बेटे और बेटियों में फर्क ना करें। Romantic Story In Hindi | Best Story In Hindi

Romantic Story In Hindi : मेरा नाम स्वाति है मैं एक पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी थी मेरी जिंदगी मेरे माता-पिता के साथ बहुत अच्छी गुजर रही थी मैं उनकी इकलौती बेटी थी वह दोनों मुझे बड़े प्यार से रखते थे मुझे अपनी मम्मी पापा इस दुनिया के सारे मम्मी पापा से स्पेशल लगते थे मुझे ऐसा लगता था जितना प्यार मेरे मम्मी पापा मुझसे करते हैं उतना शायद किसी के माता-पिता नहीं करते होंगे मैं भी उनसे बहुत प्यार करती थी

 

 मुझे ऐसा लगता था जैसे मैं इस दुनिया की सबसे खुशनसीब बेटी हूं हू मेरे पापा ने मुझे कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी थी मेरे बिना कहे ही मेरी हर डिमांड पूरी हो जाया करती थी मैं जैसा चाहे वैसा करती थी मैं डॉक्टर बनना चाहती थी और पढ़ाई कर रही थी मैं अपने कॉलेज की फ्रेंड्स के साथ एक ट्रिप पर गई हुई थी मेरा ट्रिप पूरे एक हफ्ते का था

 

 पर हमारे ग्रुप की एक लड़की की अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह से हम लोगों को जल्दी घर वापस आना पड़ गया था मैं अपनी मम्मी पापा को सरप्राइज देना चाहती थी इसलिए मैंने उनको बता नहीं था कि मैं घर आ रही हूं वैसे तो मेरी हर रोज उनसे बात ही हो रही थी लेकिन आज मैं उनको एक स्पेशल सरप्राइज देना चाहती थी आज पहली बार मैं इतने लंबे ट्रिप पर गई हुई थी 

 

मेरे पेरेंट्स ने मुझे जाने से मना कर दिया था क्योंकि वह लोग इतने दिन मुझसे दूर नहीं रह सकते थे पर जब मैंने जिद की तो उन लोगों ने मुझे भेज दिया था सिर्फ मेरी खुशी की खातिर तो इसीलिए मैंने सोचा था कि मैं अब जल्दी आ गई हूं मेरे पेरेंट्स मुझे देखकर शॉक्ड रह जाएंगे और खुशी से फूले नहीं समाए लेकिन मुझे नहीं पता था कि आज मेरी जिंदगी का एक ऐसा राज मेरे सामने खुलने वाला है जिसे सुनकर शायद मैं अपने पैरों पर खड़े होने काबिल नहीं रहूंगी 

 

दरअसल मैं अपने घर में जैसे ही घुसी तो दरवाजे पर ही मुझे मेरे मम्मी पापा के बोलने की आवाज आ रही थी वह दोनों हॉल में ही बैठे हुए आपस में एक दूसरे से मेरे बारे में बातचीत कर रहे थे अपने बारे में उनकी बातें सुनकर मैं वहीं पर खामोशी से खड़ी हो गई थी ताकि अपने पेरेंट्स की बातें सुन सकूं मम्मी पापा से कह रही थी कि मुझे स्वाती की बहुत याद आ रही है मेरा मन कर रहा है कि मैं उसे एक बार देख लूं 

 

उसकी खुशी की खातिर हमने उसे जाने तो दिया लेकिन यह हमारा ही दिल जानता है कि हम उसके बिना कैसे समय गुजार रहे हैं मेरे पापा कहने लगे कि तुम परेशान मत हो वह सही सलामत घर वापस आ जाएगी हमारी बेटी बहुत बहादुर है और उसकी खुशी हमारे लिए सबसे ज्यादा है अब उसकी खुशी के लिए हमें इतना तो करना ही था और वैसे भी वह कहीं दूर थोड़ी गई है 

 

सिर्फ एक हफ्ते की ही तो बात है जल्दी ही वापस आ जाएगी तो फिर सारा दिन अपनी बेटी को देखती रहना लेकिन उसके बाद जो बात मेरी मां ने कही उसे सुनकर तो मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था मैं अंदर जाने ही वाली थी पर उन लोगों की बात ने मुझे सावधान कर दिया था और मुझे उस जगह पर खड़े होकर उनकी बातें सुनने पर भी मजबूर कर दिया था मैं पूरी बात जानना चाहती थी 

 

इसलिए मैं वहीं पर जमकर खड़ी रही मेरी मम्मी ने पापा के जवाब में कहा था कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि भगवान इस तरह से हमारी गोद में स्वाती को डाल देगा शायद हमारे भाग्य में उसकी परवरिश करना लिखा हुआ था पापा कहने लगे मुझे भी स्वाती को देखकर विश्वास नहीं होता ऐसा लगता है जैसे वह हमारी ही बेटी है जैसे उसे तुमने ही जन्म दिया है तुमने देखा है उसकी शक्ल बिल्कुल हम दोनों से मिलती है

 

 अगर मैं उस दिन टाइम पर उस नदी के किनारे नहीं जाता तो शायद मुझे पता ही नहीं चलता कि वहां नदी के किनारे एक मासूम बच्ची पड़ी हुई है अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती तो वह अपनी जान से भी जा सकती थी वह मासूम बच्ची नदी के किनारे कहां से आई थी उसे कौन छोड़कर गया था आखिर वह कौन था जिसने अपनी मासूम सी बच्ची को नदी के किनारे मरने के लिए छोड़ दिया था वह इंसान जो भी था उसने उसे मारने के लिए ही वहां पर छोड़ दिया होगा

 

 पर भगवान की कृपा से वह बच्ची नदी में नहीं बही थी बल्कि लहर के साथ वापस किनारे पर आ गई थी क्या इसके माता-पिता को इस मासूम बच्ची पर ख्याल नहीं आया पता नहीं वह कौन से लोग होते हैं जो अपने बच्चों को इस तरह से मरने के लिए छोड़ देते हैं उनके लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात होती है कि भगवान ने उनको औलाद जैसा सुक्त प्राप्त किया वो लोग यह भी नहीं सोचते कि इस दुनिया में कुछ हम जैसे बे औलाद लोग भी हैं 

 

जो औलाद के लिए तरस रहे हैं मेरी मां कहने लगी कि भगवान ने मेरी जिंदगी में स्वाती को शामिल करके मेरी सोनी गोद को भर दिया वरना मैं सारी जिंदगी औलाद के लिए तरसती रहती बस अब मेरी बर्दाश्त से बाहर हो रहा था मैं उन लोगों की बातें अब औरन नहीं सुन सकती थी यह सारा सच जानकर तो मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरे पैरों तले से जमीन निकल रही है मैंने यह क्या सुन लिया था कि इतना प्यार देने वाले यह दोनों मेरे माता-पिता नहीं है 

 

मैं किसी और की बेटी हूं मैं फौरन ही घर के अंदर चली गई थी अचानक मुझे दरवाजे पर देखकर मेरे मम्मी पापा के चेहरे के रंग उड़ गए थे वह दोनों घबराकर खड़े हो गए और मुझे देखते ही पापा कहने लगे स्वाती तुम यहां तुम कब आई बेटा मम्मी भी भागते हुए मेरे पास आई और मेरे गले से लगकर कहने लगी स्वाती बेटी तुम इतनी जल्दी कैसे आ गई कैसा रहा तुम्हारा ट्रिप मैंने उन दोनों को कोई जवाब नहीं दिया 

 

मैं बिल्कुल खामोश खड़ी रही मेरी आंखों में आंसू आ रहे थे मेरी आंखों में आंसू देखकर मेरी मम्मी ने कहा बेटी क्या बात हो गई है तुम्हारे चेहरे की खुशी कहां गुम हो गई तुम्हारी तबीयत तो ठीक है और तुम इतनी जल्दी क्यों आ गई तुम तो अगले हफ्ते आने वाली थी ना मुझे परेशान देखकर पापा भी मेरे करीब आ गए थे और उन्होंने भी मुझसे वही सवाल किए जो मम्मी कर रही थी मैं उन दोनों से दूर हो गई

 

 और कहने लगी आप लोगों ने मुझसे इतना बड़ा सच कैसे छुपाया इतने सालों से आप लोग मुझे मां-बाप बनकर पाल रहे हो आखिर आप लोग कौन हो और मैं किसकी बेटी हूं मैंने आप लोगों की सारी बातें सुन ली है मेरी बात सुनकर पापा कहने लगे बेटा हम तुम्हारे बारे में नहीं किसी और की बात कर रहे थे मम्मी कहने लगी हां हां बेटी तुम्हारे पापा के पास एक ऐसा केस आया है वो उसी के बारे में बात कर रहे थे तुम तो हमारी अपनी बेटी हो और तुमने देखा नहीं हम तुमसे कितना प्यार करते हैं

 

 आज के जमाने में कोई माता-पिता किसी की औलाद से इतना प्यार नहीं करता जितना कि हम तुमसे करते हैं अपने मम्मी पापा की बात सुनकर मैंने उन्हें हाथ से इशारा दिया और कहा कि आप लोगों को झूठ बोलने की जरूरत नहीं है मैं आप लोगों की सारी बातें सुन चुकी हूं और सच भी जान चुकी हूं यह कहकर मैं अपने कमरे में चली गई और मैंने कमरे के दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया था

 

 मैं घंटों तक कमरे के अंदर लॉक करके रोती रही थी इस सोचती रही कि आखिर मेरे असली माता-पिता कौन हैं आखिर कौन हैं वह लोग जिन्होंने एक मासूम बच्ची को नदी के किनारे फेंक दिया था क्या उन लोगों को मुझसे मोहब्बत नहीं थी कैसी थी वो मां जिसके दिल में अपनी बेटी के लिए ममता नहीं आई इतने सालों बाद ही सही मगर आज मेरे सामने य सच्चाई खुलकर आ गई थी कि मैं अपने माता-पिता की बेटी नहीं हूं 

 

बल्कि उन्होंने तो मुझे नदी के किनारे से उठाया था बार-बार मेरे मम्मी पापा कमरे का दरवाजा पीट रहे थे बेटी दरवाजा खोल दो प्लीज दरवाजा खोल दो एक बार हमारी बात तो सुन लो मगर मैं उनसे इस बात से नाराज थी मगर मैं उनकी इस बात से नाराज थी कि उन्होंने मुझे इतने सालों से सच्चाई से अनजान रखा था उन लोगों ने मेरी परवरिश करके मेरे साथ कुछ गलत नहीं किया था उन्होंने तो एक मासूम बच्ची को सहारा दिया था इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी गलती तो उन लोगों की थी

 

 जिन्होंने मुझे खुद से अलग कर दिया था क्या उनके दिल में मेरे लिए मोहब्बत नहीं आई थी क्या उनका दिल नहीं दुखा था कि उन्होंने अपनी औलाद को खुद से दूर कर दिया मेरे दिमाग में अब आने लगा था कि मैं उन लोगों से मिलना चाहती हूं जिन्होंने मेरे साथ यह सब कुछ किया मैंने दरवाजा खोल दिया था मेरे दरवाजा खोलने पर ही मम्मी पापा फौरन मेरे करीब आकर खड़े हो गए थे 

 

मम्मी तो बहुत बुरी तरह से रो रही थी और पापा भी परेशान नजर आ रहे थे मम्मी ने कहा बेटी प्लीज हमें माफ कर दो गुस्सा थूक दो और खाना खा लो हम तुम्हें इस तरह से नाराज नहीं देख सकते पापा कहने लगे हमें हमारी गलती के लिए माफ कर दो तुम नहीं जानती कि हमारा दिल कितना दुख रहा है हमने हमेशा तुम्हें अपनी सगी औलाद से बढ़कर चाहा हमने कभी सोचा ही नहीं कि तुम हमारी सगी बेटी नहीं हो 

 

शायद भगवान की यही मर्जी थी वह तुम्हें इसी तरह से हमारी जिंदगी में शामिल करना चाहता था मैंने अपनी मम्मी पापा से कहा कि मैं आप लोगों की तकलीफ को समझ सकती हूं मुझे माफ कर दीजिए मैंने गुस्से में आकर आप लोगों से काफी कुछ कह दिया लेकिन पापा मैं जानना चाहती हूं कि आखिर वह कौन लोग हैं जिन्होंने मुझसे अपनी जान छुड़वाने के लिए मेरे साथ यह सब कुछ किया था

 

 मेरी बात सुनकर पापा कहने लगे बेटा इतने सालों बाद कैसे पता चल सकता है और वैसे भी क्या तुम्हें हमारी परवरिश में कोई कमी नजर आती है जो तुम इन लोगों की तलाश करना चाहती हो मैंने अपने पापा से कहा पापा आप तो पुलिस इंस्पेक्टर हो ना और कुछ भी कर सकते हो पुलिस वाले तो सालों पुराने केस भी हैंडल कर लेते हैं मुझे आपकी परवरिश पर कोई शक नहीं है

 

 बस आप एक बार मेरी कंडीशन को समझने की कोशिश करिए मैं बस यह जानना चाहती हूं क्या मैं उन लोगों के लिए इतनी बुरी थी मैं उन लोगों से इस बात का सवाल करना चाहती हूं क्या मुझे फेंकते समय उन लोगों के दिल में रहम नहीं आया था प्लीज आप किसी भी तरह से मेरे असली माता-पिता का पता लगाइए और मुझे वहां लेकर चलिए जिस जगह से आपने मुझे उठाया था 

 

मेरे पापा ने मुझे तसल्ली दी और भरोसा दिलाया कि वह मेरे असली माता-पिता की तलाश जरूर करेंगे मैं मम्मी पापा के साथ अच्छी तरह से बिहेव कर रही थी उन लोगों ने एक तरह से मुझ पर बहुत बड़ा एहसान किया था मैं उन लोगों को यह एहसास नहीं दिलाना चाहती थी कि वह मेरे असली माता-पिता नहीं है मैं उन लोगों के साथ अच्छे तरीके से रह रही थी बचपन से ही मैंने उनको देखा था और उन्होंने मेरी खातिर बहुत कुछ किया था मैं मर कर भी उन लोगों का एहसान नहीं भूल सकती थी 

 

उस दिन हम तीनों बहुत ज्यादा रोए थे दो दिन बाद पापा मुझे उसी नदी पर ले गए थे जहां से उन्होंने मुझे उठाया था वहां जाने के बाद वह मेरा हाथ पकड़कर एक तरफ खड़े हो गए और कहने लगे कि तुम यहां पर एक सफेद चादर में लिपटी हुई पड़ी थी तुम पूरी तरह से पानी में भीगी हुई थी पता नहीं तुम यहां पर कब से पड़ी थी हमारी टीम यहीं करीब में इन्वेस्टिगेशन के लिए आई हुई थी 

 

फिर कुछ लोगों ने हमें बताया कि यहां पर एक बच्ची पड़ी हुई है लोगों ने तुम्हें हाथ तक नहीं लगाया था क्योंकि सबको लगता था कि तुम मर चुकी हो मैंने जैसे ही तुम्हें गोद में उठाया तो मुझे ऐसा लगा जैसे तुम अभी जिंदा हो तुम्हारे अंदर चंद सांसें अभी बाकी हैं मैं फौरन तुम्हें अस्पताल ले गया वहां जाने के बाद तुम्हारा इलाज हुआ तो पता चला कि तुम जिंदा हो हालांकि तुम्हें पानी में भीगने की वजह से निमोनिया हो गया था तुम्हारा इलाज होना बहुत जरूरी था काफी समय तक तुम्हारा इलाज चलता रहा 

 

लेकिन पुलिस डिपार्टमेंट के लिए बात जानना बहुत इंपॉर्टेंट थी कि इस बच्ची को यहां कौन डालकर गया था मेरे दिल में तुम्हारे लिए मोहब्बत जाग उठी थी मैंने फैसला कर लिया था कि मैं तुम्हें अपने घर अपने साथ ले जाऊंगा मेरी पत्नी जो औलाद के लिए तरसती रहती है और डॉक्टर से इलाज कर करवाते करवाते थक चुकी है अगर मैं तुम्हें उसकी गोद में ले जाकर डाल दूं तो वह बहुत खुश हो जाएगी मैंने इस केस को आगे नहीं बढ़ने दिया था और फैसला कर लिया था कि मैं तुम्हें अपनी औलाद समझकर पा लूंगा 

 

तुम मेरी बेटी हो मैं जब तुम्हें घर लेकर गया तो तुम्हारी मम्मी भी बहुत खुश हो गई थी हम दोनों को जीने की एक वजह मिल गई थी हम तुम्हें देख देखकर अपनी जिंदगी गुजार रहे थे तुम हमारी जिंदगी का एक ऐसा अहम हिस्सा बन चुकी थी कि हम तुम्हें खुद से जुदा नहीं कर सकते थे और हम भूल ही गए थे कि हमने तुम्हें यहां से उठाया था यह सब बताते हुए मेरे पापा की आंखों में आंसू आ गए थे वह एक पुलिस इंस्पेक्टर थे 

 

और बहुत ही मजबूत इंसान थे आज उनकी आंखों में आंसू देखकर मैं उनको कमजोर समझ रही थी क्योंकि वह किसी और की वजह से कमजोर नहीं हुए थे बल्कि सिर्फ अपनी बेटी की वजह से कमजोर पड़े थे मैंने अपने पापा को गले से लगा लिया था और कहा था कि आप ही मेरे पिता हैं मैं आप लोगों से बहुत प्यार करती हूं मेरे पापा मेरी बात सुनकर कर बहुत खुश हो गए थे मुझे उस जगह को देखकर तसल्ली हो गई थी 

 

और हम लोग घर वापस आ गए थे दिन इसी तरह से गुजर रहे थे मेरे पापा ने इस बात की इन्वेस्टिगेशन करनी शुरू कर दी थी कि मेरे असली माता-पिता कौन थे और फाइनली मेरे पापा को पता भी चल गया था मेरे असली माता-पिता के बारे में वह मुझे अपने साथ उस घर में ले गए थे जहां पर मेरे माता-पिता रहते थे मैं पापा के साथ वहां पर चली गई थी यह एक छोटा सा और मामूली सा घर था

 

 हमने दरवाजा बजाया तो एक आदमी ने दरवाजा खोला था मेरे पापा ने उनको बताया कि वह पुलिस इंस्पेक्टर हैं और उनके घर में कुछ पूछताछ करने के लिए आए हैं पापा के मुंह से यह बात सुनकर तो वह आदमी घबरा गया और उसने जल्दी से पापा को घर के अंदर आने की परमिशन दे दी हम लोग जैसे ही घर के अंदर घुसे तो घर की हालत बहुत खराब हो रही थी ऐसा लग रहा था

 

 जैसे ये बहुत गरीब लोग हैं आगन में ही चरपा पर एक औरत बैठी हुई थी जिसकी कंडीशन बहुत खराब हो रही थी ऐसा लग रहा था जैसे वह पागल है वह आदमी घर के अंदर आते ही मेरे पापा से कहने लगा कि आखिर क्या बात हो गई जो आपका यहां पर आना हो गया मेरे पापा ने कहा कि तुम्हें नहीं पता कि तुम लोगों ने 19 साल पहले कितना बड़ा जुर्म किया है वो आदमी मेरे पापा को एक अनजान सी नजर से देखने लगा और कहने लगा आप क्या कहना चाहते हैं

 

 पापा कहने लगे कि 19 साल पहले हमें नदी के किनारे से एक बच्ची मिली थी और वहां के लोगों ने बताया था कि उस बच्ची के माता-पिता इसी घर में में रहते हैं तो बताओ कौन है उस बच्ची के माता-पिता क्योंकि वह बच्ची तो अब इस दुनिया में नहीं है काफी सालों बाद इस केस की फाइल खुल करर आई है और अब तक पता ही नहीं चल सका कि आखिर वह कौन आरोपी थे 

 

मैं यहां पर आप लोगों से इन्वेस्टिगेशन ही करने आया हूं मैं उस मासूम बच्चे को इंसाफ दिलाना चाहता हूं वह आदमी तो मेरे पापा की बात सुनकर घबरा गया मगर अजीब बात यह थी कि जो पागल औरत चारपाई पर बैठी हुई थी वह बहुत खामोश थी और उसने हम लोगों को घर में घुसते हुए देखा तक नहीं था पर जब यह बात उसके कानों तक पहुंची तो वह अचानक खड़ी हो गई थी और चिल्लाते हुए हम लोगों के करीब आने लगी

 

 मुझे तो उस औरत को देखकर अब डर लगने लगा था मैं अपने पापा के पीछे छुप गई व औरत जोर-जोर से रोने लगी और कहने लगी क्या मेरी बेटी मर गई मुझे मेरी बेटी चाहिए मेरी बेटी मुझे प्लीज लाकर दे दो मैं अपनी बेटी को गोद में लेना चाहती हूं मैं 19 साल से उसके लिए तरस रही हूं प्लीज मेरी बेटी को ला दो वह आदमी औरत को शांत करवाने लगा था मगर मेरे पापा ने इशारा किया और पूछा कि यह कौन है वह आदमी कहने लगा नहीं नहीं यह तो बस पागल है कुछ का कुछ बोलती रहती है 

 

मैं अभी इसे कमरे में लेकर जाता हूं फिर हम लोग बैठकर बात करते हैं व औरत उस आदमी की बात सुनकर रोने लगी और कहने लगी नहीं सर मैं पागल नहीं हूं मुझे तो मेरी बेटी के दुख ने पागल कर दिया मैं आपको सारी सच्चाई बताती हूं उसकी बात सुनकर मेरे पापा के कान खड़े हो गए थे और मेरे पापा ने कहा कि इन्हें कहीं मत लेकर जाओ मैं इनसे बात करना चाहता हूं वह आदमी पापा की बात पर पीछे हट गया था

 

 उस औरत ने कहा आप लोग यहां चारपाई पर बैठो मैं आप लोगों को सारी बात बताती हूं कि मेरी बेटी के साथ क्या हुआ था हम दोनों ही उस औरत की बात सुनने के लिए बैठ गए थे वह आदमी और वह औरत दोनों जमीन पर बैठ गए वह औरत कहने लगी मैं आपको बताती हूं कि मेरे साथ इस घर में कितने अत्याचार हुए हैं जबकि जो आदमी उसके बराबर में बैठा हुआ था वह बहुत शर्मिंदा हो रहा था

 

 उस औरत ने कहा कि जिस दिन से मैं इस घर में आई हूं तभी से ही मुझ पर अत्याचार होने शुरू हो गए थे मुझे नहीं पता था कि शादी के बाद लड़की की जिंदगी इतनी ज्यादा मुश्किल हो जाती है शादी के चार महीने बाद जब मुझे यह खबर मिली थी कि मैं मां बनने वाली हूं तो मुझे बहुत खुशी हुई थी लेकिन मेरी सास ने मुझसे जो बात कही थी वह बात सुनकर तो मेरी सारी खुशी कहीं मर्सी गई थी

 

 मैं बहुत परेशान हो गई थी मेरे लिए फिक्र करने वाला भी कोई नहीं था क्योंकि मेरे अपने पति को मेरी कोई फिक्र नहीं थी मेरे माता-पिता तो इस दुनिया में होते हुए भी मुझसे कोई संबंध नहीं रखते थे एक औरत के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है जब वह मां बनने वाली होती है लेकिन अपनी सास की बात सुनने के बाद तो मेरे लिए मां बनना मुसीबत की तरह हो गया था

 

 मेरी प्रेगनेंसी के दिनों में सारा सारा दिन मैं रोती रहती थी क्योंकि जिस दिन से यह बात घर में सब लोगों को पता चली थी कि मैं प्रेग्नेंट हूं उस दिन से ही मेरी सास ने घर में एक तूफान सा मचा दिया था उन्होंने कहा था कि अगर तुमने बेटी पैदा कर दी तो मैं तुम्हारे साथ वह करूंगी इसके बारे में भी कभी तुमने सोचा ही नहीं होगा ऐसा कभी किसी सास ने अपनी बहू के साथ नहीं किया होगा जैसा मैं तुम्हारे साथ करूंगी मैं पहले ही अपनी सास से बहुत डरती थी लेकिन जब से मेरी सास ने मुझे यह बात बताई थी 

 

मैंने उनसे और ज्यादा डरना शुरू कर दिया था मुझे डर लग रहा था कि कहीं मेरी सास मेरी जान ना ले ले अभी तो मेरी डिलीवरी में काफी समय था मैं भगवान से रो-रो कर प्रार्थना कर रही थी कि काश मुझे बेटा पैदा हो जाए तो मेरी सास मेरे साथ अच्छी तरह से बिहेव करना शुरू कर देंगी और मेरा पति भी मेरे साथ खुश रहेगा क्योंकि मेरा पति भी सिर्फ अपनी मां के जैसा ही बोलता था कभी उसने मेरा साथ नहीं दिया था मेरे बस में कुछ नहीं था मैं बहुत कम उम्र की थी

 

 लेकिन इंसान के लिए किसी दूसरे इंसान का सहारा और बातें ही काफी होती हैं मुझे सहारा देने वाला इस दुनिया में कोई भी नहीं था मैं अकेली ही इन हादसों से लड़ रही थी मैं बहुत बड़ी तकलीफ से गुजर रही थी मेरी सांस हर गुजरते दिन के साथ मुझे धमकाते रहती थी कि अगर बेटी पैदा हुई तो सोच लेना कि क्या होगा मुझे तो पोते की ही शक्ल देखनी है मैंने अपने पति को बताया कि तुम्हारी मां मुझे धमकी देती रहती है

 

 कहीं वह मुझे मार ही ना दे प्लीज तुम मेरा साथ दिया करो बेटा या बेटी पैदा करना मेरे बस में नहीं है मैं तो सिर्फ प्रार्थना ही कर सकती हूं लेकिन मुझे डर है कि अगर मेरी बेटी पैदा हो गई तो ना जाने तुम्हारी मां मेरे साथ क्या करेगी मेरे पति ने इस बात पर मुझे मारना पीटना शुरू कर दिया और कहा कि अगर मेरी मां के खिलाफ मुझे भड़काने की कोशिश की तो मैं तुझे जान से मार दूंगा मैं अपने पति से भी बहुत डरने लगी थी मेरा इस दुनिया में कोई सहारा नहीं था

 

 इसलिए मुझे इस घर में जैसे-तैसे रहना पड़ता था और इन दोनों के अत्याचार को खामोशी से बर्दाश्त करना पड़ता था यह सदमा तो मेरे लिए किसी जिंदगी मौत के फैसले से कम नहीं था उन लोगों की बात मानने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं था मैं बस खुद को तसल्ली देती रहती थी और समझाती थी खुद को कि मेरे बेटा ही पैदा होगा और फिर मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल कर रह जाएगी 

 

भगवान ने चाहा तो मेरे साथ कुछ गलत नहीं होगा लेकिन अगर बेटी पैदा हो गई तो क्या होगा मैं कहां जाऊंगी मैं तो वैसे भी भागों की जली हुई थी ना जाने मेरे साथ क्या होगा कि जमाना बहुत जालिम है मेरे सास भी तो किसी की बेटी थी तो फिर वह बेटियों के बारे में ऐसा क्यों कह रही थी क्या बेटी और बेटा बरा नहीं हो सकते 

 

और फिर उस औरत की क्या गलती है जिसे खुद पता नहीं होता कि ौ महीने उसने जिस बच्चे को पेट में पाला है वो बेटा है या बेटी व तो सिर्फ मां होती है और अपनी औलाद को अपनी जान से बढ़कर चाहती है क्योंकि वो उसके शरीर का एक हिस्सा होता है मुझे बस दिन और रात यही फिक्र सताती रहती थी कि अगर बेटी पैदा हो गई तो क्या होगा बेटा पैदा नहीं हुआ तो फिर क्या होगा मुझे प्रेगनेंसी में कोई परेशानी होती 

 

तो मेरी सास मुझे डॉक्टर के पास भी नहीं जाने देती थी कहती थी कि बच्चे तो हमने भी पैदा किए हैं अस्पताल जाने की क्या जरूरत है घर में रहो और घर के सारे काम किया करो मेरी सास ने मुझे एक पल के लिए भी सुकून लेने नहीं दिया था जिंदगी इसी तरह से गुजर रही थी मैं हर दिन फूंक-फूंक कर गुजार रही थी फिर आखिरकार मेरी डिलीवरी का समय भी आ गया था 

 

मेरी सास ने अभी भी अस्पताल जाने से मना कर दिया था और साफ-साफ कह दिया था कि बच्चा घर में ही पैदा होगा मेरी सास ने गांव की ही एक दाई का बंदोबस्त कर लिया था कुछ ही देर बाद ही दाई हमारे घर के बाहर मौजूद थी मुझे दर्द होने शुरू हो गए थे उसने जल्दी से जाकर तैयारी करनी शुरू कर दी थी लेकिन मेरा दिल तो जोर-जोर से धड़क रहा था समझ नहीं आ रहा था 

 

कि मेरे साथ क्या होगा मैं अपने दर्द को तो भूल चुकी थी क्योंकि मैं वह दर्द बर्दाश्त कर सकती थी लेकिन यह टेंशन मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी कि बच्चा पैदा होने के बाद क्या होगा इस बात को सोचते-सोचते मुझे पूरे ौ महीने हो गए थे मेरी सास ने हर रोज मुझे धमकी दी थी और एक पल के लिए भी मुझे यह बात भूलने नहीं दी थी कि मुझे बेटा ही पैदा करना है और अब वह घड़ी भी आ गई थी 

 

और मैं यह सोच सोच कर परेशान हो रही थी कि पता नहीं मेरी सास ऐसा क्या करेंगी उनकी धमकी ने मुझे पूरी तरह से डरा धमका कर रख दिया था दाई जब मेरे पास आई तो उसने मुझे खबरदार कर दिया था वह मेरी सास को काफी पहले से जानती थी दाई मुझसे कहने लगी तुम्हारी सास बहुत ज्यादा खतरनाक औरत है तुम्हारी सास को तो पूरा गांव जानता है मैं तुम्हें बता देती हूं कि अगर तुम्हारी बेटी पैदा हुई तो उसे बचाना तुम्हारा काम है 

 

क्योंकि सविता बेटी पैदा होने के बाद जो तमाशा खड़ा करेगी उसके बारे में तो सभी जानते हैं क्योंकि उसने अपने बड़े बेटे की बहू के साथ भी बहुत बुरा किया था तभी तो उसका बड़ा बेटा अपनी पत्नी को लेकर शहर में रहता है जैसे-जैसे मैं अपनी सास के बारे में जानती जा रही थी मेरा दिल और भी ज्यादा डर रहा था मैं बहुत परेशान हो चुकी थी मैंने अपने दिल में फैसला कर लिया था कि अब मुझे डरना नहीं है 

 

अभी तो वैसे भी बच्चा पैदा नहीं हुआ है बच्चा पैदा होने के बाद देखा जाएगा कि क्या करना है दाई ने मेरी डिलीवरी करना शुरू कर दी थी और आधे घंटे की मेहनत के बाद मुझे अपने बच्चे के रोने की आवाज आ गई थी मैंने सबसे पहला सवाल दाई से यही पूछा था कि मैंने बेटी को जन्म दिया है या बेटे को दाई ने मुझे बड़े अफसोस के साथ बताया कि बेटी तुमने एक मासूम सी बच्ची को जन्म दिया है दाई के चेहरे पर जो अफसोस था उसे देखकर तुम मेरे होश छुड़ गए थे 

 

और जब यह बात मेरी सास को पता चली तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया था ऐसा लग रहा था जैसे यही बात सुनने के लिए मेरी सास के कान तरस रहे थे वह तो मेरी बेटी को देखकर पागल ही हो रही थी मैं अपनी बेटी को अपनी गोद में लिए हुए बैठी थी वह बहुत खूबसूरत थी इतनी प्यारी थी कि मन कर रहा था कि उसे देखती रहूं लेकिन मेरी सास का साफ कहना था कि मैं इसे कभी इस घर में नहीं रहने दूंगी

 

 इतनी मनहूसियत पहले मेरे घर में कभी नहीं आई थी जितना इस लड़की के आने ने से आएगी मैं अपनी सास का बिहेवियर देखकर परेशान हो गई थी क्योंकि मुझे इसी बात का डर था मैंने अपने दिल में फैसला कर लिया था कि मैं अपनी सास को अपनी बेटी तक पहुंचने ही नहीं दूंगी मगर उन्होंने गांव की औरतों के सामने ऐसे हालात पैदा कर लिए थे कि मुझे अपनी बेटी को उनकी गोद में देना ही पड़ गया था 

 

मगर मैं यह नहीं जानती थी कि औरत इतनी जालिम भी हो सकती है वह सचमुच मेरी बेटी को उठाकर घर से बाहर ले जाएगी उन्होंने तो बस अपनी पोती का चेहरा देखने के लिए उसे अपनी गोद में लिया था मगर जैसे ही मेरी बेटी उनके पास गई वो उसे लेकर घर से बाहर निकल गई मैंने अपने पति से कहा कि आपकी मां मेरी बेटी को कहां लेकर गई है मगर मेरे पति को भी इस बात से कोई मतलब नहीं था

 

 बेटी पैदा होने से तो उसका भी मूड बहुत खराब था मैं इस काबिल नहीं थी कि अपनी सास का पीछा कर सकती मैं पीछे जाकर देखती कि आखिर वह मेरी बेटी को कहां ले जा रही हैं और मैं उससे अपनी बेटी को छीन लेती भले से ही मुझे अपनी बेटी के लिए इस घर को छोड़ना क्यों ना पड़ जाता लेकिन मैं अपनी बेटी की जान बचा पाती काफी देर हो गई थी मगर मेरी सास अभी तक घर पर नहीं आई थी 

 

मेरा तो रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था मेरी समझ नहीं आ रहा था कि मैं किससे मदद मांगूं कोई भी मेरी मदद करने वाला नहीं था पता नहीं वह मेरी बेटी को कहां ले गई थी उसके साथ क्या करने वाली थी बस यह सोच सोच कर मेरा दिमाग खराब हो रहा था लगभग आधे घंटे के बाद जब मेरी सास घर आई तो उसे देखकर मेरे होश उड़ गए थे क्योंकि मेरी सास के हाथ हाथ तो बिल्कुल खाली थे 

 

वह जिन हाथों में मेरी बेटी को लेकर गई थी वापस उन हाथों को खाली लेकर आई थी मैं अपनी सांस को देखकर पागल हो गई थी और उससे पूछने लगी कि बताओ मेरी बेटी कहां है तुम उसे कहां लेकर गई थी और कहां छोड़कर आई हो मेरी सास ने मेरे मुंह पर थप्पड़ मार दिया और कहने लगी कि बेटी पैदा करने की यही सजा है कि उसे जीने ना दिया जाए मैं तेरी बेटी को नदी में फेंक आई हूं 

 

अब तोत भूल जा अपनी बेटी को और दूसरे बच्चे की तैयारी कर लेकिन अगर दूसरी बार भी तूने बेटी पैदा की तो अगली बार मैं बेटी के साथ-साथ तुझे भी नदी में फेंक कर आऊंगी और अपने बेटे की दूसरी शादी करवा दूंगी मेरे बेटे के लिए लड़कियों की कोई कमी नहीं है अपनी सास के मुंह से यह बात सुनकर मेरे होश उड़ गए थे कि वह मेरी मासूम सी नन्ही सी बच्ची को नदी में फेंक कर आ गई थी 

 

आखिर उसका दिल कितना पत्थर था क्या मेरी मासूम सी बच्ची को देखकर उसका दिल नहीं पिघला था उसके हाथ नहीं कांपे थे मैंने अपनी सांस को झज करना शुरू कर दिया था कि तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया मैं रो-रोकर पागल हो रही थी मेरा मन कर रहा था कि मैं चिल्ला चिल्लाकर सारी दुनिया को बता दूं कि इसने मुझसे मेरी बेटी को छीन लिया मेरी सास ने मुझे घर के कमरे में बंद कर दिया था सारी रात में इसी तरह से तड़पती रही थी 

 

मैं अपनी बेटी के बारे में सोच सोच कर पागल हो रही थी कि उस बेचारी का क्या हाल हो रहा होगा मैं अपनी बेटी के पास जाना चाहती थी लेकिन दरवाजा बंद था मैं कुछ नहीं कर सकती थी पर मैंने फैसला कर लिया था कि मुझे कुछ ना कुछ तो करना ही होगा मैंने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया ताकि इनमें से कोई आए फिर मेरी सास आई थी और उसने दरवाजा खोलकर मुझे डांटना शुरू कर दिया कि चिल्ला क्यों रही है

 

 पागल हो गई है क्या मैं यही चाहती थी कि किसी भी तरह से कोई दरवाजा खोल दे मैंने कहा हां मैं अपनी बेटी की ममता में पागल हो गई हूं मैंने अपनी सास से यह बात कही और अपनी सास को धक्का देकर मैं घर से भाग गई थी इस गांव में एक ही नदी है मैं जानती थी कि मेरी सास मेरी बेटी को वहीं पर ले गई हू 

 

मैं दौड़कर जब इस नदी के किनारे आई तो यह देखकर हैरान रह गई कि मेरी बेटी वहां पर थी ही नहीं मैंने चारों तरफ देखा मुझे अपनी बेटी कहीं नजर नहीं आ रही थी मैं पागलों की तरह चिल्ला चिल्लाकर अपनी बेटी को आवाजें दे रही थी कह रही थी कि कोई पानी के अंदर जाकर मेरी बेटी को निकाल दो मेरी बेटी पानी के अंदर बह गई वह छोटी सी है मर जाएगी

 

 कोई मेरी मदद करो पर कोई भी मेरी मदद के लिए आगे नहीं आया सबको यही लगा कि मैं पागल हूं काफी समय तक मैं वहां पर रही पर मुझे कुछ हासिल नहीं हुआ था मैं रोती बिलखती हुए अपने घर को वापस आ गई थी मेरी सास और मेरे पति ने मुझे बहुत मारा था और कमरे में बंद कर दिया था इस सदमे ने मुझे पूरी तरह से खामोश कर दिया था और मेरी साथ समझती थी कि मैं पागल हो गई हूं

 

 आखिर मैं क्या कर सकती थी मैं पिछले 19 साल से सिर्फ नाम के लिए जिंदा हूं क्योंकि मेरी बेटी के साथ-साथ इन्होंने मुझे भी मार दिया है मेरी सास बहुत बुरी औरत है उसने मेरी खुशियां मुझसे छीन ली मैं आपके सामने हाथ जोड़ती हूं अगर आप पुलिस ऑफिसर हो तो मेरी सास को सजा जरूर देना मैं कमजोर औरत हूं मैं सिर्फ उस औरत को बददुआ दे सकती हूं

 

 मगर आप तो कानून के रखवाले हो मुझे इंसाफ दिला सकते हो वो औरत फूट-फूट कर रो रही थी आंसू तो मेरे पापा की आंखों में भी थे और मेरी आंखों में भी बहुत थे कि ये यही पागल औरत मेरी मां थी हां यह औरत सच में पागल थी क्योंकि इस औरत के लिए हालात ही ऐसे पैदा कर दिए गए थे कि वह पागल होने पर मजबूर हो गई थी मैं तो बस फूट-फूट कर रोए जा रही थी मेरे पापा ने उस औरत से कहा तो फिर तुम्हारा पति कहां है 

 

और तुम्हारी सास कहां है क्या तुम इस घर में अकेली रहती हो मेरे पापा ने उसे भरोसा दिलाया कि मैं तुम्हें इंसाफ जरूर दिलाऊंगा बल्कि तुम्हारी बेटी से भी तुम्हें मिलवाऊकी खुशी की बात यह है कि तुम्हारी बेटी जिंदा है उस औरत के चेहरे पर अचानक से मुस्कुराहट आ गई थी उसने कहा क्या सच में मेरी बेटी जिंदा है और इतने सालों बाद उसे कैसे पता चलेगा कि मैं उसकी मां हूं मैं अपनी बेटी से मिलना चाहती हूं

 

 साहब मुझे मेरी बेटी से मिलवा दो आपका बहुत एहसान होगा कितने सालों से मैं अपनी बेटी की याद में तड़प रही हूं पापा ने कहा लेकिन उससे पहले तुम्हें अपनी सास के बारे में हमें बताना होगा कि वह कहां पर है व औरत कहने लगी सबसे पहले तो आप मेरे पति से मिलो यह आदमी मेरा पति है उसने अपने बराबर में बैठे हुए आदमी की तरफ इशारा करते हुए कहा इस आदमी ने सारी जिंदगी सिर्फ मुझ पर अति विचार किया है

 

 अपनी मां के कहने में आकर मगर अपनी बेटी के जाने के बाद तो इसे भी एहसास हो गया था कि इसकी मां ने सच में हमारी बेटी के साथ बहुत गलत किया था मेरी सास का नाम सविता है और पूरा गांव उसके बारे में जानता है मेरी सास मेरे पति के दूसरी शादी करवाना चाहती थी मगर जब गांव वालों को पता चला कि बेटा-बेटी के नाम पर सविता क्या करती है तब किसी ने भी उसके बेटे को अपनी बेटी का रिश्ता नहीं दिया

 

 क्योंकि ऐसे आदमी को कौन बेटी दे सकता है जो अपनी मां के पल्लू से बंधा हुआ हो और इंसाफ के खिलाफ भी नहीं बोल सकता हो बल्कि जुर्म में उसका बराबर से साथ देने वाला हो इस गांव में सब लोग मेरी सास और मेरे पति की हरकतों को जानते थे पर कोई भी कुछ नहीं कर सकता था मेरी सास इस समय घर पर नहीं है वो मार्केट गई हुई है जब वो आएगी तब आप उसके तेवर देखना वो औरत कभी अपनी गलती नहीं मानती है

 

 बहुत खतरनाक औरत है सारे गांव में उसके घमंडी पन के चर्चे हैं लेकिन साहब आप मुझे यह बताओ कि मेरी बेटी कहां है मैं अपनी बेटी से मिलना चाहती हूं वह आदमी जो कि मेरा पिता था वह शर्मिंदा बैठा हुआ था उसने मेरे पापा के सामने हाथ जोड़ दिया और कहने लगा कि साहब मुझे माफ कर दो मुझे दिल से इस बात का अफसोस है कि मेरे मां ने मेरी पत्नी और मेरी बेटी के साथ बहुत गलत किया

 

 और मैंने भी बराबर से अपनी मां का साथ दिया जिस दिन मेरी बेटी इस दुनिया से गई उस समय तो मुझे अफसोस नहीं हुआ था बल्कि खुशी हुई थी कि मेरी मां ने सही किया वह मेरी बेटी को नदी में फेंक कर आई फिर ना जाने क्यों किसी कि पल भी मुझे सुकून नहीं था और धीरे-धीरे मुझे पता चलने लगा कि मेरी मां एक मतलबी औरत है वह कभी किसी की नहीं हो सकती क्योंकि जब मेरे पिताजी जिंदा थे

 

 वह पिताजी के साथ भी हमेशा बदतमीजी से बात किया करती थी मुझे धीरे-धीरे इस बात का एहसास होने लगा था कि मेरी मां गलत औरत है और उसने गलत किया मगर अब क्या हो सकता था मेरी बेटी तो इस दुनिया से जा चुकी थी मेरी आंखें खुलने में काफी देर हो चुकी थी मगर आज मैं आपके सामने हाथ जोड़ता हूं और अपने जुर्म की मा माफी मांगता हूं आप चाहो तो मुझे अरेस्ट कर सकते हो आप मुझे जो सजा दोगे

 

 मुझे मंजूर है उन दोनों ने मेरे पापा के पैर पकड़ लिए और दोनों ने मिलकर कहा कि हमें हमारी बेटी से मिलवा दो साहब हम अपनी बेटी से मिलना चाहते हैं उसे देखना चाहते हैं मैं इतना रो रही थी कि मुझे बहुत अफसोस हो रहा था आज मेरे सामने मेरे सगे माता-पिता बैठे हुए थे मुझे नहीं पता था कि मेरी जिंदगी में एक ऐसा भी समय आएगा मेरे पापा ने बताया कि यह रही आपकी बेटी आपकी आंखों के सामने मुझे देखकर मेरे माता-पिता की आंखें फटी की फटी रह गई थी 

 

मेरी सगी मां तो मुझे तरसती हुई नजरों से देख रही थी पापा ने मेरे माता-पिता को बताया कि दरअसल इसको मैंने पाल पोस करर बड़ा किया मैं ही आपकी बेटी को नदी के किनारे से शहर अपने घर ले गया था क्योंकि इसकी तबीयत ठीक नहीं थी यहां गांव में तो इसको इलाज नहीं मिल सकता था भगवान ने इसे दोबारा से जीवन दिया वहां जाकर मैंने इसकी परवरिश की यह बात सुनकर तो उन दोनों के चेहरे पर खुशी आ गई थी 

 

मेरी मां ने तो मुझे गले से लगा लिया था और मैं भी उनके गले लगकर फूट-फूट कर रोई थी जबकि मेरे पिता ने शर्मिंदा होकर अपना सर झुका लिया और मेरे सामने अपने दोनों हाथ जोड़ दिए थे उन्होंने कहा था कि मैं तुम्हारा मुजरिम हूं क्योंकि अगर मैं उस दिन आवाज उठा लेता तो शायद आज तुम हमसे दूर ना होती मैं पिता कहलाने के काबिल नहीं हूं 

 

बेटी मेरे पास तो शब्द ही नहीं थे कि मैं उन लोगों से क्या बात करूं क्योंकि वह लोग भले से ही मेरे माता-पिता थे मैं उनका अपना खून थी मगर वह लोग मेरे लिए अनजान थे मेरे सगे माता-पिता की तो बात ही अलग थी उन्होंने मुझे पाल पोस करर पढ़ा लिखाकर इतना बड़ा कर दिया था कभी मुझे किसी चीज की कमी नहीं होने दी थी मेरे लिए यह लोग तो सिर्फ नाम के माता-पिता थे

 

 मैं इन लोगों को शायद कभी एक्सेप्ट नहीं कर सकती थी और उनकी पूरी कहानी सुनकर तो मेरा दिल कांप उठा था सच में मेरी मां के साथ बहुत बुरा हुआ था मेरी दादी ने जो कुछ भी किया था वह बहुत गलत था मेरे पापा ने फैसला कर लिया था कि वह मेरी दादी को को सजा दिलवा कर ही रहेंगे मेरे पापा ने फौरन लेडी पुलिस को फोन किया और मेरी दादी को अरेस्ट करवा लिया था 

 

जब उनके सामने सारी हकीकत आ गई तो उनकी भी आंखें फटी की फटी रह गई थी उन्हें ऐसा लगता था कि उन्होंने जिस बच्ची को सालों पहले नदी में फेंक दिया था वह कभी वापस लौटकर नहीं आ सकती लेकिन भगवान जैसा चाहता है वैसा करके ही रहता है भगवान ने मुझे जिंदगी दे दी थी और मेरी जिंदगी में इतने प्यार करने वाले मेरे पेरेंट्स दिए थे मेरी दादी ने मेरे पापा से कहा था कि कि यह वो लड़की नहीं है

 

 तुम झूठ बोल रहे हो पर जब पुलिस आई और उनको अरेस्ट किया गया तो वह थोड़ी नरम पड़ गई थी उन्होंने अपनी गलती को एक्सेप्ट कर लिया था क्योंकि वह समझ गई थी कि अब सालों बाद उनको उनके किए की सजा मिलने जा रही थी उन्हें ऐसा लगता था कि वह कुछ भी कर सकती हैं मगर उन्हें कोई सजा नहीं दे सकता ऐसा कभी नहीं हो सकता जो इंसान दूसरों के साथ गलत करता है

 

 एक दिन उसे भी उसकी सजा मिलनी ही होती है और उसे उसकी सजा दुनिया में ही मिलनी होती है मेरी दादी ने इस बात को एक्सेप्ट कर लिया था कि उन्हें उनके किए की सजा मिल गई व शर्मिंदा थी उन्होंने मेरी मां से भी माफी मांगी थी मगर अब उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था उनकी तरफ से बोलने वाला भी कोई नहीं था तो उनका सारा घमंड चूर-चूर हो गया था मुझे खुशी हुई थी कि मेरी और मेरी मां की मुजरिम को सजा मिल गई थी 

 

मैं अपनी मां का दिल नहीं दुखाना चाहती थी मैंने अपने पिता को भी माफ कर दिया था मैं उन लोगों से मिलने के लिए भी जाया करती थी क्योंकि उस घर में मेरी एक ऐसी मां भी थी जो मेरे लिए सालों से तड़प रही थी मैं पापा के साथ वापस शहर आ गई थी कभी-कभी मैं गांव अपने सगे माता-पिता से मिलने के लिए चली तो जाती हूं लेकिन मेरे लिए हमेशा मेरे मां-बाप यही लोग रहेंगे जिन्होंने मेरी सारी जिंदगी परवरिश की 

 

क्योंकि मैं इन लोगों की परवरिश को कभी नहीं भूल सकती मैं आप लोगों से रिक्वेस्ट करती हूं कि प्लीज बेटे और बेटियों में फर्क करना छोड़ दें यह बेटियां ही होती हैं जो आपके घर में रौनक लाती हैं और आपके घर को रोशन कर देती हैं दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी

 

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