बुरा वक़्त गुज़र जायेगा | Hindi BF Kahani | Manohar Hindi Story | Best Hindi Story

Hindi BF Kahani : 

मेरा नाम प्रकाश है मैं गांव में रहता था भगवान ने मुझे सब कुछ दिया था लेकिन शायद इतना बड़ा दिल नहीं दिया था जिससे मैं अपने गांव वालों की मदद कर सकता मैं सोनपुर जैसे एक छोटे गांव में वहां का सरपंच था मैं आज जो कहानी आप लोगों को सुनाने जा रहा हूं यह बिल्कुल हकीकत पर बनी हुई है और मेरी यह कहानी लगभग 20 साल पुरानी कहानी है आज तो मैं बूढा हो चुका हूं और अपने किए पर बहुत पछताता हूं

 शायद इंसान जो इस दुनिया में बोता है वही काटता भी है मेरी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही थी मैंने भी कुछ ऐसा ही किया था गांव के सरपंच के पास लोग अपने ऐसे मामलात हल करवाने के लिए आते हैं जिनको सिर्फ उनका गांव का सरपंच अपने फैसले से सुधार सकता है मगर मैं तो अपने गांव के लोगों को अपना दुश्मन समझता था उन लोगों के साथ इतना बुरा व्यवहार करता था कि मैंने कभी उन गरीब लोगों की तकलीफ को नहीं समझा 

उन गरीबों को बस अपने पैरों तले रोता चला गया कुछ सालों पहले की बात है जब एक मेरे ही गांव का एक बूढ़ा आदमी हाथ जोड़कर मेरे सामने खड़ा हुआ था वह कह रहा था सरपंच जी आप हमारे सब कुछ हो हम इस गांव के गरीब और सीधे-साधे लोग आपके अलावा कहां जाएंगे हमें तो आपसे ही उम्मीदें हैं भगवान के लिए मेरी बेटी की जान बचा लो मेरी बेटी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है

 प्लीज मेरी मदद करो मैं आपसे कुछ उधार तो नहीं मांग रहा मैं आपसे अपनी ही मेहनत की कमाई मांग रहा हूं जो आपने ना जाने कब से मुझे नहीं दी है अगर मैंने अपनी बेटी की दवाई ना लाकर दी तो वह जान से हाथ धो बैठेगी वो मेरी इकलौती बेटी है और मैं अपनी बेटी को इस तरह से मरते हुए नहीं देख सकता अगर वह भी इस दुनिया से चली गई तो हम दोनों पति-पत्नी बे औलाद हो जाएंगे मुझ पर तो जैसे उस बूढ़े किसान की किसी भी बात का असर नहीं हो रहा था

 मैं उसकी बात को सुनकर एक कान से दूसरे कान को निकाल रहा था हालांकि मेरे हाथ में अखबार था मैं पढ़ नहीं रहा था लेकिन उस समय घमंड से चूर था जब मैंने उस बूढ़े की बात नहीं सुनी तो उसने झट से मेरे पैर पकड़ लिए और जमीन में बैठकर मेरे पैर पकड़कर रो-रोकर मुझसे कहने लगा सरपंच जी मुझे मेरे पैसे दे दो मेरी बेटी इस दुनिया से चली जाएगी मैं अपनी बेटी को जाते हुए नहीं देख सकता बस सब तो मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गई थी

 मैंने अपने नौकरों से कहा कि जाओ जाकर इसे दरवाजे से बाहर फेंक कर आओ और इसकी अच्छी तरह से खातिर भी करना ताकि इसे आइंदा से पता चल जाए कि सरपंच के सामने बोलने की सजा क्या होती है तो मेरे ही दो नौकरों ने उस बूढ़े आदमी को दोनों तरफ से पकड़ लिया और उसको मेरी हवेली के बनाए गए एक छोटे से कमरे में ले जाकर उसको इतना मारा था कि उसके शरीर का कोई हिस्सा ऐसा नहीं था जो जख्मी ना हुआ हो वो बूढ़ा किसान चीख रहा था चिल्ला रहा था

 पर ना मुझ पर और ना ही मेरे नौकरों पर कोई असर हो रहा था उसके बाद मेरे नौकरों ने उसे गेट से उठाकर बाहर फेंक दिया था बूढ़ा आदमी मुझे बददुआ देता रहा मगर किसी ने उसकी एक ना सुनी मैंने अपने ड्राइवर से कहा कि जल्दी से गाड़ी निकालो मेरे बरखुरदार बेटे के आने का समय हो गया है मेरा लाडला बेटा मेरे आने का इंतजार कर रहा होगा ड्राइवर कहने लगा सरपंच जी मगर गाड़ी का टायर तो पंक्चर है 

मुझे ड्राइवर की इस बात पर गुस्सा आया मैंने एक जोरदार तमाचा घुमाकर ड्राइवर के मुंह पर मार दिया वो झड़ से जमीन पर गिर गया था मैंने कहा कि काम चोर तुम लोगों से कोई काम ठीक से भी नहीं होता या तुम लोग मुफ्त के टुकड़ों पर पल रहे हो काम के ना कांच के जाओ जाकर जल्दी से दूसरी गाड़ी का बंदोबस्त करो मुझे टाइम पर एयरपोर्ट पहुंचना है अगर मैं टाइम पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच पाया तो मैं तुम सबके खाल उधेड़ दूंगा

 और फिर तुम लोगों का इतना बुरा हाल करूंगा कि तुम लोग सोच भी नहीं पाओगे नमक हराम कहीं के ड्राइवर ने जल्दी से दूसरी गाड़ी साफ की और गाड़ी के फ्रंट का दरवाजा मेरे लिए खोल दिया मैंने ड्राइवर से कहा कि जाते समय गाड़ी खेतों के पास से लेकर गुजरना ताकि मैं देखूं कि खेतों में कामकाज कैसा हो रहा है यह किसान कामकाज कर भी रहे हैं या नहीं मेरे ड्राइवर ने थोड़ी देर के बाद गाड़ी खेतों के पास रोक दी 

मैंने खेतों में चारों तरफ देखा तो गांव के सारे किसान मजदूर खेती करने में बिजी थे जिन्हें देखकर मेरे चेहरे पर एक शैतानी मुस्कुराहट आ गई थी क्योंकि गांव के सारे ही किसान अपनी पर्सनल जमीन होने के बावजूद भी मेरे काम के मोहताज थे क्योंकि पूरे गांव में मेरा राज चलता था और कोई ऐसा नहीं था जो मुझसे ना डरता हो इस गांव में जिन लोगों के पास जमीन थी भी मैं मैंने उनसे उनकी जमीनें छीन ली थी 

और उन्हें सड़क पर ले आया था अब गांव के सारे लोग मेरी गुलामी करने पर मजबूर थे क्योंकि अगर वह ऐसा ना करते तो शायद मैं उन्हें जिंदा ही नहीं छोड़ता मैं गांव के लोगों के साथ बहुत अच्छा था लेकिन जब से मैं गांव का सरपंच बना था तब से ही मैंने अपने आप को पूरी तरह से बदल लिया था और एक ऐसा सरपंच बन गया था जिसने इस पूरे गांव पर अपनी हुकूमत कर ली थी 

मैं अपनी गाड़ी में बैठ गया ड्राइवर ने गाड़ी शहर की तरफ ले ली थी जहां मेरा इकलौता बेटा सनी विदेश से अपनी स्टडी कंप्लीट ट करके आज गांव लौट रहा था मेरा सिर्फ एक ही बेटा था जिसको हम दोनों पति-पत्नी बहुत प्यार करते थे मैंने अपने बेटे को बहुत लाट प्यार से पाला था मेरे बेटे ने हमेशा मुझसे जो कहा था मैंने वही किया था मैं अपने बेटे को कभी खुद से दूर नहीं करना चाहता था लेकिन सनी की जिद की वजह से मुझे अपने बेटे को विदेश में लंदन पढ़ने के लिए भेजना ही पड़ गया था 

क्योंकि मेरे बेटे का सपना था कि वह विदेश जाकर पढ़ना लिखना चाहता था और किसी काबिल बनने के बाद गांव में आकर अपने गरीब गांव वालों की मदद कर सके वो इस बत से बेखबर था कि मैं गांव के लोगों पर कितना जुल्म करता था यही वजह थी कि मेरा बेटा विदेश से पढ़ाई पूरी करने के बावजूद भी बहुत नरम बिहेवियर का था और उसके दिल में गरीबों के लिए बहुत जगह थी वही लोगों की परेशानी नहीं देख सकता था अपनी कंट्री से अलग रहने के बावजूद भी वह अपने देश की मिट्टी को नहीं भूला था 

वह बिल्कुल अपनी सगी मां की तरह था वह अपने से ज्यादा गांव वालों के बारे में सोचता था मेरी पहली पत्नी मर चुकी थी इसीलिए मैंने दूसरी शादी कर ली थी मेरी दूसरी पत्नी ने मेरे बेटे को बिल्कुल अपनी सगी औलाद की तरह चाहा था वो गांव वालों को बहुत इज्जत देता था और उनकी हर ख्वाहिश को पूरी करना चाहता था मुझे बस अपने बेटे की यही बात अच्छी नहीं लगती थी मैं जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचा 

तो मैंने सामने से अपने बेटे को आता हुआ देखा मेरा हाल ऐसा था कि मैं जब भी अपने बेटे को देखता तो दुनिया का हर काम और टेंशन को भूल जाता था मेरा बेटा मुझसे बहुत प्यार करता था मैं अपने बेटे के लिए इस पूरी दुनिया से लड़ सकता था और अपने बेटे के मिलने के बाद में बहुत खुश हुआ था मेरे बेटे ने मुझे आते ही गले से लगा लिया था और मेरे पैर छुए थे मैंने उसको आशीर्वाद भी दिया था कि व हमेशा मुस्कुराता रहे

 मैं अपने बेटे को एयरपोर्ट से लेने के बाद गांव में आ गया था सनी के गांव वापस आने के बाद हवेली में बहुत रोनक लगी हुई थी मैंने अपने बेटे के आने की खुशी में पूरी हवेली को सजाया था ताकि मेरा बेटा ये सब देखकर बहुत खुश हो और उसके स्वागत में अच्छे से अच्छी तैयारी की थी लेकिन मेरे बेटे ने घर आते ही सबसे पहले गरीबों को खाना बांटना शुरू कर दिया था और कुछ गरीबों को तो पैसे भी बांट रहा था 

यह देखकर कि मेरा बेटा खान और पैसे गरीबों में बांट रहा है मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था बल्कि अपने बेटे पर गुस्सा आ रहा था कि वह यह सब कुछ क्यों कर रहा है मैंने अपने गुस्से पर कंट्रोल किया क्योंकि कभी मैंने ना तो अपने बेटे पर हाथ उठाया था और ना ही उससे ऊंची आवाज में बात की थी मैं अपने बेटे के पास गया और उससे कहने लगा बेटे तुम क्यों इन गरीब लोगों के मुंह लग रहे हो ये लोग तो वैसे भी बहुत लालची हैं 

जहां अमीर इंसान देखा नहीं भीड़ लगाकर उससे मांगने खड़े हो गए मेरा बेटा कहने लगा पापा जी मैं इन सबको यह देकर इन पर कोई एहसान नहीं करना चाह रहा यह इनका हक है जो मैं इनको दे रहा हूं मेरे बेटे को यह नहीं पता था कि उसका पिता गांव वालों के ऊपर कितना अत्याचार करता है उन्हें उनकी मेहनत की कमाई तक नहीं देता गरीब किसानों को मुआवजा नहीं देता और इनसे मेहनत भी खूब करवाता है

 वो करता भी तो क्या करता आखिर वह अपने पिता के खिलाफ तो नहीं जा सकता था अपने घर के सब लोगों से मिलने के बाद सनी अपने गांव के दोस्तों से मिलने के लिए घर से निकल गया था और खेतों की तरफ जाने लगा उसे यह देखकर बहुत दुख हुआ था कि उसके बचपन के दोस्त अपने माता-पिता के साथ खेतों में काम कर रहे थे सनी के दोस्त सनी से मिलकर बहुत खुश हुए थे

 गांव के सारे ही लोग उससे बहुत प्यार करते थे क्योंकि वह गांव के हर इंसान को बहुत इज्जत दिया करता था गांव में लोग कहते थे कि उनको लगता ही नहीं है कि सनी मेरा बेटा है मैं उन लोगों पर अत्याचार करता था जबकि मेरा बेटा उन लोगों के साथ हमेशा भलाई करता था मेरे बेटे ने कभी यह घमंडी नहीं किया कि वह गांव के सरपंच का बेटा है सनी को घर से गए हुए काफी देर हो गई थी 

और मुझसे यह बात बर्दाश्त नहीं हो रही थी कि वह गांव के लोगों के साथ अपना मेलजोल रखें क्योंकि मैं खुद गांव के लोगों को अपने आगे कुछ नहीं समझता था मैं चाहता था कि मेरा बेटा भी मेरी तरह ही बने मेरी पत्नी मुझे बहुत समझाती थी कि गांव वालों पर इतना अत्याचार मत किया करो लेकिन मैं ऐसा आदमी था जो किसी के भी सुनने वालों में से नहीं था उल्टा मैं अपनी पत्नी को डांट दिया करता था 

वो मेरी डांट से डट जाती थी मैं उससे कहता था कि तुम अपनी एडवाइस अपने पास रखो घर की औरतें सिर्फ रसोई घर में ही अच्छी लगती है उन्हें यह हक नहीं कि वह मर्दों को एडवाइस दें इसलिए बेहतर यही होगा कि तुम खामोश रहा करो तुमसे ज्यादा बेहतर मैं जानता हूं कि मुझे क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए काफी देर के बाद जब सनी हवेली में लौटकर वापस आया तो उसे बहुत गुस्सा आ रहा था 

उसे इस तरह से गुस्से में देखकर मेरा गुस्सा गायब हो गया था मैंने सनी से पूछा क्या हुआ बेटा तुम्हें क्या हो गया है और मैंने तुम्हें कितनी बार समझाया है कि गांव वालों के मुंह मत लगा करो तुम थके हुए आए हो अपने कमरे में जाकर आराम कर लो तुम तो आराम करने के बजाय गांव वालों से मिलने के लिए चले गए हो तुम तो मेरी बात सुनते ही नहीं हो और ना ही समझते हो मेरा बेटा कहने लगा पापा मैं अपने दोस्तों से मिलने के लिए गया था

 और फिर गांव के सभी लोग बहुत अच्छे हैं वो मुझे अपने बेटों की तरह ही प्यार करते हैं मैंने अपने बेटे की इस बात को इग्नोर करना चाहा और उससे कहा अच्छा चलो ठीक है जाओ जल्दी से जाकर हाथ मुंह धो लो आज घर में तुम्हारी पसंद का ही खाना बना है सब लोग मिलकर खाना खाते हैं काफी टाइम बाद मैं आज अपने बेटे के साथ खाना खाऊंगा मेरा बेटा हमें सिर हिलाता हुआ अपने कमरे में चला गया था 

और उसके बाद हम लोगों ने एक साथ बैठ कर खाना खाया था आज मेरी खुशी के ठिकाने नहीं थे मेरे घर का चिराग मेरे घर में आ गया था एक दिन सुबह सवेरे हवेली में एक औरत आई और मुझसे कहने लगी माफ करना सरपंच जी मैं सुबह सवेरे आपके घर पर आ गई हूं लेकिन मैं क्या करूं मैं अपने हालात के हाथों मजबूर हूं आपको तो पता ही है ना कि पिछले दिनों मैंने अपनी बेटी का रिश्ता फिक्स कर दिया था 

मेरी बेटी की शादी का समय करीब आ गया है लड़के वालों को भी शादी की बहुत जल्दी है मगर मेरे पास तो कुछ भी नहीं है मैं अपनी बेटी की शादी करना चाहती हूं लेकिन कै कसे करूं मेरे हाथ बिल्कुल खाली हैं मेरा पति भी इन छह महीनों में बेटी की शादी के लिए पैसे नहीं जोड़ सका हमारे घर के हालात इतने खराब हैं कि अभी हम शादी नहीं कर सकते मेहरबानी करके हमारी मदद करो और जो मेहनत हमने खेतों में की है उसकी मजदूरी हमें दे दो उस औरत की ये बात सुनते ही मैं तो आग बबूला हो गया था

 और कहने लगा क्या यह काफी नहीं है कि तुम लोगों को दो वक्त की रोटी मिल जाती है और तुम लोग इस गांव में खुलकर रह रहे हो मैंने क्या तुम लोगों की बेटियों की शादी का ठेका लिया हुआ है और जो मैं मेहनत तुम मेरे खेतों में करते हो उसे मेहनत के बदले में तुम लोगों को अनाज दे देता हूं जाओ दफा हो जाओ यहां से और आज के बाद मेरी हवेली में कदम रखने की कोशिश भी मत करना 

वरना मुझसे बुरा कोई भी नहीं होगा जिसे देखो मुंह उठाकर इधर चला आता है सबने सरकारी माल समझा हुआ है जिसको चाहे उसको उठाकर पैसे दे दूं मैंने जैसे ही पीछे पलट कर देखा तो मेरा बेटा यह सब कुछ खड़ा हुआ सुन रहा था वह अपने पिता के हाथों मजबूर था क्योंकि मैंने उसे सख्ती से मना कर दिया था कि वह गांव वालों के साथ कोई मेलजोल ना रखे मेरा बेटा परेशान था कि वह किस तरह से गांव वालों की मदद करें

 वह चाहकर भी गांव वालों के लिए कुछ नहीं कर पा रहा था गांव में कुछ दिनों से अजीब सी अफरा-तफरी मची हुई थी गांव का हर आदमी परेशान था किसी की भी बहन बेटी की इज्जत सेफ नहीं थी हर किसान दूसरे को ये बात बताने से कतरा रहा था कि उसके घर में कितनी परेशानी भरे दिन गुजर रहे हैं हर किसी को लग रहा था कि उसके बेटी की इज्जत नीलाम हो चुकी है क्योंकि ऐसे ही तो नहीं कोई किसी को भारी रकम देकर जाता

 यह खबर उड़ते उड़ते मुझ तक पहुंच गई थी कि पिछले दो दिनों से गांव में एक नकाब पोश आदमी आ रहा है जो लोगों के घरों में घुस जाता है वह सिर्फ कुंवारी लड़कियों की इज्जत खराब करता है और जाते हुए नोटों की गड्डियां रखकर चला जाता है गांव के हर आदमी ने उस इंसान को पकड़ने की बहुत कोशिश की पर कोई भी उस इंसान को पकड़ नहीं ही सका अब ऐसा हर दिन ही होने लगा था

 गांव में एक डर का माहौल बना हुआ था गांव के सारे किसान इकट्ठा होकर मेरी हवेली पर पहुंच गए थे कि किस तरह से उस इंसान को पकड़ सके ताकि उनकी इज्जत महफूज रह सके मैं तो खुद इस मामले से बहुत परेशान था मैं इसलिए परेशान नहीं था कि लोगों की इज्जत खराब हो रही थी बल्कि मैं इसीलिए परेशान था कि अगर गांव के लोगों को ऐसे ही पैसे मिलते रहे तो कोई भी मेरी गुलामी नहीं करेगा

 और इस गांव में ऐसा था कौन जो मुझसे ज्यादा अमीर था इस तरह से तो गांव में रहने वाला हर इंसान मालामाल हो जाएगा और गांव में ज्यादातर लोग किसान ही थे किसान भी अमीर हो जाएंगे और फिर वह मेरे खेतों में काम भी नहीं करेंगे इस बात को तो मैं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकता था मेरा बेटा सनी भी इस बात से बहुत परेशान था क्योंकि यह हादसा उसके कई दोस्तों के घरों में हो चुका था

 एक तरह से तो वह बहुत खुश था कि जहां उसका पिता गांव के लोगों को ₹1 भी नहीं देता उधर वह इंसान लोगों के लिए नोटों की गड्डियां रखकर जा रहा था लेकिन दूसरी तरफ वह इस वजह से परेशान था कि वह इसके बदले लड़कियों की इज्जत ले जाता है और फिर वो लड़कियां किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहती मैंने अपने बहुत सारे आदमी पहरे पर लगा दिए ताकि व इंसान पकड़ा जाए

 और फिर मैं उसे कड़ी से कड़ी सजा दे सकूं इसी तरह से मुझे पहरा लगाते हुए एक हफ्ता गुजर गया था मगर उसका कोई फायदा नहीं हुआ था पता नहीं कैसे वह इंसान रात के अंधेरे में सबकी नजरों से बचकर निकल जाता था उसने पहले से ही घर चुने हुए होते थे वह हर रात दो से तीन घरों में जाता था और अपना काम करने के बाद फौरन वहां से गायब हो जाता था मेरे आदमियों में से कोई भी उसे पकड़ नहीं पा रहा था 

और मैं इस बात से बहुत परेशान था कि क्या वह इतना ताकतवर इंसान है कि किसी से भी पकड़ा नहीं जा रहा एक दिन रात के पहरे के बाद मेरे आदमी सुबह सवेरे जब हवेली में आए और उन्होंने मुझे बताया कि वो आदमी अभी तक पकड़ा नहीं गया है तो मैंने अपने आदमियों की खूब धुलाई की मैंने उनसे कहा कि तुम सब मिलकर एक आदमी को नहीं पकड़ सकते क्या वह तुम लोगों से ज्यादा ताकतवर हो गया है 

तुम लोगों से कुछ नहीं होगा लगता है अब मुझे खुद ही कुछ सोचना पड़ेगा मैं भी देखता हूं कि अब वो मुझसे कैसे बचेगा आज तक प्रकाश के हाथ से कोई भी नहीं बच पाया तो तुम लोग जाओ और जाकर अपना काम करो यह सब मैं खुद देख लूंगा उस इंसान ने तो मेरी रातों की नींदें दुश्वार कर दी थी मेरा तो हर पल बेचैनी में गुजर रहा था मैं दिन रात यही सोचता रहता था कि मैं इस आदमी को कैसे पकड़ूं

 जिसने मेरे गांव में मेरी हुकूमत में आकर यह सब कुछ बर्बाद करके रख दिया गांव के लोगों ने एक बार इस इंसान को देखा था और पकड़ने की बहुत कोशिश भी की थी मगर व इंसान पकड़ा नहीं गया गांव वालों के बताए हुए होलिए के मुताबिक उस इंसान ने काले रंग के कपड़े पहने हुए होते थे और अपने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ होता था जब लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने उसका मास्क खींच लिया था

 मगर वह मौके पर फरार हो गया लोगों ने उसका साफ तरीके से चेहरा तो नहीं देखा था बस हल्की सी एक झलक देखी थी और उसकी गर्दन पर एक काले रंग का मस्सा था लेकिन व उसका चेहरा पहचान नहीं पाए थे वो ना ही समझे थे कि वो इंसान कौन है मैंने अपने नौकरों को हुकुम दिया कि गांव के सारे लोगों को जिनकी गर्दन पर मस्सा है उन सब को यहां पर जमा किया जाए कुछ ही देर के बाद गांव के कुछ आदमी जिनकी गर्दन पर मस्सा था 

वो मेरे सामने आकर मौजूद हो गए थे मैंने एक-एक करके सारे लोगों से पूछा था कि सच-सच बताओ तुम में से कौन है जो रात को लोगों के घरों में घुसता है और लोगों की बेटियों की इज्जत खराब कर देता है और इसके बदले में नोटों की गड्डियां रखकर चला जाता है तुम्हारे लिए यही बेहतर होगा कि तुम लोग खुद सच बता दो वरना मेरे पास पता लगाने का बहुत अच्छा तरीका है तुम्हारे लिए यही बेहतर होगा कि तुम अपना जुर्म खुद ही कबूल कर लो

 जल्दी से बताओ तुम सब में से वह कौन सा इंसान है वह सारे ही आदमी खामोश रहे थे क्योंकि वह जानते थे कि अगर उन्होंने अपनी सफाई में कुछ भी कहा तो भी मैं कभी भी नहीं मानूंगा उल्टा उन्हें जबान चलाने की सजा दे दूंगा क्योंकि इससे पहले भी कई बार इस हवेली में ऐसा हो चुका था जो भी अपनी सफाई देने के लिए हक के लिए आवाज उठाता था तो मैं बदले में अपने आदमियों से उसके खूब पिटाई करवाता था 

मैंने उन सब से कहा कि मुझे लगता है तुम लोग ऐसे नहीं मानोगे तुम लोगों को समझाने के लिए मुझे दूसरा तरीका इस्तेमाल करना पड़ेगा वो सारे ही लोग डर के मारे थरथर कांपने लगे थे क्योंकि वो लोग मेरे किए गए अत्याचार से अच्छी तरह से वाकिफ थे वो लोग हाथ जोड़कर मुझसे कहने लगे सरपंच जी हमने कुछ नहीं किया हमारे पास इतने पैसे कहां से आएंगे हमारे घरों में तो खुद खाने के लाले पड़े हुए हैं 

हम किसी को नोटों की गड्डियां क्या दे सकते हैं मुझे उन लोगों की बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ था मैंने अपनी एक नौकर से डंडा मंगवाया और बारी-बारी से उन लोगों को मारने लगा वो लोग चीखते रहे चिल्लाते रहे हाथ जोड़कर मुझसे रिक्वेस्ट करते रहे लेकिन मेरे ऊपर उन लोगों की रिक्वेस्ट का कोई भी असर नहीं हो रहा था सनी जो अपने कमरे में बैठा हुआ अपने लैपटॉप पर कुछ काम कर रहा था 

अचानक से लोगों की आवाज सुनकर बाहर आ गया था उसने आते ही मेरे हाथ से वो डंडा पकड़ लिया और कहने लगा पापा यह आप क्या कर रहे हो आप क्यों इन विचारों पर इतने अत्याचार कर रहे हो आखिर क्या किया है इन लोगों ने मैंने अपने बेटे से कहा सनी तुम मेरे मामले से दूर रहो इस मामले में पढ़ने की तुम्हें कोई जरूरत नहीं है जाओ तुम अपने कमरे में जाओ तुम नहीं जानते कि इस गांव में जो कुछ हो रहा है 

इन्हीं में से कोई एक है जो ये सब कुछ कर रहा है सनी कहने लगा पापा आपको कैसे यकीन है कि इनमें से ही कोई है जो यह सब कुछ कर रहा है कोई बाहर का आदमी भी तो हो सकता है ना जो हमारे गांव में आकर यह सब कुछ कर रहा हो इन्हें मारने के बजाय आपको चाहिए कि आप उस आदमी को पकड़ो जो इस सब का कसूरवार है यह बेचारे तो बेकसूर हैं इन्हें ऐसे मारने का कोई फायदा नहीं है

 मेरे बेटे ने उन सबसे कहा कि प्लीज आप सब लोग अपने-अपने घर जाओ मेरे पापा की तरफ से मैं आप सब लोगों से माफी मांगता हूं उन लोगों के चले जाने के बाद मैंने अपने बेटे से कहा क्या जरूरत थी तुम्हें उन लोगों से माफी मांगने की मैंने आज तक कभी किसी से माफी नहीं मांगी है तुमने आज मुझे इन सब के सामने बेइज्जत कर दिया मैं गुस्से से सनी से ये कहते हुए अपने कमरे में आ गया था

 सनी अपने जाते हुए पिता को देखकर सोच रहा था कि क्या कभी भगवान मेरे पिता को भलाई के रास्ते पर चलाएगा या फिर वह ऐसे ही लोगों पर जुल्म करते रहेंगे मैं उस इंसान को पकड़ने के लिए ना जाने क्या-क्या सोचता रहता था मैं जानना चाहता था कि आखिर इस गांव में वह कौन है जो इतना अमीर है कि अपना पैसा इन लोगों में बांट रहा है गांव के सारे ही लोग किसान थे कुछ ही ऐसे थे

 जिन्होंने छोटी-मोटी दुकानें खोली हुई थी वो लोग भी कोई अमीर नहीं थे बल्कि गरीब ही थे गांव के सारे ही लोग मेरे टुकड़ों पर पलने वाले लोग थे इनमें से कि किसी की भी इतनी औकात नहीं थी कि वो इतने पैसे लोगों में बांट सके मैंने सोचा क्या सच में सनी ठीक कह रहा था कोई बाहर का आदमी भी तो हो सकता है लेकिन बाहर के आदमी को कैसे पकड़ा जाए मैं सोचने लगा कि मुझे लगता है

 बाहर के आदमी को पकड़ने के लिए मुझे गांव से बाहर पहरा लगाना पड़ेगा ताकि कोई भी बाहर का आदमी गांव में दाखिल हुआ तो उसे फौरन पकड़ लिया जाए मेरा यह आईडिया जरूर काम करेगा मैंने अपने सारे नौकरों को बुलाया और उनसे कहा कि तुम सबको गांव से बाहर पहरा लगाना है ताकि कोई भी अनजान आदमी गांव के अंदर दाखिल ना हो सके और अगर तुम लोगों को लगे कि कोई आदमी बाहर का हमारे गांव में आ रहा है

 तो उसे फौरन पकड़कर मेरे पास ले आना और याद रखना इस काम में जरा भी ध्यान इधर से उधर नहीं होना चाहिए वरना तुम लोगों की खैर नहीं होगी मेरे सारे आदमी गर्दन झुकाकर मेरी आंखों के सामने खड़े हुए थे वो जी सरपंच जी कहकर वहां से जाने लगे मैंने उन लोगों से कहा रुको तुम लोगों को पहरा रात के अंधेरे में देना है

 और इस बारे में गांव के किसी भी आदमी को पता ना चले कि तुम लोग पहरा दे रहे हो अब जाओ और अपने-अपने काम पर लग जाओ आधी रात को मेरे आदमी पहरा देने के लिए गांव से बाहर गए और सूरज निकलने से पहले ही वापस आ गए थे मुझे लगता था कि आज मेरे आदमी अपने साथ उस इंसान को लेकर लौटेंगे जिसकी मुझे तलाश है लेकिन वो तो खाली हाथ लौटे थे

 मेरे आदमियों ने कहा सरपंच जी हमने किसी भी ऐसे आदमी को गांव में आते हुए नहीं देखा सारी रात हमने अच्छे से पहरा दिया है मैं गहरी सोच में डूब गया मैंने अपने आदमियों से कहा तुम लोग जा सकते हो अब मैं उस इंसान को अपने तरीके से ढूंढूं इस काम के लिए मैंने एक बहुत बड़ी चाल चली मुझे पूरा यकीन था कि मैं इस तरह से उस इंसान को जरूर पकड़ लूंगा 

एक दिन मैं अपने बेटे सनी से कहने लगा सनी बेटा आज मुझे एक बहुत जरूरी काम से शहर जाना पड़ेगा हो सकता है कि मुझे वहां पर दो-तीन दिन लग जाएं इसीलिए मैं चाहता हूं कि तुम आज रात मेरे कमरे में मेरे बिस्तर पर सो जाना ताकि गांव के लोगों को पता ना चल सके कि मैं गांव से बाहर गया हुआ हूं इधर उधर मेरे बहुत सारे दुश्मन हैं जो हर समय मौके की तलाश में लगे रहते हैं इसीलिए मैं चाहता हूं कि किसी को खबर ना हो 

और तुम मेरे बिस्तर पर सो जाओ सनी कहने लगा पापा आप फिक्र मत करो मैं आपके बिस्तर पर आपकी जगह सो जाऊंगा और मम्मी का भी अच्छे से ख्याल रखूंगा तो मैंने अपने बेटे से कहा नहीं नहीं बेटा तुम्हारी मम्मी को भी मैं अपने साथ लेकर जा रहा हूं घर में दूसरे नौकर और पहरेदार मौजूद हैं तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है सनी कहने लगा पापा फिक्र मत करो मैं अच्छे से अपना ख्याल रख सकता हूं 

और इस काम के लिए मुझे किसी की जरूरत नहीं है आप मेरी तरफ से बेफिक्र होकर जाओ और अपना काम नि टा कर आओ यहां मैं सब कुछ देख लूंगा बस आप अपना और मम्मी का ख्याल रखना मैंने अपने बेटे से यह बात छुपाई कि मैं उस इंसान को पकड़ने के लिए चाल चल रहा हूं और इसके लिए मैं अपने ही बेटे का इस्तेमाल कर रहा था इसमें कोई शक नहीं था कि मैं अपने बेटे से बहुत प्यार करता था 

मैं अपने बेटे को कभी भी कोई भी दुख नहीं दे सकता था लेकिन इस सब के बावजूद यह सब कुछ करना मेरी बहुत बड़ी मजबूरी थी क्योंकि अगर मैं ऐसा नहीं करता तो वो इंसान कभी भी मेरी पकड़ में नहीं आता जो लोगों की बेटियों की इज्जत को खराब कर रहा था और उनको भारी रकम देकर जाता था मुझे मेरी पत्नी और एक नौकर के अलावा किसी को पता नहीं था कि मैं कहीं नहीं जा रहा बल्कि हवेली में ही मौजूद हूं

 सबको यही पता था कि मैं जरूरी काम से दो-तीन दिन के लिए शहर जा चुका हूं मैंने खुद को और अपनी पत्नी को हवेली के ही एक स्टोर रूम में छुपा लिया था ताकि कोई हमें देख ना सके नौकर ने मेरी और मेरी पत्नी के खाने पीने की और जरूरत की हर चीज को स्टोर रूम में ही मौजूद कर दिया था मैं दिन के ढलने का इंतजार करने लगा था जैसे ही शाम हुई तो फाइनली मेरे इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी थी

 मैं धीरे-धीरे कदम उठाता हुआ स्टोर रूम से बाहर निकल आया था और अपने घर से बाहर निकलने के लिए पीछे वाले रास्ते की तरफ जा रहा था मेरे लिए हवेली से बाहर निकलना कोई मामूली बात नहीं थी क्योंकि मेरे ही आदमी मेरी हवेली के चारों तरफ से पहरेदारी करते थे मैं और मेरी पत्नी छुपते छुपाते धीरे-धीरे कदम उठाते हुए हवेली से बाहर आ गए थे बाहर पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ था 

सारे नौकर भी बाहर ही चारपाई पर सो रहे थे और कोई मुझे नजर नहीं आ रहा था मैंने हवेली के बाहर सनी के कमरे की तरफ देखा तो उसके कमरे की लाइट ऑन थी जिससे आईडिया लगाया जा सकता था कि वह किसी काम में बिजी होगा आखिर इतनी रात को उसको क्या काम आ गया इसका मतलब है कि मेरा बेटा अभी तक मेरे कमरे में बिस्तर पर सोने के लिए नहीं गया था 

मैंने अपनी पत्नी से कहा कि चलो हवेली के अंदर चलकर ही कहीं छुप जाते हैं तभी अचानक मुझे किसी की आहट सुनाई दी तो हम दोनों बाहर ही एक कोने की तरफ को छुपकर खड़े हो गए थे कुछ देर के बाद जब मुझे कुछ महसूस हुआ कि वहां पर कोई नहीं है तो हम दोनों वहां से निकले और हवेली के अंदर वापस आ गए थे 

और अपने कमरे की तरफ चल पड़े कमरे में जाकर मेरी पत्नी मुझसे कहने लगी पता नहीं क्या मुसीबत है कि हमें अपने ही घर में चोरों की तरह रहना पड़ रहा है मैंने अपनी पत्नी से कहा दिलासा रखो उस इंसान के बारे में सोचो वह कितना रहम दिल इंसान है जो लोगों की इज्जत खराब करने के बाद उन्हें मालामाल कर जाता है आखिर मेरे अलावा इस गांव में किसके पास इतना पैसा है जो इन किसानों पर लुटा रहा है

 तभी अचानक मुझे बाहर से किसी के बोलने की आवाज आ रही रही थी हम दोनों खिड़की के पर्दों के पीछे छुप गए थे कुछ देर के बाद सनी कमरे में दाखिल हुआ था उसके हाथ में कुछ सामान था ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था मगर इतना लग रहा था कि उसके पास कपड़े हैं उसने वह सामान साइड टेबल पर रख दिया था और सोने के लिए मेरे बिस्तर पर लेट गया था मेरी पत्नी ने थोड़ा सा पर्दा हटाकर देखा तो मेरा बेटा सुकून की नींद सो रहा था 

मेरी पत्नी कहने लगी आखिर साइड टेबल पर यह कैसा सामान रखा हुआ है मैंने अपनी पत्नी से गुस्से में कहा खामोश हो जाओ ऐसा ना हो कि हम री मौजूदगी का किसी को पता चल जाए और मेरे सारे किए कराए पर पानी फिर जाए लगभग आधी रात गुजर चुकी थी मगर वह इंसान नहीं आया था गांव में कहीं से भी शोर शराबी की आवाज नहीं आई थी इसका मतलब वह गांव में आया ही नहीं था 

आज मैंने सारे गांव में इस बात के बारे में बता दिया था कि हमारे घर की एक जवान नौकरानी हमारे घर का ख्याल रखेगी और वह जब तक हम दोनों पति-पत्नी घर नहीं आ जाते तब तक हमारे घर पर ही रहेगी उस इंसान को यह बात पता क्यों नहीं चली कि हमारे घर की नौकरानी घर पर रख अकेली है उसे मेरी नौकरानी की इज्जत पर हाथ डालने के लिए आना चाहिए था और इस तरह मैं उसे मौके पर पकड़ लेता

 इसी वजह से हम दोनों पति-पत्नी अपने ही कमरे में छुप गए थे क्योंकि हमारे पूरे घर में कैमरे लगे हुए थे सिर्फ मेरे और मेरे बेटे के कमरे के अलावा मुझे पूरा यकीन था कि वह आज की रात मेरी हवेली पर नौकरानी की इज्जत पर हाथ डालने के लिए जरूर आएगा ऐसा भी हो सकता है कि वह गांव के किसी और घर पर आ जाए लेकिन ऐसा कुछ पता नहीं चल सका था आधी रात गुजर चुकी थी

 हम दोनों पर्दे के पीछे ही छुपे हुए थे अचानक मैंने पर्दा हटाकर देखा तो मेरे पैरों तले से जमीन निकल गई थी क्योंकि जो मैंने देखा था उसे देखकर मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था मेरा बेटा अपने कपड़े उतार रहा था और काले रंग के कपड़े पहन रहा था और उसके हाथ में एक मास्क भी था मेरे बेटे ने जैसे ही अपनी शर्ट उतारी तो यह देखकर मैं हैरान रह गया था कि मेरे बेटे की गर्दन पर काले रंग का मस्सा था 

मैं सोच भी नहीं सकता था कि मेरा जान से प्यारा बेटा ही ये सब कुछ करेगा मैं गुस्से से पर्दे के पीछे से निकला और अपने बेटे के के पास पहुंचकर उसके मुंह पर एक जोरदार थप्पड़ मार दिया मुझे देखकर सनी की आंखें फटी की फटी रह गई थी उसे यकीन नहीं आ रहा था कि उसके पिता ने उसे आज थप्पड़ भी मार दिया क्योंकि बचपन से लेकर अब तक मैंने कभी भी सनी को हाथ तक नहीं लगाया था 

मैंने गुस्से से उससे कहा तुमने यह सब कुछ क्यों किया मैं तो समझता था कि कोई बाहर का इंसान है जो यह सब कुछ कर रहा है मुझे क्या पता था कि मेरे घर में ही कोई यह खेल खेल रहा है सनी जो काफी देर से खामोश था और मेरी बातें सुन रहा था एकदम से कहने लगा तो बताइए ना पापा मैं क्या करता आपका गांव वालों पर इतना अत्याचार करना मुझसे देखा नहीं जा रहा था आप लोगों को उनकी मेहनत की कमाई भी नहीं देते थे 

उल्टा अगर आपसे कोई अपनी मेहनत की कमाई मांग लेता तो आप उसकी खूब बेइज्जती करते और उसकी पिटाई भी करते यहां तक कि आप किसी की भी बहन बेटी की शादी के लिए भी पैसे तक देने के लिए तैयार नहीं होते थे आप इस गांव के सरपंच हो लोगों को आपसे कितनी उम्मीदें हैं लेकिन आप सरपंच होने के बाद भी किसी की परेशानी को नहीं समझते मुझसे यह सब कुछ देखा नहीं जा रहा था 

इसीलिए मैंने सोचा क्यों ना मैं यह तरीका अपनाकर लोगों की मदद करूं मैंने कुछ गलत नहीं किया बल्कि मैंने सच्चाई और ईमानदारी के साथ उनको उनका हक दिया है जो कि आप उनसे छीन चुके थे और हकदार को उनका हक देना कोई गलत बात नहीं है मैंने आपको यह बात इसलिए नहीं बताई थी कि अगर आपको पता चल जाता तो आप गांव के लोगों के साथ और ज्यादा गलत बिहेव करना शुरू कर देते

 आपकी अदालत में किसी को भी माफी नहीं मिलती है मैं खुद को दुनिया का सबसे बदनसीब लड़का समझता हूं मैंने इस घर में जन्म लि या जहां इंसान की कोई कदर और कीमत नहीं है मैं अपने बेटे की बातों पर खामोश था और उसकी बातें खामोशी से सुन रहा था शायद आज अपने बेटे की सारी बातें सुनकर मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही थी मेरे बेटे ने कहा पापा आपको आपके सारे पैसे जल्दी ही वापस लौटा दूंगा

 लेकिन मैं आपके साथ आपके घर में नहीं रह सकता क्योंकि मैं ऐसे इंसान के साथ बिल्कुल भी नहीं रह सकता जिसे लोगों की अहमियत ही ना हो जो अपने आगे किसी को कुछ ना समझता हो मैंने आपके काफी सारे पैसे लोगों में बांट दिए हैं और मैंने किसी की भी बेटी की इज्जत इज्जत के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया है मैं जिस लड़की के पास जाता था उसे पैसे देता था 

उस लड़की को सारी बातें बता दी थी कि मैं तुम्हारी इज्जत को खराब करने नहीं आया लेकिन तुम्हें सारे गांव में यही बताना है कि उस नकाब पोश ने लड़कियों की इज्जत खराब की है उसके बाद ही उन्हें पैसे दिए हैं आपको आपके सारे पैसे जल्दी ही मिल जाएंगे अपने बेटे की बात सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए थे मैंने कहा नहीं बेटा मुझे पैसों की जरूरत नहीं है बल्कि तुम मुझे माफ कर दो मैं भटक गया था 

दुनिया की दौलत ने मुझे अंधा कर दिया था लालच ने मुझे अच्छे बुरे की तमीज भुला दी थी मैं तुमसे वादा करता हूं कि आज के बाद मैं किसी का भी हक नहीं खाऊंगा और गांव के सारे लोगों के साथ अच्छा बनकर रहूंगा और किसानों को उनका हक दूंगा मैं सच्चे दिल से तुमसे माफी मांगता हूं मैंने गांव के सारे लोगों से उनकी छीनी हुई उनकी जमीनें उन्हें वापस कर दी थी 

और उनको अब तक का उनका मुआवजा भी दे दिया था और उनसे अपने बुरे बिहेवियर की माफी भी मांगी थी गांव वालों ने भी मुझे सच्चे दिल से माफ कर दिया था जहां लोग मेरे डर की वजह से मेरी इज्जत किया करते थे रहम दिल होने की वजह से उनके दिलों में मेरी इज्जत और भी बढ़ गई थी मैं तो भलाई के रास्ते पर चल निकला था

 अब गांव का कोई भी इंसान मेरी एडवाइस के बिना कोई काम नहीं करता गांव की हर लड़की की शादी की जिम्मेदारी मैंने खुद ली थी गांव वाले मेरे इस बिहेवियर से बहुत खुश है वो सब सनी और मुझे बहुत सारी दुआएं देते हैं उनकी दुआओं की वजह से ही मेरी जिंदगी अच्छे तरीके से गुजरी लेकिन आज 20 साल बाद मैं बीमार हूं और बिस्तर पर लगा हुआ हूं 

इन 20 सालों में मैंने अपने बेटे की शादी भी कर दी मेरी बाकी की जिंदगी बहुत बहुत अच्छी गुजरी मेरे घर में दो पोता पोती भी आ गए जिनके साथ मेरा बहुत अच्छा समय गुजरता है मेरी जगह मेरे बेटे को गांव का सरपंच बना दिया गया है वह मुझसे बेहतर मेरे गांव की जिम्मेदारियों को संभाल रहा है 

गांव के लोग तो मेरे बेटे की तारीफें करते नहीं थकते हमारे गांव में बहुत सुख शांति बनी हुई है मेरी बीमारी की वजह से यह मेरा बहुत कड़ा वक्त है मेरे इस कड़े वक्त में मेरा साथ मेरे अपने ही गांव के लोगों ने और मेरा बेटा दे रहा है मेरे बेटे की पत्नी भी बहुत अच्छी है मुझे एहसास ही नहीं होता कि मैं बीमार हूं मैं आज भी इन लोगों से माफी मांगता हूं मैंने इन लोगों के साथ बहुत गलत किया था 

अब पता नहीं कब भगवान मुझे अपने पास बुला ले लेकिन मैं चाहता हूं कि अपने घमंड में आकर कोई भी इंसान ऐसा ना करे जैसा मैंने अपने गांव के लोगों के साथ किया था दोस्तों उम्मीद करती हूं आपको हमारी कहानी पसंद आई होगी

 

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