग जाती थी आज बड़ी अजीब बात थी कि मेरी जेठानी अभी तक सो रही थी मेरी सास ने मुझे चाय बनाने के लिए कहा था

मैंने अपनी सास के लिए चाय बनाई आज मैंने पहली बार किचन में कोई काम किया था मेरी सास को मेरे हाथ की चाय बहुत पसंद आई थी मैंने अपनी सास से कहा कि मम्मी जी भाभी की तबीयत ठीक तो है ना आज वह बड़ी देर तक सो रही है तो मेरी सास कहने लगी हां मैंने ही उसको देर तक सोने के लिए कहा था अब घर का कामकाज करने के लिए तुम आ गई हो ना तो घर के सारे काम तुम ही किया करोगी अपनी सांस की बात सुनकर मैं हैरान रह गई थी

उन्होंने कहा कि आंचल पिछले 5 साल से इस घर की गृहस्ती को संभाले हुए हैं उसका पति इस घर में नहीं है फिर भी वह घर के सारे काम करती है अब तुम उसे आराम दो और घर के काम तुम करो साथ ही साथ अपनी जेठानी की और सास ससुर की भी सेवा करो मैं अपनी सास की इस बात पर कुछ नहीं बोली थी और खामोशी से अपने काम में लग गई थी मुझे अपनी सास की यह बात बड़ी अजीब लगी थी कि अगर मेरी जेठानी की शादी को 5 साल हो गए थे

और 5 साल से वह अपने सास ससुर की सेवा कर रही थी तो इसमें कौन सी बड़ी बात थी और वैसे भी आंचल भाभी भले ही विधवा थी लेकिन थी तो वह भी इस घर की बहू ही और वह यहां पर रहती भी हैं तो इसीलिए घर का कामकाज करना उनकी भी जिम्मेदारी बनती है अब ऐसा तो नहीं है कि मेरे इस घर में आ जाने से वह कोई काम ही नहीं करेंगी जो भी था जैसा भी था मैं इस घर की बहू थी और अभी मेरी शादी को हुए ही कितने दिन थे घर के सारे कामकाज मुझ पर डाल दिए गए थे

इस घर में कपड़े भी हर रोज ही धुतेरेरे घर की सफाई लगाना सब लोगों के लिए सुबह का नाश्ता दोपहर का खाना और रात का खाना यहां तक कि हर टाइम के बर्तन धोना भी मेरी ही जिम्मेदारी थी और फिर सब लोग अपने-अपने कपड़े उतार कर मेरे हवाले कर दिया करते थे उन सबके कपड़े धोना भी मेरी जिम्मेदारी बन गई थी धीरे-धीरे मेरी शादी को एक महीना हो गया था अपने पति के सामने तो मुझे अपनी जिंदगी बहुत अच्छी लगी थी लेकिन जब से मेरा पति गया था

मेरी जिंदगी घर के काम में उलझ कर रह गई थी मेरी सांस और मेरी ठानी किसी काम को हाथ नहीं लगाती थी जबकि मेरे ससुर जी सुबह को अपने काम के लिए निकल जा जाते थे और शाम के टाइम तक घर वापस आ जाते थे मेरी जेठानी बहुत खूबसूरत थी व विधवा थी उनके दिल में अपने पति का गम था मगर फिर भी उनके खूबसूरती में कोई कमी नहीं आई थी कहते हैं कि जब इंसान सेहतमंद और देखने में अच्छा भला होता है

अगर उसके ऊपर कोई दुख आ जाए तो व इंसान पूरी तरह से बदल जाता है मगर मेरी जेठानी तो दिन बदन खूबसूरत होती जा रही थी अब तो वह घर का कोई काम नहीं करती थी तो और ज्यादा खूबसूरत लगने लगी थी मैं अपनी जेठानी से खूबसूरती में थोड़ी हारती हुई थी ऐसा नहीं था कि मैं खूबसूरत नहीं थी हां बस इतना था कि मेरी जेठानी और मेरी खूबसूरती में थोड़ा फर्क था मैं अपने आप को किसी से कम नहीं समझती थी

मेरा पति मुझे हर रात फोन करता और मेरी खूबसूरती की तारीफ करते-करते नहीं थकता था लेकिन मेरी सास थी जो बार-बार मेरी जेठानी की तारीफ मेरे सामने करती रहती थी और मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करती थी मेरे जठा ने भी अपनी सास की बात सुनकर बहुत खुश होती थी मेरी जेठानी मुझसे अकेले में ऐसे बिहेव करती थी जैसे मेरी सगी बहन हो लेकिन सास के सामने ऐसे रिएक्ट करती थी जैसे मेरी सास की वह बहू नहीं बल्कि उनकी बेटी हूं

हमेशा ही मेरी सास अपनी बड़ी बहू की तारीफ किया करती थी एक बार मेरी सास ने मुझे गोभी के पराठे बनाने के लिए कहा मैंने अपनी सास के लिए गोभी के पराठे बना दिए थे रात के टाइम पर जब हम सब लोग एक साथ खाना खाने बैठे तो मेरी सास ने सारे गोभी के पराठे उठाकर फेंक दिए और कहने लगी कि यह तुमने क्या बनाया है इसे गोभी के पराठे कहते हैं मेरी जेठानी सास की तरफ देखकर कहने लगी अरे मम्मी जी शांत हो जाइए इतना गुस्सा करना आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है

जबकि मेरे ससुर भी मेरे जेठानी की हां में हां मिला रहे थे मगर मुझे बड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई थी मेरी सास ने सब लोगों के सामने मेरे खाने की इंसल्ट कर दी थी मेरी सास ने कहा कि इन गोभी के पराठे में बहुत तेज नमक हो रहा है मैंने जब पराठा चेक करके देखा तो सच में उस में नमक तेज था आज मुझसे गलती से नमक तेज हो गया था लेकिन मेरी सास ने जैसा बिहेव मेरे साथ किया था वह मेरे दिल को बेहद दुख गया था जिस सांस को मैं इतना अच्छा समझती थी

वह मेरे साथ बहुत बुरा बिहेव कर रही थी मैं बुरी तरह से रोने लगी थी मेरे ससुर ने कहा कि बस बहू रोना बंद करो और अपने कमरे में जाओ मैं अपने कमरे में भाग कर आ गई थी मैंने खाना भी नहीं खाया था लेकिन मुझे आवाज आ रही थी कि मेरे ससुर मेरी साइड से बोल रहे थे और री सांस को डांट रहे थे कि तुम्हें बहू को इतना भी जलील नहीं करना चाहिए था अगर उसने यह सब सौरव को बता दिया तो वह भी गुस्सा करेगा मेरी सास कहने लगी अगर गुस्सा करता है

तो करता रहे उसकी पत्नी भी तो कैसी है अगर अपनी पत्नी के हाथ का खाना खा लेगा तो कहेगा कि मैंने उसे सही डांट लगाई है मेरी सास ससुर जी से कहने लगी कि तुम्हें बहू की तरफदारी करने की कोई जरूरत नहीं है मेरे ससुर मेरी सास से बहुत डरते थे और हमेशा उनसे दबकर रहते थे जबकि मेरी जठा कोई काम नहीं करती थी मेरी सास उनसे कुछ नहीं कहती थी बल्कि उन्होंने खुद ही मेरी जठा नहीं से कहा हुआ था कि अब तुम्हारी देवरानी आ गई है

तो तुम्हें घर का काम करने की कोई जरूरत नहीं है दोनों सास बहू एक कमरे में बैठकर आपस में बातें करती रहती थी मेरी सास कहती थी कि मेरी बड़ी बहू बिल्कुल मेरी बेटी की तरह है मेरे दिल पर इस बात का बहुत एहसास होता था क्या मेरी सास मुझे अपनी बेटी नहीं मान सकती थी आखिर मैं उनके साथ कौन सी कमी कर रही थी घर का सारा काम करती थी और उनकी सेवा में भी कोई कमी नहीं करती थी फिर भी मेरी सास के लिए मेरी जेठानी ही अच्छी थी

मैं बहुत ज्यादा रो रही थी मैंने अपने पति को कॉल करके सब कुछ बता दिया था कि किस तरह से उनकी मम्मी ने मेरे साथ आज बदतमीजी की है मेरी बात सुनकर मेरे पति ने उसी समय मेरी सास को कॉल करने के लिए कहा था यह कहकर मेरे पति ने कॉल कट कर दी थी थोड़ी देर के बाद जब मेरे पति की कॉल आई तो वह मुझे प्यार से समझाने लगे और कहने लगे कि तुम फिक्र मत करो मैंने मम्मी को समझा दिया है उन्होंने कहा है कि वह आगे तुम्हारे साथ ऐसा कभी नहीं करेंगी

मम्मी मुझसे सबके लिए माफी मांग रही थी तुम परेशान मत हो मम्मी ने मुझे भरोसा दिलाया है कि वह आगे कभी ऐसी हरकत नहीं करेंगी अपने पति की बात सुनकर मेरे चेहरे पर थोड़ी मुस्कुराहट आई थी और मैंने अपने आंसू साफ किए थे मगर मेरे पति की अगली बात ने मुझे सोच में डाल दिया था मेरे पति ने कहा कि देखो पायल ससुराल में ऐसे छोटी-मोटी बात तो होती ही रहती हैं लेकिन तुम्हें भी बर्दाश्त करनी चाहिए थी

मुझे तुम्हारी यह बात अच्छी नहीं लगी कि तुमने मेरी मम्मी की शिकायत फौरन ही रोते हुए मुझसे कर दी मम्मी भी मुझसे इस बात को कह रही थी कि यह तो हमारे घर का मैटर है तुम्हें मम्मी के साथ ही सुलझाना चाहिए था चलो आज तो तुमसे यह गलती हो गई है और मैंने मम्मी को भी समझा दिया है मगर आगे से ध्यान रहे कि घर के मैटर घर में ही सॉल्व करना अपने पति की बात सुनकर मैं खामोश हो गई थी और समझ गई थी कि जरूर उनकी मम्मी ने उन्हें कुछ पढ़ा दिया होगा

वैसे भी हर घर की कहानी यही है कि हर बेटा अपनी मां के पल्लू से बंधा हुआ होता है मेरा पति भले ही मेरी तरफदारी में बोल पड़ा था मगर साथ ही साथ उसने मुझे सावधान भी कर दिया था कि आगे से मैं उसकी मां की शिकायत उनसे ना करूं मेरी तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर इस घर में क्या हो रहा था जब तक मेरा पति यहां पर था तो यह लोग बहुत अच्छे थे और जिस दिन से मेरा पति यहां से गया था इन लोगों का बिहेवियर मेरे साथ पूरी तरह से बदल चुका था

अगले दिन हमारे घर पर पड़ोस की कुछ औरतें आई थी मैंने देखा था कि मेरी सास रात वाली बात से मुझसे नाराज थी उन्हें भी यही लगता था कि मुझे उनकी शिकायत अपने पति से नहीं करनी चाहिए थी वह मुझसे बात नहीं कर रही थी मेरी जेठानी मेरे सामने अच्छी बनी रहती थी और सास के सामने मुझे इग्नोर किया करती थी मोहल्ले की कुछ औरतें आई तो मेरी सास उन औरतों के साथ बैठी हुई बातें कर रही थी जब एक औरत मेरी जेठानी के बारे में मेरी सास से कहने लगी कि तुम्हारी बड़ी बहू बहुत खूबसूरत है

हम तो तुम्हारी बहू की दात देते हैं कि अपने सास ससुर की सेवा करने की वजह से इस बेचारे ने अपनी शादी तक नहीं की बिना पति के ही जिंदगी गुजार रही है वह औरत मेरी सास का नाम लेकर कहने लगी कि सच में तुम बहुत भाग्यशाली हो जिसे ऐसी बहू मिली है मेरी जेठानी अपनी तारीफ पर मुस्कुरा रही थी मैं उन सबके लिए किचन में खड़ी हुई चाय बना रही थी और उनकी बातें मेरे कानों में आ रही थी

जब दूसरी औरत कहने लगी कि तुम्हारी बड़ी बहू तो तारीफ के काबिल है अब बताओ कि तुम्हारी छोटी बहू कैसी है तुम्हारी छोटी बहू की शादी को भी एक महीने से ज्यादा हो गया है मेरी सास मुंह सिकोड़ना हं बहन हर बहू मेरी आंचल बहू की जैसी नहीं होती छोटी बहू कहने को तो अच्छी है मगर उसे अगर किसी बात पर टोक दो तो वह फौरन ही अपने पति से शिकायत लगा देती है क्या बताऊं

तुम्हें कल रात उसने गोभी के पराठे में इतना तेज नमक कर दिया था कि मेरा तो पराठे को खाकर मुंह ही कड़वा हो गया मैंने अपनी बहू से सिर्फ इतना कहा था कि इसमें नमक बहुत तेज है तो पलटकर बहू ने अपने पति को फोन कर दिया और फिर उसका पति मुझसे फोन पर बहुत लड़ा था हार कर मुझे ही अपने बेटे से माफी मांगनी पड़ गई थी अपनी सास की बात सुनकर मैं हैरान रह गई थी जबकि वो औरतें भी मेरी सास से कह रही थी कि तुम्हारी छोटी बहू तो बड़ी ही चालाक निकली

मुझे अपनी सास की बातों पर बहुत गुस्सा आ रहा था कि वो मोहल्ले की औरतों के बीच मुझे बदनाम कर रही थी मैं भी अपनी सास से कोई बात नहीं कर रही थी अगले दिन रात को मुझे फिर से नींद नहीं आ रही थी मैं अपने कमरे से निकलकर छत पर जाने वाली थी और अपने कमरे का दरवाजा बंद कर रही थी जब अचानक मेरी नजर जेठानी के कमरे की तरफ गई यह देखकर मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई कि मेरे ससुर खामोशी से मेरे जेठानी के कमरे से निकलकर अपने कमरे की तरफ जा रहे थे

अचानक मेरे ससुर की नजर जब मुझ पर पड़ी तो वह बहुत ज्यादा घबराए हुए लग रहे थे और फौरन ही अपने कमरे के अंदर घुस गए आखिर आधी रात के टाइम पर मेरे ससुर का मेरी जेठानी के कमरे में क्या काम था मैं तो चौक कर रह गई थी और फिर मेरे ससुर इतनी खामोशी से चोरों की तरह मेरी जेठानी के कमरे से क्यों निकल रहे थे और मुझे देखकर क्यों घबरा गए थे मेरी तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था मैं छत पर चली गई थी और काफी देर के बाद अपने कमरे में आई थी

अगले दिन शाम का टाइम था जब मेरी सास कहीं पर जा रही थी वह अपने पति के साथ घर से निकली थी उन्होंने इस बारे में मुझे कुछ नहीं नहीं बताया था कि वह कहां जा रही है जबकि मेरी जेठानी को उनकी हर बात के बारे में पता होता था रात के लिए खाना बनाना था और मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या बनाऊं मैं यह सब कुछ सोच ही रही थी कि अचानक मेरी जेठानी कमरे में आ गई मैंने सोचा क्यों ना मैं रात के खाने के बारे में अपनी जेठानी से ही पूछ लेती हूं कि क्या बनाना है

मैंने अपनी जेठानी से पूछा था कि भाभी रात को खाने में क्या बनाऊं तो पहले तो वह सोचने लगी और फिर सोचकर कहने लगी कि अच्छा एक काम करो आलू पालक की सब्जी बना लो घर में सब लोग आलू पालक बहुत शौक से खाते हैं मैंने कहा अच्छा ठीक है मैं रात को आलू पालक की सब्जी ही बना लूंगी मैं खाना बनाने में बिजी हो गई थी मेरे ससुर शाम के टाइम पर घर आ गए थे मैं किचन में थी और मेरी जठा नहीं आगन में अपने बाल सुखा रही थी

गर्मी ज्यादा होने की वजह से वह शाम के टाइम पर नहाकर निकली थी मैं अचानक किचन से बाहर आगन की तरफ गई थी मेरे ससुर को जब मैंने देखा कि वह घर पर आ गए हैं तो मैं उनके लिए किचन में चाय बनाने के लिए चली गई मैं चाय की ट्रे हाथ में लेकर अपने ससुर के कमरे की तरफ जा ही रही थी तभी अचानक मेरी जेठानी ने आकर मुझे रोक लिया और कहने लगी कि पायल तुम कहां जा रही हो मैंने कहा भाभी मैं पापा जी को चाय देने के लिए जा रही हूं

तो उन्होंने एकदम से मेरे हाथ से चाय की ट्रे ले ली और कहने लगी कि पापा जी को चाय मैं दे आती हूं तुम खाना बना लो और वह मेरे हाथ से चाय की ट्रे लेकर फौरन ही मेरे ससुर के क कमरे के अंदर चली गई थी मैंने देखा था कि मेरी जेठानी के बाल खुले हुए थे उन्होंने मेकअप भी किया हुआ था और वोह बिना अपने सर पर पल्लू किए ससुर जी के कमरे में चाय लेकर चली गई थी मुझे तो कुछ इन दोनों के बीच गड़बड़ लग रही थी मेरी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इन दोनों के बीच क्या चल रहा है

मैं किचन में खाना बनाने चली तो गई थी मगर मेरा ध्यान बार-बार अपने ससुर के कमरे की तरफ जा रहा था मेरी जेठानी बहुत देर के बाद ससुर के कमरे से बाहर आई थी रात को जब हम लोग खाना खाने के लिए बैठे तो मेरी सास ने सब्जी का एक निवाला खाते ही उल्टियां करनी शुरू कर दी थी अचानक मेरी सास को पता नहीं क्या हो गया था मेरी ठानी ने जल्दी से उनको दवाई लाकर दी और उनको खिलाई कुछ देर के बाद मेरी सास बेहतर हुई थी

मेरी सास ने फिर से मुझ पर चिल्लाना शुरू कर दिया और कहने लगी कि तुमसे किसने कहा था कि तुम आलू पालक की सब्जी बनाओ मैंने कहा मम्मी जी मुझसे तो भाभी ने कहा था मेरी सास कहने लगी कि अगर आ ने तुमसे आलू पालक की सब्जी बनाने के लिए कहा भी था तो तुम्हें मेथी डालने की क्या जरूरत थी मुझे मेथी से बहुत एलर्जी है मैंने अपनी जेठानी की तरफ देखा और उनसे कहा कि भाभी आपने मुझे क्यों नहीं बताया कि मम्मी जी को मेथी से एलर्जी है

अगर मुझे यह बात पता होती तो मैं कभी सब्जी में मेथी नहीं डालती मेरी जेठानी कहने लगी कि अरे मैंने तो तुम्हें बताया था तुम याद करो मैंने तुमसे कहा था कि आलू पालक की सब्जी बना लो मगर उसमें मेथी मत डालना मम्मी जी को एलर्जी है और व इस बात पर गुस्सा भी कर सकती हैं मेरी जेठानी यह बात कहते हुए मुझसे नजरें चुरा रही थी वह साफ झूठ बोल रही थी मेरी सास मुझे इस बात पर डांटने लगी और कहने लगी कि तुमसे कोई काम ढंग से आता ही नहीं है मेरे ससुर फिर से मेरी साइड ले रहे थे

मगर मेरी सास ने उन्हें खामोश करवा दिया था और फिर वह खामोशी से खाना खाते रहे आज जो मुझ पर डांट पड़ी थी वह मेरी जिठानी की वजह से पड़ी थी मैं अपने कमरे में आकर फूट-फूट कर रोई थी मैंने इस बारे में अपनी मम्मी को बताया था तो मेरी मम्मी कहने लगी कि देखो पायल ससुराल जाने के बाद हर लड़की को ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है इसलिए तुम भी खामोशी के साथ अपने घर में खुश रहो और ज्यादा से ज्यादा अपने ससुराल वालों की सेवा करो

मेरी तो कोई भी सुनने वाला ही नहीं था लेकिन मुझे अपनी जेठानी और अपने ससुर के बीच में कुछ गड़बड़ लग रही थी और मेरे दिल में यह जो शक था वह अगली रात पूरा हो गया था अब मेरी आदत हो गई थी कि मैं जब तक छत पर जाकर कुछ देर टहलते नहीं थी तब तक मुझे नींद नहीं आती थी क्योंकि मेरा कमरा छोटा था और मुझे ज्यादा गर्मी होने की वजह से अपने कमरे में घुटन महसूस होती थी इसलिए मैं छत पर चली जाती थी

कुछ देर अच्छा महसूस करने के बाद मैं नीचे आती थी आज रात जब मैं अपने कमरे में गई तो मुझे अपनी जेठानी के कमरे से अपने ससुर के बोलने की आवाज आ रही थी कमरे का दरवाजा तो बंद था मगर हल्की सी खिड़की खुली हुई थी मैं खिड़की से कान लगाकर उन लोगों की बातें सुनने की कोशिश कर रही थी जब मुझे अपनी जेठानी और ससुर के बोलने की आवाज आई मेरी जेठानी और मेरे ससुर आपस में बड़े प्यार मोहब्बत की बातें कर रहे थे

उन लोगों की बातें सुनकर मेरे कान खड़े हो गए थे साथ ही साथ मेरे ससुर ने यह भी कहा था कि आज तुमने पायल के साथ बहुत गलत किया है मेरी जेठानी ससुर से कहने लगी कि मैंने उसके साथ कुछ गलत नहीं किया आपने ही तो मुझे बताया था कि वह आपको मेरे कमरे में आते हुए देख चुकी है मैंने देखा है कि वह हर रात छ पड़ जाती है ठंडी हवा खाने के लिए और इसी बीच हम दोनों एक दूसरे के साथ मुलाकातें करते हैं उस दिन तो उसने आपको मेरे कमरे से निकलते हुए देखा था

लेकिन अगर किसी दिन उसे हम दोनों की सच्चाई पता चल गई तो वह मम्मी जी को यह बात बता सकती है इस तरह हम दोनों का क्या होगा आपको अंजाम के बारे में पता है ना मेरे ससुर उसकी बात पर थोड़ा घबराए थे मेरी जेठानी कहने लगी कि पायल बहुत तेली चीज है इस घर में हमारे बारे में कोई नहीं जानता एक वही है जो हम हमारी सच्चाई खोल सकती है इसलिए उसका इस घर से निकलना बहुत जरूरी है सौरभ कनाडा चला गया है मैं तो चाहती हूं कि यह भी सौरभ के साथ कनेडा चली जाए

और यही वजह है कि मैं आपकी पत्नी के सामने उसे बात-बात पर जलील करवाती हूं उस दिन खाने में नमक भी मैंने ही तेज किया था और कल भी आलू पालक की सब्जी बनाने के लिए उसे मैंने ही कहा था क्योंकि मैं जानती थी कि आलू पालक की सब्जी में मेथी डल है और आपकी पत्नी को मेथी से एलर्जी है बस पायल किसी भी दिन तंग आकर यहां से चली जाए तो हम दोनों के बीच की यह रुकावट नहीं रहेगी अपनी जेठानी और ससुर की बातें सुनकर मेरे होश उड़ गए थे

मेरी जेठानी जो मेरी सास के सामने इतनी अच्छी बनी फिरती थी वो बिल्कुल ऐसी नहीं थी इसका मतलब यह था कि इन दोनों के बीच कुछ चल रहा था अब मैंने सोच लिया था कि मैं अपनी जेठानी और ससुर का यह राज अपनी सास के सामने खोल कर ही रहूंगी मैं इस समय अपनी जेठानी और ससुर को रंगे हाथों पकड़ने के लिए अपनी सांस के कमरे में गई जो गहरी नींद में सो रही थी मैंने सोचा था कि मैं अपनी सास को उठाऊंगी

और उनको खामोशी के साथ अपनी जठा नहीं के कमरे में ले जाकर उन दोनों के बीच होने वाली मुलाकात के बारे में उन्हें पता चल जाएगा और उन्हें यह भी पता चल जाएगा कि आखिर उनकी बड़ी बहू उनके ही पति के साथ चक्कर चला रही है मुझे तो अपनी ठानी पर शर्मिंदगी महसूस हो रही थी मैं जैसे ही अपनी सास के पास गई और मैंने उनको आवाज लगाकर उठाने की कोशिश की तो मेरी सांस उठ ही नहीं रही थी मैंने अपनी सास को झंझोट कर रख दिया था

मगर मेरी सास इतनी गहरी नींद में सो रही थी कि उन्हें किसी भी बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा था मैं बड़ी परेशान हो गई थी कि मैं अब क्या करूं अगर मेरे ससुर कमरे में आ जाते तो मैं एक बहुत बड़ी मुसीबत में आ जाती मेरी सांस तो नहीं उठी तो मैं अपने कमरे में जाकर लेट गई थी सारी रात मुझे अपनी जेठानी और ससुर के बारे में सोच सोच कर नींद नहीं आई थी मगर अजीब बात यह थी कि मेरी सास इतनी गहरी नींद में कैसे सो सकती हैं

सुबह जब दिन निकला तो मैं अपने घर के काम में लग गई थी मैंने कपड़े धोने के लिए वाशिंग मशीन लगाई थी मेरी सास की लाइट कलर की साड़ी थी जिसको मैंने पहले ही मशीन में डाल दिया था कोई रंगीन कपड़ा इसीलिए नहीं डाला था कि कहीं मेरी सास की साड़ी खराब ना हो जाए और मशीन चलती हुई छोड़कर मैं अपने काम में बिजी हो गई थी जब थोड़ी देर के बाद में वाशिंग मशीन के करीब पहुंची तो यह देखकर मेरे होश उड़ गए थे कि वाशिंग मशीन के अंदर रंगीन कपड़े पड़े हुए थे

और मेरी सास भी वहां पर आ गई थी मेरी सांस जोर-जोर से चिल्ला रही थी कि तुमने मेरी नई साड़ी खराब कर दी मगर मुझे अच्छी तरह से याद था कि मैंने अपनी सांस की ही साड़ी पहले धोने के लिए डाली थी और उसके साथ कोई दूसरा कपड़ा इसलिए नहीं डाला था कि उसका कलर मेरी सास की साड़ी पर लग सकता था मेरी सास ने आज भी मुझे बहुत उल्टी सीधी बातें सुनाई थी मैं उनकी सारी बातों को आज बर्दाश्त कर गई थी क्योंकि मैं समझ गई थी कि यह मेरे साथ किसने किया है

मेरी जेठानी मुझे इस घर से निकलवाना चाहती हैं ताकि उसका राज किसी के सामने ना आ जाए मैंने इस बारे में अपने पति को बताया कि तुम्हारे पिता और तुम्हारी भाभी का अफेयर चल रहा है वह दोनों आधी रात में एक दूसरे के साथ मुलाकातें करते हैं ससुर जी भाभी के कमरे में जाते हैं और वह दोनों ना जाने कमरे के अंदर क्या करते हैं मेरे पति ने मुझे फोन पर ही बहुत डांटा था उन्हें मेरी बात पर यकीन ही नहीं आ रहा था और वह कह रहे थे कि पहले तो तुम मुझसे मेरी मम्मी की शिकायत करती थी

और अब तुम मेरे पापा और मेरी भाभी की भी शिकायत कर रही हो आखिर तुम चा ती क्या हो मैंने अपने पति को बताया कि आपकी भाभी मुझे आपकी मां की नजरों में गिराना चाहती है और वह मुझे इसलिए तंग कर रही है क्योंकि मैं यहां से चली जाऊं और वह दोनों खुलकर अयाशी कर सके मेरे पति ने उल्टी सीधी बातें सुनकर फोन कट कर दिया था मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं अब मैंने सोच लिया था कि मुझे रात को सावधान रहना होगा

मुझे रातों को सोना नहीं है और जागकर अपनी जेठानी और अपने ससुर पर कड़ी नजर रखनी है मेरे पति के दो महीने कैनेडा में रहते हुए पूरे हो गए थे अब उन्हें एक महीने के लिए हमारे घर आना था मैं चाहती थी कि मेरे पति के आते ही इन लोगों की सच्चाई खुल जाए इसलिए मैं दो दिन तक सब कुछ बर्दाश्त करती रही थी और बिल्कुल खामोश रही थी क्योंकि मैं जानती थी कि मेरी सास बुरी औरत नहीं है मेरी सास के दिल में मेरे खिलाफ बुराई भरने वाली औरत सिर्फ मेरी जेठानी थी

मुझे अपनी जेठानी की सच्चाई अपनी सास के सामने लानी थी आखिर उन्हें भी तो पता चले कि उनकी इतनी अच्छी बहू क्या गुल खिला रही है मेरे पति घर आ चुके थे लेकिन मेरे पति मुझसे नाराज थे बड़ी मुश्किल से मैंने उन्हें मनाया था और उनसे माफी मांगी थी कि मैं कभी भी किसी के बारे में आपसे कोई बुराई नहीं करूंगी तब जाकर वह मुझसे राजी हुए थे मेरे पति के घर आते ही मेरी सास ने उनको मेरी बहुत सारी बुराइयां बता दी थी उनके पीछे घर में जो कुछ भी हुआ था

सब कुछ मेरी सास ने उन्हें बता दिया था और साथ ही साथ उनसे यह भी कहा था कि हमारे घर की सुख शांति तुम्हारी पत्नी के आजाने के बाद खत्म हो गई है इसीलिए अगली बार जब तुम कनाडा जाओ तो इसे भी अपने साथ लेकर जाना मैंने अपने पति की नजरों में अच्छी बनने के लिए अपनी सास से कहा था कि मम्मी जी मैं आपसे माफी मांगती हूं आज के बाद मैं ऐसी कोई गलती नहीं करूंगी मेरी वजह से आपको कोई परेशानी नहीं होगी मेरी सास मुझसे नाराज तो थी

लेकिन उस दिन उनका मूड थोड़ा ठीक हो गया था मेरे पति को भी यह बात अच्छी लगी थी कि मैंने अपनी सास से माफी मांग ली मेरे लिए ऐसा करना जरूरी था क्योंकि मुझे अपने ससुर और जेठानी की सच्चाई सबके सामने लेकर आनी थी अगले दिन मैं सुबह के टाइम पर फर्श की सफाई लगा रही थी कुड़ा डालने के लिए जैसे ही मैंने डस्टबिन खोला तो डस्टबिन के अंदर दवाई का एक रैपर पड़ा हुआ था जो मुझे बड़ा ही अजीब लग रहा था मैंने अपनी सास की दवाइयां देखी हुई थी

मेरी सास को डायबिटीज थी जबकि मेरे ससुर बिल्कुल फिट थे उनको कोई प्रॉब्लम नहीं थी और ना ही घर में किसी और का इलाज चल रहा था मैंने वह रैपर उठाकर देखा तो वह मुझे डायबिटीज का नहीं लग रहा था बल्कि यह देखकर मैं दंग रह गई थी कि वह स्लीपिंग पिल्स का रैपर था आखिर नींद की दवाइयां घर में कौन ले रहा था मैं इस बात पर अपना दिमाग लड़ा रही थी तभी अचानक मेरा ध्यान उस दिन की बात पर गया जब मैं अपनी सास को बार-बार जगाने की कोशिश कर रही थी

इसका मतलब यह था कि यह दवाइयां मेरी सास ही ले रही हैं और उस दिन भी उन्होंने नींद की दवाई ली हुई थी जब वो मेरे बार-बार उठाने प भी नहीं उठ रही थी मैंने बातों ही बातों में अपने पति से पूछा था कि क्या मम्मी जी नींद की दवाइयां लेती हैं तो मेरे पति ने बताया था कि नहीं उनकी तो सिर्फ डायबिटीज की दवाई चल रही है अब मेरी थोड़ी-थोड़ी समझ में आ रहा था कि हो ना हो उनको यह दवाइयां या तो मेरी जठा नहीं दे रही थी

या फिर मेरे ससुर मेरे ससुर और मेरी जठा अभी भी आधी रात को एक दूसरे के साथ मुलाकातें कर रहे थे जब से मेरे पति घर आए थे मैं छत पर नहीं जाती थी और मेरी सास भी नींद की दवाई लेकर गहरी नींद में सो जाती थी हम दोनों कमरे में बंद होते थे और इस बात का फायदा उठाकर कर मेरे ससुर और मेरी जेठानी एक दूसरे से मिल लेते थे अब सब कुछ ठीक-ठाक मेरे सामने था मगर मेरी यह समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपनी सास के सामने यह सच्चाई कैसे लेकर आऊं

मैंने एक प्लान बनाया था मैंने अपने पति और अपनी सास से कहा था कि मेरे माइक वालों ने हमारे पूरे घर को इन्विटेशन दिया है उन्होंने हमें खाने पर बुलाया है मैं जानती थी कि मेरी जेठानी मेरे माइके कभी नहीं जाएंगी क्योंकि मेरी जेठानी घर से बाहर कभी निकलती ही नहीं थी अगले दिन मैं अपने पति अपनी सास और ससुर के साथ अपने माइकी चली गई थी रात को हम लोगों ने देर से खाना खाया था ताकि हमें देर हो जाए मेरा मायका मेरे ससुराल के घर से बहुत दूर था

हम लोगों के पास अपनी गाड़ी भी नहीं थी हम लोग ऑटो से मेरी ससुराल पहुंचे थे रात के 11:00 बज रहे थे जब मेरी सास ने घर चलने के लिए कहा मैं अपनी मम्मी को अपना पूरा प्लान बता चुकी थी मेरी मम्मी मेरे प्लान में शामिल हो गई थी और मेरा साथ दे रही थी इसलिए मेरी मम्मी ने मेरे पति और मेरी सास को आज रात रुकने के लिए कहा था उन्होंने कहा था कि आप लोग कल सुबह चले जाइएगा और वैसे भी सवारी की भी परेशानी होती है इतनी रात को आप लोगों को कोई ऑटो भी नहीं मिलेगा

रही मेरे ससुर की बात मेरे प्लान के मुताबिक उन्होंने हमारे घर पर रुकने से साफ इंकार कर दिया था और उन्होंने मेरी सास से कहा था कि तुम लोग यहां रुक जाओ कल सुबह आराम से आ जाना उनका इतना कहने का मकसद यही था कि वह आराम से जेठानी के साथ मुलाकात कर लेते मेरी मम्मी और मेरी भाभी ने मेरी सास और पति से बहुत जिद की थी थी रुकने के लिए तो इसीलिए व लोग हमारे घर पर रुक गए थे मेरे ससुर को मेरा भाई अपनी बाइक पर घर छोड़ने के लिए चला गया था

आज रात मेरी जेठानी और मेरे ससुर का रास्ता पूरी तरह से साफ था मगर वह लोग नहीं जानते थे कि वो लोग मेरे प्लान में बुरी तरह से फंस चुके हैं अभी तो ज्यादा टाइम नहीं हुआ था मुझे बड़ी बेचैनी के साथ रात के 3:00 बजने का इंतजार था आज मेरी सास भी कह रही थी कि ना जाने क्यों आज मुझे नींद नहीं आ रही है वैसे तो मैं जल्दी ही सो जाती हूं रात के 3:00 बजने ही वाले थे जब मैंने अपनी सास और अपने पति को यह बात बता दी कि भाभी और पापा जी का आपस में अफेयर चल रहा है

मेरी यह बात सुनकर मेरी सास और मेरे पति को यकीन नहीं आया था जबकि मेरा पति मुझ पर बहुत गुस्सा करने लगा और धीमी धीमी आवाज में इसलिए बात कर रहा था क्योंकि मेरे घर वालों को यह बात पता ना चल जाए कि वह मुझसे लड़ रहा है मेरी सास ने भी मेरे पति से कहा कि देखो मैंने तुमसे कहा था ना कि तुम्हारी पत्नी बहुत चालाक है अपने ससुर पर इल्जाम लगा रही है मैं जानती थी कि ये लोग मेरे बारे में इसी तरह की बातें करेंगे इसलिए मैंने उनसे कहा था कि अगर आप लोगों को मेरी बात पर यकीन नहीं आता तो आप लोग मेरे साथ अभी और इसी वक्त घर चले

क्योंकि यह दोनों आधी रात के समय ही एक दूसरे से मुलाकातें करते हैं मैंने अपनी सास को यह भी बता दिया था कि आपको नींद की दवाई दी जाती है ताकि आप गहरी नींद में सो सके और मेरे ससुर आराम से कमरे से निकलकर जेठानी के कमरे तक पहुंच सके मैंने वह दवाई वाला रैपर भी अपनी सास को दिखाया आया था और कहा था कि आपको यह दवाई ही दी जाती है मेरी सास उस दवाई को पहचान तो नहीं सकी थी क्योंकि उन्हें दवाई रात को दूध में मिलाकर दी जाती थी

लेकिन आज मेरे पति ने कह दिया था कि अगर यह बात झूठ हुई तो मैं तुम्हें डिवोर्स दे दूंगा मैं भी इस बात पर पक्की बन गई थी मैंने कह दिया था कि जब आप एक बार अपनी आंखों से मेरे साथ घर चलकर सब कुछ देख लोगे तो आप जैसा कहोगे मैं वैसा ही करूंगी मेरे पति और मेरी सास हम तीनों ही उसी समय घर से निकल गए थे और पूरे आधे घंटे बाद जब हम लोग अपने घर पहुंचे तो बड़ी खामोशी से पहुंचे थे घर की चाबी मेरे पति के पास होती थी

मैंने अपने पति से कहा था कि खामोशी के साथ ताला खोलना ताकि किसी को हमारे आने की खबर ना हो मैं अपनी सास और पति को लेकर जैसे ही घर के अंदर दाखिल हुई तो मेरी जेठानी और मेरे ससुर के बोलने की आवाज आ रही थी यह आवाज आज मेरी जेठानी के कमरे से नहीं बल्कि आज मेरी जेठानी ससुर के कमरे में उनके साथ मौजूद थी मेरे ससुर मेरी जेठानी को अपनी बाहों में भरे हुए थे और उनके साथ प्यार भरी बातें कर रहे थे

और उनसे कह रहे थे कि आज तो ऐसा लग रहा है जैसे तुम ही मेरी पत्नी हो आज इतने समय के बाद तुम्हें अपने कमरे में देखकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है आज हम लोगों को फुल आजादी है बहू के माय के वालों ने बहुत अच्छा काम किया है कि उन लोगों को अपने साथ ही रोक लिया यह सारी बातें मेरे पति और मेरी सास खामोशी से खड़े हुए सुन रहे थे मेरे पति से बर्दाश्त नहीं हुआ तो मेरे पति ने कमरे के अंदर घुसकर अपने पिता का गिरेबान पकड़ लिया जबकि मेरी जेठानी हैरान खड़ी हुई हम लोगों को देख रही थी

और उसकी जुबान पर एक ही सवाल था कि तुम लोग यहां क्या कर रहे हो जब मेरी सास ने उसके मुंह पर थप्पड़ मार दिया और कहा कि घटिया औरत मैंने तुझे अपनी बेटी बनाया था और तू मेरे ही पति के साथ यह सब कुछ कर रही है तुझे शर्म नहीं आई याद में रिश्ते में तेरे पिता समान है और तू इसके साथ रंगरलिया मना रही है मेरे पति ने भी मेरे ससुर से सवाल किया था कि आखिर यह सब क्या हो रहा है और कब से चल रहा है फिर वही हुआ जो मैंने सोच रखा था

मेरे ससुर ने सब कुछ अपने मुंह से उगल दिया मेरे पति और मेरी सास के बीच सारी सच्चाई आ गई थी जिस दिन से मेरे जेठ की मौत हुई थी उसके बाद से ही मेरी जेठानी किसी के साथ अपनी हवस पूरी करने के लिए तड़प रही थी इसलिए उसने मेरे ससुर पर डोरे डालने शुरू कर दिए मेरी जेठानी का इस दुनिया में कोई नहीं था इसलिए वह कहीं नहीं जा सकती थी मेरी जेठानी बेहद खूबसूरत थी मेरे ससुर ने उसे अपने काबू में कर लिया और उन लोगों ने मेरी सास को नींद की दवाई देना शुरू कर दी और वह दोनों आधी रात के बीच एक दूसरे के साथ मुलाकातें करते थे

मेरी सांस के दिमाग में कहीं यह बात ना आ जाए कि वो मेरी जेठानी की दूसरी शादी कर दे मेरी जेठानी दूसरी शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसकी जिंदगी यहां पर बहुत अच्छी गुजर रही थी इसलिए उसने मेरी सास को अपनी बातों में लगाए रखा और मेरी सास की फेवरेट बन गई ताकि कभी मेरी सास उसको इस घर से निकालने के बारे में सोचे भी ना मेरा पति तो शुरू से ही कनाडा में रहता था बस कभी-कभी ही अपने घर में आता था इसलिए उन दोनों के बीच आने वाला कोई नहीं था

जब मेरी शादी हुई और मेरी जेठानी को लगा कि मैं उनकी सच्चाई जान जाऊंगी इसलिए उसने मेरी सास को मेरे खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया और वह बस यह चाहती थी कि मैं किसी भी तरह अपने पति के साथ कनाडा चली जाऊं यही वजह थी कि मैं अपनी सास के लिए सब कुछ करती थी मगर फिर भी मेरी जेठानी ही हमेशा उनकी फेवरेट रही थी क्योंकि मेरी जेठानी मेरे साथ सास को मेरी बहुत सारी बुराइयां गिना रहती थी और वह जानबूझकर मेरे काम गलत किया करती थी

ताकि मेरी सास मुझसे नफरत करने लगे या तो मेरी सास मुझे इस घर से निकाल दे या फिर मुझे मेरे पति के पास भेज दे और अब उनकी सारी सच्चाई मेरे पति और मेरी सास के बीच आ गई थी मेरे पति ने फैसला कर लिया था कि वह इस घर को छोड़कर जा रहे हैं मेरी जेठानी और मेरे ससुर हाथ जोड़कर सबसे माफी मांग रहे थे लेकिन मेरी जेठानी और मेरे ससुर मेरी सास और मेरे पति के दिल से उतर चुके थे मेरी जेठानी नेने सब कुछ उन्हें बता दिया था कि मैं गलत नहीं हूं

बल्कि मेरी जेठानी मेरी गलतियां उनके सामने बड़ा चढ़ा कर पेश करती थी मेरी सास ने मुझसे माफी मांगी थी मैंने अपनी सास को माफ कर दिया था लेकिन मेरे पति अपने पिता के साथ नहीं रहना चाहते थे इसलिए उन दोनों को उनके हाल पर छोड़कर मेरे पति मुझे और मेरी सास को लेकर कैनेडा आ गए मेरे ससुर और मेरी जठा का अब क्या हाल है हम लोग उसके बारे में कुछ नहीं जानते मेरी जिंदगी यहां पर कनाडा में बहुत अच्छी गुजर रही है

मेरी सास जैसी मेरी शादी के शुरू के दिनों में हुआ करती थी वह अब बिल्कुल ऐसी ही है और मेरी जिंदगी बहुत अच्छी गुजर रही है जबकि मेरी सास अपने पति की बेवफाई पर बहुत दुखी है और अब बीमार रहने लगी है दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी |

 

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